इस्लामिक त्यौहार मिलाद उन नबी का इतिहास | Milad un Nabi Festival in India History in hindi

मिलाद उन नबी इस्लामिक त्यौहार का इतिहास | Milad un-Nabi/ Id-e-Milad Festival in India History in hindi

यह एक इस्लामिक त्यौहार हैं जिसे मुस्लिम लीग के लोग मनाते हैं. इस दिन प्रॉफिट मोहम्मद का जन्म दिन माना जाता हैं. यह दिन Rabi ul Awwal इस्लामिक कैलेंडर माह में मनाया जाता हैं. दुनिया के ज्यादातर हिस्से में मुस्लिम देश हैं, इस तरह इस्लामिक फेस्टिवल बहुत ज्यादा मनाये जाते हैं. प्रॉफिट मोहम्मद इस्लाम के पैगम्बर कहे जाते हैं.

मिलाद उन नबी इस्लामिक का इतिहास 

Milad un nabi festival history in hindi

Milad un nabi festival date nibandh

कब मनाया जाता हैं मिलाद उन नबी ( Milad un nabi festival date 2021)

यह उत्सव पैगम्बर मुहम्मद के जन्म दिवस पर होता हैं, यह इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार रबी अल अव्वल महीने के बारहवे दिन मनाया जाता हैं और वर्ष 2021 में यह दिन 10 नवम्बर को शुरू होकर 11 नवम्बर ख़तम होगा.

इस दिन को लेकर मुस्लिम समाज में ही अलग-अलग मत हैं शिया एवम सुन्नी दोनों में इस फेस्टिवल को लेकर मतभेद हैं इस प्रकार इस त्यौहार में बहुत अधिक हिंसा बढ़ने लगी हैं.

लेकिन जो लोग इस दिन को सेलिब्रेट करते हैं, वो इस दिन को निम्न प्रकार से मनाते हैं.

कैसे मानते हैं मिलाद उन नबी (Milad un nabi festival Celebration)

  • कुछ लोग इस दिन पैगंबर मुहम्मद के जीवन से प्रकरणों को याद करके भक्ति काव्य और भजन पढ़ कर इस दिन को मनाते हैं।
  • माता-पिता अपने बच्चों को पैगंबर की शिक्षा , वीरता और क्षमा चरित्र के बारे में बताते हैं ।
  • कुछ परिवारों में भी इस दिन को दान दिया जाता हैं. गरीबो के लिए कुछ करे यह ज्ञान अपने बच्चो को दिया जाता हैं.
  • बहुत से लोग हरे झंडे या बैनर ले जाने के लिए या इन घटनाओं में भाग लेने के दौरान हरे रिबन या कपड़े पहनते हैं.
  • हरा रंग इस्लाम और स्वर्ग का प्रतिनिधित्व करता है ।
  • कई कश्मीरी मुसलमानों जम्मू एवं कश्मीर के भारतीय प्रांत में है, जो श्रीनगर में हजरतबल दरगाह पर इकट्ठा होते हैं।
  • हजारों लोग मिलाद संयुक्त राष्ट्र -नबी से पहले की रात को प्रार्थना में भाग लेने दरगाह में इक्कठा होते हैं. दुसरे दिन सुबह की नमाज मस्जिद में अदा करते हैं.

मिलाद उन नबी मुस्लिम द्वारा उसी तरह मनाया जाता हैं जैसे क्रिश्चियन द्वारा क्रिसमस. इस दिन सभी मुस्लिम एक दुसरे से मिलते हैं एक साथ जश्न मनाते हैं. इस दिन पैगम्बर मुहम्मद हज़रत साहब के बारे में पढ़ा जाता हैं उनके जीवन का बखान किया जाता हैं ताकि लोगो में शांति का सन्देश प्रेषित हो सके.

कुरान जो कि इस्लाम का सबसे पवित्र ग्रन्थ हैं उसे पढ़ा जाता हैं. इस्लाम को मानने वाले सभी लोग इस दिन मक्का मदीना, हज आदि दर्गाओं पर लोग जाते हैं.

इस दिन सरकारी कार्यालयों , डाकघरों और बैंकों में अवकाश रहता हैं. मिलाद संयुक्त राष्ट्र -नबी भारत में एक राजपत्रित अवकाश कहा जाता हैं । इस्लामिक दुकाने, व्यापार और अन्य संगठनों को बंद रखा जाता हैं या खुलने का समय कम कर दिया जाता हैं.

इस दिन इस्लामिक लोगो का जुलुस निकलता हैं जो हजरत मुहम्मद के जीवन का बखान कर सभी को शांति का संदेश देता हैं. कहा जाता हैं इस दिन को नियम से निभाने से मनुष्य अल्लाह के और करीब जाता हैं और उस पर अल्लाह की रहम होती हैं.

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Karnika
कर्णिका दीपावली की एडिटर हैं इनकी रूचि हिंदी भाषा में हैं| यह दीपावली के लिए बहुत से विषयों पर लिखती हैं | यह दीपावली की SEO एक्सपर्ट हैं,इनके प्रयासों के कारण दीपावली एक सफल हिंदी वेबसाइट बनी हैं

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