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बैंकिंग का नया अवतार मोबाइल बैंकिंग |Mobile banking Information in hindi

Mobile banking information in hindi समय के साथ बैंकिंग की कार्यप्रणाली में बड़ा परिवर्तन आया है. मोटे-मोटे बही-खातों से शुरू हुआ बैंकिंग बाद के दिनों में कंप्यूटर, उसके की-बोर्ड और माउस तक पहुंचा और अब मोबाइल फ़ोन के जरिए ग्राहकों की जेब तक पहुंच गया है. पहले छोटी खरीदारी से लेकर बड़ी खरीदारी या फिर लेनदेन करने के लिए कैश की जरूरत पड़ती थी. इस कैश को प्राप्त करने के लिए पहले बैंक की लाइन में लगना पड़ता था और फिर सामान खरीदने के लिए दूकान तक जाना पड़ता था. इन सबके बीच कैश की सुरक्षा की चिन्ता भी लोगों को लगी रहती थी. परंतु जबसे इंटरनेट बैंकिंग और फिर मोबाइल बैंकिंग की तकनीक का इजाद हुआ है तबसे सभी झंझटों से एक ही झटके में लोगों को मुक्ति मिल गई है. अब कोई भी सामान खरीदने से लेकर बड़े से बड़े पेमेंट करने के लिए लोगों को बैंक तक दौर लगाने की जरूरत नहीं रह गई है. बैंक अब लोगों की मुट्ठी में समा चुका है. लोगों को अब चौबीसों घंटे और सातों दिन घर बैठे बैंकिंग की सुविधा उपलब्ध है. सरल शब्दों में कहें तो आप अब एक रुपये से लेकर एक लाख रुपये तक की खरीदारी या फिर पेमेंट या लेनदेन अपने मोबाइल के माध्यम से एक ही क्लिक में कर सकते हैं, बशर्ते आप मोबाइल बैंकिंग के ग्राहक हों. 

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बैंकिंग का नया अवतार : मोबाइल बैंकिंग

Mobile banking information in hindi

भारत में पिछले दो महीनों के दौरान मोबाइल बैंकिंग का चलन तेजी से बढ़ा है. नोटबंदी के दौर में कैश की किल्लत बढ़ने से लोगों ने मोबाइल बैंकिंग या फिर यूँ कहें कि डिजिटल पेमेंट को एक बेहतर विकल्प के तौर पर अपनाया है. फिर भारत के वर्तमान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘डिजिटल इंडिया’ अभियान से प्रभावित होकर भी लोग मोबाइल बैंकिंग के प्रति तेजी से आकर्षित हो रहे हैं और देश ‘नगद रहित अर्थव्यवस्था’ (Cashless Economy) की ओर चल पड़ा है. सरकार के अभियान से प्रभावित होते हुए बैंक भी अब बैंकिंग के डिजिटल तकनीक को सुगम और सुरक्षित बनाने की दिशा में जोर-शोर से जुटे हैं. 

कहना गलत नहीं होगा कि भारत में अब मोबाइल बैंकिंग रोजमर्रा के जीवन का हिस्सा बनता जा रहा है. इसकी वजहें भी हैं. बैंकिंग की इस तकनीक से न केवल कैशलेस लेनदेन की सुविधा मिलती है बल्कि इससे कई अन्य सुविधाओं का भी लाभ उठाया जा सकता है. साथ ही मोबाइल बैंकिंग को इंटरनेट बैंकिंग और एटीएम से ज्यादा सुरक्षित माना गया है. परंतु इस बात से भी इंकार नहीं किया जा सकता कि भारत में मोबाइल बैंकिंग करने वालों की संख्या अभी बहुत कम है. इसकी सबसे बड़ी वजह देश की एक बड़ी आबादी को इस तकनीक के बारे में पर्याप्त जानकारी का न होना है. इसलिए आपकी जानकारी के लिए यहां हम आपको मोबाइल बैंकिंग क्या है, इसके लिए कौन-कौन से सॉफ्टवेयर या एप्प उपलब्ध हैं, इसके फायदे और नुकसान क्या हैं और आपको इसका उपयोग करते समय किन-किन सावधानियों का ध्यान रखना चाहिए, के बारे में विस्तार से बता रहे हैं.

मोबाइल बैंकिंग क्या है? (What is mobile banking) –

मोबाइल बैंकिंग आपके मोबाइल फ़ोन के माध्यम से किया जानेवाला पैसों का लेनदेन है. बैंकिंग के इस प्लेटफार्म पर हार्ड कैश कोई मायने नहीं रखता है. इसका संबंध सिर्फ आपके बैंक खाते से और जिनके साथ आप लेनदेन कर रहे हैं, उनके बैंक खाते के साथ होता है. इस माध्यम से लेनदेन करने वालों को न तो बैंक की लाइन में खड़ा होना होता है और न ही जेब में भारी-भरकम कैश लेकर चलने की आवश्यकता होती है. मोबाइल बैंकिंग करने के लिए आपके पास सिर्फ एक स्मार्टफ़ोन होना चाहिए और उसमें इंटरनेट की सुविधा हो. हालांकि ऐसे भी मोबाइल बैंकिंग के सॉफ्टवेयर हैं जो साधारण मोबाइल फ़ोन में चलते हैं और उसके लिए इंटरनेट कनेक्शन भी अनिवार्य नहीं हैं. मोबाइल बैंकिंग के लिए आपको अपने बैंक से एक यूजर आईडी मिलता है और एक मोबाइल पिन (MPIN). कई बैंकों ने तो मोबाइल फ़ोन बैंकिंग को और भी अधिक सुरक्षित बनाने के लिए आपके उँगलियों के निशान को ही MPIN बना दिया है. इससे धोखाधरी की संभावना न के बराबर रह जाती है.

मोबाइल बैंकिंग के लिए उपलब्ध सॉफ्टवेयर और एप्पस (Mobile banking software) –

वर्तमान में भारत में डिजिटल क्रांति के दौर में मोबाइल बैंकिंग के सॉफ्टवेयर और कई एप्प उपलब्ध हैं. ये सभी एप्प गूगल प्ले स्टोर या फिर आपके बैंक के वेबसाइट से डाउनलोड किए जा सकते हैं.

  • यूएसएसडी (Unstructured Supplementary Service Data) – यह मोबाइल बैंकिंग का सबसे सुगम और सस्ता तरीका है. इसके लिए आपके पास सिर्फ एक मोबाइल फ़ोन होना चाहिए जिसमें सिम लगा होना चाहिए. इसके लिए स्मार्टफ़ोन अनिवार्य नहीं है. साथ ही इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए फ़ोन में इंटरनेट का होना भी अनिवार्य नहीं है. मोबाइल बैंकिंग के इस प्लेटफार्म के जरिए आप किसी भी बैंक खाते में पैसे भेज सकते हैं, अपने खाते का बैलेंस जान सकते हैं और पीछे किए गए चार-पांच लेनदेन का ब्यौरा (मिनी स्टेटमेंट) हासिल कर सकते हैं. यूएसएसडी (USSD) के बारे में विशेष जानकारी और इस्तेमाल के लिए देखें कैशलेस पेमेंट करने के तरीके.
  • यूपीआई (Unified Payments Interface) – मोबाइल बैंकिंग के इस प्रणाली का विकास भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) ने किया है. यह एक मोबाइल एप्प है जिसके द्वारा ऑनलाइन भुगतान किए जाने की सुविधा मिलती है. इस प्रणाली का उपयोग करने के लिए आपके पास इंटरनेट सुविधा से युक्त एक स्मार्टफ़ोन का होना जरूरी है. वर्तमान में लगभग 21 बैंक इस प्रणाली के द्वारा अपने ग्राहकों को मोबाइल बैंकिंग की सुविधा दे रहे हैं. आप अपने बैंक के वेबसाइट से इस एप्प को डाउनलोड कर सुविधा का लाभ उठा सकते हैं. यूपीआई (Unified Payments Interface) के बारे में विशेष जानकारी और इसका उपयोग कैसे करें के लिए देखें यूपीआई के जरिए डिजिटल ट्रांजेक्शन कैसे करें?
  • मोबाइल वॉलेट (Digital Wallet) – मोबाइल से पेमेंट करने का यह सबसे नया तकनीक है. वॉलेट से आप समझ ही गए होंगे कि यह एक बटुआ है जिसमें पैसा रखा हुआ रहता है और आप जब चाहें इसका इस्तेमाल कर सकते हैं. वर्तमान में डिजिटल वॉलेट के कई एप्प उपलब्ध हैं. बहुचर्चित paytm एक मोबाइल वॉलेट ही है और इसके अलावा कई बैंकों ने भी मोबाइल वॉलेट को बाज़ार में उतारा है. इसमें SBI का Buddy, ICICI का Pockets, Citi Bank का MasterPass आदि जैसे कई प्रमुख मोबाइल वॉलेट प्रचलन में हैं. डिजिटल वॉलेट की खासियत यह है कि यह आपने बैंक खाते से नहीं जुड़ा होता है. इसमें पहले पैसे डालने होते हैं यानि इसे रिचार्ज कराना होता है. जितने पैसे आप इसमें डालेंगे उतने ही आप खर्च कर सकते हैं. छोटे-छोटे खर्चे और पेमेंट के लिए मोबाइल वॉलेट सबसे उपयुक्त डिजिटल प्लेटफार्म है. पेटीएम का उपयोग कैसे करें?

मोबाइल बैंकिंग को बनाएं सुरक्षित बैंकिंग –

डिजिटल तकनीक के विकास ने हमारे रोजमर्रा के जीवन को जितना सुविधाजनक बनाया है उतना ही जोखिम भरा भी. डिजिटल वित्तीय लेनदेन के लिए इजाद किए गए तकनीक इंटरनेट बैंकिंग या फिर मोबाइल बैंकिंग हमें सुविधा तो देता है परंतु इसमें हुई थोड़ी सी चूक से हमें चूना लगने में भी देरी नहीं लगती. डिजिटल तकनीक में सेंध लगाना आज कोई बड़ी बात नहीं है. वर्तमान में मोबाइल बैंकिंग कितना असुरक्षित है इसका अंदाजा सॉफ्टवेयर सिक्यूरिटी कंपनी ट्रेंड माइक्रो के एक सर्वे से स्पष्ट हो जाता है. इस कंपनी के सर्वे में कहा गया है कि Malware नाम का वायरस जो मोबाइल बैंकिंग को प्रभावित करता है, उससे संक्रमित देशों में भारत का स्थान तीसरा है. इससे हम समझ सकते हैं कि हमारे यहां होने वाला मोबाइल बैंकिंग किस हद तक असुरक्षित है. फिर भी असुरक्षा के बावजूद अगर हम थोड़ी सी सावधानी बरतें तो हमारा मोबाइल बैंकिंग खतरे से बचा रह सकता है.

मोबाइल बैंकिंग में क्या-क्या सावधानियां बरतें (Mobile banking precautions) –

  • किसी भी सूरत में अपना यूज़र आईडी, बैंक खाते की जानकारी और पासवर्ड या मोबाइल पिन से संबंधित जानकारी अपने फ़ोन के डिवाइस में न रखें. किसी गलत हाथों में मोबाइल जाने से आपको नुकसान हो सकता है.
  • मोबाइल बैंकिंग से संबंधित एप्प या तो अपने बैंक के वेबसाइट से या फिर गूगल प्ले स्टोर से ही डाउनलोड करें. किसी अन्य वेबसाइट से डाउनलोड करने पर आप साइबर ठगी के शिकार हो सकते हैं.
  • अगर कहीं आपके मोबाइल को नेटवर्क न मिल रहा हो तो लालच में फ्री वाई-फाई या हॉट-स्पॉट से मोबाइल बैंकिंग का उपयोग न करें. अगर ऐसा करते हैं तो आपके डाटा का चोरी होने का अंदेशा बना रहता है.
  • अपने बैंक अकाउंट या मोबाइल बैंकिंग से संबंधित गुप्त डाटा को टेक्स्ट मेसेज के जरिए भेजने की भी कभी गलती न करें.
  • साइबर चोर इतने शातिर होते हैं कि वो फ़ोन पर बात करने के दौरान भी आपके फ़ोन से डाटा ट्रान्सफर कर सकते हैं. इसलिए अनजान कॉल आने पर उनसे बात करने में सावधानी बरतें.
  • अंत में सबसे जरूरी बात. अगर आप अपने मोबाइल फ़ोन का उपयोग मोबाइल बैंकिंग के लिए करते हैं तो फ़ोन को लॉक करने के साथ एप्प को भी पासवर्ड से लॉक रखना न भूलें.

मोबाइल बैंकिंग के फायदे (Advantages of Mobile banking

मोबाइल बैंकिंग की सुविधा इस समय कई लोगों द्वारा इस्तेमाल की जा रही है. इसके लाभ निम्न लिखित है

  • मोबाइल बैंकिंग इन्टरनेट बैंकिंग से अधिक सुविधाजनक है. जहाँ ऑनलाइन बैंकिंग के लिए कंप्यूटर और इन्टरनेट की आवश्यकता है वहीँ मोबाइल बैंकिंग बहुत आसानी से एक छोटे से फ़ोन के ज़रिये भी अंजाम पा सकती है. साथ ही नेट बैंकिंग में सर्वर की दिक्क़त हो सकती है, लेकिन मोबाइल बैंकिंग में ऐसी किसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता.
  • मोबाइल बैंकिंग की सहायता से कई तरह के बिल घर बैठे ही भरे जा सकते हैं. इसकी सहायता से लम्बी कतारों में खड़े होने से बचा जा सकता है.
  • मोबाइल बैंकिंग अन्य तरह की बैंकिंग से अधिक सस्ती होती है. इसका शुल्क टेली बैंकिंग से बहुत कम होता है. जिसका कारण ये है कि ग्राहक किसी की सहयता के बग़ैर अपनी बैंकिंग अपने मोबाइल बैंकिंग से कर लेता है. कई बैंक इस सेवा को अपने ग्राहकों के लिए बहुत ही कम शुल्क में ये सेवा देते है.
  • किसी भी समय की जाने वाली बैंकिंग अर्थात मोबाइल बैंकिंग की सबसे बड़ी सुविधा ये है कि इसकी सहायता से किसी भी समय कहीं से भी बैंकिंग की जा सकती है. बैंक बंद हो जाने के बाद भी ग्राहक अपने मोबाइल बैंकिंग की सहायता से पैसे का ट्रांजक्शन कर सकता है.
  • फ्री बैंकिंग सर्विस मतलब बैंक द्वारा दी गयी मोबाइल बैंकिंग की सुविधा के लिए बैंक कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लेता, और न ही अपने अकाउंट जाँच करने की कोई सीमा तय है. ग्राहक जितनी बार चाहे अपने बैंक अकाउंट मोबाइल में खोल सकता है.
  • कई बैंकिंग कंपनी अपने इस सेवा में ग्राहकों को क्रेडिट/ डेबिट अलर्ट, अकाउंट बैलेंस की जांच, लेनदेन करना, फण्ड ट्रान्सफर की सुविधा, न्यूनतम बैलेंस अलर्ट आदि की सुविधा भी देती है.
  • ग्राहक और ग्राहक लाभार्थी यदि एक ही बैंक के ग्राहक हो तो पैसे का ट्रांजक्शन बहुत ही जल्द बड़ी आसानी से हो जाता है.
  • कई बैंकों ने इसके लिए अपने अलग एप्लीकेशन तैयार किया है. जिसके अंतर्गत ग्राहक बैंक के मुख्य सर्वर से संयुक्त रह सकता है, और उसके बैंक अकाउंट की कोई भी जानकारी मोबाइल फ़ोन या सिम कार्ड में सेव नहीं होती है. ये एप्लीकेशन इनक्रिप्शन तकनीक से बना होता है, जिसमे सुरक्षा सीमा बहुत अधिक बढ़ जाती है

मोबाइल बैंकिंग से हानि (Disadvantages of Mobile banking)

मोबाइल बैंकिंग से जहाँ एक तरफ बहुती सी सुविधाएँ हैं वहीँ दूसरी तरफ कुछ हानियाँ भी हैं. अतः मोबाइल बैंकिंग इस्तेमाल करने से पहले कुछ बातों का ध्यान में रखना बहुत ही आवश्यक है.

  • हालाँकि मोबाइल बैंकिंग नेट बैंकिंग से अधिक सुरक्षित है क्योंकि फ़ोन में ट्रोजन और अन्य वायरस कंप्यूटर की तुलना में बहुत कम होते है. लेकिन फिर भी मोबाइल बैंकिंग में धोखाधडी होने का डर रहता है. मसलन ग्राहक के पास कई ऐसे फेक एसएमएस आते हैं जिसमे किसी बहाने से उनसे उनका बैंक अकाउंट का ब्यौरा माँगा जा सकता है. यदि ग्राहक भूल से भी अपनी जानकारियां दे देता है तो उनके अकाउंट से पैसे चोरी होने की सम्भावना बढ़ जाती है.
  • ऑनलाइन बैंकिंग मूलतः ‘एन्क्रिप्शन’ तकनीक से किया जाता है फलस्वरुप कोई हैकर किसी ग्राहक के विवरणों तक नहीं पहुच सकता, परन्तु एक बार मोबाइल चोरी हो जाने पर ग्राहक का सभी बैंकिंग विवरण किसी और के हाथ लग सकता है. मोबाइल चुराने वाला किसी तरह से पिन डालने में सफ़ल हो गया तो ग्राहक के अकाउंट के सारे पैसे चोरी हो सकते हैं.
  • मोबाइल बैंकिंग की सुविधा सभी फ़ोन में मौजूद नहीं होती. कई बैंकों के इसके लिए अपना अलग सॉफ्टवेयर बना हुआ होता है. ये सॉफ्टवेयर सभी फ़ोन में इस्तेमाल नहीं हो पाते. इसके इस्तेमाल के लिए ग्राहक को आई फ़ोन, ब्लैकबेरी आदि बड़े फ़ोन लेने पड़ते हैं. ये फ़ोन बहुत महंगे आते हैं. यदि ग्राहक के पास स्मार्ट फ़ोन न हो तो फिर ग्राहक एक सीमा तक ही मोबाइल बैंकिंग का फायदा उठा सकता है.
  • यद्यपि मोबाइल बैंकिंग के लिए कुछ ख़ास शुल्क नहीं देना पड़ता है, किन्तु इसके लिए इस्तेमाल किये जा रहे डेटा शुल्क, एसएमएस शुल्क आदि बहुत जल्द काट लिए जाते हैं. कई बैंकों में इस सुविधा के लिए अलग से शुल्क देना पड़ता है. ये शुल्क साल में एक बार अकाउंट से काटा जा सकता है.

स्पष्ट है, एक तरफ जहां मोबाइल बैंकिंग की तकनीक से बैंकिंग प्रणाली में क्रांति आई है, वहीँ इस सुविधा का उपयोग करने वाले लोगों के बैंक खातों तक आपराधियों की पहुंच भी आसान हुई है. परन्तु आपके बैंक खातों को नुकसान तभी पहुंच सकता है जब हम इसकी सुरक्षा के प्रति लापरवाह हो जाते हैं. वैसे तो सभी बैंक अपने स्तर पर मोबाइल बैंकिंग को सुरक्षित और अभेद बनाने की दिशा में कोशिश कर रहे हैं परन्तु हम भी अगर थोड़ी सी सावधानी बरतेंगे तो डिजिटल क्रांति का यह सौगात हमारे रोजमर्रा के जीवन के लिए वरदान साबित होगा.

Ankita

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अंकिता दीपावली की डिजाईन, डेवलपमेंट और आर्टिकल के सर्च इंजन की विशेषग्य है| ये इस साईट की एडमिन है| इनको वेबसाइट ऑप्टिमाइज़ और कभी कभी आर्टिकल लिखना पसंद है|
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