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मोटर वाहन अधिनियम 2017 संशोधन | Motor Vehicle Act Bill 2017 Amendment in India in hindi

भारत में मोटर वाहन अधिनियम 2017 संशोधन | Motor Vehicle Act Bill 2017 Amendment in India in hindi

भारत में हर साल कई लोगों की मौत सड़क दुर्घटना में हो जाती है. हर साल बढ़ती इन दुर्घटनाओं को कम करने के लिए भारत सरकार ने देश के पुराने मोटर वाहन अधिनियम में कई बदलाव किए हैं. इस अधिनियम में किए गए बदलावों से देश के यातायात नियमों को ओर सख्त बनाया गया है और अब लोगों को इन नियमों का उल्लंघन करने पर भारी जुर्माना देना होगा. इतना ही नहीं इस बिल में किए गए नए संशोधनों से ये अधिनियम और भी सख्त बन गया है. आखिर क्या है मोटर वाहन अधिनियम (संशोधन) 2017, इसके बारे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं.

मोटर वाहन अधिनियम

मोटर वाहन अधिनियम 2017 संशोधन  (The Motor Vehicle Act Bill 2017 Amendment in hindi)

मोटर वाहन अधिनियम 2017 के जरिए मोटर वाहन अधिनियम, 1988 में कई संशोधन किए गए हैं. इन संशोधनों को केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री द्वारा लोकसभा में प्रस्तुत किया गया था. नितिन गडकरी ने इन संशोधनों के नौ अगस्त साल 2016 को सदन के सदस्यों के सामने पेश किया था. जिसे लोकसभा में 4 अप्रैल, 2017 में पारित कर दिया गया था. लोकसभा से पारित होने के बाद अब इस बिल को राज्यसभा में भेजा जाएगा, जहां से भी इसको मंजूरी दी जानी है. मोटर वाहन अधिनियम, 1988 में संशोधन करते हुए सड़क सुरक्षा, यातायात से जुड़े मुद्दों का खासा सुधार किया गया है. वहीं ड्राइविंग लाइसेंस लेने के लिए आवेदन करते समय अपने आधार कार्ड की जानकारी देना भी जरूरी होगा. आधार कार्ड को ड्राइविंग लाइसेंस से जोड़ने से देश में जो नकली लाइसेंस की समस्या है उसे रोका जा सकेगा.

क्याक्या बदला गया है (What Amendment on bill 2017)

देश के वर्तमान मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की बात करें, तो इस अधिनियम में 223 धाराएं मौजूद हैं. लोकसभा में पेश किए गए संशोधन के जरिए इसके 68 अनुभागों में बदलाव किया गया है. वहीं अध्याय 10 को हटा दिया गया है. जबकि अध्याय 11 में नए प्रावधानों को जोड़ा गया है और

महत्वपूर्ण प्रावधान तीसरे पक्ष के बीमा दावों और निपटाने की प्रक्रिया को (सेटलमेंट) सरल बनाया गया है.

इस संशोधन में यातायात के नियमों में जो सबसे महत्वपूर्ण प्रावधान किया गया है, वो हिट एंड रन के मामले में किया गया है. जहां पहले हिट एंड रन मामले में मुआवजा राशि 25000 रुपए की थी, उसे अब 2 लाख कर दिया गया है. इतना ही नहीं अगर किसी व्यक्ति की मौत इसमें हो जाती है, तो उसको 10 लाख का मुआवाजा दिया जाएगा. इस तरह देश की यातायात की समस्या का समाधान आसानी से निकला जा सकता है.

  • देना होगा ज्यादा जुर्माना (Extra Fine)

लोगों द्वारा सड़क से जुड़े नियमों का उल्लंघन ना किया जाए इसलिए जुर्माना राशि में वृद्धि की गई है. ऐसा करने का लक्ष्य लोगों को सरकार द्वारा बनाए गए सड़क नियमों का सही तरह से पालन करवाना है. वहीं कौन-कौन से नियमों में बदलाव किये गए हैं और जुर्माना राशि में कितनी बढ़ोतरी की गई है इसके बारे में नीचे जानकारी दी गई है, जो कि इस प्रकार है-   

  • तीन साल की सजा

वर्तमान मोटर वाहन अधिनियम में किए गए संशोधन के अनुसार अगर कोई नाबालिग गाड़ी चलाता है, तो उस गाड़ी के मालिक पर कार्यवाही की जाएगी. वहीं अगर नाबालिग के कारण अगर कोई सड़क दुर्घटना हो जाती है, तो गाड़ी के मालिक या नाबालिग के माता-पिता पर 25,000 हजार का जुर्माना लगेगा और उन्हें तीन साल की सजा हो सकती है. वहीं 25 वर्ष का होने पर ही उस नाबालिग को ड्राइविंग लाइसेंस मिलेगा.

  • नशे में गाड़ी चलाने पर लगेगा जुर्माना

भारत में अधिकतर सड़क दुर्घटनों की वजह शराब पीकर गाड़ी चलाना होता है. पहले शराब पीकर गाड़ी चलाने पर 2000 का जुर्माना लेने का प्रवाधान था. जिसे अब 10,000 हजार का कर दिया गया है. इसके अलावा अगर कोई खतरनाक तरीके से वाहन चलाता हुआ पकड़ा जाता है, तो उसे अब 1000 रुपए की जगह 5000 रुपए का जुर्माना देना होगा.

  • हेलमेट न लगाने पर जुर्माना

वहीं अगर कोई व्यक्ति बिना हेलमेट लगाए मोटरबाइक या फिर स्कूटर चलाता हुए पकड़ा जाता है. तो उसे 1000 रुपये का जुर्माना भरना पड़ेगा. इसके अलावा आपके के लाइसेंस को तीन महीनों को लिए रद्द करने का भी प्रवाधान बनाया गया है.

  • लाल बत्ती तोड़ने पर भी जुर्माना

अक्सर कई लोग जल्दबाजी में लाल बत्ती को तोड़ देते हैं. लेकिन अगर अब कोई व्यक्ति लाल बत्ती तोड़ता हुए पकड़ा जाता है तो उसे 1000 रुपए का जुर्माना भरना होगा.

  • सीट बेल्ट न लगाने पर जुर्माना

पहले सीट बेल्ट न बांधने पर 100 रुपए का जुर्माना लिया जाता था. लेकिन नए संशोधन के बाद ये राशि 100 रुपए से बढ़ाकर 1000 रुपये कर दी गई है.

  • मोबाइल पर बात करने पर लगने वाला जुर्माना

गाड़ी चलाते हुए अगर आप मोबाइल पर बात करते हुए पकड़े जाते हैं तो आपको भारी जुर्माना देना होगा. जहां पहले ऐसा करने पर लोगों से सरकार द्वारा 1000 रुपये लिए जाते थे. वहीं अब ये राशि 5,000 रुपये की कर दी गई है. साथ ही आपका लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है.

  • आपातकालीन वाहनों को मार्ग देना जरूरी

अगर आप किसी भी आपातकालीन वाहनों को गाड़ी चलाते हुए रास्ता देते हुए नहीं पाए गए, तो भी आप से भारी जुर्माना लिया जाएगा. मार्ग ना देने की सूरत में आप से 10,000 रुपये का दंड लिया जाएगा. 

  • यात्रियों की ओवरलोडिंग

अगर किसी वाहन में उस वाहन की क्षमता से अधिक लोगों को बैठाया जाता है, तो उस सूरत में आप से जुर्माना लिया जाएगा. ऐसा करने पर आप से 1000 रुपए की राशि प्रति अतिरिक्त यात्री वसूली जाएगी. दो पहिया वाहनों में ओवरलोडिंग होने पर आपको 100 रुपए की जगह अब 2000 रुपए का जुर्माना देना होगा  और आपका लाइसेंस भी तीन महीने के लिए रद्द कर दिया जाएगा.

वहीं अगर किसी वाहन में ओवरलोड वस्तु पाई जाती है तो उसके लिए भी अब भारी जुर्माना भरना होगा. जहां पहले ऐसा करने पर 2000 रुपए आप से वसूले जाते थे. वहीं अब इस जुर्माने की राशि को 20,000 रुपए कर दिया गया है. इतना ही नहीं प्रति अतिरिक्त टन की राशि में भी वृद्धि की गई है, जहां पर पहले ये राशि 1000 रुपए थी उसे अब 2000 रुपए कर दिया गया है.

  • लाइसेंस के बिना ड्राइविंग करने पर जुर्माना

अगर आप बिना ड्राइविंग लाइसेंस के साथ गाड़ी चलाते हुए पकड़े जाते हैं, तो आप से 5000 रुपए का जुर्माना लिया जाएगा. संशोधन आने से पहले ये राशि 500 रुपए थी. वहीं सड़क नियमों का उल्लंघन करने पर आप से 500 रुपए वसूले जाएंगे, ये जुर्माना पहले 100 रुपए का था.

  • तेज गति पर लगेगा ज्यादा जुर्माना

तेज गति में वाहन चलाने पर जहां पहले 400 रुपए का जुर्माना सरकार द्वारा लगाया जाता था. वो अब 1000 रुपए और 2000 रुपए का कर दिया गया है. 1000 रुपए हल्के यात्री वाहन को तेज गति में पाए जाने पर उसके वाहन चालक से लिए जाएंगे. जबकि मध्यम यात्री वाहन के लिए ये जुर्माना राशि 2000 रुपए तय की गई है.

इस लेख का निष्कर्ष

भारत में आए दिन होनेवाली सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ये संशोधन किए गए हैं. इन संशोधनों के जरिए जुर्माना राशि में वृद्धि करने का केवल एक ही मकसद है और वो मकसद लोगों को सड़कों के नियमों को तोड़ने से रोकना है. परिवहन मंत्रालय देश में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कई अहम कदम उठा रहा है और कोशिश कर रहा है कि भारत के सड़क नियमों को अमेरिका, सिंगापुर जैसे देशों के सड़क नियमों की तरह सख्त बनाया जा सके. इन देशों में यहां के नागरिकों द्वारा हर नियमों का पालन किया जाता है, जिसके चलते इन देशों में सड़क दुर्घटना के मामले ना के बराबर होते हैं.

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Ankita

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अंकिता दीपावली की डिजाईन, डेवलपमेंट और आर्टिकल के सर्च इंजन की विशेषग्य है| ये इस साईट की एडमिन है| इनको वेबसाइट ऑप्टिमाइज़ और कभी कभी आर्टिकल लिखना पसंद है|
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One comment

  1. komesh chauhan

    Rule jo follwe krta hai usi ko jyda hi luta jata hai…or baki rule tod rhe use nai…kuch paise dene se unki saza maaf kr di jati..hai….aisa rule niklna chaiye ki police walo ko humesa cheking krni chahiye or jo paise le uske k liye b ek act niklni chahiye

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