एमएसएमई क्या है, ऑनलाइन लोन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया | What is MSME Registration Process information in hindi

सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग (एमएसएमई) क्या है 2020 (रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया, फुल फॉर्म, योजना, हेल्पलाइन नंबर, पोर्टल) (MSME kya hai, MSME Loan, Types, registration process, login, Definition, Packages, Online Form, Documents, Eligibility Rules,uan number)

हमारे देश में विभिन्न तरह के उद्योग हैं जिनको कुछ श्रेणियों में बांटा गया है. जैसे सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग. इन सभी उद्योगों को सरकार के तहत रजिस्टर्ड करना होता हैं, जिसे हम एमएसएमई रजिस्ट्रेशन कहते हैं. यह बहुत ही आवश्यक होता हैं क्योकि इसके तहत उन्हें सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का लाभ और साथ ही प्रोत्सान प्राप्त होता है. इसे सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय द्वारा संचालित किया जाता है. इन उद्योगों के लिए कुछ श्रेणी एवं नियम बनाये गये हैं, जिसके तहत यह पता चलता हैं कि कौन सा उद्योग किस श्रेणी में आता है. हम यहाँ इस लेख में आपको एमएसएमई के बारे में पूरी जानकारी देने जा रहे हैं.

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एमएसएमई के प्रकार (MSME Types)

एमएसएमई के प्रकार की बात करें तो यह 2 प्रकार के होते हैं जिसकी जानकारी इस प्रकार हैं –

  • मैन्युफैक्चरिंग उद्योग :- ऐसे उद्योग जोकि मैन्युफैक्चरिंग का कार्य करते हैं. यानि किसी उत्पाद का निर्माण करने वाले उद्योगों को इसमें शामिल किया जाता है. तो वह मैन्युफैक्चरिंग एमएसएमई उद्योग कहलाते हैं.
  • सर्विस उद्योग :- ऐसे उद्योग जिसमें सेवाएं प्रदान की जाती हैं वह सर्विस उद्योग होता है. इसके तहत दी जाने वाली सेवाएं विभिन्न संस्थानों को प्रदान की जाती हैं. उन्हें सर्विस एमएसएमई उद्योग कहा जाता है.

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एमएसएमई की श्रेणी (MSME Category)

एमएसएमई के मैन्युफैक्चरिंग एवं सर्विस उद्यमों को 3 श्रेणियों के आधार पर वर्गीकृत किया गया हैं, जिसमें निवेश करने की कुछ लिमिट निर्धारित की गई थी, इस लिमिट में हालही में केंद्र सरकार द्वारा आर्थिक पैकेज के चलते संशोधन किया गया हैं. साथ ही इसमें एक नया क्राइटेरिया भी जोड़ा गया हैं वह हैं सालाना टर्नओवर का. जी हाँ अब तक केवल इसमें निवेश क्राइटेरिया के आधार पर लिमिट तय की गई थी, किन्तु अब इसमें टर्नओवर भी देखा जायेगा. एमएसएमई की इन 3 श्रेणियों में तय की गई लिमिट की पहले की एवं वर्तमान की दोनों ही स्थिति की जानकारी इस प्रकार हैं –

  • सूक्ष्म श्रेणी के उद्योग :- इस श्रेणी के अंतर्गत आने वाले मैन्युफैक्चरिंग उद्योग में मशीनरी के लिए निवेश की लिमिट 25 लाख रूपये थी, जबकि सर्विस उद्योग में यह लिमिट 10 लाख रूपये थी, जिसे अब बढ़ा कर 1 करोड़ रूपये कर दिया गया है. साथ ही सालाना टर्नओवर जिनका 5 करोड़ होगा वे इस श्रेणी के अंतर्गत आएंगे.
  • लघु श्रेणी के उद्योग :- इस श्रेणी में आने वाले मैन्युफैक्चरिंग उद्योग के लिए निवेश की लिमिट 5 करोड़ रूपये थी और सर्विस उद्योग के लिए यह लिमिट 2 करोड़ रूपये थी जिसे अब बढ़ा कर 10 करोड़ कर दिया गया है. और इन उद्योगों के लिए सालाना टर्नओवर की लिमिट 50 करोड़ रूपये तय की गई है.
  • मध्यम श्रेणी के उद्योग :- मध्यम उद्योग की बात करें तो इस श्रेणी में आने वाले मैन्युफैक्चरिंग उद्योग में निवेश की लिमिट 10 करोड़ रूपये थी, एवं सर्विस उद्योग के लिए यह लिमिट 5 करोड़ रूपये थी, इसे भी अब बढ़ा कर 20 करोड़ रूपये कर दिया गया है. और सालाना टर्नओवर की लिमिट 100 करोड़ रूपये तय की गई है.

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  • बैंक लाभ :- एमएसएमई के तहत रजिस्टर्ड व्यवसाय में आपको बैंक से बॉण्ड – फ्री लोन की सुविधा मिलती हैं. साथ ही इसमें ब्याज की दर भी सामान्य उद्योगों के लिए दी गई ब्याज की दर से कम होती है. इसके साथ ही ओवरड्राफ्ट पर भी न्यूनतम 1 % ब्याज की दर में राहत मिलती हैं. इसके अलावा यदि बिज़नस लोन पास करने के बाद बैंक जो पेमेंट करने में समय लग जाता हैं तो ऐसी स्थिति में उद्योगों को ब्याज भी मिलता हैं.
  • लाइसेंस के रजिस्ट्रेशन में छूट :- जब आप अपने व्यवसाय को एमएसएमई के तहत रजिस्टर्ड कर चुके होते हैं और इसके बाद जब आप अपने व्यवसाय के लिए लाइसेंस प्राप्त करते हैं, तो आपके व्यवसाय के लिए 50 % की छूट प्रदान की जाती है.
  • सरकार द्वारा दिए जाने वाले लाभ :- जो व्यवसाय एमएसएमई के तहत पंजीकृत होते हैं, उन्हें बिजली, कर एवं सरकार द्वारा दी जाने वाली औद्योगिक सब्सिडी का लाभ प्राप्त होता है. इसके अलावा उन्हें प्रत्यक्ष करों में छूट, एक्साइज छूट आदि भी मिलती हैं.
  • प्रोडक्ट की मार्केटिंग में सरकारी सुविधा :- एमएसएमई में रजिस्टर्ड उद्योगों द्वारा बनाये गए प्रोडक्ट्स जो विदेशों में पहचान दिलाने के लिए सरकार द्वारा लाभ प्रदान किया जाता हैं. सरकार इसमें उनके प्रोडक्ट्स की मार्केटिंग एवं ब्रांडिंग करने के लिए आर्थिक रूप से उनकी सहायता करती हैं.

एमएसएमई रजिस्ट्रेशन में लगने वाले दस्तावेज (MSME Registration Required Documents)

  • पैन कार्ड की कॉपी :- अपने व्यवसाय को रजिस्टर करने के लिए आपके पास पैन कार्ड होना बहुत आवश्यक है, क्योकि रजिस्ट्रेशन में इसकी एक कॉपी लगानी पड़ सकती हैं.
  • आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस या पासपोर्ट :- आपके द्वारा शुरू किये जाने वाले व्यवसाय के रजिस्ट्रेशन के लिए अपकी पहचान का प्रमाण देना आवश्यक है. इसके लिए आप अपने आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस या पासपोर्ट में से कोई भी एक दस्तावेज की कॉपी दे सकते हैं.
  • पासपोर्ट आकार की फोटोग्राफ :- रजिस्ट्रेशन फॉर्म को भरने के बाद आपको उसमें खुद की एवं अपने व्यवसाय की एक फोटोग्राफ भी लगानी होती हैं.
  • किराये की जगह पर :- यदि आप अपने उद्योग को किराये की जमीन पर शुरू करते हैं तो किराया समझौते का दस्तावेज भी रजिस्ट्रेशन में आवश्यक होता है.
  • स्वामित्व वाली जमीन पर :- यदि आप अपने अधीन की जाने वाली जमीन पर व्यवसाय शुरू करते हैं, तो आपको अपनी उस संपत्ति का प्रमाण भी देना होता है.
  • एफिडेविट या शपथ पत्र :- आपके द्वारा शुरू किये जाने वाले व्यवसाय के लिए एफिडेविट या शपथ पत्र का भी होना आवश्यक है.
  • घोषणा पत्र :- इसके साथ आपको अपने व्यवसाय का घोषणा पत्र भी जमा करने के लिए कहा जा सकता है.
  • एनओसी :- आपके व्यवसाय से आसपास के लोगों को तकलीफ तो नहीं होगी, यह सुनिश्चित करने के लिए आपको एनओसी प्राप्त करना आवश्यक है.
  • सबूत के तौर पर 2 व्यक्ति :- आपके व्यवसाय के पंजीकरण करते समय सबूत के तौर पर 2 व्यक्तियों का स्टेटमेंट जरूरी होता हैं.

एमएसएमई में रजिस्ट्रेशन कैसे करें (How to Register in MSME)

ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया :-

  • अपने एमएसएमई उद्योग को रजिस्टर करने के लिए भारत सरकार द्वारा उद्योग आधार नामक एक पोर्टल जारी किया गया है, जिनकी  लिंक है. उस पर आपको क्लिक करना होगा.
  • अब वेबसाइट में पहुंच जाने के बाद नीचे आइये यहाँ आपको कुछ जानकारी देनी होगी जैसे आधार नंबर एवं उद्यमी का नाम. और फिर आप ‘वैलिडेट एवं जनरेट ओटीपी’ बटन पर क्लिक कर दीजिये.
  • इससे आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी आयेगा जिसे आपको वहां भरना होगा साथ ही आपको नीचे एक कैप्चा कोड भी दिखाई देगा आपको उसे भी भरकर सबमिट कर देना होगा.
  • इसके बाद आपको अपने व्यवसाय को एमएसएमई के तहत पंजीकरण करने के लिए आवेदन करना होता हैं जिसका विकल्प वहीँ पर मौजूद होगा. यह अंतिम पंजीकरण होता हैं जिससे आपको एमएसएमई प्रमाण पत्र प्राप्त होता है.

नोट :- आपका मोबाइल नंबर आपके आधार कार्ड से लिंक किया हुआ होना चाहिए, तभी आपके मोबाइल नंबर पर ओटीपी जनरेट होगा.

ऑफलाइन पंजीकरण प्रक्रिया :-

  • सर्वप्रथम आप जिस विभाग के साथ जुड़कर अपना व्यवसाय शुरू कर रहे हैं, आपको उसके लिए खुद के व्यवसाय को पंजीकृत कराना होता है.
  • इसके लिए वे एमएसएमई ऑफिस में या अपने जिला उद्योग केंद्र में अपने सभी दस्तावेजों के साथ जाकर रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं. सभी दस्तावेजों का विशेषज्ञों द्वारा प्रमाणित किया जाना भी आवश्यक होता है.
  • इसके बाद संबंधित विभाग द्वारा आपके रजिस्ट्रेशन फॉर्म एवं दस्तावेजों को एमएसएमई रजिस्ट्रार के पास ले जाकर फाइल किया जाता है. और अधिकारीयों द्वारा उसका सत्यापन किया जाता है.
  • सत्यापन के बाद आपके आवेदन को स्वीकार कर लिया जाता हैं और फिर आपके व्यवसाय के लिए एमएसएमई प्रमाण पत्र दे दिया जाता है. यह प्रमाण पत्र कोरिएर के माध्यम से सीधे आपके उद्योग केंद्र में पहुंचा दिया जाता है.

इस तरह से एमएसएमई के तहत रजिस्टर्ड सभी सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को सरकार की ओर से लाभ प्राप्त होता हैं. और साथ ही बैंक से लोन लेने के लिए यह एक लाभकारी योजना है.  

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Director at AK Online Services Pvt Ltd
मेरा नाम पवन अग्रवाल हैं और मैं मध्यप्रदेश के छोटे से शहर Gadarwara का रहने वाला हूँ । मैंने Maulana Azad National Institute of Technology [MNIT Bhopal] से इंजीन्यरिंग किया हैं । मैंने अपनी सबसे पहली जॉब Tata Consultancy Services से शुरू की मुझे आज भी अपनी पहली जॉब से बहुत प्यार हैं।

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