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मुख्तार अब्बास नकवी का जीवन परिचय [Mukhatar Abbas Naqv Biography in Hindi]

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मुख्तार अब्बास नकवी का जीवन परिचय [जन्म तारीख, उम्र, जाति, धर्म, शिक्षा, पत्नी, परिवार, पॉलिटिक्स पार्टी, राजनीतिक करियर, विवाद, इस्तीफा, कुल संपत्ति] Mukhatar Abbas Naqv Biography in Hindi [date of birth, age, caste, education, wife, family, politics career, political party, controversy, resign news, latest news]

अपने छात्र काल के दरमियान ही पॉलिटिक्स के साथ जुड़ने वाले मुख्तार अब्बास नकवी का जन्म साल 1957 में हुआ था। इन्होंने साल 1975 के इमरजेंसी के दरमियान कई आंदोलन में भाग लिया था, जिसकी वजह से इन्हें कई बार जेल भी जाना पड़ा।

परंतु आज हर कोई यह जानने में दिलचस्पी  रख रहा है की आखिर कैसे यह राजनेता हिंदू वादी पार्टी के तौर पर पहचाने जाने वाली भाजपा पार्टी में कैबिनेट मिनिस्टर के मुकाम को हासिल करने में सफल हुआ, आइए इस आर्टिकल में मुख्तार अब्बास नकवी की जीवनी के बारे में पढ़ते हैं।

Mukhtar Abbas Naqvi Biography

मुख्तार अब्बास नकवी का जीवन परिचय [Mukhatar Abbas Naqv Biography]

नाम:मुख्तार अब्बास नकवी
जन्म:15 अक्टूबर 1957
वर्तमान उम्र [Age]:65 साल
जन्म स्थान [Date of Birth]:भदारी गांव, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश
गृह नगर:प्रयागराज, उत्तर प्रदेश
राशि:तुला
राष्ट्रीयता:भारतीय
धर्म:मुस्लिम
जाति [Caste]:शिया
शैक्षिक योग्यता: बीए (ऑनर), मास कम्युनिकेशन डिग्री, पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा इन मीडिया एंड कम्युनिकेशन
शौक: लिखना,सामाजिक काम करना, खेती करना
वैवाहिक स्थिति:विवाहित
पत्नी:सीमा नकवी
विवाह तारीख:8 जुन 1983
आंखों का रंग:काला
बालों का रंग:काला
पार्टी:जनता पार्टी, भारतीय जनता पार्टी

मुख्तार अब्बास नकवी का प्रारंभिक जीवन

भाजपा पार्टी के कद्दावर नेता मुख्तार अब्बास नकवी का जन्म साल 1957 में 5 अक्टूबर के दिन भारत देश के उत्तर प्रदेश राज्य के इलाहाबाद (प्रयागराज) शहर में एक मुस्लिम परिवार में हुआ था। यह जिस गांव में पैदा हुए थे उस गांव का नाम भदारी था, जो कि प्रयागराज के प्रतापपुर ब्लॉक में स्तिथ है।

मुस्लिम परिवार में पैदा होने के बावजूद मुख्तार अब्बास नकवी ने अपने जीवन में आगे चलकर के भारतीय जनता पार्टी को ज्वाइन किया, जो कि शुद्ध हिंदुत्व की राजनीति के लिए जानी जाती है। भाजपा पार्टी में ज्वाइन होने के बाद मुख्तार अब्बास नकवी ने लंबे समय तक अपनी सेवा दी और भाजपा पार्टी में मिनिस्टर जैसे बड़े पद को हासिल करने में सफलता प्राप्त की।

मुख्तार अब्बास नकवी की शिक्षा

जब इन्हें थोड़ी समझदारी प्राप्त हुई, तो इनके अभिभावक के द्वारा प्रारंभिक शिक्षा दिलाने के उद्देश्य से इनका एडमिशन भदारी गांव में मौजूद स्कूल में करवाया गया। मुख्तार ने भदारी गांव में मौजूद प्राथमिक विद्यालय से अपनी प्रारंभिक पढ़ाई पूरी की और इसके पश्चात इन्होंने इलाहाबाद में ही मौजूद एक कॉलेज में पढ़ाई करने के लिए अपने कदम आगे बढ़ाएं।

यह रोजाना अपने गांव से प्रयागराज पढ़ने के लिए जाते थे। हालांकि कुछ ही दिनों में इन्हें प्रयागराज जाने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, जिसके फलस्वरूप इन्होंने प्रयागराज शहर में रह करके ही पढ़ाई करने का मन बनाया और इसी दरमियान समाजवादी पार्टी के नेता राजनारायण से मुख्तार अब्बास नकवी की मुलाकात हुई।

मुख्तार अब्बास नकवी का परिवार [Family]

अब्बास नकवी का विवाह साल 1983 में सीमा नकवी के साथ हुआ, जो कि हिंदू महिला है और संतान के तौर पर इन्हें एक बेटा पैदा हुआ, जिसका नाम अरशद नकवी है। इनके पिताजी का नाम ए.एच नकवी है और माता जी का नाम स्वर्गीय सकीना बेगम है। इनके भाई का नाम अतहर अब्बास नकवी है और बहन का नाम फरहत नकवी है।

मुख्तार अब्बास नकवी का विवाह [Wife]

मुख्तार अब्बास नकवी जवानी के दिनों में एक हिंदू महिला के प्रेम में पड़ गए थे, जिसका नाम सीमा था। मुख्तार अब्बास नकवी मुस्लिम समुदाय से थे, वही सीमा हिंदू समुदाय से थी। इसीलिए जब इनके प्यार के बारे में इन दोनों के घर वालों को पता चला तो काफी बवाल मचा।

हालांकि बवाल के बीच में सीमा एक्स्ट्रा क्लास के बहाने मुख्तार अब्बास नकवी से मुलाकात करते रहती थी और इस प्रकार काफी खींचातानी के बाद मुख्तार अब्बास नकवी ने सीमा से निकाह कर लिया, साथ ही उन्होंने कोर्ट मैरिज भी की। इस प्रकार वर्तमान में मुख्तार अब्बास नकवी की पत्नी सीमा है। मुख्तार के घर में हिंदू और इस्लामिक दोनों ही त्यौहारों को धूमधाम से सेलिब्रेट किया जाता है।

मुख्तार अब्बास नकवी का राजनीतिक कैरियर [Politics Career]

भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर मऊ जिले के सदर विधानसभा सीट से मुख्तार ने विधानसभा का इलेक्शन लड़ा। हालांकि दो बार विधानसभा का इलेक्शन लड़ने के बावजूद इन्हें हार का मुंह देखना पड़ा।

साल 1991 में सिर्फ 133 वोट से सीपीआई के इम्तियाज अहमद से मुख्तार अब्बास नकवी चुनाव हारे थे। इसके पश्चात जब साल 1993 में चुनाव हुआ, तो बहुजन समाजवादी पार्टी की तरफ से नसीम नाम के व्यक्ति ने चुनाव लड़ा था, जिसने चुनाव में मुख्तार को 10000 के वोटों के मार्जिन से शिकस्त दी थी।

मुख्तार ने साल 1998 में उत्तर प्रदेश की रामपुर सीट से लोकसभा का इलेक्शन लड़ा और उसमें भारी मतों से विजय हासिल हुई। यह पहला ऐसा मौका था जब किसी मुस्लिम चेहरे को भारतीय जनता पार्टी की तरफ से लड़ने पर जीत हासिल हुई और वह सांसद बनने में कामयाब हुआ। यह अटल बिहारी वाजपेई की गवर्नमेंट में केंद्रीय सूचना और प्रसारण राज्य मंत्री के पद पर काबिज हुए, साथ ही इन्होंने स्याह और दंगा नाम की दो किताबें भी लिखी।

  • मुख्तार अब्बास नकवी उत्तर प्रदेश युवा जनता के स्टेट एग्जीक्यूटिव मेंबर भी बन चुके हैं।
  •  यह उत्तर प्रदेश युवा जनता के जनरल सेक्रेटरी के पद को भी प्राप्त कर चुके हैं।
  • साल 1986 में इन्होंने भारतीय जनता पार्टी को ज्वाइन किया था।
  • उत्तर प्रदेश राज्य की रामपुर विधानसभा सीट से यह लोकसभा भी जा चुके हैं।
  • भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के नेशनल वाइस प्रेसिडेंट यह साल 1992 में बने थे और साल 1997 तक इस पोस्ट पर रहे थे।
  •  साल 1998 में यह 12 वीं लोकसभा के मेंबर के तौर पर चुने गए।
  • वर्ष 2000 में यह भाजपा के नेशनल सेक्रेटरी बने।
  • साल 2001 से लेकर के साल 2003 तक इन्होंने सेंटर फॉर कल्चरल रिसर्च एंड ट्रेनिंग के वाइस चेयरमैन का पद संभाला।
  • साल 2002 में राज्यसभा के मेंबर बने साथ ही कमेटी ऑफ फाइनेंस के भी मेंबर बने।
  • साल 2004 में यह एयर चार्टर ऑपरेशन ऑफ हज के चेयरमैन बने, साथ ही ज्वाइंट पार्लियामेंट्री कमिटी के चेयरमैन भी बने।
  • साल 2004 से लेकर के साल 2008 तक यह हज कमेटी, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी, कमिटी ऑन डिफेंस जैसे अलग-अलग कमेटी के मेंबर रहे।
  • साल 2010 में जुलाई के महीने में यह राज्य सभा के मेंबर के तौर पर सिलेक्ट हुए।
  • साल 2014 में 9 नवंबर के दिन इन्हें मिनिस्ट्री ऑफ़ माइनॉरिटी अफेयर्स का यूनियन मिनिस्टर बनाया गया।

आपातकाल के दरमियान मुख्तार अब्बास नकवी

जब मुख्तार की मुलाकात राजनारायण से हुई तो वह राजनारायण से काफी प्रभावित हुए और इसी मुलाकात के बाद उनके अंदर भी राजनीति में आने का इंटरेस्ट पैदा हो गया, जिसके बाद वह राज नारायण के साथ विभिन्न आंदोलन में हिस्सा लेने लगे और कई बार आंदोलन में हिस्सा लेने की वजह से इन्हें जेल भी जाना पड़ा।

राजनारायण ने जब जनता पार्टी की तरफ से इंदिरा गांधी को इलेक्शन में हराया तो अन्य नेताओं के साथ ही साथ अब्बास नकवी में भी काफी जोश भर गया। इस प्रकार साल 1975 में इमरजेंसी के दरमियान भारत देश को कई बड़े नेता प्राप्त हुए, जिसमें मुख्तार अब्बास नकवी का नाम भी शामिल था।

मुख्तार अब्बास नकवी का हिंदूवादी पार्टी में शामिल होना

भाजपा पार्टी को शुरू से ही हिंदुओं की पार्टी कहा जाता है। हालांकि इसमें सच्चाई कितनी है इसके बारे में कोई भी नहीं कह सकता परंतु मुस्लिम होने के बावजूद मुख्तार अब्बास नकवी ने पॉलिटिक्स में अपनी एंट्री भारतीय जनता पार्टी में शामिल होकर के करी और समय गुजरने के साथ इन्हें भाजपा पार्टी में कई महत्वपूर्ण पदों पर बने रहने का मौका प्राप्त हुआ।

इन्होंने भाजपा पार्टी से ही कैबिनेट मिनिस्टर की पोस्ट प्राप्त की, साथ ही यह भाजपा युवा मोर्चा के उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं। अपने मिलनसार स्वभाव की वजह से यह प्रधानमंत्री मोदी जी के भी पसंदीदा नेताओं में शामिल हैं।

मुख्तार अब्बास नकवी के विवाद [Mukhatar Abbas Naqv Controversy]

अपने द्वारा दिए हुए बयानों की वजह से कई बार यह विवादों में भी आए। मुख्तार अब्बास नकवी ने बीफ को लेकर के बयान दिया था, जिस पर काफी हो-हल्ला मचा था। इसके अलावा जनता दल यूनाइटेड से भाजपा में आने वाले साबिर अली पर भी नकवी ने काफी कड़ा प्रहार किया था।

नकवी ने ट्वीट करते हुए लिखा था कि जल्द ही दाऊद इब्राहिम भी भाजपा पार्टी जॉइन कर सकता है। दरअसल मुख्तार अब्बास नकवी ने साबिर अली पर आतंकवादियों के साथ मिले हुए होने का आरोप लगाया था।

मुख्तार के द्वारा किए गए इस ट्वीट के बाद काफी विवाद पैदा हुआ था और साबिर अली की पत्नी सीधा मुख्तार अब्बास नकवी के घर के बाहर धरने पर बैठ गई थी और उन्होंने मुख्तार अब्बास नकवी पर यह आरोप लगाया था कि मुख्तार नहीं चाहते हैं कि भाजपा पार्टी में उनके अलावा कोई भी मुस्लिम चेहरा पैदा हो जो उनकी इंपोर्टेंस को भाजपा पार्टी में कम कर दे। हालांकि हंगामा होने के पश्चात साबिर अली को भाजपा पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया परंतु फिर से पार्टी ने उन्हें कुछ समय के बाद शामिल किया।

मुख्तार अब्बास नकवी का इस्तीफा देना

साल 2022 के जुलाई के महीने में 6 तारीख को कैबिनेट मिनिस्टर मुख्तार अब्बास नकवी के द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को अपना इस्तीफा सौंपा गया। मुख्तार अब्बास नकवी अल्पसंख्यक मामले के डिपार्टमेंट को संभाल रहे थे।

उन्होंने बकायदा मुलाकात करके मोदी जी को अपना इस्तीफा सौंपा और वह जुलाई के महीने में आखिरी कैबिनेट की मीटिंग में शामिल हुए। दरअसल गुरुवार को मुख्तार अब्बास नकवी का कार्यकाल खत्म हो रहा है। मुख्तार राज्य सभा के मेंबर थे। ऐसा कहा जा रहा है कि गवर्नमेंट के द्वारा उन्हें कोई बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है।

मुख्तार अब्बास नकवी की कुल संपत्ति

साल 2014 की रिपोर्ट के अनुसार इनके पास लगभग ₹20000 नगद है और बैंक डिपॉजिट तकरीबन ₹130000 का है और इनके पास ₹100000 की ज्वेलरी मौजूद है। खेती के लायक इनके पास तकरीबन ₹20 लाख की जमीन है और विभिन्न घर मिला करके इनके पास 85 लाख का घर है।‌इस प्रकार इनके पास साल 2014 की रिपोर्ट के अनुसार 9 करोड़ 20 लाख रुपए की संपत्ति है।

इन्हें गवर्नमेंट के द्वारा मिनिस्टर के पद के लिए सैलरी भी प्राप्त होती है, साथ ही अन्य कई सुविधाएं भी दी जाती है। जैसे कि आवागमन के लिए वाहन, सिक्योरिटी गार्ड, घर का काम करने के लिए बावर्ची, फ्री टेलीफोन बिल, इलेक्ट्रिसिटी बिल, फ्री टोल टैक्स।

FAQ:

Q: मुख्तार अब्बास नकवी की पत्नी का नाम क्या है?

ANS: सीमा नकवी

Q: मुख्तार अब्बास नकवी का जन्म कहां हुआ था?

ANS: प्रयागराज

Q: मुख्तार अब्बास नकवी कौन से मजहब को मानते हैं?

ANS: इस्लाम

Q: मुख्तार अब्बास नकवी इस्लाम की कौन सी जाति के है?

ANS: शिया

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