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मुंगेरीलाल के हसीन सपने ओल्ड सीरियल | Mungerilal Ke Haseen Sapne Old Serial In Hindi

Mungerilal Ke Haseen Sapne Old Serial In Hindi मुंगेरीलाल के हसीन सपने अपने समय का बहुत चर्चित सीरियल हुआ करता था. यह इतना लोकप्रिय हुआ कि लोग दिन में सपने देखने वालों  के लिए एक वाक्यांश के रूप में इसका प्रयोग करने लगे.  मुंगेरीलाल के हसीन सपने एक मुहावरा बन गया है, जो दिन में सपने देखने वालों या खुली आँखों से सपने देखने वालों के लिए उपयोग होता है. मुंगेरीलाल सीरियल 1989 के समय दूरदर्शन चैनल पर आना शुरू हुआ था. 80 के दशक में दूरदर्शन में शुरू हुए हर धारावाहिक अपने आप में अलग पहचान रखता है. हर एक सीरियल एक अलग कहानी बयां करता है, जो दर्शकों के मन में इस कदर बसा हुआ है कि उसे देखने वाले आज तक उस समय के सीरियल को भुला नहीं सकें है. हर एक सीरियल अपने आप में यूनिक है. दूरदर्शन में उस समय आने वाले सीरियल सास बहु के ड्रामा से अलग थे, वे आम आदमी के जीवन की वास्तविकता को बहुत सुंदर और साधारण ढंग से प्रस्तुत करते थे. दूरदर्शन के सीरियल, बचपन की यादें के बारे में यहाँ पढ़ें.

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दूरदर्शन की शुरुवात में बहुत से ऐसे लोगों ने काम किया है, जो आज अच्छा खासा जाना माना नाम है. मुंगेरीलाल सीरियल को आज बॉलीवुड के महान निर्देशक प्रकाश झा ने बनाया था. इस सीरियल में मुख्य रोल में रघुवीर यादव थे, जो आज बॉलीवुड में अपने अलग तरह के रोल के लिए जाने जाते है. यह सीरियल उस समय टीवी पर आया करता था, जब मोहल्ले में किसी एक के यहाँ टीवी हुआ करती थी, और सब मोहल्ले परिवार के लोग एक साथ टीवी देखा करते थे. मुंगेरीलाल सीरियल को देख सब उसकी अजीबोगरीब हरकतों पर खूब ठहाके लगाते और उसकी बारे में बातें किया करते थे.

मुंगेरीलाल के हसीन सपने ओल्ड सीरियल 

Mungerilal Ke Haseen Sapne Old Serial In Hindi

क्रमांक परिचय बिंदु विवरण
1. निर्देशन एवं संपादन प्रकाश झा
2. निर्माण सुनील दत्ता, निर्मल गोस्वामी
3. पठकथा एवं संवाद मनोहर श्याम जोशी
4. प्रसारित 1989-1990
5. चैनल डीडी नेशनल
6. मूल रचना एवं कथा नीरज कुमार
7. शीर्षक गीत अशोक चक्रधर
8. प्रेरित जेम्स थुरवर नावेल ‘दी सीक्रेट लाइफ ऑफ़ वाल्टर मिटटी’

मुंगेरीलाल के हसीन सपने सीरियल की कहानी (Mungerilal Ke Haseen Sapne Serial Story) –

मुंगेरीलाल एक आम भारतीय इन्सान है. बिहार के मुंगेर जिला में जन्मे मुंगेरीलाल अपने सात भाई बहनों में सबसे बड़े थे. पढाई में अव्वल मुंगेरीलाल ने साहित्य, संस्कृत एवं दर्शनशास्त्र में ट्रिपल MA किया था. मुंगेरीलाल की प्रतिभा को मुंगेर जिले में कोई अहमियत नहीं मिली, जिसके बाद उनके ससुर बजरंगी लाल उन्हें देश की राजधानी दिल्ली ले आते है. मुंगेरीलाल बहुत दब्बू किस्म के इन्सान थे, जो किसी के सामने जल्दी अपनी बात भी नहीं रख पाते थे. मुंगेरीलाल के ससुर पुलिस में रहते है, जो बहुत रोबदार रहते है. अपनी पहचान से वे मुंगेरीलाल को मिस्टर कम्पानी के यहाँ वानर वनस्पति में अकाउंटेंट की नौकरी दिला देते है. जहाँ मुंगेरीलाल के बॉस मिस्टर राठोड़ रहते है.

मुंगेरीलाल के साडूभाई मतलब उसके ससुर जी के बड़े दामाद बड़े लखपति थे. जिनके नाम पर मुंगेरीलाल को उसके सास ससुर और बीवी बहुत सुनाते है. बजरंगी लाल को अपनी बेटी गुड़वंती के लिए मुंगेरीलाल क्यों पसंद आये, ये तो वे ही जाने. मुंगेरीलाल की पत्नी हमेशा उससे शिकायत करती रहती और अपनी किस्मत पर रोती है. मुंगेरी के ससुर थानेदार होने का पूरा रूआव मुंगेरी को दिखाते. उधर ऑफिस में भी मुंगेरी के बॉस मिस्टर राठोड़ बहुत गुस्से वाले होते है, जो मुंगेरी को देखते ही उस पर बरस पड़ते है. ऑफिस में काम करने वाले अन्य लोग, यहाँ तक की चपरासी भी मुंगेरी का फायदा उठाने से पीछे नहीं रहते है. मुंगेरी के ऑफिस में उसके बॉस की सेक्रेटरी मिस मलकानी की हर अदा पर फ़िदा रहते है मुंगेरी. उनके सामने वे किसी भी काम को मना नहीं कर पाते और झट हां कर देते.

जीवन की रोजमर्रा की इन परेशानियों में मुंगेरी को सिर्फ एक जगह राहत मिलती है, वो है उसके हसीन सपने. इसके जीवन में एक खास बात है वो उसका कल्पनाशील मन, जो उड़ाने भरने लगता है, और सपनों की दुनिया में खोकर उनकी आँखे चमक जाती है. उनके आस पास के हर एक इन्सान उनके सपनों में पात्र होते है. जिन बातों की वो असल जिंदगी में कल्पना भी नहीं कर सकते है, वे उनके सपनों में साकार हो जाती है. सपने में वो देखता है कि उसका बॉस उसके साथ अच्छा व्यवहार करता है. ऑफिस में काम करने वाली मिस मलकानी के साथ वो अपने आप को डांस करते हुए, मीठी मीठी बातें करते देखता है, घर में बीवी भी उसकी बात सुनती और उसकी इज्जत करती. यहाँ तक की उसका ससुर भी उसके साथ अच्छे से पेश आ रहा है.

हर एपिसोड में मुंगेरीलाल अलग अलग सपने देखता है, जो बहुत ही मनोरंजक तरीके से दिखाया जाता है. हर एपिसोड का अंत बहुत ही रोचक होता है, जो अंत तक दर्शकों को जोड़ा रखता है. अंत में मुंगेरी लाल की बीवी जब उसे नींद में से उठाती और सपने में से बाहर लाती है, तो यह देखना और भी रोचक होता है. सीरियल में हर एक किरदार ने बहुत अच्छा काम किया था. लोग बड़े ध्यान से इस सीरियल को देखते थे, और फिर अगले दिन इसके बारे में बात किया करते थे.

मुंगेरीलाल के हसीन सपने सीरियल कास्ट एवं क्रू (Mungerilal ke haseen sapne cast) –

  • निर्देशक इस सीरियल के निर्देशक प्रकाश झा है. प्रकाश झा बॉलीवुड में गंगाजल, राजनीती, आरक्षण जैसी हिट फ़िल्में बना चुके है. इन्होने अपने करियर में 25 डॉक्यूमेंटरी, 9 फीचर फिल्म, 2 टेलीविजन फीचर और 3 टेलीविजन सीरीज की है. प्रकाश झा साहब ने कई राष्ट्रीय और फिल्मफेयर अवार्ड जीते है.
  • लेखक इस सीरियल के लेखक मनोहर श्याम जोशी जी है. इन्हें इंडियन सोप ओपेरा का पिता कहा जाता है. भारत के पहले टेलीविजन सोप ‘हम लोग’ के लेखक भी मनोहर श्याम जी ही थे. हम लोग टीवी सीरियल के बारे में यहाँ पढ़ें. 1982 में टेलीविजन भारत में रहने वालों अधिकतर लोगों के लिए लक्ज़री आइटम में से एक था, जिसे खरीद पाना हर किसी के लिए मुमकिन नहीं था. मनोहर श्याम जी ने तब दूरदर्शन के लिए ऐसे सीरियल लिखे, जिनमें मध्यम वर्गीय आम आदमी रोजमर्रा की परेशानियाँ में फंसा हुआ दिखाई देता था. ये सभी सीरियल बहुत हिट हुए, क्यूंकि सभी आम आदमी इससे अपने आप को जोड़ पाता था. मनोहर जी का 1987-88 में ‘बुनियाद’ सीरियल भी आया था, जिसका निर्देशन रमेश सिप्पी जी ने किया था. इसके अलावा इन्होने काकाजी कहीन, हमराही, ज़मीन आसमान और गाथा जैसे सीरियल भी लिखे थे. मनोहर श्याम जोशी जी साहित्य एकेडमी अवार्ड से सम्मानित है.
  • रघुवीर यादव मुख्य रोल मुंगेरीलाल में रघुवीर यादव बहुत फिट रहे थे. उनकी एक्टिंग, हाव-भाव, आवाज सब कुछ सीरियल बिलकुल मैच करता था. एक आम आदमी की तरह इनकी आवाज, साधारण सी एक्टिंग लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती थी. रघुवीर जी को अपनी पहली फिल्म ‘मास्से साहब’ (1985) के लिए ही राष्ट्रीय पुरुस्कार मिला था. फिल्मों में सक्रीय रघुवीर जी का पहला सीरियल मुंगेरीलाल के हसीन सपने था. इसके अलावा इन्होने 2009 में चाचा चौधरी सीरीज में भी टाइटल भूमिका निभाई थी.
  • रुमा घोष मुंगेरीलाल की बीवी के किरदार में थी.

1980-90 दशक के इन सीरियल के बारे में पढना, देखना बहुत सुखद लगता है. ऐसा लगता है मानो हम उस पुराने समय में ही पहुँच गए है. काश वो समय के सीरियल उसी तरह से एक बार फिर हमारे सामने, हमारे मनोरंजन के लिए आ सकते.

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विभूति दीपावली वेबसाइट की एक अच्छी लेखिका है| जिनकी विशेष रूचि मनोरंजन, सेहत और सुन्दरता के बारे मे लिखने मे है| परन्तु साईट के लिए वे सभी विषयों मे लिखती है|
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