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नई रोशनी योजना अल्पसंख्यक महिलाओं के लिए | Nai Roshni Yojana in hindi

नई रोशनी योजना अल्पसंख्यक महिलाओं के लिए (Nai Roshni Yojana (scheme) in hindi)

भारत में सामाजिक कुरीतियों की वजह से भारतीय महिलाओं की सामाजिक स्थिति आज इक्कीसवीं सदी में भी कोई खास नहीं बदली है. आज भी नेतृत्व और विकास के मामले में उनका प्रतिशत पुरूषों की तुलना मे काफी कम है. लगातार घटता लिंगानुपात, स्त्रीयों के प्रति होने वाले अपराध में बढ़ोतरी और उनके शोषण की घटनाओं में वृद्धि हो रही है. सरकार के लिए यह चिंता का विषय है. सरकार महिलाओं को सशक्त करने के लिए लगातार कई योजनाएं ला रही है. केन्द्र और राज्य सरकारों का प्रयास है कि उनकी योजनाओ की पहुंच ज्यादा से ज्यादा महिलाओं तक हों. इसी को ध्यान में रखकर महिलाओं के वर्ग, जाति और संख्या के आधार पर भी योजनाओं और कार्यक्रमों पर काम किया जा रहा है. इसी दिशा में एक प्रयास है नई रोशनी योजना. अल्पसंख्यक महिलाओं के लिए बनाई गई योजना का मुख्य उद्देश्य अल्पसंख्यक महिलाओं में नेतृत्व क्षमता का​ विकास करना है. साथ ही इस योजना के सहारे इस वर्ग की महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास भी किए जा रहे हैं. अगर वे आत्मनिर्भर होंगी और अपने अधिकारों के बारे में जागरूक होंगी, तो अपने आप ही बराबरी के अधिकार की मांग करेंगी.

nai roshni yojana

 

1.योजना का नामनई रोशनी योजना
2.योजना की शुरुआतसन 2012
3.योजना की घोषणाप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा
4.योजना की देखरेखअल्पसंख्यक मंत्रालय के मंत्री
5.पहली अधिकारिक रिपोर्टसन 2016
6.अधिकारिक वेबसाइटhttp://www.minorityaffairs.gov.in या mailto:pmu.nairoshni-mma@gov.in
7.टोल फ्री नंबर1800-11-2001
8.योजना का लक्ष्यअल्पसंख्यक महिलाओं के विश्वास को सशक्त एवं मजबूत बनाना

विशेषताएं (Key Features)

  • ग्रामीण एवं अल्पसंख्यक उम्मीदवारों का सशक्तिकरण :- इस योजना को ग्रामीण क्षेत्र की अल्पसंख्यक एवं गरीब महिलाओं की स्थिति के विकास के लिए लागू किया गया है. बेहतर प्रशिक्षण के माध्यम से उन्हें इसके लिए सशक्त किया जायेगा.
  • प्रशिक्षण का प्रकार :- इस योजना के तहत, उम्मीदवारों को संगठन द्वारा आवासीय एवं गैर – आवसीय दोनों ही प्रशिक्षण दिए जाते हैं.
  • कुल लाभार्थी :- सरकार की रिपोर्ट के मुताबिक, इस योजना को 50,000 महिलाओं के खानपान के लक्ष्य के साथ लांच किया गया है. किन्तु समय के साथ एवं योजना की सफलता के साथ इस लक्ष्य को आगे भी बढ़ाया जा सकता है.
  • प्रशिक्षण की अवधि :- सभी गैर – आवसीय प्रशिक्षण के लिए 6 महीने की अवधि तय की गई है, लेकिन आवासीय प्रशिक्षण लम्बा चलता है. प्रत्येक बैच में अधिकतम 25 उम्मीदवार शामिल हो सकते हैं.
  • कवरेज क्षेत्र :- इस योजना को शुरुआत में 2 राज्यों में लागू किया था, लेकिन फिर 8 अलग – अलग क्षेत्रों को इसके अंतर्गत लाया गया. वे राज्य जो इसमें शामिल हुए वे पश्चिम बंगाल, असम, पंजाब, आंध्रप्रदेश, गुजरात, केरल, उत्तरप्रदेश और राजस्थान आदि हैं.
  • प्रशिक्षण मोड्यूल के माध्यम से सुधार लाना :- इस योजना की सबसे अच्छी विशेषता यह है कि सभी विकास प्रोग्राम और गतिविधियां प्रशिक्षण मोड्यूल पर आधारित हैं. इसे क्षेत्र की लोकल जरूरतों के आधार पर बनाया गया है.
  • प्रशिक्षण प्राप्त करने वालों के लिए स्टिपेंड :- सभी उम्मीदवारों को प्रशिक्षण के अलावा सरकार द्वारा भत्ता भी प्रदान किया जाता है. जोकि यह सुनिश्चित करेगा कि महिलायें इसमें हिस्सा लें. इसके अलावा, उन्हें क्रेच और खाने की व्यवस्था भी प्रदान की जाएगी.

पात्रता मापदंड एवं आवश्यक दस्तावेज (Eligibility and Required Documents)

  • आयु सीमा :- इस प्रोग्राम में हिस्सा लेने के लिए शुरुआत में महिलाओं की आयु सीमा 10 से 35 साल थी, किन्तु इसे बाद में 18 से 35 साल कर दिया गया है. इस आयु सीमा में आने वाले उम्मीदवारों को अपनी आयु सुनिश्चित करने के लिए अपना आयु का प्रमाण देना आवश्यक है.
  • अल्पसंख्यक समुदायों के लिए :- इस प्रोग्राम को पिछड़े वर्ग से सम्बंध रखने वाली महिलाओं के विकास के लिए डिजाइन किया गया है. इसके अंतर्गत आने वाली सभी महिलाओं को इसका लाभ लेने की अनुमति है.
  • आय सीमा :- इस योजना में यह उल्लेख किया गया है कि उम्मीवारों की वार्षिक आय या परिवार की कुल आय 2.5 लाख रूपये से अधिक नहीं होनी चाहिए. इसके प्रमाण के रूप में उन्हें आवेदन फॉर्म के साथ अपना आय प्रमाण पत्र जमा करना होगा.
  • बीपीएल परिवार की महिलाओं के लिए :- इस योजना को गरीब महिलाओं के लिए लागू किया गया है. इसलिए इसमें शामिल होने वाली महिलाओं का बीपीएल श्रेणी के अंतर्गत आना जरुरी है. महिलाओं को इसके लिए आवेदन करते समय अपना बीपीएल एवं अल्पसंख्यक समुदाय के होने का प्रमाण पत्र जमा करना होगा.
  • आधार कार्ड :- इस योजना के सभी उम्मीदवारों को अपने आवेदन फॉर्म के साथ आधार कार्ड जमा करना आवश्यक है. यह डेटा के सत्यापन एवं प्रोग्रेस रिपोर्ट की मॉनिटरिंग के दौरान काफी लाभकारी साबित होगा.
  • बैंक खाते की जानकारी :- इस योजना में जो राशि प्रदान की जाने वाली है, वह लाभार्थी के बैंक खाते में प्रदान की जाएगी. इसके लिए लाभार्थी को अपने बैंक खाते की जानकारी देना आवश्यक है.

 

कैसे काम करेगी योजना?

  • योजना में सूचना ही शक्ति को आधार मानते हुए, अल्पसंख्यक वर्ग की महिलाओं को उन सभी बातों की जानकारी दी जाएगी जिसकी उसको आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए जरूरत है. मसलन सरकारी प्रणाली कैसे काम करती है ताकि वह सरकार द्वारा दिए जा रहे लाभों तक अपनी पहुंच बना सके. बैंकिंग प्रणाली से पहचान करवाई जाती है ताकि वह यह जान सके कि अपने कमाए हुए पैसों को वह कैसे सुरक्षित रख सकती है और कैसे लेन—देन किया जाता है. इसके अलावा तकनीक से भी अल्पसंख्यक महिलाओं को जोड़ने का प्रयास किया जाता है.
  • इस योजना का दूसरा बड़ा उद्देश्य है कि अल्पसंख्यक वर्ग की महिलाओं को विकास की मुख्यधारा में शामिल किया जाए और उन्हें अपनी घर की कैद चारदीवारी से बाहर निकाला जाए. उनके जीवन स्तर को ऊंचा उठाया जाए और इन कदमों की सहायता से उन्हें जागरूक और सशक्त बनाया जा सके.
  • सरकार इस योजना के माध्यम से जरूरतमंद अल्पसंख्यक महिलाओं को सहारा देना चाहती है. इसके लिए इस योजना से जुड़े संगठन और कर्मचारियों को इन महिलाओं को पहले अपनी पहुंच सुनिश्चित करनी होगी.
  • पहुंच बनाने के बाद इन महिलाओं को जरूरत के मुताबिक प्रशिक्षण और अन्य सेवाएं मुहैया करवाई जाएंगी.
  • इस योजना में जुड़ने वाले संगठनों के लिए कुछ शर्तें तय की गई है जिनमें गांवों में महिलाओं तक पहुंच बनाने के लिए संसाधन और कार्मिक होना तथा साथ ही सरकार से मान्यता प्राप्त प्रशिक्षण केन्द्र उपलब्ध होना आवश्यक किया गया है ता​कि योजना से लाभ लेने वाली महिलाओं को ज्यादा सुविधाएं मिल सके.

कौन से संगठन होंगे पात्र? (Nai roshni scheme eligibility) –

इस योजना के तहत जो निम्न शर्तें पूरी करने वाले संगठन वित्तीय सहायता के लिए आवेदन करने के लिए पात्र हैं, वे इस प्रकार हैं:-

  • ऐसी सोसाइट जी जो सोसायटी पंजीकरण अधिनियम, 1860 के अन्तर्गत पंजीकरण करवा चुकी हों.
  • किसी सार्वजनिक कानून के तहत काम कर रहे सार्वजनिक न्यास भी इसके लिए आवेदन कर सकते हैं.
  • ऐसी गैर लाभ वाली निजी लिमिटेड कंपनी जो भारतीय कंपनी अधिनियम, 1956 की धारा-25 के तहत पंजीकृत हो.
  • ऐसे विश्वविद्यालय या उच्च शिक्ष्ज्ञण संस्थान जो विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा मान्यता प्राप्त हों.
  • केन्द्र सरकार और राज्य सरकार या फिर किसी संघ राज्य के प्रशासन के तहत काम कर रहे प्रशिक्षण संस्थान या पंचायती राज संस्थान भी इसका हिस्सा बन सकते हैं.
  • केन्द्र सरकार और राज्य सरकार या फिर किसी संघ राज्य महिला/स्व-सहायता समूहों की विधिवत पंजीकृत सहकारी सोसाइटियां भी इसके लिए आवेदन कर सकती हैं.
  • इस क्षेत्र में काम कर रही या फिर अनुभव रखने वाले पंजीकृत गैर सरकारी संगठन भी आवेदन के लिए पात्र हैं.

किन क्षेत्रों मे दिया जाएगा प्रशिक्षण?

प्रशिक्षण देने के साथ ही महिलाओं में नेतृत्व क्षमता का विकास भी हो, इस बात का भी पूरा ध्यान रखा गया है. निम्न क्षेत्रों को प्रशिक्षण के लिए चुना गया है:

शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य, स्वच्छता, पोषण, परिवार नियोजन, रोग नियंत्रण, उचित मूल्य की दुकान, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, स्वच्छता, मकान, स्व-रोजगार, मजदूरी, कौशल प्रशिक्षण अवसर.

इसके अलावा इन प्रशिक्षणों में उन्हें निम्न संगठनों और कानूनों की जानकारी भी दी जाएगी, ताकि वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो सके और जरूरत पड़ने पर उनके लिए लड़ सकें.

  • पंचायती राज और नगरपालिकाएं किस तरह काम करती हैं और महिला प्रतिनिधि उसमें कैसी भूमिका का ​निर्वाह कर रही हैं.
  • भारत सरकार और राज्य सरकारों द्वारा अपनी हितों की रक्षा के लिए महिलाओं को कौन—कौन से कानूनी अधिकार दिए गए हैं?
  • सूचना के अधिकार अधिनियम के बारे में पूरी जानकारी ताकि वे व्यवस्था से अपने काम की जानकारी ले सकें.
  • महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम (मनरेगा) में रोजगार प्राप्त करने का तरीका ताकि महिलाएं आर्थिक तौर पर आत्मनिर्भर बन सकें.
  • घरेलू सर्वेक्षण और गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले लोगों की सूची और काम करने के तरीके
  • आधार/यूआईडी नम्बर प्राप्त करने का तरीका
  • सरकारी, अर्द्धसरकारी कार्यालय के काम करने के तरीके की जानकारी,
  • शिकायत निवारण के तरीकों की भी जानकारी

प्रशिक्षण मोड्यूल (Training Modules)

  • डिजिटल साक्षरता :- अधिकारियों द्वारा यह फैसला लिया गया है कि महिलाओं की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए उन्हें डिजिटल साक्षरता की सहायता दी जाएगी. और उन्हें कौशल विकास के लिए बेहतर अवसर भी प्रदान किये जायेंगे.
  • क्षेत्र आधारित प्रशिक्षण मोड्यूल :- सभी क्षेत्रों की आवश्यकताएं अन्य क्षेत्रों से अलग होती है. इसलिए कुछ प्रशिक्षण मोड्यूल विशेष लोकल क्षेत्रों की आवश्कताओं को पूरा करने के लिए बनाये गये हैं. और ये लोकल भाषा में बनाये गये हैं.
  • क्षेत्रों के स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के लिए :- गाँव क्षेत्रों के स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के लिए भी प्रशिक्षण मोड्यूल बनाये गये हैं. इन मोड्यूलों को कम अवधि में आवश्यक इनपुट के लिए बनाया गया है.
  • शिक्षा के क्षेत्र में सशक्त बनाना :- महिलाओं की शिक्षा इसका प्रमुख उद्देश्य है और इसके अनुसार प्रशिक्षण मोड्यूल बनाये गये हैं. इसके अलावा अध्ययन के लिए एवी मीडिया के प्रसारण का भी उपयोग किया जायेगा.
  • अन्य एजेंसियों के साथ परामर्श :- यदि आवश्यकताएं बढ़ती है तो अधिकारी अच्छे मोड्यूल के निर्माण के लिए प्राइवेट एजेंसियों के साथ भी परामर्श करेंगे. सभी मोड्यूल्स को समिति से मंजूरी मिलने के बाद ही लागू किया जायेगा.
  • मोड्यूल के अन्य पहलू :- प्रशिक्षण मॉड्यूल के अन्य पहलुओं को स्वच्छ भारत योजना, उम्मीदवारों के जीवन कौशल के विकास और महिलाओं के कानूनी अधिकार के साथ जोड़ा गया है.

एजेंसी शुल्क (Agency Fee)

इस योजना में यह उल्लेख किया गया है कि चयनित संगठनों को इस विकासशील योजना को अच्छे से लागू करने के लिए सरकार द्वारा वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी. यदि उनके द्वारा दिया जाने वाला प्रशिक्षण गैर – आवासीय है तो सभी संगठनों को प्रशिक्षण सत्र के लिए 5 अलग – अलग बैच के लिए 25,000 रूपये प्रदान किये जायेंगे. और यदि प्रशिक्षण आवसीय है तो सरकार द्वारा उन्हें 15,000 रूपये प्रदान किये जायेंगे.

आवेदन की प्रक्रिया (Registration Process)

  • सभी इच्छुक उम्मीदवारों को इसकी अधिकारिक वेबसाइट http://nairoshni-moma.gov.in/ पर जाना होगा और उसके बाद इस वेबसाइट में पहुँच कर उन्हें ‘रजिस्टर’ बटन पर क्लिक करना होगा.
  • रजिस्टर बटन पर क्लिक करते ही आपके सामने रजिस्ट्रेशन पेज खुल जायेगा. यहाँ आप इस लिंक http://nairoshni-moma.gov.in/aspx पर क्लिक करके सीधे पहुँच सकते हैं.
  • इस रजिस्ट्रेशन पेज में आपको आपका नाम, पता, क्षेत्र, पिन कोड, रजिस्ट्रेशन तारीख, रजिस्ट्रेशन कोड, प्रकार, संपर्क जानकारी, संगठन की उपलब्धि, संगठन की विशेषताएं आदि टाइप करना होगा. इसके अलावा संगठन के सीईओ का नाम एवं उनकी जानकारी और साथ ही संगठन के उपाध्यक्ष का नाम भी टाइप करना आवश्यक है.
  • यह सभी जानकारी भर देने के बाद आपको ‘जनरेट ओटीपी’ बटन पर क्लिक करना होगा. यह 4 अंकों का नंबर होगा, इसे सही – सही भरना आवश्यक है. इसके बाद अंत में आपको अपना फॉर्म जमा करने के लिए ‘रजिस्ट्रेशन’ बटन पर क्लिक करना होगा.

इस तरह से इस योजना में शामिल होने वाले संगठन का रजिस्ट्रेशन हो जायेगा.

Update

13/9/2018

कुछ समय पहले अल्पसंख्यक समूह और ग्रामीण महिलाओं के लिए डीएएचडब्ल्यूए द्वारा प्रशिक्षण प्रोग्राम का प्रस्ताव दिया गया है. इस प्रशिक्षण प्रोग्राम को अल्पसंख्यक महिलाओं के विकास के उद्देश्य को पूरा करने के लिए नई रोशनी योजना के तहत बनाया गया है.

लीडरशिप, जीवन कौशल, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता, स्वच्छ भारत, कानूनी अधिकार और वित्तीय प्रणाली जैसे विभिन्न विषयों को ऑडियो – विसुअल की सहायता से शिक्षित किया जायेगा. गीता देवी जैसी रिसोर्स व्यक्ति ने इस प्रोग्राम को कोओर्डिनेट किया है. मुख्य अतिथि जैसे तहसीलदार और वेद प्रकाश जी ने महिलाओं को चेक वितरित किया और उन्हें अपने प्रशिक्षण का अच्छे ढंग से उपयोग करने का सुझाव भी दिया. इस योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं का सशक्तिकरण करना है.

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Ankita

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अंकिता दीपावली की डिजाईन, डेवलपमेंट और आर्टिकल के सर्च इंजन की विशेषग्य है| ये इस साईट की एडमिन है| इनको वेबसाइट ऑप्टिमाइज़ और कभी कभी आर्टिकल लिखना पसंद है|
Ankita

2 comments

  1. Sir,
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  2. Sir G Kya Interest Rate 9.1% PerYear se Increase Hogi Ya Kam Hogi Or 1000/- Per Month Jama Karne Per 21 Year Bad Kitne Rs Mileage.Plz Reply me

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