इसरो वैज्ञानिक नंबी नारायणन का जीवन परिचय | Nambi Narayanan Biography in Hindi

इसरो वैज्ञानिक नंबी नारायणन का जीवन परिचय, जन्म, उम्र, परिवार, पत्नी, नासा, केस, जासूसी का आरोप, बायोपिक फिल्म | ISRO Scientist Nambi Narayanan Biography in Hindi [Birth Date, Age, Place, Family, NASA, Case Awards, Controversy, Biographical Movie]

भारत के एक मशहूर स्पेस रॉकेट वैज्ञानिक एस. नम्बी नारायणन जिन्होने अपने पूरे जीवन को देशभक्ति में समर्पित कर दिया. नंबी नारायण के जीवन का इतिहास भी काफी रोचक रहा है. उनके बारे में कहा जाता है की उन्होंने भारत में हाल की मे हुए मंगल मिशन को आज से 20 साल पहले ही पूरा कर दिया होता अगर उनके साथ वो एक हादसा न हुआ होता जिसमें उन पर जासूसी के आरोप लगे थे और उन्हें देशद्रोही कहा गया था.  हमारे इस लेख के माध्यम से आपको उन्हीं के बारे मे व उनके जीवन परिचय के बारे में बताया जा रहा है जिससे आपको उनके जीवन के बारे में समझ सकें. 

Nambi Narayan biography in hindi

नंबी नारायणन का जन्म, उम्र एवं परिचय (Nambi Narayanan Birth, Age and Introduction)

पूरा नाम (Full Name) नंबी एस नारायणन 
जन्म (Birthday) 12 दिसम्बर 1941
जन्म स्थान (Birth place) नागरोकोइल
उम्र (Age) 79
भारत में घर (Hometown) नागरोकोइल
व्यवसाय (Profession) भारत मे एक महान वैज्ञानिक
अन्य नाम (Other Name) नम्बी
वर्तमान में काम (Present Work) सेवानिवृत्त
नेटवर्थ (Networth) 1.3 करोड़
बुक (Book) Ormakalude Bhramanapadham (2017) Ready to Fire : How India and i Survived the ISRO Spy Case (2018)

नंबी नारायणन का जन्म केरल राज्य के एक गांव मे नागारोकोइल में हुआ है. भारत में ये एक सैटेलाइट वैज्ञानिक के रूप में जाने जाते है. नंबी नारायणन इसरो मे क्रायोजेनिक डिवीजन अधिकारी के पद पर कार्यरत थे. इसी समय उन पर यानी साल 1997 में उन पर भारत की जासूसी करने के आरोप लगे थे, परन्तु कोर्ट ने 1998 में उन पर लगे सभी आरोपों को निराधार बता कर खारिज कर दिया था. आइये जानते हैं इनके जीवन के बारे में.

नंबी नारायणन का परिवार (Nambi Narayanan Wife and Family)

माता का नाम ज्ञात नही
पिता का नाम ज्ञात नही
पत्नी का नाम मीना नारायणन
बेटे का नाम संकरा कुमार नारायणन (बिजनेसमैन)
बेटी का नाम गीता अरुणन (बेंगलोर में मोंटेसरी टीचर)

नंबी नारायणन की शिक्षा (Nambi Narayanan Education)

एक मध्यमवर्गीय परिवार में जन्मे एस नंबी नारायणन बचपन से ही काफी होशियार थे, उन्होंने अपनी पढ़ाई का सफर में उन्होंने एम.टेक कर रखा है. उन्होने अपनी इस डिग्री को तिरूवन्नंपूरम के एक कॉलेज से की है. बचपन से ही काम के शौकीन भारत में एक बड़े देशभक्त के रूप में भी पहचाने जाते है. 

हाल ही में बनी उन पर एक मूवी रॉकेट्री के ट्रेलर की माने तो उनको अमेरिका की स्पेस एजेंसी नासा से भी ऑफर मिला था. उस मूवी के ट्रेलर मे यह भी बताया गया है की उन पर जो भी आरोप लगे थे, व आरोप उनको बर्बाद करने के लिए लगे थे क्योंकि वे भारत के लिए कुछ अच्छा करने की कोशिश कर रहे थे. 

नंबी नारायणन का प्रोफेशनल सफर (Nambi Narayanan ISRO)

अपनी एम.टेक की पढाई करने के बाद उन्होंने देश के लिए कुछ कर गुजरने की सोची. उन्होंने इसके बाद भारतीय स्पेस एजेंसी इसरो मे आवेदन किया और उनका आवेदन मान लिया. इसके बाद उन्होंने नई नई खोज करना शुरू की, तक उनके जीवन में भयंकर अंधेरा आ गया उसको भ्रष्टाचार और जासूसी के आरोप उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था. हालांकि इसके बाद में रिहा कर दिया गया था. 

नंबी नारायणन को मिला था नासा से बड़ा ऑफ़र (Nambi Narayanan NASA)

अमेरिका की स्पेस एजेंसी नासा से भी नंबी नारायणन जी को ऑफर दिया गया था की वे उनके लिए काम करें. अमेरिका के लिए काम करने के लिए वे कुछ हद तक राजी भी हो गये थे. किन्तु फिर कुछ कारणों की वजह से वे इसके साथ नहीं जुड़ सके.

नंबी नारायणन को मिले अवार्ड (Nambi Narayanan Award)

नंबी नारायणन जी को उनके द्वारा की गई रिसर्च के चलते भारत सरकार की ओर से पद्म भूषण पुरस्कार से सम्मानित किया जा चूका है. यह उनके लिए काफी गर्व की बात है.

नंबी नारायणन के जीवन पर आधारित बायोपिक फिल्म (Biographical Movie and Story)

हाल ही में इन पर बनी एक मूवी का ट्रेलर भी रिलीज किया गया है जिसमे यह बताया गया है की उनको अमेरिका की स्पेस एजेंसी नासा से भी उनको ऑफर दिया गया था की वे उनके लिए काम करें. अमेरिका मे करने के लिए वे कुछ हद तक राजी भी हो गये थे. इस ट्रेलर में उनका रोल निभाने वाले आर. माधवन द्वारा उनकी पत्नी से कहते दिख रहे है की ‘‘ जितने उनके अब्बू 1 साल में कमाते है उतना वे एक दिन महिने मे कमाएंगे ’’. इस बात तो यह साफ जाहिर होता है की उनको नासा से भी ऑफर मिला था, हालांकि उन्होंने यह ऑफर नहीं लिया था. 

नंबी नारायणन पर लगे जासूसी के आरोप (Nambi Narayanan Controversy)

नंबी नारायणन के जीवन का एक समय ऐसा था जब इनको वो जख्म भी सहने पडे थे जब इन पर कई आरोप लगे थे. यह वाक्य है साल 1994 का जब नारायणन पर दो कथित अधिकारी कार्य ने कथित आरोप लगाये थे, उनके नाम मरियम रशीद और फौजिया हसन था. इन दोनों ने नंबी नारायणन पर रॉकेट व उपग्रह से संबंधित गोपनीय जानकारी भारत के बाहर भेजना का आरोप लगा था. जिस लॉंच के कारण आरोप लगा था उसको ‘‘ उड़ान परीक्षण डेटा’’ के नाम जाना जाता है. इस स्थिति में उन पर कई मानसिक यातनाएं दी गई थी. 

नंबी नारायणन आरोप से साबित हुए निर्दोश (Nambi Narayanan Case)

नंबी नारायणन पर जो भी आरोप लगे थे वे सीबीआई की जांच में झूठ पाये गये थे. सीबीआई ने अपनी जांच मे बताया था की भारत की स्पेस एजेंसी के प्रोग्रामों को नष्ट करने के लिए उन्हे झूठे आरोपों मे फंसाया गया था. कुछ जानकारों की मानें तो यह भी कहा जा सकता है की उन्होंने उनका ऑफर लेने से इनकार कर दिया था जिस के बाद अमेरिका के इशारों पर उन्हें तत्कालीन सरकार द्वारा फसाया गया था. यह पूरा काम भारत के स्पेस सैटेलाइट को खत्म करने का था. अमेरिका को इस बात का डर था की कही भारत स्पेस के क्षेत्र मे आत्मनिर्भर न बन जाये जिस वजह से उन पर यह आरोप लगाये गये थे. 

कहते है सत्ता की ताकत से कोई कुछ भी कर सकता है. फिस चाहे देश को बर्बाद करना हो या बनाना. ऐसे मे सत्ता के सत्ताधारी ही उनको गलत आरोपों मे फसाया जा रहा था. साल 1996 में केरल की कोर्ट ने उन्हें निर्दोष साबित किया और इस केस से जुड़े सभी आरोपियों को निर्दोष ठहराया और उन्हें जेल से रिहा कर दिया. उनकी रिहाई के बाद केरल की सरकार ने उनकी जांच एक बार और करने की अपील की परन्तु भारत की सर्वोच्च कोर्ट ने उनकी इस जांच करने करने ही अपील को खारिज कर दिया. 

इस लेख में आपको भारत के एक महान वैज्ञानिक की जीवनी के बारे मे बताया गया है. उम्मीद करते है आपको यह लेख पसंद आया होगा. 

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