नशा मुक्त भारत अभियान 2022 निबंध (महत्व) लाभ-हानि Nasha Mukta Bharat Abhiyan Essay In Hindi

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नशा मुक्त भारत अभियान 2021 -22 (उद्देश्य, फ़ायदा, नुकसान ) नशा मुक्त भारत अभियान 2022 निबंध (महत्व) लाभ-हानि Nasha Mukta Bharat Abhiyan Essay In Hindi

हमारे देश में आजकल लोगों में नशे की आदत काफी बड़ी मात्रा में देखी जा रही है। यहां तक की युवा वर्ग भी नशे की चपेट में कुछ इस प्रकार से आ रहा है कि उन्हें नशे के अलावा कुछ दिखाई ही नहीं देता है।

इसीलिए सरकार द्वारा लोगों को नशे से बचाने के लिए नशा मुक्त भारत अभियान को चालू किया गया है, जिसके अंतर्गत गवर्नमेंट लोगों को नशे से छुटकारा दिलाने के लिए काफी प्रयास कर रही है, परंतु सिर्फ गवर्नमेंट ही नहीं बल्कि हमें भी इसमें सहयोगी बनना होगा।

नशा मुक्त भारत अभियान क्या है?

इस दौर में युवा वर्ग के बीच नशे के सेवन करने का प्रचलन हो चुका है। कुछ लोग तो ऐसे हैं जो देखा देखी नशे का सेवन करना चालू करते हैं, वह ऐसा करने पर अपनी शान समझते हैं, हालांकि उन्हें यह नहीं पता होता है कि वह किस प्रकार के दलदल में धीरे-धीरे फंसते जा रहे हैं।

जो लोग नशे के आदी बन चुके हैं और बिना नशे के नहीं रह पाते हैं, उन्हीं लोगों को नशे से मुक्ति दिलाने के लिए गवर्नमेंट के द्वारा नशा मुक्ति भारत अभियान को चालू किया गया है। यह एक ऐसा अभियान है जो किसी एक ही राज्य में नहीं बल्कि पूरे भारत वर्ष में चलाया जा रहा है और इसका सर्वे सर्वा भारत की सेंट्रल गवर्नमेंट है।

कुछ लोग तो इसका सेवन शौकिया तौर पर करते हैं परंतु कुछ लोग इसका सेवन सिर्फ मजे के लिए करते हैं परंतु बाद में वह इसके आदी बन जाते हैं और इस प्रकार वह नशे में पड कर के अपनी जिंदगी खराब कर लेते हैं।

नशा मुक्त भारत अभियान का उद्देश्य क्या है?

सेंट्रल गवर्नमेंट के द्वारा नशा मुक्त भारत अभियान के लिए हर साल करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे हैं, ताकि उन्हें नशा करने के नुकसान के बारे में जानकारी दी जा सके, ताकि वह इससे बचे रहें और इस दलदल में ना फंसे।

दरअसल दारु, शराब, बीड़ी, बियर, तंबाकू, गुटखा, सिगरेट यह कुछ ऐसे नशे है जिनका सेवन आज भारत में काफी बड़े पैमाने पर किया जा रहा है। हालांकि यह चिंता और भी ज्यादा अब इसलिए बढ़ गई है, क्योंकि अब इंडिया की युवा पीढ़ी भी धीरे-धीरे नशे का सेवन करने लगी है।

नशा मुक्त भारत अभियान के फायदे क्या है?

 इस अभियान के अंतर्गत लोगों से विभिन्न प्रकार से यह बताया जाता है कि जिस नशे का सेवन वह अपने मनोरंजन के लिए कर रहे हैं या फिर सिर्फ टाइमपास के लिए ही कर रहे हैं उस नशे के कारण उन्हें आगे चलकर के कितना ज्यादा नुकसान हो सकता है। यहां तक कि उनकी मृत्यु भी हो सकती है। और इसीलिए कई लोगों ने इस बात को समझा और उन्होंने नशा करना छोड़ दिया।

अभी तक ऐसे कई लोग सामने आ चुके हैं जिन्होंने नशा मुक्त भारत अभियान से प्रेरित होकर के किसी भी प्रकार के नशे को ना करने की कसम खाई और आज वह एक स्वस्थ जिंदगी जी रहे हैं, साथ ही समाज में उन्हें मान सम्मान भी प्राप्त हो रहा है।

नशा मुक्त भारत अभियान के तहत गवर्नमेंट के प्रयास क्या है?

गवर्नमेंट काफी बड़े पैमाने पर नशा मुक्त भारत अभियान को फंडिंग दे रही है। इसके अलावा वह समय-समय पर बड़े-बड़े स्कूल, कॉलेज और एजुकेशनल इंस्टिट्यूट में नशा मुक्त भारत अभियान से संबंधित सेमिनार भी आयोजित करवाती है और उसके जरिए लोगों को जागरूक करने का काम करती है ताकि लोग नशे से दूरी बनाकर रखें।

इस अभियान के लिए गवर्नमेंट का प्रयास सिर्फ यही तक ही सीमित नहीं है। गवर्नमेंट के द्वारा सामान्य लोगों को नशे से बचाने के लिए तहसील लेवल, ब्लॉक लेवल और जिला लेवल पर भी विभिन्न प्रकार के गवर्नमेंट कार्यक्रम समय-समय पर आयोजित करवाए जाते हैं और इसके साथ ही संगोष्ठी तथा मीटिंग का भी आयोजन करवाया जाता है।

गवर्नमेंट ने इस अभियान के अंतर्गत कुछ गवर्नमेंट एनजीओ और प्राइवेट एनजीओ के साथ भी साझेदारी की है और इस प्रकार यह सभी मिलकर के लोगों को नशे से बचाने के लिए प्रयास कर रहे हैं और लोगों को नशे के प्रति जागरुक कर रहे हैं।

नशा करने के नुकसान क्या है?

  • अगर कोई व्यक्ति यह सोचता है कि नशा करने से सिर्फ उसकी बॉडी को ही नुकसान होता है तो ऐसा नहीं है। नशा करने से व्यक्ति अपनी जिंदगी तो तबाह करता ही है, साथ ही वह अपने साथ जुड़े हुए अन्य लोगों की भी जिंदगी तबाह करता है।
  • नशा करने वाले व्यक्ति के घर में हमेशा लड़ाई झगड़े होते रहते हैं जिसके कारण उसका घर टूटने की कगार पर पहुंच जाता है, क्योंकि लड़ाई झगड़ा होने के कारण घर के लोगों में आपसी मनमुटाव अपने चरम सीमा पर पहुंच जाता है।
  • इसके अलावा जो व्यक्ति नशा करता है उसकी पत्नी भी उसे छोड़कर चली जाती है क्योंकि कोई भी महिला किसी भी ऐसे व्यक्ति के साथ नहीं रह पाएगी, जो नशे का सेवन करता है, क्योंकि नशे का सेवन करने के बाद व्यक्ति को यह पता ही नहीं होता है कि वह क्या कर रहा है, वह नशे में अपने परिवार वालों के साथ मारपीट करता है, साथ ही गाली गलौज भी करता है। यहां तक कि कई लोग तो हिंसक मारपीट भी करने लगते हैं।
  • नशा करने पर आदमी की बॉडी धीरे-धीरे खराब होने लगती है और उसे अनेक प्रकार की बीमारियां अपनी गिरफ्त में ले लेती है। इस प्रकार बीमारियों का इलाज करवाने में उसे पैसे खर्च करने पड़ते हैं। इस प्रकार अगर उसकी आर्थिक स्थिति खराब है तो उस पर आर्थिक बोझ भी धीरे-धीरे बढ़ता जाता है और वह कर्ज के दलदल में फंस जाता है।
  • नशा करने पर आदमी को सामाजिक बेज्जती भी सहनी पड़ती है। लोग उसे इज्जत की निगाहों से नहीं देखते हैं। इस प्रकार समाज में उसकी इज्जत भी कम हो जाती है। नशा करने के कारण व्यक्ति की आर्थिक स्थिति डांवाडोल हो जाती है और हमेशा नशे में डूबे रहने के कारण उसे अपने काम धंधे से भी हाथ धोना पड़ता है।
  • क्योंकि कोई भी व्यक्ति ऐसे आदमी को काम पर नहीं रखता है जिसे होश ही नहीं होता है। कुल मिलाकर देखा जाए तो नशा करने वाले व्यक्ति को लोग हीकारत भरी नजरों से देखते हैं और उसे हमेशा अपने आप से दूर ही भगाते रहते हैं, क्योंकि ऐसे व्यक्ति की समाज में कोई भी इज्जत नहीं होती है।

नशा करने से कैसे बचे?

देखिए यहां पर हम आपको बता दें कि, नशा करने की शुरुआत सिर्फ शौकिया तौर पर होती है। इसीलिए अगर आपको कभी शौकिया तौर पर भी किसी भी प्रकार का नशा करने के लिए कहा जाए तो आपको साफ तौर पर उसके लिए मना कर देना है।

क्योंकि अगर आपको एक बार नशे की लत लग जाएगी तो आपको इससे निकलने में काफी टाइम लग जाएगा और हो सकता है कि आप नशे के इस प्रकार आदी हो जाएं कि आप अपना सारा काम धंधा भूल करके हमेशा नशे में ही डूबे रहे।

नशा करने से बचने के लिए आपको ऐसे लोगों के साथ किसी भी प्रकार का मेल मिलाप नहीं रखना चाहिए जो किसी भी प्रकार का नशा करते हैं क्योंकि नशे की स्टार्टिंग संगत से ही होती है। अगर आपकी संगत खराब है तो आप जल्दी नशे की गिरफ्त में आ जाएंगे। इसलिए आपको ऐसे लोगों से दूर रहना चाहिए जो नशे का सेवन करते हैं।

आपको ना तो कभी शौकिया तौर पर नशे का सेवन करना चालू करना चाहिए, ना ही कभी कबार। संक्षेप में कहें तो आपको अपने मन में यह निश्चय लेना चाहिए कि आप कभी भी अपने जीवन में नशे का सेवन नहीं करेंगे, साथ ही अन्य लोगों को नशे से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक करने का काम करेंगे और एक जिम्मेदार नागरिक होने का फर्ज निभाएंगे।

FAQ:

Q: नशा मुक्त भारत अभियान की शुरुआत कब हुई?

Ans: नशा मुक्त भारत अभियान की शुरुआत देश में साल 2020 में 15 अगस्त के दिन की गई थी।

Q: नशा मुक्त कैसे हो?

Ans: नशा मुक्त होने के लिए नशे से दूर रहें और ऐसे लोगों की संगत से भी दूर रहे जो नशे का सेवन करते हैं। इसके अलावा जब कभी नशा करने का मन करे तो अंगूर का जूस पी ले या फिर सेब खा ले।

Q: नशा मुक्ति दिवस कब मनाया जाता है?

Ans: नशा मुक्ति दिवस की शुरुआत साल 1987 में की गई थी और हर साल यह 26 जून के दिन मनाया जाता है।

Q: नशा मुक्त भारत की टैगलाइन क्या है?

Ans: “नशा मुक्त भारत सशक्त भारत’

Q: नशा मुक्ति अभियान किसने चलाया था?

Ans: भारत के वर्तमान के प्राइम मिनिस्टर नरेंद्र मोदी जी ने नशा मुक्ति अभियान चलाया था।

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