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राष्ट्रीय हथकरघा दिवस 2023: थीम, कब है National Handloom Day, Swadeshi Movement

राष्ट्रीय हथकरघा दिवस 2023: थीम, कब है, समारोह, शुभकामनायें, भारत, क्या है, कब मनाया जाता है, क्यों मनाया जाता है, महत्व (National Handloom Day) (Swadeshi Movement, Theme, Quotes, Celebrated on, History, Date, Wishes)

हमारे देश में विभिन्न प्रकार के दिवस को सेलिब्रेट किया जाता है, जिनकी तारीख हर साल बदलती रहती है, परंतु एक ऐसा दिवस है जिसकी तारीख हर साल निश्चित रहती है। हम बात कर रहे हैं नेशनल हैंडलूम डे के बारे में, जिसे हर साल भारत में मनाया जाता है। नेशनल हैंडलूम डे के बारे में बहुत ही कम लोग जानते हैं। इसलिए हमने सोचा कि क्यों न एक ऐसा आर्टिकल लिखा जाए, जिसमें लोगों को यह बताया जाए कि आखिर नेशनल हैंडलूम डे क्या होता है और नेशनल हैंडलूम डे क्यों मनाते हैं और हैंडलूम की हिस्ट्री क्या है। आईए आगे विस्तार से जानते हैं कि नेशनल हैंडलूम डे क्या है और नेशनल हैंडलूम डे कब मनाते हैं।

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राष्ट्रीय हथकरघा दिवस क्या है (National Handloom Day in Hindi)

बताना चाहेंगे कि हमारे भारत देश में हर साल नेशनल हैंडलूम डे को सेलिब्रेट किया जाता है। नेशनल हैंडलूम डे को हिंदी भाषा में राष्ट्रीय हथकरघा दिवस कहा जाता है। नेशनल हैंडलूम डे के मौके पर देशभर में अलग-अलग जगहों पर हथकरघा प्रोडक्ट से संबंधित मेले का आयोजन होता है, जहां पर विभिन्न प्रकार के हैंडलूम के आइटम बिक्री के लिए और प्रदर्शन के लिए उपलब्ध करवाए जाते हैं। नेशनल हैंडलूम डे को मनाने का मुख्य मकसद देश में हथकरघा उद्योग को सशक्त बनाना है और साथ ही भारत के हैंडलूम की कारीगरी को दुनिया भर में प्रसिद्ध करवाना भी है। आपकी जानकारी के लिए बता देना चाहते हैं कि, पहनावे से लेकर के घर की सजावट तक में हैंडलूम को शामिल किया जाने लगा है। यही वजह है कि इस इंडस्ट्री में रोजगार के अवसर काफी ज्यादा पैदा हो रहे हैं और हैंडलूम से संबंधित कारीगरों की भी आर्थिक अवस्था में सुधार हो रहा है।

राष्ट्रीय हथकरघा दिवस 7 अगस्त (National Handloom Day Celebrated on)

राष्ट्रीय हथकरघा दिवस को हमारे देश में हर साल 7 अगस्त के दिन सेलिब्रेट किया जाता है। इसकी तारीख हर साल निश्चित रहती है। तारीख में कोई भी बदलाव नहीं होता है। कई लोगों के मन में यह सवाल होता है कि, आखिर नेशनल हैंडलूम डे 7 अगस्त को ही क्यों मनाया जाता है, तो बताना चाहते हैं कि, साल 1905 में लॉर्ड कर्जन के द्वारा बंगाल को डिवाइड करने की घोषणा कर दी गई थी, जिसके विरोध में एक महाजन सभा में स्वदेशी चीजों को अपनाने पर जोर दिया गया था और इसलिए 7 अगस्त के दिन को नेशनल हैंडलूम डे को मनाने के लिए चुना गया है। नेशनल हैंडलूम डे को सेलिब्रेट करने से बुनकर समुदाय को काफी अधिक फायदा होता है।

National Handloom Day History

यहां पर हम आपको बताना चाहते हैं कि, जब हमारा भारत देश आजाद नहीं हुआ था अर्थात साल 1950 में लॉर्ड कर्जन नाम का एक अंग्रेजी अधिकारी था। इसके द्वारा ही बंगाल को विभाजित करने की घोषणा कर दी गई थी, जिसका देश भर में काफी ज्यादा विरोध हुआ था। इसी दरमियान कोलकाता के टाउन हॉल नाम की जगह में एक महाजन सभा से स्वदेशी आंदोलन को भी शुरू कर दिया गया था। इस प्रकार से इसी घटना की याद में हमारे भारत देश में 7 अगस्त के दिन हर साल को राष्ट्रीय हथकरघा दिवस अर्थात नेशनल हैंडलूम डे को मनाना शुरू कर दिया गया था और इसे तब और भी ज्यादा प्रसिद्धि मिल गई जब साल 2015 में भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमान नरेंद्र मोदी जी के द्वारा 7 अगस्त के दिन इसे देशभर में मनाने की घोषणा कर दी गई। इस प्रकार से साल 2015 से काफी जोर-शोर से नेशनल हैंडलूम डे को 7 अगस्त के दिन मनाया जा रहा है। आने वाले नेशनल हैंडलूम डे के बारे में बात करें तो साल 2023 में 7 अगस्त के दिन भारत अपना 9वां हैंडलूम डे सेलिब्रेट करेगा।

राष्ट्रीय हथकरघा दिवस क्यों मनाया जाता है (Why National Handloom Day is Celebrated)

हमारे भारत देश में राष्ट्रीय हथकरघा दिवस अर्थात नेशनल हैंडलूम डे को इसलिए सेलिब्रेट किया जाता है ताकि हमारे देश के जो भी लघु और मध्यम उद्योग है, उन्हें बढ़ावा दिया जा सके। इसके अलावा नेशनल हैंडलूम डे को इसलिए भी मनाया जाता है, ताकि बुनकर समुदाय को सम्मानित किया जा सके और उनके द्वारा हमारे देश के सामाजिक आर्थिक विकास में जो योगदान दिया जा रहा है उसके लिए उनका धन्यवाद दिया जा सके। बुनकर समुदाय के अलावा हमारा भी यह परम कर्तव्य होता है कि, हथकरघा से बनी हुई चीजो को हम भी अपने स्तर से प्रसारित करें ताकि उसकी पहुंचे देश और दुनिया भर में हो सके , जिससे भारत को एक अलग पहचान मिले साथ ही भारत में रहकर हैंडलूम से संबंधित काम करने वाले बुनकर समुदाय को भी अपनी कमाई में इजाफा करने का मौका मिले।

राष्ट्रीय हथकरघा दिवस 2023 थीम (National Handloom Day Theme 2023)

बताना चाहेंगे कि साल 2023 के नेशनल हैंडलूम डे के थीम की घोषणा अभी नहीं की गई है। हालांकि इस दिवस को हैंडलूम को प्रमोट करने के उद्देश्य के साथ मनाया जाएगा। साल 2022 के नेशनल हैंडलूम डे की थीम “Handloom, an Indian Legacy” थी।

राष्ट्रीय हथकरघा दिवस समारोह

नेशनल हैंडलूम डे विभिन्न प्रकार से मनाया जाता है। सरकार के द्वारा इस दिवस को मनाने के लिए किसी बड़े ग्राउंड का प्रबंध किया जाता है, जहां पर हथकरघा कारीगरों को सरकार के द्वारा जगह उपलब्ध करवाई जाती है। उस जगह पर हथकरघा कारीगरों को अपने तैयार आइटम को लेकर के निश्चित समय पर आ जाना होता है। वहां पर वह अपने द्वारा बनाए गए हथकरघा आइटम की प्रदर्शनी लगा सकते हैं। इस प्रदर्शनी को देखने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं और वह हैंडलूम की कारीगरी को देखते हैं और अगर उन्हें कोई हैंडलूम आइटम पसंद आ जाता है तो वह उसकी खरीदारी करते हैं। इस प्रकार से गवर्नमेंट बुनकर समुदाय को हैंडलूम की चीजों को प्रदर्शित करने का और उन्हें बेच करके पैसा कमाने का मौका प्रदान करती है। वहीं कई हैंडलूम के कारीगर ऐसे भी होते हैं जो सड़क के किनारे इस दिन अपने हैंडलूम की चीजों का प्रदर्शन करते हैं और उसकी बिक्री करते हैं।

National Handloom Day Swadeshi Movement

राष्ट्रीय हथकरघा दिवस हमारे देश के लिए इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसने स्वदेशी आंदोलन में काफी महत्वपूर्ण भूमिका अदा की थी। नेशनल हैंडलूम डे को हथकरघा बुनकर की प्रतिभा और उनके कौशल को पहचानने तथा जश्न मनाने के अवसर के तौर पर देश के द्वारा अपनाया गया है। क्योंकि बताना चाहेंगे कि हथकरघा इंडस्ट्री हमारे देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है और देश के जो ग्रामीण इलाके हैं वहां पर बड़ी संख्या में इससे लोगों को रोजगार की भी प्राप्ति होती है तथा पारंपरिक कला का भी विकास होता है। इसके अलावा इंडियन गवर्नमेंट ने भी इस क्षेत्र के द्वारा देश में बनाई गई वस्तु की मांग बढ़ाने के लिए मेक इन इंडिया, वोकल फोर लोकल और आत्मनिर्भर भारत जैसी पहल को स्टार्ट किया हुआ है।

National Handloom Day Quotes

  • एक अच्छा जीवन एक बुनाई की तरह है। तनाव में ऊर्जा पैदा होती है। संघर्ष, खींचतान और खिंचाव ही सब कुछ है।
  • जीवन माया बुनने वाला एक करघा है।
  • मैं कढाई और बुनाई को किसी भी राष्ट्रीय शिक्षा प्रणाली का एक आवश्यक हिस्सा मानता हूं।
  • जीवन की टेपेस्ट्री में हम सभी जुड़े हुए हैं। हममें से हर कोई अपने आस-पास के लोगों के लिए एक उपहार है जो एक-दूसरे को वैसा बनने में मदद करते हैं जैसे हम हैं, एक साथ मिलकर एक आदर्श तस्वीर बुनते हैं।
  • मैं बोबिंग और बुनाई में बहुत अच्छा हूं, लेकिन जब हमारे पास अच्छा आधार नहीं होता है तब हम केवल उतनी ही देर तक बॉबिंग और बुनाई कर सकते हैं, जिनती हममें क्षमता होती है।

National Handloom Day Messages (राष्ट्रीय हथकरघा दिवस की शुभकामनायें)

  • राष्ट्रीय हथकरघा दिवस को बुनकरों के कारण मान्यता की आवश्यकता थी, इसलिए पहला राष्ट्रीय हथकरघा दिवस 7 अगस्त 2015 को मनाया गया।
  • इस दिन को भारत के माननीय प्रधान मंत्री – नरेंद्र मोदी द्वारा चिह्नित किया गया था। यह दिन तमिलनाडु के चेन्नई में स्थित मद्रास विश्वविद्यालय के सेंटेनरी हॉल में मनाया गया।
  • हथकरघा समाज को पूरे देश में, कोने-कोने में फैलाने की जरूरत है। इससे ही राष्ट्रीय हथकरघा दिवस मनाने की सफलता मिलेगी।
  • यदि हम राष्ट्रीय हथकरघा दिवस का समर्थन करते हैं, तो हम छोटे बुनकरों को उनके जीवनयापन और उनकी बुनियादी घरेलू जरूरतों को पूरा करने में सहायता करते है। इससे देश की अर्थव्यवस्था का आधार भी मजबूत होता है।
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FAQ

Q : नेशनल हैंडलूम क्या है?

Ans : नेशनल हैंडलूम को हिंदी भाषा में राष्ट्रीय हथकरघा कहा जाता है।

Q : राष्ट्रीय हथकरघा दिवस कब मनाया जाता है?

Ans : राष्ट्रीय हथकरघा दिवस हर साल हमारे देश में 7 अगस्त के दिन सेलिब्रेट किया जाता है।

Q : 7 अगस्त को कौन सा दिन मनाया जाता है?

Ans : 7 अगस्त को हमारे संपूर्ण भारत देश में अलग-अलग जगह पर नेशनल हैंडलूम डे अर्थात राष्ट्रीय हथकरघा दिवस को मनाया जाता है।

Q : हथकरघा का क्या महत्व है?

Ans : जब हमारे भारत देश में स्वदेशी आंदोलन चल रहा था, तो उस दरमियान हथकरघा ने महत्वपूर्ण भूमिका अदा की थी।

Q : 7 अगस्त को राष्ट्रीय हथकरघा दिवस क्यों मनाया जाता है?

Ans : लॉर्ड कर्जन ने साल 1905 में 7 अगस्त के दिन बंगाल विभाजन की घोषणा की थी। इसी के विरोध में स्वदेशी आंदोलन के तौर पर हथकरघा उद्योग को बढ़ावा दिया गया। इसलिए 7 अगस्त को राष्ट्रीय हथकरघा दिवस मनाया जाता है।

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