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How To Choose Your Date And Slot Of Examination of Neet and IIT Jee Exams in Hindi

अब साल में दो बार होंगी जेईई (इंजीनियरिंग) और एनईईटी (चिकित्सा) की परीक्षाएं, चुन सकेंगे पेपर के लिए दिन और टाइम (JEE (Main) And NEET (UG) Exam Date Slot Centre In Hindi) 

हर  साल  हमारे देश में होने वाली जेईई और एनईईटी की परीक्षाओं के आयोजन को लेकर, एक बड़ा बदलाव सरकार द्वारा किया गया है और अब से ये परीक्षा साल में एक बार होने की जगह दो बार होंगी. साल में दो बार ये एंट्रेंस एग्जाम होने से छात्रों को काफी फायदा पहुंचेगा और उनको एक वर्ष में एक बार की जगह, दो बार ये परीक्षा देना का मौका मिल सकेगा.नोटिसफिकेशन के मुताबिक अब से इन परीक्षा का आयोजन हमारे देश में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा किया जाएगा. गौरतलब है कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी से पहले इन परीक्षाओं का आयोजन करने की जिम्मेदारी सीबीएसई की हुआ करती थी.

NTA – NEET (Medical) IIT-JEE Mains (Engineering) Entrance Exam

चुन सकेंगे पेपर के लिए दिन और टाइम (How To Choose Your Date And Slot Of Examination)

  • नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा ये एंट्रेंस टेस्ट मल्टीपल सीटिंग में लिए जाएंगे और हर छात्र को मल्टीपल सीटिंग में से किसी भी एक सीटिंग को चुनने का भी मौका दिया जाएगा. यानी इन पेपर को लेने के लिए जो तारीखें तय की गई होंगी, छात्र उन तारीकों में से कोई सी भी एक तारीख का चुनाव पेपर देने के लिए कर सकता है.
  • इन पेपर से जुड़ी आधिकरिक बेवसाइट पर जाकर छात्र मल्टीपल सीटिंग में से उस दिन और टाइम का चुनाव कर सकते हैं, जिस दिन वो पेपर देना चाहते हैं.

 प्रैक्टिस सेंटर (Practice Centres For Practicing On Computer)

  • अब से ये परीक्षा ऑनलाइन ली जाएगी और गांव में रहने वाले छात्रों को ऑनलाइन के माध्यम से इस परीक्षा को देने में कोई दिक्कत ना हो इसलिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा प्रैक्टिस सेंटर शुरू किए जाएंगे.
  • नोटिफिकेशन के मुताबिक नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा परीक्षण अभ्यास केंद्रों का नेटवर्क तैयार किया जाएगा और इन्हीं परीक्षण अभ्यास केंद्रों में जाकर गांव के छात्र मॉक टेस्ट दे सकेंगे.
  • ये परीक्षण अभ्यास केंद्र केवल शनिवार और रविवार के दिन ही खुले रहेंगे और इन केंद्रों द्वारा किसी भी तरह का शुल्क छात्रों से नहीं लिया जाएगा. सरकार के मुताबिक अगस्त महीने के तीसरे सप्ताह से छात्र इन केंद्रों में जा सकेंगे.

फीस (Fees)

 जेईई मेन्स और एनईईटी का एंट्रेंस एग्जाम देने के लिए छात्रों को शुल्क यानी फीस भी भरनी होगी. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा जनरल और ओबीसी की कैटेगरी के लिए 1400 रुपए की फीस राशि तय की गई है, जबकि एससी एसटी और फिजिकल चैलेंज्ड छात्रों के लिए 750 रुपए की फीस राशि तय की गई है.

एग्जाम का सिलेबस (Syllabus)

जेईई मेन्स और एनईईटी के एंट्रेंस एग्जाम से जुड़े सिलेबस और डिफिकल्टी लेवल में किसी भी तरह का बदलाव नहीं किया गया है और  इन एग्जाम में भाग लेने वाले छात्रों को इन एग्जाम से जुड़े सिलेबस की जानकारी https://ntaexams.co.in/ इस लिंक पर मिल जाएगी.

साल में कब होगी ये परीक्षा (Exams And Tentative Schedule)

जेईई मेन्स की परीक्षा

जेईई मेन्स की पहली परीक्षा जनवरी के महीने में होगी, जबकि दूसरी परीक्षा अप्रैल के महीने में ली जाएगी. ये परीक्षा 8 सेटिंग्स में ली जाएगी और छात्र अपनी सेंटिंग का चुनाव भी कर सकेंगे.

जनवरी के महीने में होने वाली जेईई मेन्स की परीक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण तारीखें –

ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरने की तारीख

 

1, सिंतबर 2018
ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरने की आखिरी तारीख

 

30, सिंतबर 2018
कब होगा पेपर 6 जनवरी, 2019 से लेकर 20, जनवरी , 2019 तक

 

कब आएगा रिजल्ट साल 2019 के फरवरी  के पहले सप्ताह में

 अप्रैल के महीने में होने वाली जेईई मेन्स की परीक्षा होने से जुड़ी महत्वपूर्ण तारीख

ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरने की तारीख

 

साल 2019 के फरवरी महीने के दूसरे सप्ताह से
ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरने की आखिरी तारीख

 

घोषित नहीं
कब होगा पेपर 07, अप्रैल, 2019 से 21, अप्रैल ,2019 के तक
कब आएगा रिजल्ट मई महीने के पहले सप्ताह में

 नईईटी (यूजी) की परीक्षा

नईईटी (यूजी) की पहली परीक्षा फरवरी के महीने में होगी जबकि दूसरी परीक्षा मई के महीने में ली जाएगी. ये परीक्षा भी 8 सेटिंग्स में ली जाएगी और छात्र अपनी सेंटिंग का चुनाव कर सकेंगे.

फरवरी के महीने में होने वाली नईईटी (यूजी) की परीक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण तारीख

ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरने की तारीख

 

1, अक्टूबर, 2018 से
ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरने की आखिरी तारीख

 

31, अक्टूबर 2018 तक
कब होगा पेपर 03, फरवरी, 2019 से लेकर 17, फरवरी, 2019 तक

 

कब आएगा रिजल्ट मार्च 2019 के पहले सप्ताह में

 मई के महीने में होने वाली नईईटी (यूजी) की परीक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण तारीख

ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरने की तारीख

 

साल 2019 के मार्च के दूसरा सप्ताह से
ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरने की आखिरी तारीख

 

कब होगा पेपर 12, मई, 2019 से 26, मई, 2019 के बीच

 

कब आएगा रिजल्ट जून 2019 के पहले सप्ताह से

 सीएमएटी और जीपीएटी परीक्षा-

ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरने की तारीख

 

22, अक्टूबर, 2018 से शुरू होगी

 

ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरने की आखिरी तारीख

 

15, दिसंबर, 2018 तक
कब होगा पेपर 27, जनवरी, 2019

 

कब आएगा रिजल्ट फरवरी 2019 के पहले सप्ताह में

 यूजीसी-नेट 2018-

ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरने की तारीख

 

1, सितंबर , 2018 से

 

ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरने की आखिरी तारीख

 

30, सितंबर, 2018 तक
कब होगा पेपर 2 दिसंबर, 2018 से लेकर 16 दिंसबर 2018 तक

 

कब आएगा रिजल्ट जनवरी 2019 के पहले सप्ताह में

जेईई और एनईईटी की परीक्षा से जुड़ी जानकारी

क्या होती है जेईई की परीक्षा (Joint Entrance Examination)

  • ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जाम (संयुक्त प्रवेश परीक्षा) को जेईई के नाम से जाना जाता है और ये एग्जाम इंजीनियरिंग के छात्रों द्वारा दिया जाता है.
  • ये एग्जाम दो तरह का होता है जिनमें से एक एग्जाम जेईई मेन्स के नाम से जाना जाता है और दूसरा एग्जाम जेईई एडवांस के नाम से जाना जाता है.
  • जेईई एडवांस टेस्ट केवल वो ही छात्र दे सकते हैं जिन्होंने जेईई मेन्स को क्लीयर किया हो. यानी अगर कोई छात्र जेईई मेन्स को क्लीयर करने में असफल हो जाता है तो उसे जेईई एडवांस की परीक्षा देने का मौका नहीं मिलता है.
  • जो भी छात्र जेईई के एग्जाम को क्लीयर कर लेते है उनको हमारे देश के जाने माने विभिन्न इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश मिल जाता है.

एनईईटी की परीक्षा (NEET Examination)

  • राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा यानी एनईईटी (यूजी), एंट्रेंस टेस्ट साइंस के छात्रों द्वारा दिया जाता है और जो भी साइंस के छात्र इस टेस्ट को पास कर लेते हैं, उन्हें आसानी से हमारे देश के सरकारी या निजी मेडिकल कॉलेजों और डेंटल कॉलेजों में दाखिला मिल जाता है.
  • ग्रेजुएट मेडिकल कोर्स (एमबीबीएस) और डेंटल कोर्स (बीडीएस) का अध्ययन करने की इच्छा रखने वाले छात्रों को, ये कोर्स करवाने वाले बेहतरीन कॉलेजों में प्रवेश लेने के लिए इस परीक्षा को पास करना होता है. और जिन छात्र द्वारा ये एग्जाम पास किया जाता है केवल उन्हें को कॉलेज में दाखिला दिया जाता.
  • इस एंट्रेंस टेस्ट को एक छात्र केवल नौ बार ही दे सकता है जबकि आरक्षित श्रेणी के छात्रों को ये एंट्रेंस टेस्ट 14 बार देने का मौका मिलता है.

साल में दो बार होंगी ये परीक्षा (JEE and NEET To Be Conducted Twice A Year)

  • पहले जेईई (मेन्स) और एनईईटी की परीक्षा को वर्ष में एक बार आयोजित किया जाता था, लेकिन हाल ही में ह्यूमन रिसोर्स डेवलपमेंट मिनिस्ट्री ने इस परीक्षा को साल में एक की जगह दो बार आयोजित करने का फैसला लिया है.
  • साल में दो बार ये परीक्षा होने से उन छात्रों का साल बर्बाद होने से बच सकेगा, जो कि किसी कारण से वर्ष में केवल एक बारी होने वाली इस परीक्षा में भाग नहीं ले पाते थे.

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी करेंगी इन परीक्षाओं का आयोजन (National Testing Agency)

  • ह्यूमन रिसोर्स डेवलपमेंट मिनिस्ट्री के मुताबिक अब से साल में दो बार होने वाली जेईई, नीट एनईईटी की परीक्षा का आयोजन नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) द्वारा किया जाएगा.
  • इस एजेंसी का गठन साल 2017 में किया गया था और साल 2019 से इस एजेंसी द्वारा अब से देश के बड़े कॉलेजों में दाखिला लेने के लिए होने वाले ये एंट्रेंस टेस्ट आयोजित किए जाएंगा.

एनटीए द्वारा आयोजित परीक्षाओं की विशेषताएं (Features) –

  • साल में दो बार ये एंट्रेंस टेस्ट होने से छात्रों को इस परीक्षा में बैठने के लिए पर्याप्त अवसर मिल सकेंगे. साथ ही पहले, वर्ष में केवल एक बार ही ये परीक्षा होने से कई छात्र तनाव का शिकार भी हो जाते थे. लेकिन सरकार के इस निर्णय से अब छात्रों का ये तनाव कम हो पाएगा.
  • साल में ये परीक्षा छात्र दो बार देना चाहते हैं कि एक बार इस चीज का फैसला छात्रा द्वारा ही लिया जाएगा.
  • जेईई (मुख्य) और एनईईटी (यूजी) की परीक्षा साइकोमेट्रिक तरीके और मानकीकरण तकनीक के तहत होंगी.
  • जेईई (मेन्स) और एनईईटी का प्रश्न पत्र लीक ना हो, इसलिए अब से ये परीक्षाएं केवल कंप्यूटर आधारित मोड के जरिए ही ली जाएंगा और इन परीक्षाओं को लेने के लिए अत्यधिक सुरक्षित आईटी सॉफ्टवेयर का उपयोग किया जाएगा.

छात्रों को होने वाला फायदा-

  • इन परीक्षाओं को लेकर किए गए इस बदलाव से छात्रों का साल बर्बाद होने से बच सकेगा.
  • अगर किसी छात्र का पेपर अच्छा नहीं जाता है तो वो कुछ महीनों बाद फिर से एंट्रेस टेस्ट दे सकता है.
  • अगर किसी अनचाही परिस्थितियों के कारण कोई छात्र ये टेस्ट नहीं दे सकेगा तो उसे दूसरा मौका मिल जाएगा.

साल में दो बार जेईई (इंजीनियरिंग) और एनईईटी (चिकित्सा) की परीक्षा होने से छात्रों को काफी बड़ी राहत मिलेगी और इन परीक्षा में अब ज्यादा से ज्यादा छात्र भाग ले सकेंगे.

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