ताज़ा खबर

ऑफिस ऑफिस ओल्ड सब टीवी सीरियल|Office Office Sab TV Serial in hindi

Office Office Sab TV Serial in hindi भारत में सरकारी काम-काज में भ्रष्टचार हमेशा से एक बड़ा मुद्दा रहा है. राजनीतिक तौर पर इस मुद्दे पर बहस तो चलती रही है, परन्तु आम जन को जागरूक करने के लिए एक व्यापक प्लेटफार्म की कमी हमेशा से महसूस की जाती रही है. इस संबंध में गौरतलब है कि मास मीडिया के कई साधन जैसे अख़बार, समाचार पत्रिका और टेलीविज़न पर समाचार के माध्यम से भ्रष्टाचार संबंधी ख़बरें भी यदा-कदा हमारे सामने उजागर होती रही हैं. हालाँकि हमारे रोजमर्रा के जीवन से जुड़े होने के वाबजूद हम इस प्रकार की खबरों को गंभीरता से लेने में बचते रहे हैं. इसकी मुख्य वजह इस प्रकार की खबरों का नीरस होना और फिर ‘यह सब सरकारी काम में चलता रहता है’ की हमारी मानसिकता का परिणाम रहा है. परन्तु जब इस प्रकार के नीरस विषय को नाटकीय रूपांतर द्वारा हास्य की चाशनी में लपेटकर आम जनता के सामने प्रस्तुत किया जाता है, तो इसके व्यापक प्रभाव पड़ने की संभावना बढ़ जाती है. ऐसा ही कुछ प्रयास कुछ वर्ष पूर्व एक टीवी सीरियल ‘ऑफिस ऑफिस’ के माध्यम से किया गया था. सब टीवी पर प्रसारित इस सीरियल को इसके कथानक और कलाकारों के सजीव अभिनय के कारण काफी लोकप्रियता हासिल हुई थी.

office-office

ऑफिस ऑफिस ओल्ड सब टीवी सीरियल

Office – Office sab tv serial in hindi

धारावाहिक ऑफिस ऑफिस का प्रसारण (Office – Office serial sab tv)

हास्य धारावाहिक ‘ऑफिस ऑफिस’ का प्रसारण सब टीवी चैनल पर 3 सितम्बर 2001 से शुरू हुआ था. इसका प्रसारण वर्ष 2001 से 2004 तक लगातार तीन वर्षों तक हफ्ते में दो दिन (सोमवार और मंगलवार) रात में 8 बजे होता रहा. बाद के वर्षों में इसी कथानक पर स्टार वन चैनल पर एक नए धारावाहिक ‘नया ऑफिस ऑफिस’ का भी प्रसारण किया गया था. बहरहाल, इस धारावाहिक की लोकप्रियता का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि, इसकी सफलता को भुनाने के लिए 5 अगस्त 2011 को ‘ऑफिस ऑफिस’ के मूल कथानक और इसके टाइटल से मिलते-जुलते नाम ‘चला मुसद्दी ऑफिस-ऑफिस’ नाम से एक फीचर फिल्म को भी रिलीज़ किया गया था.

धारावाहिक ऑफिस ऑफिस की कहानी (Office – Office tv serial episodes)

हास्य से भरपूर टीवी धारावाहिक ऑफिस ऑफिस का कथानक अपने देश के सरकारी तंत्र में फैले भ्रष्टाचार और घूसखोरी पर एक तंज था. गौरतलब है कि हमारे देश में सरकारी दफ्तरों में आम आदमी को किसी भी काम के लिए कदम दर कदम बाबुओं के आलसीपन और उनके द्वारा मांगे जाने वाले चढ़ावे का शिकार होना पड़ता है. बस इसी मूल समस्या को केंद्र में रखते हुए एक आम आदमी ‘मुसद्दी लाल’ के माध्यम से उन समस्याओं को उजागर करने का प्रयास किया गया, जिससे हर किसी को सरकारी विभाग में दो-चार होना पड़ता है. मुसद्दी लाल जब अपने किसी भी काम के लिए, मसलन बिजली विभाग से लेकर पेंशन विभाग तक में जाते हैं तो उन्हें बाबुओं और अधिकारियों के भ्रष्ट आचरण का शिकार होना पड़ता है. धारावाहिक के कथानक को पांच अन्य मुख्य पात्रों ने भी अपने दमदार अभिनय से मजबूती प्रदान की थी. ये पांच पात्र सरकारी मुलाजिम की भूमिका में हैं और ये हैं- उषा जी, भाटिया, पटेल, पांडेय जी और शुक्ला. इन पांचों पात्रों ने सरकारी मुलाजिम का स्वाभाविक अभिनय करते हुए धारावाहिक को लोकप्रियता के पायदान पर सबसे ऊपर पहुंचा दिया था.

धारावाहिक ऑफिस ऑफिस से संबंधित मुख्य तथ्य (Office – Office tv serial)

क्रमांक तथ्य विवरण
1 धारावाहिक का नाम ऑफिस ऑफिस 
2 देश भारत
3 भाषा हिंदी
4 विषय हास्य
5 निर्माण कंपनी टेन स्पीड टीवी इंडिया

उग्राया एंटरटेनमेंट

6   निर्देशक  राजीव मेहरा 
7   प्रोड्यूसर दरियन अमोस

स्मृति ईरानी

8   लेखक अश्वनी धीर

दारिन काटज

9   प्रसारण की शुरुआत 3 सितम्बर 2001
10   प्रसारण चैनल सब टीवी
11   छायांकन लिंडा मबुसो
12 संपादन शाफत मरोपने
13   एपिसोड की अवधि 24 मिनट
14   प्रसारित सीजन संख्या पहला सीजन: वर्ष 2001
15 कालक्रम (नए रूप में) नया ऑफिस ऑफिस (स्टार वन चैनल पर)

धारावाहिक ऑफिस ऑफिस के मुख्य पात्र (Office – Office tv serial cast)

क्रमांक पात्र नाम वास्तविक नाम
1 मुसद्दी लाल   पंकज कपूर
2 शुक्ला संजय मिश्रा
3 भाटिया मनोज पाहवा
4 पांडेय जी हेमंत पांडेय
5 पटेल देवेन भोजवानी
6 टीना ईवा ग्रोवर
7 उषा मैडम असावरी जोशी

 

धारावाहिक ऑफिस ऑफिस को मिले अवार्ड (Office – Office serial awards)

क्र. सं. अवार्ड्स व्यक्तित्व वर्ष
1 इंडियन टेली अवार्ड, सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पंकज कपूर 2002, 2003, 2004 
2 इंडियन टेली अवार्ड, सर्वश्रेष्ठ धारावाहिक-हास्य    2002, 2003, 2004
3 इंडियन टेली अवार्ड, सर्वश्रेष्ठ निर्देशक-हास्य  राजीव मेहरा 2002, 2003, 2004
4 इंडियन टेली अवार्ड, सर्वश्रेष्ठ संवाद    अश्वनी धीर 2002, 2003, 2004
5 स्टार गिल्ड अवार्ड, सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पंकज कपूर 2004
6 इंडियन टेली जूरी अवार्ड, सर्वश्रेष्ठ निर्देशक राजीव मेहरा 2004
7 इंडियन टेली अवार्ड, सर्वश्रेष्ठ लेखक अश्वनी धीर 2004
8 स्टार गिल्ड अवार्ड, सर्वश्रेष्ठ धारावाहिक   2004
9 इंडियन टेली अवार्ड, सर्वश्रेष्ठ पटकथा अश्वनी धीर 2002

धारावाहिक ऑफिस ऑफिस के मुख्य पात्रों का संक्षिप्त परिचय (Office – Office serial characters)

  • पंकज कपूर – पंकज कपूर भारतीय सिनेमा और टीवी धारावाहिकों के एक चर्चित नाम हैं. ये कई टीवी धारावाहिकों और हिंदी फिल्मों में अदाकारी कर चुके हैं. 80 के दशक में दूरदर्शन पर प्रसारित जासूसी धारावाहिक ‘करमचंद’ से इनकी विशेष पहचान बनी थी. वर्ष 1991 में रिलीज़ फीचर फिल्म ‘एक डॉक्टर की मौत’ और वर्ष 2003 में रिलीज़ विशाल भारद्वाज द्वारा निर्देशित फिल्म ‘मकबूल’ में पंकज कपूर ने उत्कृष्ट भूमिका निभाई थी. महात्मा गाँधी के जीवन पर रिचर्ड अटन्बरो द्वारा निर्मित फिल्म ‘गाँधी’ में पंकज कपूर ने गांधीजी के निजी सचिव प्यारेलाल की संक्षिप्त भूमिका निभाई थी, तथा साथ ही इस फिल्म के हिंदी संस्करण के लिए इन्होने गाँधी का किरदार निभाने वाले बेन किंग्सले को अपनी आवाज दी थी. पंकज कपूर बॉलीवुड के प्रसिद्ध युवा अभिनेता शाहिद कपूर के पिता हैं.
  • संजय मिश्रा – संजय मिश्रा का नाम भारतीय सिनेमा और टेलीविजन कार्यक्रमों के लिए बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है. ये एक उत्कृष्ट हास्य अभिनेता हैं. अभिनय में रुचि रखने वाले बिहार के पटना में जन्मे संजय मिश्रा ने बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी से शिक्षा पूरी करने के बाद दिल्ली स्थित राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय से अभिनय में स्नातक डिग्री प्राप्त किया और बॉलीवुड में अपना भाग्य आजमाने चले आए. यहां उन्हें सबसे पहले प्रसिद्ध टीवी धारावाहिक ‘चाणक्य’ में काम करने का मौका मिला. इनके द्वारा अभिनीत प्रसिद्ध फिल्मों में ‘गोलमाल-फन अनलिमिटेड’, ‘धमाल’, ‘प्रेम रतन धन पायो’ आदि का नाम लिया जा सकता है. वर्ष 2015 में संजय मिश्रा को फिल्म ‘आँखों देखी’ के लिए ‘फिल्मफेयर क्रिटिक अवार्ड फॉर बेस्ट एक्टर’ से सम्मानित किया गया था.
  • ईवा ग्रोवर – ईवा ग्रोवर हिंदी और मराठी थिएटर और फिल्मों की अभिनेत्री हैं. इन्होने फिल्मों के साथ साथ कई टीवी धारावाहिकों में भी अभिनय किया है. इनके द्वारा अभिनीत फिल्मों में ‘रेडी’ का नाम प्रमुखता से लिया जाता है. इसके अलावा इन्होने एक मराठी और एक तमिल फिल्म में भी काम किया है. ईवा ग्रोवर द्वारा अभिनीत टीवी धारावाहिकों में क्योंकि सास भी कभी बहु थी, करिश्मा का करिश्मा, एलओसी, बड़े अच्छे लगते हैं आदि का नाम लिया जा सकता है.

अंततः कहा जा सकता है कि टीवी धारावाहिक ऑफिस ऑफिस देश के सरकारी महकमें में व्याप्त भ्रष्टाचार को उद्घाटित करने और हास्य के माध्यम से उसपर तंज कसने के लिए एक पर्याप्त प्लेटफार्म था. इस धारावाहिक के द्वारा लेखक और निर्देशक ने बहुत ही खूबसूरत तरीके से एक आम आदमी को केंद्र में रखते हुए देश की सम्पूर्ण जनता की मजबूरी को उजागर करने का सराहनीय प्रयास किया था.

अन्य पढ़ें –

Vibhuti
Follow me

Vibhuti

विभूति दीपावली वेबसाइट की एक अच्छी लेखिका है| जिनकी विशेष रूचि मनोरंजन, सेहत और सुन्दरता के बारे मे लिखने मे है| परन्तु साईट के लिए वे सभी विषयों मे लिखती है|
Vibhuti
Follow me

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *