प्रधानमंत्री मुद्रा लोन योजना 2020 | Pradhan Mantri Mudra Yojana In Hindi

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नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शी सरकार ने कारोबार और रोजगार की भावना को विकसित करने और उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए वित्तीय सहयोग की एक योजना का भी शुभारम्भ किया है. इस योजना का नाम है मुद्रा योजना है (Micro Units Development Refinance Agency) . इस योजना के माध्यम से सरकार ने वित्तीय समस्या से जूझ रहे असंगठित क्षेत्र के व्यवसायों और लघु व्यवसायों को सस्ती ब्याज दर पर वित्त उपलब्ध कराने के साथ ही कोई नया व्यवसाय शुरू करने को इच्छुक युवाओं को प्रोत्साहित करने का लक्ष्य रखा है.

इस संबंध में गौरतलब है कि अब तक देश की आबादी, खासकर निचले तबके का एक बड़ा भाग औपचारिक बैंकिंग प्रणाली के लाभों से वंचित रहा है. वे खेती से लेकर कोई छोटा-मोटा कारोबार करने तक के लिए साहूकारों पर निर्भर रहते हैं. साहूकारों से लिए गए क़र्ज़ पर इन्हें भारी ब्याज चुकाना पड़ता है. फिर क़र्ज़ के ऐसे चक्रव्यूह में वह फंसते हैं कि उनका जीवन दूभर हो जाता है. दूसरी तरफ कुछ इसी तरह की समस्या से देश के लघु व्यावसायिक इकाईयों को भी जूझना पड़ रहा है. अब तक ऐसी इकाईयों के लिए न तो कोई नियामक संस्था थी और न ही कोई बैंकिंग प्रणाली जिससे उन्हें वित्तीय सहयोग मिल सके. भारत सरकार के भारतीय सांख्यिकी मंत्रालय की संस्था National Sample Survey Office (NSSO) के 2013 के सर्वे में कहा गया है कि देश में लगभग 5 करोड़ 77 लाख लघु व्यावसायिक इकाईयां हैं और जिनका नियंत्रण एकल स्वामित्व में है. इन इकाईयों में उत्पादन से लेकर निर्माण और रिटेल तक की गतिविधियां शामिल हैं. साथ ही इन इकाईयों से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर लगभग 1.25 करोड़ लोग रोज़गार पा रहे हैं. ऐसे में जरूरी था कि सरकार कोई ऐसी दूरदर्शी योजना लाए जिससे लघु व्यावसायिक इकाईयों को वित्तीय सहयोग और मजबूती तो मिले ही, साथ में रोज़गार का सृजन भी हो.

अंततः इन लघु व्यावसायिक इकाईयों को मजबूती प्रदान करने और उसका समुचित दोहन करने की महत्वाकांक्षा को संजोए हुए वर्तमान नरेन्द्र मोदी की सरकार के वित्तमंत्री अरुण जेटली ने वर्ष 2015-16 के बजट भाषण में मुद्रा बैंक को स्थापित करने की घोषणा की थी. इसके बाद सरकार के वादे को अमल में लाते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अप्रैल 2015 को 20,000 करोड़ रुपये के कोष के साथ Micro Units Development and Refinance Agency Limited यानि मुद्रा लोन  को राष्ट्र को समर्पित किया. इस भारी-भरकम कोष के साथ 3,000 करोड़ रुपये के ऋण गारंटी कोष को भी जोड़ा गया है.

सरकार द्वारा नवनिर्मित यह एजेंसी उन सभी वित्तीय संस्थाओं के साथ सहयोग करेगी जो उत्पादन, व्यापार और सेवा संबंधी गतिविधियों में संलग्न सूक्ष्म और लघु व्यावसायिक इकाईयों को ऋण देने का व्यवसाय करती है.

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना

प्रधानमंत्री मुद्रा लोन योजना का मुख्य उद्देश्य (Pradhan Mantri MUDRA Loan Yojana Aim In Hindi)

  • ऋण के तौर पर सूक्ष्म वित्त (Micro Finance) उपलब्ध कराने वाली संस्थाओं और उसकी वित्त प्रणाली का नियमन और उसकी सक्रिय भागीदारी को मजबूत बनाने के साथ उसे स्थिरता प्रदान करना.
  • सूक्ष्म वित्तीय संस्थाओं (Micro Financial Institution) सहित अन्य एजेंसियों को जो छोटे कारोबारियों, दुकानदारों, स्व-सहायता समूहों आदि को ऋण उपलब्ध करातें हैं, को वित्त व ऋण गतिविधियों में सहयोग करना.
  • मौजूद सभी सूक्ष्म वित्तीय संस्थाओं (MFI) को पंजीकृत करना और उसके प्रदर्शन के आधार पर उसकी श्रेष्ठता सूची बनाना. इस सूची से संस्था के रिकॉर्ड का आकलन किया जा सकेगा और ऋण लेने वालों को श्रेष्ठ एमएफआई चुनने में मदद मिल सकेगी. दूसरी तरफ श्रेष्ठता सूची बनने से संस्थाओं के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी जिससे वे सभी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित होंगे. अंततः इसका लाभ ऋण लेने वालों को मिलेगा.
  • मुद्रा बैंक ऋण लेने वालों को कारोबार के संबंध में उचित दिशा-निर्देश भी उपलब्ध कराएगा जिससे कारोबार को संकट से उबारने में मदद मिल सकेगी. साथ ही डिफॉल्ट की स्थिति में पैसे की वसूली के लिए किस प्रक्रिया का पालन किया जाए, उसके निर्धारण में भी मुद्रा बैंक सहयोग करेगा.
  • छोटे व्यावसायिक इकाईयों को दिए जानेवाले ऋण की गारंटी के लिए मुद्रा बैंक क्रेडिट गारंटी स्कीम बनाएगा.
  • मुद्रा बैंक ऋण देने वाली संस्थाओं को प्रभावी तकनीक उपलब्ध कराएगी जिससे ऋण लेने और देने की प्रक्रिया में मदद मिल सके.
  • योजना के तहत मुद्रा बैंक एक उपयुक्त ढांचा तैयार करेगा जिससे व्यावसायिक इकाईयों को छोटे ऋण उपलब्ध कराने के लिए एक प्रभावी प्रणाली विकसित की जा सके.

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना 

मुद्रा योजना (Prdhan Mantri MUDRA Bank Yojana) का अर्थ हैं माइक्रो यूनिट्स डेवलपमेंट रिफाइनेंस एजेंसी (Micro Units Development Refinance Agency) जिसे MUDRA कहा गया छोटे अर्थ में मुद्रा मतलब धन से हैं यही इस योजना का मुख्य बिंदु हैं कुटीर उद्योगों को धन की सहायता |

प्रधानमंत्री योजना की स्थापना (Pradhan Mantri MUDRA Yojana) :

मुद्रा योजना अप्रैल 2015 को घोषित की गई हैं मुद्रा बैंक वैधानिक अधिनियम के अंतर्गत स्थापित किया गया हैं जिसमे कुटीर उद्योगों के विकास की ज़िम्मेदारी प्रधानमंत्री मुद्रा योजना बैंक की होगी |

मुद्रा लोन  योजना का लक्ष्य 

छोटे कुटीर उद्योगों को बैंक से आर्थिक मदद आसानी से नहीं मिलती वे बैंक के नियमो को पूरा नहीं कर पाते इस कारण वे उद्योगों को बढ़ाने में असमर्थ होते है इसलिए मुद्रा बैंक योजना शुरू की जा रही हैं जिसका मुख्य लक्ष्य युवा पढ़े लिखे नौजवानों के हुनर को मजबूत धरातल देना हैं साथ ही महिलाओं को सशक्त बनाना हैं |

प्रधानमंत्री मुद्रा बैंक योजना की पात्रता  (Pradhan Mantri MUDRA Bank Yojana Eligibility):

मुद्रा योजना के तहत हर वो व्यक्ति जिसके नाम कोई कुटीर उद्योग हैं या किसी के साथ पार्टनरशीप के सही दस्तावेज हो या कोई छोटी सी लघु यूनिट हो वे इस मुद्रा बैंक योजना के तहत ऋण ले सकता हैं |

मुद्रा योजना के अंतर्गत लोन कैसे मिलेंगे?

अगर कोई भी भारतीय नागरिक मुद्रा लोन योजना के तहत लाभ उठाना चाहता है तो उसे निम्न प्रक्रियाओं का पालन करना होगा.

  • सबसे पहले ऋण प्राप्त करने को इच्छुक व्यक्ति को नजदीक के किसी बैंक में जाकर प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के लिए बैंक से संपर्क कर उनसे योजना का फॉर्म प्राप्त करना होगा.
  • फिर ऋण आवेदन फॉर्म को भरकर साथ में मांगे गए कागजातों और आपके द्वारा किए जाने वाले व्यवसाय या फिर आप जिस किसी नए व्यवसाय को शुरू करना चाहते हैं, उसका विस्तृत विवरण प्रस्तुत करना होगा.
  • इसके बाद बैंक द्वारा निर्धारित सभी औपचारिकताओं को पूरा करना होगा.
  • सभी औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद आपका ऋण मंजूर होगा और आपको उपलब्ध कराया जाएगा.

प्रधानमंत्री मुद्रा लोन प्राप्त करने के लिए आवश्यक दस्तावेज

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के अंतर्गत ऋण प्राप्त करने के इच्छुक आवेदक को अपने आवेदन के साथ निम्न दस्तावेजों को प्रस्तुत करना होगा –

  • पहचान के लिए पैन कार्ड, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आईडी कार्ड, पासपोर्ट में से किसी एक की स्व-सत्यापित प्रतिलिपि.
  • निवास प्रमाण के लिए वोटर आईडी कार्ड, आधार कार्ड, पासपोर्ट में से एक या फिर टेलिफ़ोन या बिजली का बिल की स्व-सत्यापित प्रतिलिपि.
  • अगर आवेदक अनुसूचित जाति/जनजाति या पिछड़ा वर्ग से है तो उसके प्रमाणपत्र की स्व-सत्यापित प्रतिलिपि.
  • व्यावसायिक इकाई से संबंधित लाइसेंस, पंजीकरण प्रमाणपत्र, स्वामित्व की पहचान आदि दस्तावेजों की प्रतिलिपि.
  • आवेदक के लिए यह भी जरूरी है कि वह किसी बैंक या वित्तीय संस्थान का डिफाल्टर न हो.
  • अगर आवेदक 2 लाख और उससे ऊपर के ऋण के लिए आवेदन करता है तो उसे अपने पिछले 2 साल की आयकर विवरणी (Income Tax Return) और तुलन चिट्ठे (Balance Sheet) की प्रतिलिपि को प्रस्तुत करना होगा. शिशु वर्ग के ऋण के लिए यह अनिवार्य नहीं है.
  • अगर आवेदक बड़े स्तर पर नया व्यवसाय शुरू करना चाहता है या फिर अपने वर्तमान व्यवसाय का विस्तार करना चाहता है तो उसे व्यवसाय से संबंधित परियोजना रिपोर्ट को प्रस्तुत करना होगा. इस रिपोर्ट से व्यवसाय के तकनीकी और आर्थिक पहलुओं की जांच की जा सकेगी.
  • आवेदक को चालू वित्त वर्ष के दौरान उसके इकाई द्वारा की गई बिक्री और मुनाफे-घाटे का ब्यौरा भी प्रस्तुत करना होगा.
  • अगर आवेदक कंपनी या साझेदारी फर्म है तो उससे संबंधित डीड या मेमोरेंडम की प्रतिलिपि प्रस्तुत करना होगा.
  • आवेदन के साथ आवेदक को अपना 2 फोटो संलग्न करना होगा. (अगर आवेदक कंपनी या साझेदारी फर्म है तो उसके सभी निदेशकों या फिर साझेदारों की 2-2 फोटो संलग्न करने होंगे.)

मुद्रा योजना के तहत लोन/ ऋण का प्रावधान 

मुद्रा लोन योजना के तहत ऋण लेने वालों को तीन वर्गों में वर्गीकृत किया गया है. इस वर्गीकरण का आधार व्यवसाय के विभिन्न चरण हैं – पहले चरण में, कारोबार शुरू करने वाले, दूसरे चरण में, मध्यम स्थिति में कारोबार को वित्तीय मजबूती प्रदान करने के लिए ऋण के तौर पर वित्त की तलाश और तीसरे चरण में वे हैं जो कारोबार को बढ़ाने के लिए अधिक पूंजी की की तलाश में हैं. इन तीनों वर्गों की जरूरतों को पूरा करने के लिए मुद्रा बैंक ने ऋण को निम्न तीन वर्गों में बांटा है –

  • शिशु लोन : इसके अंतर्गत 50 हजार रुपये तक के ऋण को रखा गया है.
  • किशोर लोन : इसके अंतर्गत 50 हजार से 5 लाख रुपये तक के ऋण को रखा गया है.
  • तरुण लोन : इसके अंतर्गत 5 लाख से 10 लाख रुपये तक के ऋण को निर्धारित किया गया है.

मुद्रा लोन योजना के तहत लाभ उठाने के लिए लगभग सभी प्रकार के व्यावसायिक इकाईयों, पेशेवरों और सेवा क्षेत्रों को शामिल किया गया है. इनमें छोटे दुकानदार, फल और सब्जी विक्रेता, रेहड़ी वाले, हेयर कटिंग सैलून, ब्यूटी पार्लर, हौकर, साइकिल-बाइक-कार रिपेयर करने वाले, ट्रांसपोर्टर, ट्रक ऑपरेटर, मशीन ऑपरेटर, दस्तकार, शिल्पी, पेंटर, खाद्य प्रसंस्करण वाली इकाईयां, रेस्तरां, सहकारी संस्थाएं, स्वयं सहायता समूह, लघु और कुटीर उद्दयोग आदि शामिल हैं.

मुद्रा लोन  द्वारा भविष्य में प्रस्तुत किए जाने वाले उत्पाद व योजनाएं

  • मुद्रा कार्ड
  • निवेश ऋण गारंटी
  • ऋण सीमा में बढ़ोतरी
  • लाभार्थियों को आधार डाटाबेस और जनधन खाते से जोड़ना
  • ऋण ब्यूरो की स्थापना
  • मिक्स मार्किट जैसी संस्थाओं का विकास

मुद्रा योजना के लाभ 

  • इस योजना के कारण छोटे व्यापारियों का हौसला बढेगा जिससे देश का आर्थिक विकास होगा |
  • इस योजना के कारण पढ़े लिखे नौ जवानो को रोजगार मिलेगा और उनका हुनर भी निखर कर सामने आएगा |
  • बड़े उद्योग केवल सवा करोड़ लोगो को रोजगार देते हैं लेकिन कुटीर उद्योग 12 करोड़ लोगो को |
  • ऐसे उद्योगों को बढ़ावा देने से देश का पैसा देश में ही रहेगा और आर्थिक विकास होगा |
  • नयी नयी गतिविधियों का संचार होगा |
  • छोटे व्यापारियों का आत्मविश्वास बढ़ेगा जिससे प्रतियोगिता की भावना उत्पन्न होगी जो कि उनकी उन्नति में सहायक होगा |
  • देश का विकास अमीरों के विकास से नहीं अपितु गरीबो के विकास से होता हैं अत : इस दिशा में मुद्रा बैंक योजना एक अहम् फैसला हैं |

मुद्रा बैंक योजना की सोच बांग्लादेश देश के प्रोफ़ेसर युनूस की हैं जिसे उन्होंने वर्ष 2006 में लागु किया था जिससे कुटीर उद्योग का विकास हुआ जिसके बाद अन्तराष्ट्रीय स्तर पर युनूस सहाब की प्रशंसा की गई |

अब वर्ष 2015 में मुद्रा बैंक योजना देश में लागु की गई हैं भारी त्रासदी के बाद देश को स्थिर करने के लिए कई योजनाये लागु की गई हैं जिनमे अहम् हैं :

क्रमांक योजना का नाम
1 प्रधानमंत्री मुद्रा योजना
2 राष्ट्रीय निवेश और इन्फ्रास्ट्रक्चर फण्ड
3 स्व-रोजगार और प्रतिभा उपयोगिता
4 वन बंधू कल्याण योजना
5 प्रधानमंत्री कृषि सिचाई योजना
6 प्रवासी कौशल विकास योजना
7 परम्परागत कृषि विकास योजना
8 राष्ट्रीय स्वास्थ बीमा योजना
9 कोशन विकास योजना
10 अटल योजना
11 प्रधानमंत्री जन धन योजना
12 सुकन्या समृधि योजना
13 बेटी बचाओ, बेटी पढाओ
14 नयी मंजिल योजना

एस बी आई द्वारा मुद्रा लोन की जानकारी (SBI Bank Gives Mudra Loans Details )

स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया (SBI) भारत का सबसे बड़ा बैंक है।  यह बैंक अब मुद्रा लोन देने लगा है।  अभी अभी SBI ने पश्चिम बंगाल में  करीब 80 छोटे छोटे उद्योग चलाने वाली महिलाओं को शिशु लोन दिया है।  आप भी अपने नज़दीकी SBI में जा कर इस योजना की जानकारी ले।  SBI से लोन लेना सब से कठिन माना  जाता है क्यूकि  वो पूरी जांच पड़ताल कर लेने के बाद ही लोन देते है।  इसलिए SBI जाने के पहले अपने सारे दस्तावेज़ साथ ले जाना ना भूले।

अंततः कहा जा सकता है कि मुद्रा बैंक योजना देश के युवा वर्ग, पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के लिए वह समान अवसर है जिसके माध्यम से वह न केवल अपनी योग्यता साबित कर सकते हैं बल्कि अपने जीवन में सुधार के साथ-साथ देश के आर्थिक विकास में भी सक्रिय योगदान दे सकते हैं. इस योजना के संबंध में यह भी कहा जा रहा है कि अगर यह योजना सफल होती है और अपने लक्ष्य को भेद लेती है तो दुनिया के सामने एक सक्सेस स्टोरी के तौर पर स्थापित हो जाएगी.

Updates 

30/04/2018

इस योजना के तहत अब तक करीब 10 लाख लोगो लोन मिल चूका है।

14/6/2019

लेटेस्ट रिपोर्ट के अनुसार, इस योजना ने अधिकतम 3.49 करोड़ नये व्यापारियों की मदद की है. इस योजना के तहत इसकी शुरुआत से आज तक, 12.27 करोड़ क्रेडिट मंजूर किये गये हैं. एक रिपोर्ट से यह भी पता चला है कि जुलाई 2018 तक, इस प्रोग्राम ने अधिकतम 61.12 करोड़ प्राप्तकर्ताओं को क्रेडिट की पेशकश की है.

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