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अधिभोग एवं समापन प्रमाण पत्र क्या है और इसका महत्व और प्राप्त करने का तरीका | Possession or Occupancy and Completion Certificate meaning importance and receiving process in hindi

Possession letter or Occupancy and Completion Certificate meaning, importance and receiving process in hindi नई हाउसिंग प्रॉपर्टी खरीदते समय ग्राहक को अपने सभी दस्तावेज़ सही तरह से बनाने और अपडेट रखने ज़रूरी है. ये पेपर इस बात का प्रमाण होते हैं कि आप जिस बिल्डिंग अथवा फ्लैट में रहने वाले हैं, उसका निर्माण कानूनी रूप से सही तरह से हुआ है. इस दस्तावेज़ों पर ध्यान न देने से कालांतर में कई मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है. अधिभोग और समापन ऐसे ही दस्तावेज़ हैं. इनके बारे में यहाँ विस्तार से बताया गया है. प्रॉपर्टी खरीदने के लिए ध्यान में रखने योग्य बातें यहाँ पढ़ें.  

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अधिभोग एवं समापन प्रमाण पत्र क्या है और इसका महत्व और प्राप्त करने का तरीका

Possession or Occupancy and Completion Certificate importance,receiving process in hindi

अधिभोग प्रमाण पत्र क्या है (What is Occupancy Certificate)

किसी बिल्डिंग के लिए अधिभोग प्रमाण (ओसी) बहुत आवश्यक दस्तावेज़ है. अधिभोग प्रमाण (ओसी) इन सभी बातों का प्रमाण होता है कि बिल्डिंग सभी आवश्यक शर्तों को मान कर बनायी गयी है. नवनिर्मित बिल्डिंग को बनाते समय सभी लोकल नियमों का पालन किया गया है और बिल्डिंग रहने के लिए सुरक्षित है. इस सभी बातों का प्रमाण इस सर्टिफिकेट में निहित होता है. यदि आप नया फ्लैट ख़रीद रहे हैं, तो खरीदते समय इस सर्टिफिकेट को लेना न भूलें. ये सर्टिफिकेट लोकल प्लानिंग ऑथोरिटी द्वारा जारी किया जाता है. किसी बिल्डिंग के लिए ओसी बनने के पहले बिल्डिंग की हर तरह से जांच होती है, मसलन बिल्डिंग रेगुलेशन, उपयोगिता का आधार आदि देखने के बाद ही ओसी ज़ारी किया जाता है. इस प्रमाण पत्र को कब्ज़ा प्रमाण पत्र या पोसेशन सर्टिफिकेट भी कहा जाता है.     

अधिभोग प्रमाण पत्र का महत्व (Possession or Occupancy Certificate importance)

देश के कई महानगरों में अपने फ्लैट के लिए ओसी प्राप्त करना अनिवार्य हो गया है. कानूनी तौर पर यदि आपके पास ओसी नहीं है, तो आप निम्न सुविधाएँ अपने फ्लैट के लिए हासिल नहीं कर सकते हैं,

  • ओसी प्राप्त होने से बहुत आसानी से होम लोन की सुविधा प्राप्त होती है.
  • अपने बिल्डिंग के लिए इलेक्ट्रिक कनेक्शन लेते समय इसकी आवश्यकता पड़ती है.
  • साथ ही बिल्डिंग के लिए वाटर कनेक्शन लेने पर भी इसकी आवश्यकता होती है.
  • सैनिटेशन कनेक्शन के लिए ओसी ज़रूरी है.
  • नए फ़्लैट के लिए खाता सर्टिफिकेट पाने के लिए ओसी की आवश्यकता होती है.

अधिभोग प्रमाण पत्र कैसे प्राप्त करें (How to get Possession letter or Occupancy Certificate)

ओसी प्राप्त करने के लिए मुख्यतः बिल्डिंग के बिल्डर को इसके लिए आवेदन पत्र जमा कराना होता है. कानूनी तौर पर किसी बिल्डिंग के बन के तैयार हो जाने के 30 दिन के अन्दर ये आवेदन जमा देना होता है. जमा दिए गये जगह से भी 30 दिन में इस बात की जानकारी मिलेगी कि उनका आवेदन एक्सेप्ट किया गया है या ख़ारिज हो गया है. खरीदारों को चाहिये कि वो अपने खरीदे गये फ्लैट में प्रवेश करने से पहले ओसी ले ले. 

अधिभोग प्रमाण पत्र के लिए आवश्यक दस्तावेज (Occupancy Certificate requirements)

ओसी प्राप्त करने के लिए कुछ आवश्यक दस्तावेज़ तैयार करने होते हैं. इस दस्तावेज़ो में मुख्यत है-

  • बिल्डिंग प्लान अप्रूवल की एक प्रति
  • बिल्डिंग कम्मेस्मेंट सर्टिफिकेट
  • बिल्डिंग कम्पलीशन सर्टिफिकेट
  • तात्कालिक टैक्स की रसीद
  • पोल्यूशन बोर्ड की तरफ़ से एनओसी सर्टिफिकेट
  • बिल्डिंग की फोटो
  • वर्षा जल संचयन और सौर पैनलों के फोटो
  • आर्किटेक द्वारा हस्ताक्षरित फर्श के क्षेत्र गणना शीट
  • फायर फ़ोर्स से कोई आपत्ति नहीं है का प्रमाण पत्र.

इन सभी दस्तावेज़ों को जमा कर देने के बाद लोकल सिविल बॉडी की तरफ से जांच होगी और ओसी जारी किया जाएगा. यदि इस योजना में 5% तक विचलन हो, तो विचलन की सीमा के आधार पर जुर्माना लगाया जायेगा. यह भरने के बाद ओसी जारी किया जायेगा.

बिल्डिंग कम्पलीशन या समापन सर्टिफिकेट क्या है (What is building Completion Certificate)

किसी बिल्डिंग का निर्माण कार्य पूरा हो जाने पर बिल्डर को कम्पलीशन सर्टिफिकेट लेना होता है. ये सर्टिफिकेट भी लोकल अथॉरिटी द्वारा ही जारी किया जाता है. यदि बिल्डिंग का निर्माण बिल्डिंग अप्प्रूवल प्लान के मद्देनज़र हुआ है साथ ही यदि बिल्डिंग अपने आस- पास के वातावरण, रास्ते आदि के अनुकूल एक सही ऊंचाई तक निर्मित हुई है, तो जांच के बाद ये लोकल अथॉरिटी बिल्डिंग कम्पलीशन सर्टिफिकेट जारी कर देगी.   

कम्पलीशन सर्टिफिकेट का महत्व (Completion Certificate importance)

कम्पलीशन सर्टिफिकेट अर्थात समापन प्रमाण पत्र यह वह प्रमाण पत्र है जो कि घर के निर्माण का कार्य के पूरा होने के बाद स्थानीय विकास और नगरपालिका के अधिकारियों द्वारा दिया जाता है. यह एक महत्वपूर्ण और अनिवार्य क़ानूनी दस्तावेज़ है.

  • यह निर्माण कार्य सामूहिक आवास सामजिक गठन के रूप में बने आपर्टमेंट का कार्य जब समाप्त हो जाता है तब उस घर या बिल्डिंग अपार्टमेंट में जो आवश्यक मूलभुत बुनियादी सुविधाएँ है उन्हें प्राप्त करने के लिए इस प्रमाण पत्र की महत्वता बढ़ जाती है.
  • इस प्रमाण पत्र के माध्यम से यह पता चलता है कि जो राज्य के नियमों के अनुसार बिल्डिंग का निर्माण कार्य हुआ है तो वह सिटी डेवलपमेंट अथॉरिटी के द्वारा इसको मंजूरी दी गयी है.
  • अगर ये प्रमाण पत्र आपके पास न रहे तो डीलर आपको या अपार्टमेंट्स के निवासीयों को घर से बेदख़ल कर देने की धमकी दे सकता है. साथ ही वहा के सिटी इंजिनियरिंग विभाग आप को सम्पतियों के कर का भुगतान न करने के वजह से दंडित कर सकते है.

कम्पलीशन सर्टिफिकेट प्राप्त करने के लिए आवश्यक दस्तावेज (Completion Certificate requirements)

कम्पलीशन सर्टिफिकेट प्राप्त करने के लिए निम्न दस्तावेज की जरूरत होती है- 

  • बिल्डिंग निर्माता को बिल्डिंग के प्लान,
  • जमीन की पहचान,
  • स्थान का लोकेशन,
  • ईमारत सुरक्षा के सभी मानकों को जारी करता हुआ प्रमाण,
  • सड़क से दुरी,
  • आस पास के भवनों के दूरी,

इसके अलावा उचाई के साथ ही और भी मानदंड है इन सब विवरणों के साथ प्रमाण पत्र, कम्पलीशन सर्टिफिकेट के लिए आवश्यक है. ये सभी दस्तावेज़ अगर रहे तो नगरपालिका अधिकारी समापन प्रमाण पत्र जारी करता है.

कम्पलीशन सर्टिफिकेट प्राप्त कैसे करें (How to get Completion Certificate)

एक बार निर्माण कार्य पूरा हो जाने के बाद स्थानीय प्राधिकरण के द्वारा जो बिल्डिंग प्लान या उससे सम्बंधित योजना की जानकारी दी गयी है, उसका निरीक्षण किया जाता है और जब प्राधिकरण पूरी तरह से संतुष्ट हो जाता है तो फिर वह प्रमाण पत्र प्रदान करता है. इसके बाद बिल्डर पानी बिजली जैसी सुविधाओं के लिए कम्पलीशन सर्टिफिकेट के साथ बिल्डिंग प्रोजेक्ट के कागजात को विभाग को सौपता है. अगर कार्य निर्माण बाकि है तो विभाग के द्वारा अस्थाई तौर पर समापन प्रमाण पत्र बिल्डर को जारी किया जाता है. किसी भी भवन के लिए ये आवश्यक दस्तावेज है. डिजिटल इंडिया प्रोजेक्ट यहाँ पढ़ें.    

यदि ओसी न हो तो (Without Occupancy Certificate)

यदि ओसी न हो, तो फ्लैट के मालिक का मालिकाना हक़ छिन सकता है. क़ानून के अनुसार किसी भी फ्लेट में रहने के लिए जाने से पहले फ्लैट का ओसी लेना अनिवार्य है. ओसी न होने पर बिल्डिंग को म्युनिसिपल सेवाओं का लाभ उठाने में परेशानी हो सकती है. बिल्डिंग की इलेक्ट्रिक कनेक्शन और वाटर सप्लाई किसी भी वक़्त काटी जा सकती है. यदि आपके बिल्डिंग का बिल्डर का ओसी पाने से पहले ही देहांत हो जाता है, तो पूरी सोसाइटी मिल के इसके लिए आवेदन दे सकती है और इसके लिए अतिरिक्त पेनाल्टी देने की आवश्यकता पड़ सकती है. यदि बिल्डिंग 20 से 25 साल पुरानी हो, तो बग़ैर ओसी के होम लोन पाया जा सकता है.

अधिभोग और समापन सर्टिफिकेट के लिए कुछ विशेष बातें (Occupancy Certificate vs Completion Certificate)

ओसी प्राप्त करने में समय लगता है. अक्सर ऐसा देखा गया है कि बिल्डर एक बार बिल्डिंग बन जाने के बाद ग्राहकों को ओसी की जगह कम्पलीशन सर्टिफिकेट देता है और उसे ओसी जितना ही महत्वपूर्ण बताता है. किन्तु ये सच नहीं है, यदि आप अपना फ्लैट खरीदते हैं, तो बिल्डर से कम्पलीशन सर्टिफिकेट के साथ ओसी सर्टिफिकेट यानि अधिभोग प्रमाण पत्र की भी मांग करें. अतः नयी जगह पर नए फ्लैट्स लेते वक़्त इस बात का ख़ासा ध्यान रखे कि आपको आपके फ्लैट की ओसी दी जा रही है या नहीं. हाल ही में कई ऐसी घटनाएँ हुई हैं, जहाँ ओसी न होने की वजह से फ्लैट के मालिकों को कई दिक्क़तों का सामना करना पड़ा है.

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Ankita

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अंकिता दीपावली की डिजाईन, डेवलपमेंट और आर्टिकल के सर्च इंजन की विशेषग्य है| ये इस साईट की एडमिन है| इनको वेबसाइट ऑप्टिमाइज़ और कभी कभी आर्टिकल लिखना पसंद है|
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