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प्रशांत किशोर कौन हैं जीवन परिचय Prashant Kishor biography in Hindi (wife, age, education)

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प्रशांत किशोर बायोग्राफी जीवन परिचय, जीवनी (जन्म तारिक, जन्म स्थान, शिक्षा, राजनीतिक करियर, पिता का नाम, पत्नी का नाम, पेशा, नेट वर्थ , चुनाव, नरेंद्र मोदी से मुलाक़ात,लेटैस्ट न्यूज़, फीस ) Prashant Kishore Biography (date of birth, age, birth place, education, politician party, politics career, father name, wife, profession, position, meeting with narendra modi, latest news)

भारतीय राजनीतिक रणनीतिकार और चुनावी दुनिया के जादूगर कहे जाने वाले प्रशांत किशोर के बारे में आज कल काफी चर्चाए हो रही है। चर्चा इस बात पर की प्रशांत किशोर ने कांग्रेस में शामिल होने के प्रस्ताव को ठुकरा दिया। इसी को लेकर सोशल मीडिया पर प्रशांत किशोर से जुड़ी चीजें काफी तेजी से वायरल हो रही हैं। हर कोई सवाल कर रहा है आखिर प्रशांत किशोर ने ऐसा क्यों किया। लेकिन आज हम आपको सियासी दुनिया की इस चर्चा के बारे में नहीं बल्कि प्रशांत किशोर के जीवन के बारे में बताएंगे। जिसके बाद आपको ये पता चलेगा कि, वो कैसे बने रणनीतिकार। चलिए जानते हैं उनके जीवन के कुछ जरूरी तथ्य।

प्रशांत किशोर का जीवन परिचय

नामप्रशांत किशोर
जन्म20 मार्च 1977
जन्म स्थानबक्सर, बिहार
शिक्षाइंजीनियरिंग
पिता का नामश्रीकांत पांडे
पत्नी का नामजाह्नवी दास
पेशाराजनीतिक रणनीतिकार, राजनीतिक सलाहकार, राजनीतिज्ञ
राजनीतिक शुरूआत2011 में बीजेपी में शामिल होना
संपत्तिकरीबन 37 करोड़

प्रशांत किशोर का जन्म रोहतास जिल के कोनार गांव में 20 मार्च 1977 को हुआ। उनके जन्म के तुरंत बाद उनके पिता उन्हें बक्सर लेकर चले गए। जिसके बाद उनकी प्रारंभिक शिक्षा बक्सर में पुरी हुई। इसके बाद वो इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने हैदराबाद चले गए। उनके पिता श्रीकांत पांडे बिहार सरकार में डॉक्टर हैं। उनकी मां बलिया की रहने वाली हैं। उनकी पत्नी जाह्नवी दास पेशे से डॉक्टर हैं। डॉक्टर का घर होने के बाद भी उन्हें उसमें दिलचस्पी नहीं थी। इसलिए वो भारतीय राजनीति में आ गए। जिसके लिए उन्होंने सबसे पहले संयुक्त राष्ट्र में एख सार्वजनिक स्वास्थय विशेषज्ञ के रूप में काम किया।

प्रशांत किशोर का करियर

  • अपनी ग्रेजुएशन खत्म करने के बाद उन्होंने बतौर स्पेशिलिस्ट संयुक्त राष्ट्र के लिए अपना योगदान दिया।
  • उसके बाद उनकी पहली पोस्टिंग की गई आंध्र प्रदेश और हैदराबाद वहां काम करने के बाद उन्हें पोलियो उन्मूलन कार्यक्रम के लिए बिहार भेज दिया गया।
  • जब उन्हें बिहार भेजा गया। उस समय राबड़ी देवी सीएम थी। जिसके बाद उन्हें संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में उन्हें काम दिया गया।
  • लेकिन संयुक्त राज्य अमेरिका में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में काम करने में उन्हें कुछ मजा नहीं आया। इसलिए उन्हें फील्ड वर्क के लिए भेज दिया गया।
  • इसके 6 महीने बाद उन्हें चाड में डिवीजन हेड की पोजिशन दी गई। जहां उन्होंने करीबन 4 साल तक काम किया।

प्रशांत किशोर का राजनीतिक करियर

  • प्रशांत किशोर को कुछ समय तक कोई नहीं जानता था। किसी को ये भी नहीं पता था कि, राजनीति में आया ये शख्स कौन है।
  • लेकिन जैसे ही 2014 में बीजेपी की सरकार केंद्र में आई। उसके साथ ही उनकी पहचान भी लोगों के सामने आ गई।
  • अफ्रीका से संयुक्त राष्ट्र में अपनी नौकरी छोड़ 2011 में ही उन्होंने नरेंद्र मोदी की पार्टी को ज्वाइन कर लिया।
  • जिसके बाद वो नरेंद्र मोदी के चुनावी रणनीतिकार बन गए।

नरेंद्र मोदी से कैसे हुई मुलाकात

  • चाड में अपना काम पूरा करने और जिनेवा में शिफ्ट होने के बाद उन्होंने  ‘भारत के समृद्ध उच्च विकास वाले राज्यों में कुपोषण’ के बारे में एक लेख लिखा, जिसमें 4 राज्यों की तुलना की गई थी।
  • इस लेख में सबसे नीचे नाम था गुजरात का। जिसके बाद प्रशांत किशोर के पास सीए ऑफिस से फोन आया और उनसे पूछा गया कि, आप इतने आलोचक क्यों हैं।
  • बस इसी चर्चा से जुड़ गया पीएम मोदी और प्रशांत किशोर का साथ। इसके बाद वो इनके साथ जुड़े और उन्होंने देश के लिए बेहतर काम करने की रणनीति तैयार की।

प्रशांत किशोर के चुनावी अभियान

  • प्रशांत किशोर का सबसे पहला और सबसे बड़ा चुनावी अभियान गुजरात के सीएम नरेंद्र मोदी को विधानसभा सीट के लिए मदद करना था।
  • 2014 में उन्होंने बीजेपी की मदद लोकसभा सीट जीतने के लिए की। जिसके बाद पार्टी पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में आई।
  • जिसके बाद वो विज्ञापन अभियान, चाय पे चर्चा, 3 डी रैलियां, रन फॉर यूनिटी, मंथन और सोशल मीडिया कार्यक्रम शामिल हुए।
  • 2015 में बीजेपी को बिहार में जीत दिलाने में भी प्रशांत किशोर का सबसे महत्वपूर्ण कदम रहा है।
  • उन्होंने 2017 में पंजाब विधानसभा में कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार कैप्टन अमरिंदर सिंह की मदद की। जिसके बाद वो सीएम बने।
  • जिसके बाद उन्हें कांग्रेस पार्टी में नियुक्त किया गया। लेकिन वो काम नहीं किया और पार्टी हार गई।
  • 2019 में उन्हें वाईएस जगनमोहन रेड्डी के राजनीतिक सलाहकार के रूप में नियुक्त किया गया था। जिसके बाद उन्होंने पार्टी की छवि ही बदल दी और भारी बहुमत के साथ पार्टी ने जीत हासिल की।
  • 2020 में वो बतौर आम आदमी पार्टी के राणनीतिकार बने। जिसके बाद दिल्ली विधानसभा में पार्टी ने जीत हासिल की।
  • 2021 में उन्हें अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस के सलाहकार के रूप में नियुक्त किया गया था। पार्टी ने इस बार भारी बहुमत से जीत हासिल की।
  • 2021 में उनकी नियुक्ती तमिलनाडु विधान सभा चुनाव के लिए की गई। जिस पार्टी के वो रणनीतिकार बने वो पार्टी भारी बहुमत से जीत गई।
  • 2021 में तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के बाद उन्होंने घोषणा की, मैं अब चुनावी रणनीतिकार से इस्तीफा ले रहा हूं।
  • एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा की, अब मुझे विश्राम चाहिए। इसलिए मैं इसको छोड़ रहा हूं।

प्रशांत किशोर का क्या है ताजा मुद्दा

प्रशांत किशोर को कांग्रेस ने पार्टी में शामिल होने का प्रस्ताव दिया था। जिसको उन्होंने मना कर दिया है। दरअसल ये प्रस्ताव उन्हें 2024 के चुनाव के लिए दिया गया था।

FAQ

Q- कौन हैं प्रशांत किशोर?

Ans- प्रशांत किशो एक भारतीय राणनीतिकार और चुनावी जादूगर हैं।

Q- प्रशांत किशोर ने किस पार्टी के प्रस्ताव को किया मना?

Ans- प्रशांत किशोर ने हाल ही में दिए कांग्रेस पार्टी के प्रस्ताव से किया इनकार।

Q- प्रशांत किशोर की राजनीतिक करियर की कब हुई शुरूआत?

Ans- 2011 में गुजरात से हुई राजनीतिक करियर की शुरूआत। नरेंद्र मोदी के साथ किया काम।

Q- कब दिया प्रशांत किशोर ने इस्तीफा?

Ans- 2021 में दिया प्रशांत किशोर ने इस्तीफा।

Q- प्रशांत किशोर की कितनी है कुल संपत्ति?

Ans- प्रशांत किशोर की कुल संपत्ति है 37 करोड़ से भी ज्यादा।

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