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प्रधान मंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY)

प्रधानमंत्री मातृ (मातृत्व) वंदना योजना | Pradhan Mantri Matritva (Matru) Vandana Yojana in Hindi (PMMVY) 2018 (6000 rs Financial Aid)

कुछ साल पहले कांग्रेस की सरकार जब सत्ता पर विराजमान थी, तब उन्होंने गर्भवती महिलाओं को वित्तीय सहायता देने के लिए ‘इंदिरा गाँधी मातृत्व सहयोग योजना’ की शुरुआत की थी. किन्तु उसे श्री नरेंद्र मोदी जी के सत्ता में आने के साथ ही ‘प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना’ का नाम दे कर संशोधित कर फिर से शुरू किया गया. इस योजना को मातृत्व लाभ प्रोग्राम भी कहा जाता है. इसके तहत उन महिलाओं को सहायता दी जाती है, जो गर्भवती हैं.        

योजना के लांच की जानकारी  (Launch Details)

क्र. म. (s.No.)योजना की जानकारी बिंदु (Scheme Information Points)योजना की जानकारी (Scheme Information)
1.योजना का नाम (Scheme Name)प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना
2.योजना की घोषणा (Scheme Announced In)सन 2016 में
3.योजना का लांच (Scheme Launched By)प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा
4.योजना की अधिकारिक तौर पर शुरुआत (Scheme Official Started In)जनवरी, सन 2017 से
5.योजना की देखरेख (Scheme Supervised By)महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा
6.अधिकारिक वेबसाइट (Official Website)pmmvy-cas.nic.in
7.Scheme Benefit (Financial assistance)6000 /-

 

 

Pradhan Mantri Matritva Vandana Yojana

मातृत्व वंदना योजना का उद्देश्य (Matritva vandana yojana Aim)

मातृ वंदना योजना का मुख्य उद्देश्य गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की देखभाल के साथ ही बच्चे की भी बेहतरीन स्वास्थ्य के साथ गर्भवती महिला का सुरक्षित तौर पर प्रसव कराना है.

 योजना में दी जाने वाली किस्तें (PMMVY Instalments Details)

केंद्र सरकार द्वारा इस योजना के अंतर्गत दिए जाने वाले पैसे योग्य महिलाओं को 3 अलग अलग किस्तों में प्रदान किये जायेंगे.

  • पहली क़िस्त :- जब कोई गर्भवती महिला या तुरंत के पैदा हुए बच्चे की माता ने किसी आंगनवाड़ी या हेल्थकेयर सेंटर में अपना पंजीकरण किया हो, तब वे 1000 रूपये की पहली क़िस्त प्राप्त कर सकेंगी.
  • दूसरी क़िस्त :- किसी नवजात शिशु की प्रगति की जाँच करने के लिए किसी भी एंटी – नेटल परीक्षाओं का चयन करना बहुत महत्वपूर्ण होता है. जब कोई महिला अपने पहले एंटी – नेटल चेकअप के लिए जाती हैं, तो उन्हें 2000 रूपये की दूसरी क़िस्त उनके बैंक अकाउंट में स्थानांतरित कर दी जाती है. इसके लिए लगभग 6 महीने की गर्भवस्था के बाद दावा किया जा सकता है.
  • तीसरी क़िस्त :- जब बच्चे का जन्म हो जाता है, वह स्वस्थ रहता है और हेल्थ केयर सेंटर द्वारा उसका जन्म रजिस्टर्ड हो जाता है. तो उन्हें अंतिम 2000 रूपये की क़िस्त प्रदान की जाती है.

अतः इसके अलावा सभी उम्मीदवार जननी सुरक्षा योजना के तहत भी सहायता प्राप्त करने के लिए सक्षम होंगे. इसके ड्राफ्ट में यह उल्लेख किया गया है कि कोई उम्मीदवार जो किसी हेल्थकेयर सेंटर या अस्पताल में बच्चे को जन्म देने का विकल्प चुनता है तो उन्हें अतिरिक्त वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी. इस तरह से सभी उम्मीवारों को लगभग 6000 रूपये प्राप्त हो सकेंगे.

योजना के लाभार्थियों की जानकारी (PMMVY Beneficiaries Details)

  • इस योजना के तहत केन्द्रीय सरकार उन गरीब एवं पिछड़े वर्ग की गर्भवती महिलाओं की सहायता करना चाहती है, जोकि ग्रामीण, तहसील के साथ – साथ शहरी इलाकों में रहती हैं.
  • यदि किसी उम्मीदवार के पास खुद के खर्च करने की क्षमता है या वे राज्य या केंद्र सरकार के किसी विभाग के साथ पेशेवर कारणों से जुड़े हुए हैं, तो उन्हें इस योजना के तहत रजिस्टर करने की अनुमति नहीं दी गई है.
  • वह महिला जिसने 1 जनवरी 2017 को या उसके बाद किसी बच्चे को जन्म दिया हो. इसके लिए पात्र है. गर्भावस्था की स्थिति की जाँच एवं पुष्टि उनके अंतिम मासिक चक्र की अवधि के अनुसार की जाएगी. और केवल उन्हें इस योजना की सहायता प्रदान की जाएगी.
  • सभी रजिस्टर्ड उम्मीदवारों को इस योजना के तहत केवल एक बार वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी. यदि किसी महिला ने पहली क़िस्त प्राप्त कर ली हो और उसके बाद किसी कारण से उसने अपने बच्चे को खो दिया हो, तो वे अपनी अगली गर्भवस्था के दौरान दूसरी और तीसरी क़िस्त प्राप्त कर सकती हैं. यह तुरंत के पैदा हुए बच्चे पर भी लागू होता है.

पहली क़िस्त के लिए पंजीकरण (Registration For First Installment)

इस योजना के क्रियान्वयन के लिए आंगनवाड़ी सेंटर एवं चिकित्सा हेल्थ केयर क्लिनिक की भूमिका होती है. राज्य या केंद्र सरकार इनमें से किसी एक का चयन कर सकते है. कोई भी इच्छुक उम्मीदवार इनमें से किसी भी सेंटर में जाकर आवेदन फॉर्म प्राप्त कर उसे भर सकते हैं. किन्तु जिस सेंटर से आवेदन फॉर्म प्राप्त किया गया है उसी सेंटर में उसे जमा भी करना होगा. पहली क़िस्त के पंजीकरण के लिए उम्मीदवारों को फॉर्म 1-ए को भरना होगा.

दूसरी क़िस्त के लिए पंजीकरण (Registration For Second Installment)

दूसरी क़िस्त के लिए उम्मीदवार आंगनवाड़ी सेंटर या चिकित्सा हेल्थ केयर क्लिनिक से फॉर्म 1-बी को प्राप्त कर सकते हैं. उसे सम्बंधित सभी दस्तावेजों के साथ भर कर उसी सेंटर में जमा करना होगा. इससे उनका दूसरी क़िस्त के लिए पंजीकरण हो जायेगा.

तीसरी क़िस्त के लिए पंजीकरण (Registration For Third Installment)

तीसरी क़िस्त प्राप्त करने के लिए उम्मीदवारों को फॉर्म 1-सी को भरना होगा. इसे भी आप अपने पास के आंगनवाड़ी सेंटर या चिकित्सा हेल्थ केयर क्लिनिक से प्राप्त कर सकते हैं. एक बार आवेदक सही जगह पर अपने आवेदन फॉर्म जमा कर दे, इसके बाद अधिकारीयों द्वारा सभी जानकारी की जाँच कर उनका आवश्यक वेरिफिकेशन किया जाता है.

पहली क़िस्त के लिए क्लेम कैसे करें (How to Claim For First Installment)

फॉर्म 1-ए को भरना, पहली क़िस्त के लिए क्लेम करने की प्रक्रिया की शुरुआत है. इसके लिए क्लेम करने की प्रक्रिया इस प्रकार है –

  • पहला आवेदन फॉर्म उम्मीदवार के आखिरी मासिक चक्र के अनुभव करने के बाद 150 दिनों की अवधि के अंदर जमा करना होगा. फॉर्म में तारीख दी हुई होगी. साथ ही अन्य आवश्यक दस्तावेज भी फॉर्म के साथ अटैच होने चाहिए.
  • एक बार उम्मीदवार आंगनवाड़ी सेंटर या हेल्थकेयर सेंटर में आवेदन फॉर्म जमा कर दे, फिर फॉर्म को सुपरवाइजर या एएनएम के कार्यालय में वेरिफिकेशन के लिए भेजा जाता है. वेरिफिकेशन की प्रक्रिया तुरंत शुरू हो जाती है.
  • इसके बाद इसे यहाँ से ब्लॉक लेवल पर हेल्थ ऑफिसर या सीडीपीओ के ऑफिस में भेजा जाता है. यहाँ इसकी जाँच की जाती है और फिर साप्ताहिक रिपोर्ट जमा की जाती है.
  • जब सभी वेरिफिकेशन पूरा हो जाता है, तो सम्बंधित अधिकारी उम्मीदवार के खाते में पैसे जमा कर देते है. इस पूरी प्रक्रिया में 30 दिनों का समय लगता है, जिसके बाद उम्मीदवार को पहली क़िस्त के पैसे प्राप्त हो जाते है.

दूसरी क़िस्त के लिए क्लेम कैसे करें (How to Claim For Second Installment)

पहले फॉर्म की तरह ही, फॉर्म 1-बी को भी आंगनवाड़ी या हेल्थकेयर सेंटर में जमा करने के साथ दूसरी क़िस्त के लिए क्लैमिंग प्रक्रिया शुरू होती है. इसके लिए सबसे जरूरी गर्भावस्था से जुड़े सभी दस्तावेजों को फॉर्म के साथ अटैच करना होता है. इसकी वेरिफिकेशन की प्रक्रिया फॉर्म 1-ए के समान ही है. यह प्रक्रिया फॉर्म 1-बी के जमा करने के तुरंत बाद 30 दिनों के अंदर पूरी की जाती है. इसके बाद लाभार्थी को दूसरी क़िस्त प्रदान की जाती है.

तीसरी क़िस्त के लिए क्लेम कैसे करें (How to Claim For Third Installment)

तीसरी क़िस्त के लिए क्लेम करने की प्रक्रिया भी पहली और दूसरी क़िस्त की तरह ही है. इसके लिए पैसे प्राप्त करने के लिए फॉर्म 1-सी प्रमुख पंजीकरण है, और इसके साथ सभी आवश्यक दस्तावेज एवं एंटी – नेटल चेकअप का टेस्ट रिजल्ट होना चाहिए. साथ ही फॉर्म में रजिस्टर्ड उम्मीदवार के पति का आधार कोड भी होना चाहिए. यह प्रक्रिया भी 30 दिनों में पूरी होती है और फिर तीसरी क़िस्त लाभार्थी को दी जाती है.

योजना की भुगतान प्रक्रिया (PMMVY Payment Procedure)

  • यह पहले ही उल्लेख किया गया है कि दी जाने वाली राशि रजिस्टर्ड उम्मीदवार के बैंक अकाउंट में जमा की जाएगी. केंद्र और राज्य सरकार द्वारा किसी प्रकार से कैश में भुगतान नहीं किया जायेगा.
  • अनुदान भेजने के लिए आखिरी कदम राज्य नोडल अधिकारी का होगा. अधिकारी उन उम्मीदवारों को किस्तों के पैसे प्रदान करेंगे, जिनका नाम सीडीपीओ या ब्लॉक लेवल हेल्थ ऑफिसर द्वारा भेजी गई सूची में शामिल हो.
  • इस योजना में दी जाने वाली राशि रजिस्टर्ड उम्मीदवार के अकाउंट में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रान्सफर के माध्यम से भेजी जाएगी. इसके लिए रजिस्टर्ड उम्मीदवार के लिए यह जरुरी है कि उसके पास एक सक्रिय बैंक अकाउंट हो और वही अकाउंट पोस्ट ऑफिस में भी हो.
  • इस नई योजना के तहत केवल कुछ चुने हुए बैंकों और पोस्ट ऑफिस को ही योजना में दी जाने वाली राशि वितरित करने का विशेष अधिकार दिया गया है.

इस योजना के तहत विशेष स्थिति में (Special Cases Under The PMMVY Scheme)

  • यदि बच्चे की जन्म के बाद मृत्यु हो जाती है तो :- जब रजिस्टर्ड उम्मीदवार फॉर्म 1-सी में उल्लेखित सभी मापदंडों को पूरा कर लेती हैं, और एक स्वस्थ बच्चे को जन्म देती हैं. किन्तु किसी कारण वश बच्चा 6 महीने की अवधि तक जीवित नहीं रह पाता है, तो यह एक विशेष स्थिति होगी और उम्मीदवार को तीसरी क़िस्त दे दी जाएगी.
  • यदि बच्चे जुड़वाँ या ट्रिप्लेट होते हैं तो :- उम्मीदवार यदि बच्चे के जन्म के समय जुड़वाँ या ट्रिप्लेट को जन्म देती हैं. तो उस स्थिति में उसे परिवार के पहले बच्चे के जन्म के रूप में माना जायेगा, किन्तु उम्मीदवार को अगली गर्भावस्था के दौरान किसी भी प्रकार का अनुदान प्राप्त नहीं होगा.
  • यदि उम्मीदवार दूसरे स्थान पर जाते हैं तो :- यदि उम्मीदवार ने किसी एक शहर में पंजीकरण किया हो, लेकिन बच्चे के जन्म के समय दूसरे स्थान पर चली गई हों, तो वे उस शहर में भी इसकी सुविधा प्राप्त कर सकतीं हैं. उम्मीदवार को इसके लिए अपने एमसीपी कार्ड और अपने पति का आधार कार्ड वेरिफिकेशन के लिए दिखाना होगा. यह वेरिफिकेशन चुने गए आंगनवाड़ी, एएसएचए या हेल्थ केयर सेंटर के अधिकारी द्वारा किया जायेगा.
  • गलत क्लेम करने पर :– यदि कोई रजिस्टर्ड उम्मीदवार अपनी गर्भावस्था के बारे में एवं बच्चे के लिए दी जाने वाली राशि को हड़पने के लिए गलत क्लेम करता है, तो अधिकारी द्वारा उसे पैसे वापिस करने का नोटिस दिया जायेगा. यदि वे सीधे तरीके से यह नहीं करते हैं, तो उन पर अपराधिक कानून लागू किया जायेगा.

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Ankita

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अंकिता दीपावली की डिजाईन, डेवलपमेंट और आर्टिकल के सर्च इंजन की विशेषग्य है| ये इस साईट की एडमिन है| इनको वेबसाइट ऑप्टिमाइज़ और कभी कभी आर्टिकल लिखना पसंद है|
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