प्राइवेट ब्राउजिंग क्या है | What is Private Browsing in Hindi

प्राइवेट ब्राउजिंग क्या है, उपयोग कैसे करें (What is Private Browsing in Hindi) (Uses, Benefits, Online, Chrome, Firefox, Internet Explorer, Microsoft Edge, App)

इंटरनेट पर जब भी हम कुछ सर्च करते हैं तो ब्राउज़र में हमारी कुछ जानकारी अपने आप ही सेव हो जाती हैं. अगर आप चाहें तो प्राइवेट ब्राउजिंग के द्वारा अपनी सारी जानकारी को सेव होने से रोक सकते हैं. यहां जानकारी दे दें कि सबसे पहले एप्पल के द्वारा बनाए गए सफारी ब्राउजर में प्राइवेट ब्राउजिंग फीचर का उपयोग किया गया था और उसके बाद अन्य सभी दूसरे ब्राउज़र ने भी प्राइवेट ब्राउजर के फीचर को प्रयोग करना आरंभ कर दिया था.  अगर आपको इसके बारे में जानकारी नहीं है कि प्राइवेट ब्राउजिंग के द्वारा आप किस प्रकार से अपनी जानकारी को सुरक्षित रख सकते हैं तो हमारे आज के इस आर्टिकल को पूरा पढ़ें क्योंकि हम इसमें आपको सारी जानकारी देने वाले हैं.

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प्राइवेट ब्राउजिंग क्या होती है (What is Private Browsing)

यहां आपकी जानकारी के लिए बता दें कि प्राइवेट ब्राउजिंग ब्राउज़र्स में उपलब्ध एक ऐसा विशेष प्रकार का फीचर होता है जिसका काम ब्राउज़र को आपकी वेब एक्टिविटीज को सुरक्षित करने से रोकना होता है. बता दें कि प्राइवेट ब्राउजिंग के फीचर का उपयोग करके आप विभिन्न प्रकार की अपनी वेब एक्टिविटीज को सेव करने से रोक सकते हैं जैसे कि लॉगिन डिटेल, विजिट साइट्स, सर्च इंफॉर्मेशन और इसके साथ-साथ आपके सभी पासवर्ड, काचे फाइल्स इत्यादि भी सेव नहीं होते हैं. साथ ही आपको बता दें कि प्राइवेट ब्राउजिंग को बहुत सारे नामों से जाना जाता है जैसे कि प्राइवेसी मोड, इनकॉग्निटो मॉड, सेफ मोड़, पोर्न मोड आदि.

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प्राइवेट ब्राउजिंग का उपयोग क्यों करना चाहिए (Private Browsing Uses)

अगर आप प्राइवेट ब्राउज़िंग का प्रयोग करते हैं तो इसके द्वारा आप अपनी सभी जानकारी को सुरक्षित होने से बचा सकते हैं. निम्नलिखित प्राइवेट ब्राउज़िंग के फायदे हम बता रहे हैं जो कि इस प्रकार से हैं –

  • ट्रैक (Track) होने से बचना – जब भी कोई यूजर वेब सर्फिंग करता है तो उस समय उसकी जानकारी वेब ब्राउज़र और वेब सर्वर ट्रैक करके उसे कुछ समय तक सेव रखता है. लेकिन जब कोई यूज़र सेफ मोड से ब्राउज़र का उपयोग करता है तो तब उसकी सर्च हिस्ट्री, कुकीज  फाइल्स इत्यादि सेव नहीं हो पाती हैं और इस प्रकार यूजर ट्रेक होने से भी बच जाता है.
  • अपनी निजी जानकारी चोरी होने से बचाना – अगर आप अपने ईमेल अकाउंट और डेबिट या क्रेडिट कार्ड की निजी जानकारियां साइटों पर भरने के लिए आप प्राइवेट ब्राउजिंग का प्रयोग करते हैं तो आपकी जानकारी चोरी होने से बच सकती है. यहां जानकारी दे दें कि जब भी आप किसी ब्राउज़र के नॉर्मल मोड में फॉर्म की डिटेल भरते हैं तो वह सब सेव हो जाती है और पासवर्ड भी ब्राउज़र रिमेंबर कर लेता है जिसकी वजह से आपका डाटा चोरी होने का खतरा बहुत अधिक हो जाता है.
  • प्योर सर्च (pure search) करना – जब भी कोई यूजर किसी ब्राउज़र का उपयोग करता है तो वह ब्राउज़र यूजर की पसंद और उसकी नापसंद के अनुसार ही उसको सर्च रिजल्ट्स दिखाता है. बता दें कि यूजर के सर्च रिजल्ट्स को ब्राउज़र स्वयं ही पर्सनलाइज और कस्टमाइज्ड कर लेता है और इसी वजह से यूजर के खोज परिणाम अत्यधिक प्रभावित भी हो जाते हैं. तो ऐसे में अगर आप किसी टॉपिक पर प्योर सर्च करना चाह रहे हैं तो उस समय आप को प्राइवेट ब्राउजिंग का ही उपयोग करना चाहिए.
  • मल्टीपल ईमेल अकाउंट्स का उपयोग करना – जानकारी के लिए बता दें कि जब भी आप नॉर्मल मोड में अपना इंटरनेट चलाते हैं तो उस समय अगर आप दूसरे ईमेल अकाउंट का उपयोग करना चाहते हैं तो इसके लिए आपको पहले वाले ईमेल अकाउंट से लॉगआउट करना पड़ेगा. लेकिन प्राइवेट ब्राउज़िंग में ऐसा नहीं होता है क्योंकि आप एक ही साथ कई ईमेल अकाउंट का प्रयोग प्राइवेट ब्राउज़िंग के माध्यम से कर सकते हैं.
  • वेबसाइट टेस्ट करने के लिए – प्राइवेट ब्राउज़िंग का फायदा वेब डेवलपर के लिए भी बहुत ज्यादा है क्योंकि इस प्रकार प्राइवेट ब्राउज़िंग के माध्यम से सिर्फ पेज  रिफ्रेश करने के बाद अपने द्वारा किए गए काम की जांच ठीक से कर सकते हैं. इसीलिए प्राइवेट ब्राउजिंग वेब डेवलपर के लिए बहुत ज्यादा लाभदायक मानी जाती है क्योंकि इसके द्वारा वह वेबसाइट पर होने वाले छोटे से भी छोटे चेंज को आसानी के साथ देख सकते हैं.
  • सर्च हिस्ट्री को छिपाना – प्राइवेट ब्राउजिंग आपके लिए उस समय बहुत ज्यादा फायदेमंद रहती है जब आप किसी सार्वजनिक स्थान पर या किसी दूसरे व्यक्ति के कंप्यूटर का उपयोग करते हैं. यहां बता दें कि ऐसे समय में आपकी सारी सर्च हिस्ट्री को प्राइवेट ब्राउज़िंग के माध्यम से दूसरे लोगों से छिपाया जा सकता है. इसीलिए जब भी आप साइबर कैफे, कॉलेज स्कूल या किसी सार्वजनिक स्थान पर कुछ भी सर्च करें तो प्राइवेट ब्राउज़र का उपयोग करके ही करें.

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क्या प्राइवेट ब्राउजिंग 100% सुरक्षित होती है (Security)

अगर आपके मन में अब यह सवाल है कि क्या प्राइवेट ब्राउजिंग 100% सुरक्षित होती है तो इसका जवाब है नहीं. यहां जानकारी के लिए बता दें कि प्राइवेट मोड ब्राउज़िंग में आप की जानकारी वेब ब्राउज़र द्वारा सुरक्षित नहीं की जाती है लेकिन इंटरनेट सर्विस प्रदाता, साइट के मालिक, इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध करवाने वाले आपकी सभी वेब एक्टिविटीज को देख सकते हैं. इसके साथ-साथ बता दें कि आपके द्वारा डाउनलोड किया गया डाटा और सेव बुकमार्क्स को भी डिलीट नहीं किया जाता है और उसे आप भी कभी भी एक्सेस कर सकते हैं. ‌आप जान लीजिए कि प्राइवेट मोड ब्राउजिंग में आप पूरी तरह से सुरक्षित नहीं होते लेकिन फिर भी आप काफी हद तक अदृश्य रह सकते हैं.

क्रोम ब्राउजर में प्राइवेट ब्राउज़िंग का उपयोग कैसे करें (Private Browsing in Chrome Free)

यहां आपको जानकारी के लिए बता दें कि क्रोम ब्राउज़र में प्राइवेट विंडो का उपयोग किया जाता है जिसे इनकॉग्निटो विंडो (Incognito window) कहते हैं. तो इसलिए यदि आप क्रोम ब्राउजर में प्राइवेट ब्राउज़िंग करना चाहते हैं तो इसके लिए आपको इसका इनकॉग्निटो मॉड उपयोग करना होगा. निम्नलिखित हम आपको स्टेप बाय स्टेप बता रहे हैं कि आप किस प्रकार से क्रोम ब्राउज़र में इनकॉग्निटो विंडो का प्रयोग कर सकते हैं-

  • इसके लिए आपको सबसे पहले अपने लैपटॉप या फिर कंप्यूटर पर क्रोम ब्राउज़र को खोलना होगा.
  • जब आप क्रोम ब्राउजर ओपन करेंगे तो आपको दाईं तरफ क्रोम मीनू (chrome menu) लिखा दिखाई देगा इस पर क्लिक कर दें.
  • मेनू पर क्लिक करने के बाद आपको फिर न्यू इनकॉग्निटो विंडो (new incognito window) पर क्लिक करना होगा.
  • जैसे ही आप न्यू इनकॉग्निटो विंडो पर क्लिक करेंगे वैसे ही आपके सामने अब एक प्राइवेट विंडो ओपन होकर आएगी. यह प्राइवेट विंडो देखने में आपको नॉर्मल विंडो से थोड़ी अलग लगेगी.
  • बता दें कि आप अपने की-बोर्ड से Ctrl+Shift+N को दबा कर भी इनकॉग्निटो विंडो को आसानी के साथ ओपन कर सकते हैं.

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फायरफॉक्स ब्राउजर में प्राइवेट ब्राउज़िंग का उपयोग कैसे करें (Private Browsing in Firefox)

मोज़िला फ़ायरफ़ॉक्स ब्राउज़र (Mozilla  Firefox browser) में प्राइवेट ब्राउजिंग के लिए निम्नलिखित प्रक्रिया करें जो कि इस प्रकार से है-

  • इसके लिए सबसे पहले आपको अपने कंप्यूटर में मोज़िला फायरफॉक्स ब्राउजर को ओपन करना होगा.
  • अब यहां आपको दाएं तरफ फायरफॉक्स मीनू (Firefox menu) लिखा हुआ दिखाई देगा. आप पहले इस पर क्लिक करें और उसके बाद न्यू प्राइवेट विंडो पर क्लिक कर दें.
  • जब आप न्यू प्राइवेट विंडो पर क्लिक करेंगे तो आपके सामने प्राइवेट विंडो ओपन होकर आ जाएगी. ‌
  • यहां जानकारी दे दें कि आप अपने की-बोर्ड से Ctrl+Shift+P को दबाकर भी नई प्राइवेट विंडो बिना किसी समस्या के ओपन कर सकते हैं.

इंटरनेट एक्सप्लोरर में प्राइवेट ब्राउज़िंग का उपयोग कैसे करें (Private Browsing in Internet Explorer)

आपको बता दें कि इंटरनेट एक्सप्लोरर ब्राउज़र एक बहुत ही ज्यादा पुराना और फेमस ब्राउज़र है‌ और इसमें प्राइवेट ब्राउजिंग का नाम इन प्राइवेट ब्राउजिंग (InPrivate Browsing) होता है. निम्नलिखित हम आपको इंटरनेट एक्सप्लोरर में प्राइवेट ब्राउजिंग ओपन करने की प्रक्रिया बता रहे हैं जो कि इस प्रकार से है-

  • इसके लिए सबसे पहले आपको अपने लैपटॉप या फिर कंप्यूटर में इंटरनेट एक्सप्लोरर ब्राउजर को ओपन करना होगा.
  • जब आप इंटरनेट एक्सप्लोरर ब्राउजर को ओपन कर लेंगे तो वहां पर आपको दाएं तरफ एक गियर आइकन दिखाई देगा.
  • आप इस गियर आइकन पर क्लिक कर दें. ‌
  • उसके बाद आप सेफ्टी पर क्लिक करें और वहां से इन प्राइवेट ब्राउजिंग पर क्लिक कर दें.
  • आप यहां आपके सामने नई प्राइवेट विंडो ओपन होकर आ जाएगी. ‌
  • इसके साथ-साथ आपको बता दें कि आप अपने कीबोर्ड से Ctrl+Shift+P को दबाकर भी इंटरनेट एक्सप्लोरर ब्राउज़र ने नई प्राइवेट विंडो को बहुत ही सरलता के साथ ओपन कर सकते हैं.

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माइक्रोसॉफ्ट एज में प्राइवेट ब्राउजिंग का उपयोग कैसे करें (Private Browsing in Microsoft Edge)

यहां आपको बता दें कि माइक्रोसॉफ्ट एज ब्राउजर में अगर आप प्राइवेट विंडो का प्रयोग करना चाहते हैं तो उसके लिए आपको निम्नलिखित स्टेप फॉलो करने होंगे-

  • इसके लिए आपको सबसे पहले अपने कंप्यूटर या लैपटॉप में माइक्रोसॉफ्ट एज ब्राउजर को ओपन करना होगा.
  • जब आप ब्राउज़र ओपन कर लेंगे तो आपके सामने दाई तरफ मी मीनू (Me Menu) का ऑप्शन दिखाई देगा इस पर आप क्लिक कर दें. ‌
  • उसके बाद आप फिर न्यू इन प्राइवेट विंडो पर क्लिक कर दें. अब आपके सामने नई प्राइवेट विंडो खुल जाएगी.
  • यहां बता दे कि आप अपने की-बोर्ड से Ctrl+Shift+P को दबाकर भी नई प्राइवेट विंडो को खोल सकते हैं.

FAQ

Q : प्राइवेट ब्राउजिंग क्या करता है ?

Ans : ब्राउज़र को यूजर की एक्टिविटी सेव करने से रोकता है.

Q : सबसे पहले प्राइवेट ब्राउजिंग का प्रयोग किसके द्वारा किया गया था ?

Ans : एप्पल के द्वारा.

Q : प्राइवेट ब्राउजिंग का उपयोग करके कौन-कौन सी वेब एक्टिविटीज को रोका जा सकता है ?

Ans : लॉगिन डिटेल, साइट सर्च इंफॉर्मेशन, काचे फाइल्स, पासवर्ड इत्यादि.

Q : क्या प्राइवेट ब्राउजिंग पूरी तरह यानी 100% सुरक्षित है ?

Ans : जी नहीं.

Q : किसी ब्राउज़र में प्राइवेसी मोड किस नाम से होता है ?

Ans : प्राइवेसी मोड, पोर्न मोड, सेफ मोड और इनकॉग्निटो मोड़.

Q : क्या प्राइवेट ब्राउज़र से सर्च हिस्ट्री को छिपाया जा सकता है ?

Ans : जी हां.

Q : किसी ब्राउज़र में प्राइवेट ब्राउजिंग के फीचर को कैसे प्रयोग कर सकते हैं ?

Ans : ब्राउज़र के मीनू में.

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