PM नरेंद्र मोदी ने MSME को बढ़ावा देने के लिए किया नयी योजना का ऐलान -कारोबारियों को 500 करोड़ ट्रांसफर किए

“रैंप” स्कीम (अप्लाई, पात्रता, सूची, स्टेटस, दस्तावेज, लाभ, लाभार्थी, आवेदन फॉर्म, रजिस्ट्रेशन, ऑनलाइन पोर्टल, आधारिक वेबसाइट, टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर, आखरी तारीख, रैंप स्कीम क्या है, फूल फॉर्म )  Raising and Accelerating MSME Performance-RAMP (full form, registration, eligibility criteria, list, status, official website, portal, Benefits, beneficiaries, application form, documents, helpline number, last date, how to apply)

हाल ही भारत सरकार ने एक दूरदर्शी योजना की शुरुआत की है जो कि छोटे लघु मध्यम विनिर्माण उद्यमों ( MSMEs) के प्रदर्शन को बेहतर बनाने में लाभकारी होगी। इस केंद्रीय सेक्टर वाली योजना में विश्व बैंक की सहायता भी ली जाएगी। तीस जून, 2022 को प्रधानमंत्री ने विज्ञान भवन में बताया कि छोटे लघु मध्यम विनिर्माण उद्यमों ( MSMEs) के लिए उद्यमी भारत के तहत कई योजनाओं की शुरुआत की गई है। रेजिंग एंड एक्सीलरेटिंग एमएसएमई परफॉर्मेंस यानि रैंप की घोषणा एमएसएमई के प्रदर्शन पर सकारात्मक प्रभाव डालेगी। तो आइए इस आर्टिकल के माध्यम से रैंप स्कीम के बारे में समझते हैं।

रैंप स्कीम [Raising and Accelerating MSME Performance-RAMP]

स्कीम का नाम“रैंप” स्कीम
किसने घोषणा कीप्रधानमंत्री ने
कब हुई घोषणा30 जून, 2022
उद्देश्यछोटे लघु मध्यम विनिर्माण उद्यमों ( MSMEs) के प्रदर्शन को बेहतर बनाने में

क्या है रैंप स्कीम?

रैंप यानी रेजिंग एंड एक्सीलरेटिंग एमएसएमई परफॉर्मेंस, छोटे लघु मध्यम विनिर्माण उद्यमों के प्रदर्शन को बढ़ाने के लिए लॉन्च की गई है। इस केंद्रीय सेक्टर वाली योजना के अंतर्गत महामारी के चलते हुई क्षति से उबरने के लिए मदद की जाएगी। रैंप स्कीम का मूल लक्ष्य लोन और बाज़ार तक पहुंच को बढ़ाना है। इस स्कीम के कारण एमएसएमई को अधिक कवरेज मिल पाएगा।

क्या है रैंप स्कीम का उद्देश्य?

रैंप स्कीम व्यवसाय से जुड़ी स्थिरता और सुधार के लिए कार्य करेगी।  रैंप के तहत छोटे लघु मध्यम विनिर्माण उद्यमों के लिए कार्यक्रम डिजाइन होगा।  छोटे लघु मध्यम विनिर्माण उद्यमों को बेंच मार्किंग की मदद से इंटरनेशनल एक्सपोजर भी मिलेगी। रैंप देश भर के 63 मिलियन उद्यमों को लाभ पहुंचाएगा। इसके अलावा सरकार ने ये भी स्पष्ट किया है कि रैम्प के तहत राष्ट्रीय एमएसएमई सुधार एजेंडा भी फलीभूत होगा। साथ ही साथ भुगतान में देरी की समस्या से भी निपटा जाएगा।

रैंप स्कीम की विशेषताएं एवं लाभ

  • रैंप स्कीम मूलतः एमएसएमई के काम प्रदर्शन और उससे जुड़ी तेजी से जुड़ी है।
  • प्रधानमंत्री ने स्वयं इसकी जानकारी दी है।
  • इस केंद्रीय सेक्टर वाली स्कीम में विश्व बैंक से भी सहायता मिलेगी।
  • सरकार रैंप स्कीम के ज़रिए कोविड के चलते छोटे लघु मध्यम विनिर्माण उद्यमों को हुए नुकसान को दूर करने की कोशिश करेगी।
  • इस योजना के तहत केंद्र और राज्य सरकारों के संबंधों के बीच साझेदारी भी बढ़ेगी जिसका प्रभाव छोटे लघु मध्यम विनिर्माण उद्यमों के विकास पर भी पड़ेगा।
  • इस योजना के अंतर्गत क्षमता निर्माण, कौशल विकास, तकनीकी अपग्रेडेशन, आउटरीच, डिजिटलाइजेशन, मार्केटिंग, आदि कि सुविधा मिलेगी।
  • रैंप स्कीम के तहत उन राज्यों को भी प्रोत्साहन मिलेगा जहां छोटे लघु मध्यम विनिर्माण उद्यमों का विकास या मौजूदगी कम है।
  • रैंप स्कीम स्ट्रेटेजिक इन्वेस्टमेंट प्लांस को भी बढ़ावा देगी।
  • इस स्कीम की मदद से रिसेवेबल फाइनेंसिंग मार्केट पर भी फोकस किया जाएगा।

रैंप स्कीम से जुड़े लाभार्थी

रैंप स्कीम छोटे लघु मध्यम विनिर्माण उद्यमों की सहायता हेतु लाई गई है। इसके तहत देश में मौजूद 63 मिलियन उद्यमों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित किया जाएगा।

रैंप स्कीम से जुड़ा टोल फ्री नंबर

रैंप से जुड़ा टोल फ्री नंबर अभी सरकार ने साझा नही किया है। उम्मीद है जल्द ये जानकारी पब्लिक में मौजूद होगी। हालांकि नए अपडेट्स के लिए सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय की वेबसाइट पर भी चेक किया जा सकता है।

FAQs

Q- रैंप स्कीम की घोषणा किसने की?

ANS- प्रधान मंत्री ने।

Q- रैंप स्कीम का उद्देश्य क्या है?

ANS- छोटे लघु मध्यम विनिर्माण उद्यमों का विकास

Q- रैंप स्कीम क्या एक केंद्रीय सेक्टर की योजना है?

ANS- जी हां

Q- रैंप स्कीम का लाभ किसे मिलेगा?

ANS- छोटे लघु मध्यम विनिर्माण उद्यमों को।

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