यस बैंक के संस्थापक राणा कपूर पर क्या आरोप लगा है, जाने क्यूँ है वो हिरासत में | Yes Bank Rana Kapoor case in hindi

यस बैंक के संस्थापक राणा कपूर का जीवन परिचय (Rana Kapoor Biography in hindi, Jivani, Family, Daughter, Yes Bank founder, Scam)

हाल ही में अभी यस बैंक के संस्थापक राणा कपूर को पुलिस हिरासत में लिया गया है और ईडी के अधिकारियों ने भी कथित तौर पर बताया है, कि राणा कपूर एवं उनके परिवार के सदस्यों के ऊपर 20 से अधिक फर्जी कंपनियों को लोन अप्रूव करके, उनसे रिश्वत लेने का आरोप लगाया गया है. आज हम इस लेख के माध्यम से आपको यस बैंक के संस्थापक राणा कपूर जीवन परिचय के बारे में जाने के लिए और यह भी जानेंगे, कि यह आरोप उनके ऊपर किस प्रकार से लगा है.

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परिचय बिंदु (Introduction Points)

 

परिचय (Introduction)
पूरा नाम (Full Name) राणा कपूर
जन्म दिन (Birth Date)

 

9 सितंबर, 1957
जन्म स्थान (Birth Place)

 

नई दिल्ली, भारत
पेशा (Profession) संस्थापक यस बैंक, बैंकर
राष्ट्रीयता (Nationality)

 

भारतीय
उम्र (Age)

 

63 वर्ष
गृहनगर (Hometown)

 

मुंबई महाराष्ट्र भारत
धर्म (Religion)

 

हिन्दू
जाति (Caste)

 

पंजाबी
वैवाहिक स्थिति (Marital Status)

 

विवाहित
राशि (Zodiac Sign)

 

कन्या
शैक्षिक योग्यता (Education) एमबीए

राणा कपूर की शिक्षा एवं प्रारंभिक जीवन ?

राणा कपूर एक भारतीय बैंकर के रूप में जाने जाते हैं और इसके अतिरिक्त वे स्वयं के यस बैंक के प्रबंधक एवं सीईओ हैं . इनका जन्म 9 सितंबर 1957 को राजधानी दिल्ली में हुआ था. इन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा को 1973 में फ्रैंक एंथोनी पब्लिक स्कूल राजधानी दिल्ली से पूरी की थी. इसके बाद इन्होंने श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स से 1977 में बीए की डिग्री को प्राप्त किया. इसके बाद राणा कपूर ने यूएसए रटगर्स यूनिवर्सिटी से एमबीए की डिग्री को हासिल किया.

इसके अतिरिक्त राणा कपूर को ऑल इंडिया मैनेजमेंट एसोसिएशन की तरफ से मानद फैलोशिप मिली. इतना ही नहीं इन्होंने जीबी पंत यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर एंड टेक्नोलॉजी से पीएचडी की डिग्री को भी प्राप्त किया था.

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राणा कपूर का व्यक्तिगत जीवन क्या है ?
यस बैंक के संस्थापक राणा कपूर वास्तविक रूप में मुंबई में रहते हैं और उनका विवाह बिंदु कपूर से हुआ है और उनकी तीन बेटियां भी हैं. राणा कपूर और बिंदु कपूर की बेटियां राधा, राखी, रोशनी कपूर है.

राणा कपूर का बैंकिंग करियर कैसा रहा ?

  • राणा कपूर ने अपनी शिक्षा को पूरा करने के बाद प्रबंधक प्रशिक्षु के रूप में उन्होंने बैंक ऑफ अमेरिका के साथ अपने प्रारंभिक करियर की शुरुआत की थी.
  • राणा कपूर ने बैंक ऑफ अमेरिका को 16 वर्षों तक अपना कार्यभार प्रदान किया था.
  • इसके बाद राणा कपूर जी ने ANZ Grindlays Investment Bank (ANZIB) के साथ महाप्रबंधक और देश प्रमुख के रूप में अपने आपको प्रस्तुत किया और उन्होंने अगले 2 सालों तक इनके लिए कार्य किए थे.
  • 1998 में स्टैंड चार्ट ने इस बैंक को टेकओवर कर लिया. इसी दौरान राणा कपूर जी ने अपना फाइनेंसियल इंस्टिट्यूट शुरू करने का विचार किया. तभी उन्होंने अपने पत्नी के भाई अशोक कपूर और बैंकर हरकीरत सिंह के डच मल्टीनेशनल बैंकिंग कंपनी रोबोबैंक के साथ में.
  • इसके अतिरिक्त राणा कपूर एक खुद का बैंक खोलने की इच्छा रखते थे और सौभाग्य से उनका यह समय भी शीघ्र ही आ गया.
  • वर्ष 2003 में राणा कपूर के सपने को साकार करने वाला समय आ गया था और इसी साल राणा कपूर और अशोक कपूर ने यस बैंक के संचालन के लिए फाइनेंस लेने की कोशिश की और इसी वर्ष रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने भी कई सारे प्रोफेशनल लोगों को बैंकिंग लाइसेंस देने का प्रयास करना शुरू किया था.
  • राणा कपूर ने दूसरी बार यस बैंक के लिए फाइनेंस के लिए अप्लाई किया और उनको इसमें सफलता हासिल हुई. उनके सपने के मुताबिक उनका बैंक शुरू हुआ और यह शुरुआती में बहुत ही अच्छी खातिर सफलताओं को हासिल करने में भी सफल रहा था.
  • इसमें राणा कपूर का कुल शेयर 26 फ़ीसदी और अशोक कपूर का 11 फ़ीसदी और रबोबैंक इंटरनेशनल का 20 फ़ीसदी हिस्सा था. किन्हीं कारणों से हरकीरत सिंह, राणा कपूर जी से अलग हो गए और दुर्भाग्य से इनके बहनोई अशोक कपूर की भी 26 /11 के ताज होटल के हमलों में मृत्यु हो गई थी.
  • फिर आगे चलकर राणा कपूर के शेयरों के प्राइस बड़े और आगे चलकर वह करोड़पति में गिने जाने लगे. इतना ही नहीं यस बैंक चौथे नंबर वाला निजी बैंक बन गया, जो सभी बड़े बड़े बैंकों को टक्कर देने के लिए काफी था.
  • पूरे भारत देश में लगभग 1000 से अधिक यस बैंक के ब्रांच हैं और 18 से भी अधिक इसके एटीएम का संचालन होता है. राणा कपूर ने अपने मेहनत और अपने लगन के बल पर एक दशक होते होते 0 से 4 लाख करोड़ रुपए वाला बैंक बनाकर लोगों के सामने उभर के आए. 2003 से 2016 तक बैंक बहुत ही अच्छी खासी प्रॉफिट को प्राप्त करने में सफलता हासिल कर रहा था.

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यस बैंक के संस्थापक राणा कपूर के लिए खराब समय कब शुरू हुआ ?

राणा कपूर ने अपनी बैंक की सफलता को देखते हुए खूब रिस्क लेने वाला कार्य शुरू कर दिया और एक तरह से वे आग से खेलने लगे थे. राणा कपूर ने कई सारे अनचाहे एवं अनाप-शनाप प्रकार के लोनो को अप्रूव करना शुरू कर दिया. कई सारे बैंकरों का मानना था कि यदि राणा कपूर अपने शेयर को बेच देते और 2017 तक यस बैंक को छोड़ देते तो आज उनकी स्थिति कुछ और होती. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने राणा कपूर को उनके पद से निष्कासित कर दिया.

इतना सब कुछ हो जाने के बाद भी राणा कपूर अपनी जिद पर अड़े रहे और उन्होंने अपने शेयर को बेचा ही नहीं. राणा कपूर का मानना था, कि उनका शेयर किसी हीरा मोती से कम नहीं है. मगर समय बदल गया और राणा कपूर को एक के बाद एक झटके लगने शुरू हो गए थे. राणा कपूर के सहयोगी एवं कोफाउंडर अशोक कपूर की मृत्यु हो जाने के बाद राणा कपूर को भारी झटका लगा. इसके अतिरिक्त 2008 की वैश्विक मंदी की वजह से भी यस बैंक का निरंतर रूप से क्रेडिट नीचे की ओर गिरता चला गया.

परिणाम स्वरूप राणा कपूर के शेयर में भी काफी ज्यादा गिरावट आने लगी. मगर सरकार और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने इस बैंक को काफी सहायता भी प्रदान की थी. इससे जाकर बैंक की स्थिति कुछ हद तक सही हो गई थी. इसके बाद राणा कपूर की कानूनी खींचतान उनकी पत्नी के साथ हुई थी. राणा कपूर और उनकी पत्नी बिंदु कपूर के बीच कानूनी झड़प इसलिए हुई थी क्योंकि राणा कपूर की पत्नी चाहती थी कि उनकी बेटी को बैंक के बोर्ड रूम का सदस्य बनाया जाए. यह मामला इतना संगीन होगा कि मुंबई हाई कोर्ट तक पहुंच गया और परिणाम स्वरुप यह लड़ाई राणा कपूर के पक्ष में जाकर खत्म हो गई.

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 सितंबर 2018 में यस बैंक ने राणा कपूर को जनवरी 2019 को अपने पद सीईओ से हटने का आदेश दिया था. टाइम्स ऑफ इंडिया की जुलाई 2019 की रिपोर्ट के मुताबिक 2018 के अंतिम चरण तक यस बैंक के शेयर में 18% से 78% की गिरावट हो चुकी थी. 2019 के अक्टूबर होते-होते यस बैंक के शेयर में काफी ज्यादा गिरावट हो चुकी थी. यस बैंक पहले से ही अपने अब सफलता के पीछे जाने लगा था और परिणाम स्वरूप आज यस बैंक की स्थिति से आप सभी लोग अच्छी तरह से वाकिफ हो चुके हैं.

राणा कपूर के ऊपर किस किस प्रकार के आरोप लगाए गए हैं ?
राणा कपूर ने अपने काफी सफल बैंक को देखते हुए कई सारे अनचाहे लोगों को लोन देने का कार्य शुरू कर दिया था. इसका उनको जल्द ही परिणाम मिल गया. उनको ईडी द्वारा 8 मार्च 2020 को घूस लेने के जुर्म में गिरफ्तार कर लिया गया है और उन्हें कानूनी हिरासत में भी रखा गया है. आज के समय में यस बैंक के ऊपर बहुत भारी कर्जा हो चुका है और यह दिवालिया होने के कगार पर पहुंच गई है.

यस बैंक को बचाने के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया और एसबीआई बैंक को आगे आने का आदेश दिया गया है. इसी के कारण अब यस बैंक के खाताधारकों को ₹50,000 प्रति माह का ट्रांजैक्शन करने के लिए लिमिट लगाई गई है. ऐसे में ईडी के अधिकारियों को राणा कपूर ने बताया, कि मैं 13 महीनों से भी अधिक समय से बैंक से जुड़ा हुआ नहीं हूं और मुझे इसके बारे में कुछ भी आईडिया नहीं है. ऐसे में सवाल उठता है, कि आखिर इस बैंक की जिम्मेदारी कौन लेगा और आगे चलकर क्या यह बैंक अपने ग्राहकों को अच्छी तरह से सेवा जारी करता रहेगा या नहीं.

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विभूति अग्रवाल मध्यप्रदेश के छोटे से शहर से है. ये पोस्ट ग्रेजुएट है, जिनको डांस, कुकिंग, घुमने एवम लिखने का शौक है. लिखने की कला को इन्होने अपना प्रोफेशन बनाया और घर बैठे काम करना शुरू किया. ये ज्यादातर कुकिंग, मोटिवेशनल कहानी, करंट अफेयर्स, फेमस लोगों के बारे में लिखती है.
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