हिंदी कविता : जब कोई रूठ जाये

हिंदी कविता : जब कोई रूठ जाये Sad Poem Kavita in Hindi 

जीवन में मिलना बिछुड़ना तो होता ही हैं लेकिन मौत के बाद किसी से मिलने की उम्मीद खत्म हो जाती हैं मौत पर किसी का बस नहीं है जब कोई किसी अपने को खोता हैं तो उसका जीवन रंगहीन हो जाता हैं वो उस पल को कोसता हैं जब उसने अपने साथी को खोया वो छटपटाता हैं कि एक मौका मिल जाये वो वापस उसे ले आयेगा लेकिन मौत वो अंत है जिसकी शुरुवात ना मुमकिन हैं | जाने वाला चला जाता हैं लेकिन जीवनपर्यन्त दुःख अपनों को दे जाता हैं |वक्त घावों को भर देता हैं लेकिन दिल में बैठी वो टीस कभी नहीं मरती कि काश ये ना होता |

Hindi Sad Poem Kavita

sad kavita poem in hindi

हिंदी कविता  जब कोई रूठ जाये 

रंग जीवन का उड़ा
आँखों से सपना बह गया
खो गई सारी खुशियाँ
बस खोखला शरीर रह गया
रूठ कर मुझसे कोई 
मेरा अपना खो गया
दिन का उजाला होकर भी
घनघोर अँधेरा छा गया
ज़िन्दगी कुछ तो बता
आखिर ये क्या होगा
पल भर की हैं सजा
या पूरा जीवन मुरझा गया







कर्णिका पाठक

Hindi Sad Poem Kavita | खासकर उन स्त्रियों के लिए हैं जो अपने पति के जाने के बाद खुद को अकेला पाती हैं ऐसा नहीं कि दुःख केवल पत्नी को होता हैं पति भी पत्नी के जाने से दुखी होता हैं यह रिश्ता ही ऐसा जो बनता तो रीति रिवाज़ो से हैं पर प्यार के इस रिश्ते को सबसे ऊपर का रिश्ता माना जाता हैं |





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Karnika
कर्णिका दीपावली की एडिटर हैं इनकी रूचि हिंदी भाषा में हैं| यह दीपावली के लिए बहुत से विषयों पर लिखती हैं | यह दीपावली की SEO एक्सपर्ट हैं,इनके प्रयासों के कारण दीपावली एक सफल हिंदी वेबसाइट बनी हैं

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