Oops! It appears that you have disabled your Javascript. In order for you to see this page as it is meant to appear, we ask that you please re-enable your Javascript!

साईं झुलेलाल जयंती 2019 व इतिहास | Sai Jhulelal Jayanti 2019 Date or history in hindi

साईं झुलेलाल जयंती 2019 व इतिहास ( Sai Jhulelal Jayanti 2019 Date or history in hindi)

दुनिया में जब जब अत्याचार बढ़ा है, तब तब भगवान ने अपने भक्तों के लिए धरती में जन्म लिया है. युगों से ये बात चली आ रही है, भारत देश में कई भगवान, साधू संत ने जन्म लिया और दुनिया को सही गलत में फर्क समझाया है. सभी समाज धर्म के भगवान पाप को ख़त्म करने के लिए इस धरती पर आये- राम, कृष्ण, येशु ऐसे ही कुछ नाम है. ऐसे ही एक और भगवान इस धरती पर आये, जिन्हें झुलेलाल नाम से जाना जाता है. इन्हें सिन्धी जाति का इष्ट देव कहा जाता है. ये हिन्दू जाति के भगवान वरुण का अवतार है, जिनका जन्म 10 वीं शताब्दी के आस पास हुआ था. कुछ लोग इन्हें सूफी संत भी बोला करते है, जिन्हें मुस्लिम भी काफी पूजते थे. कुछ लोग इन्हें जल देव का अवतार मानते थे.

सिन्धु घाटी की सबसे पहली व पुरानी सभ्यता मोहनजोदड़ो  है. यही सिंध में ही झुलेलाल जी का जन्म हुआ था. उनके जन्म को आज भी सिन्धी समाज व पाकिस्तान के कुछ हिस्सों में लोग झुलेलाल जयंती या चेटीचंड नाम से मनाते है. इस दिन ने सिन्धी समाज का नया वर्ष शुरू होता है, जिसे वे बड़ी धूमधाम से मनाते है. आगे मैं आपको झुलेलाल जी के जन्म व उनकी जयंती के बारे में विस्तार से बताउंगी.

  • जन्म व उससे जुड़ी रोचक कहानी
  • झुलेलाल जी द्वारा किये गए काम
  • झुलेलाल जयंती या चेटीचंड

झुलेलाल जी का जीवन परिचय ( Sai Jhulelal history or story )–

सिंध में पहले हिन्दू राजा का शासन हुआ करता था, राजा धरार आखिरी हिन्दू राजा थे, उन्हें मोहम्मद बिन कासिम ने हरा दिया था. मुस्लिम राजा का सिंध की गद्दी में बैठने के बाद उसके चारों ओर इस्लाम समाज बढ़ता गया. दसवी सदी के दुसरे भाग में सिंध के ‘थट्टा’ राज्य में मकराब खान का शासन था, जिसे शाह सदाकत खान ने मार डाला व अपने आप को मिरक शाह नाम देकर गद्दी पर बैठ गया. उनका कहना था, अगर दुनिया में इस्लाम बढेगा, तो जन्नत यही बन जाएगी. इन्होंने हिंदुओ पर जुल्म करना शुरू कर दिया, सभी हिंदुओ को बोला गया, कि उन्हें इस्लाम अपनाना होगा, नहीं तो उन्हें मार डाला जायेगा. ऐसे में सिंध के सभी हिन्दू बहुत घबरा गए, तब सभी हिंदुओ को सिन्धु के नदी के पास इक्कठे होने के लिए बुलावा भेजा गया. हज़ार के उपर लोग वहां इकट्टा हुए, सबने मिलकर जल देवता दरियाशाह की उपासना और प्रार्थना की, कि इस विपदा में वे उनकी मदद करें. सभी ने लगातर 40 दिनों तक तप किया, तब भगवान वरुण ने खुश होकर उन्हें आकाशवाणी के द्वारा बताया, कि वे नासरपुर में देवकी व ताराचंद के यहाँ जन्म लेंगें, वही बालक इनका रक्षक बनेगा.

झुलेलाल जी का जन्म (Jhulelal  Birth)

आकाशवाणी के 2 दिन बाद चैत्र माह की शुक्ल पक्ष में नासरपुर (पाकिस्तान की सिन्धु घाटी) के देवकी व ताराचंद के यहाँ एक बेटे ने जन्म लिया, जिसका नाम उदयचंद रखा गया. हिंदी में उदय का मतलब उगना होता है. भविष्य में ये छोटा बच्चा हिन्दू सिन्धी समाज का रक्षक बना, जिसने मिरक शाह जैसे शैतान का अंत किया. अपने नाम को चरितार्थ करते हुए उदयचंद जी ने सिंध के हिंदुओ के जीवन के अँधेरे को खत्म कर उजयाला फैला दिया. पहले उन्हें भगवान का रूप नहीं समझा गया, लेकिन अपने जन्म के बाद ही वे चमत्कार करने लगे. जन्म के बाद जब उनके माता पिता ने उनके मुख के अंदर पूरी सिन्धु नदी को देखा, जिसमें पालो नाम की एक मछली भी तैर रही थी, तब वे हैरान रह गए. इसलिए झुलेलाल जी को पेल वारो भी कहा जाता है. बहुत से सिन्धी हिन्दू उन पर विश्वास करते थे, और उनको भगवान का रूप मानते थे, इसलिए कुछ लोग उन्हें अमरलाल भी कहते थे.

jhulelal

झुलेलाल जी को उदेरो लाल भी कहते है, संस्कृत में इसका मतलब है कि जो पानी के करीब रहता है या पानी में तैरता है. बाल्यावस्था में उदयचंद को झुला बहुत पसंद था, वे उसी पर आराम करते थे, इसी के बाद उनका नाम झुलेलाल पड़ गया. उनकी माता देवकी उन्हें प्यार से झुल्लन बोलती थी. उनकी माता का देहांत छोटी उम्र में ही हो गया था, जिसके बाद उनका पालन पोषण सौतेली माँ ने ही किया.

झुलेलाल जी द्वारा किये गए कार्य –

मिरक शाह ने सिंध के सभी हिंदुओ को बुलाकर उनसे पुछा, कि वे इस्लाम अपना रहे या म्रत्यु चाहते है. तब झुलेलाल जी का जन्म हो चूका था, सबको उन पर और वरुण देव की भविष्यवाणी पर पूरा विश्वास था, तब सबने मिरक शाह से सोचने के लिए और समय माँगा. (क्यूंकि उस समय उदयचंद छोटा था, बाल्यावस्था में किसी को मारना नामुमकिन था, इसलिए सभी हिन्दू चाहते थे कि ये समय निकल जाये और उदयचंद बड़ा हो जाये) मिरक शाह को उस बच्चे के बारे में पता था, लेकिन उसे ये लगता था, कि इतना छोटा बच्चा क्या कर सकता है, यही सोचकर उसने हिंदुओ को और समय दे दिया. मिरक शाह ने अपने एक मंत्री को उस बच्चे की जांच पड़ताल के लिए भेजा व उसे मारने के आदेश भी दे दिए.

झुलेलाल जी समय के साथ बड़े होते गए, उनके आश्चर्यचकित काम के चर्चे दूर तक होने लगे. मिरक शाह भी अब उदयचंद के बारे में सुन सुन कर थक गया, उसने अपने मंत्री से बोल कर उनसे मिलने का प्लान बनाया. मिरक शाह बहुत चालाक राजा था, उसने उदयचंद को उसी मुलाकात के दौरान बंदी बनाने का सोचा. लेकिन तभी एक चमत्कार हो गया, जहाँ उनकी मुलाकात होनी थी, वहां इतना पानी गिरा कि भयानक बाढ़ आ गई, पूरी सिन्धु नदी के पास त्राहि त्राहि मच गई, सब नष्ट होने लगा. मिरक शाह के पास भागने की कोई जगह नहीं थी, तब उसने झुलेलाल जी से ही प्राथना की और बोला कि हिन्दू मुस्लिम सब भाई भाई है व एक ही भगवान के बच्चे है, अब से कोई उन्हें धर्म परिवर्तन के लिए जबरजस्ती नहीं करेगा और कहा कि मैं जीवन भर अपने वचन का पालन करूँगा, लेकिन आप मुझे बचा लो. तब झुलेलाल जी ने सभी को बचा लिया.

चेटीचंड महोत्सव क्या है? झुलेलाल जयंती या चेटीचंड 2019 में कब है  ( Jhulelal Jayanti 2019 date)–

चेटीचंड सिंधियों द्वारा मनाये जाने वाला महत्पूर्ण त्यौहार है. हर साल इसे चैत्र शुक्ल पक्ष के दुसरे दिन मनाया जाता है. इस बार ये 7 अप्रैल 2019, दिन रविवार को मनाई जाएगी. ज्यादातर ये त्यौहार गुडी पड़वा व उगडी के दुसरे दिन पड़ता है. इसे पाकिस्तान में रहने वाले सिन्धी भी मनाते है. इस दिन चाँद कई दिनों बाद पूरा नजर आता है, सभी लोग जल देव की आराधना करते है. चेटीचंड त्यौहार सिन्धी समाज द्वारा अपने इष्ट देव झुलेलाल जी की याद में मनाया जाता है. इस दिन सिन्धी समाज जल देव व झुलेलाल जी की पूजा अर्चना करता है, सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये जाते है, जूलूस निकाले जाते है. इस दिन प्रसाद के तौर पर उबले काले चने व मीठा भात सबको दिया जाता है.

अन्य पढ़े:

Follow me

Vibhuti

विभूति अग्रवाल मध्यप्रदेश के छोटे से शहर से है. ये पोस्ट ग्रेजुएट है, जिनको डांस, कुकिंग, घुमने एवम लिखने का शौक है. लिखने की कला को इन्होने अपना प्रोफेशन बनाया और घर बैठे काम करना शुरू किया. ये ज्यादातर कुकिंग, मोटिवेशनल कहानी, करंट अफेयर्स, फेमस लोगों के बारे में लिखती है.
Vibhuti
Follow me

2 comments

  1. Jhulelal sai ji ki jivani achhi hai or baki hai aapne achha likha hai Dhanywad

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *