समय का सदुपयोग महत्त्व कविता दोहे

समय का सदुपयोग महत्त्व कविता दोहे (Samay ka Sadupyog Mahatv Kavita Kahani Dohe Quotes hindi)

आम जिन्दगी का सबसे बहुमूल्य शब्द है,समय | यह एक मात्र शब्द है, जो व्यक्ति के जन्म से उसकी अंतिम सास तक उसके साथ होता है | परन्तु बदलते ज़माने के साथ इस शब्द का महत्व ,लोगों ने बदल सा दिया है | बहुत ही चर्चित वाक्य है –

हमे समय नहीं मिला |

कभी यह सोचा है कि, ऐसा क्यों हो रहा है | यदि कभी इस विषय पर सोचा जाये , तब हमे पता चलेगा की बदलते वक्त के साथ हमने खुद को इतना बदल दिया है कि, हम एक पल पीछे पलट कर देखे तो पता चलेगा कि, हमने तो अपनों को ही खो दिया है | या यह भी कहा जा सकता है कि, हमने स्वयं को खो दिया है तो भी, अतिश्योक्ति ना होगी |

क्या समय में कोई परिवर्तन हुआ है ? नही, परिवर्तन इंसान में हुआ है | बदलती सदी के साथ इंसान बदल गया है| एक बार हम सोंचे कि, पहले जब हमारे पूर्वज हुआ करते थे तब ,कभी इस तरह की समस्या आती थी ? 24 घंटे तब भी थे, आज भी वो ही 24 घंटे है | समय के इस चक्र में परिवर्तन नही हुआ है| वह तब से अब तक, निरंतर चल रहा है |

samay ka sadupyog mahatv nibandh kavita kahani dohe quotes in hindi

बीसवी सदी पूर्व ,कभी ऐसी समस्या नही आती थी कि, लोगो के पास समय नही हुआ करता था| जबकि ,तब सुख-सुविधा की कोई वस्तु उपलब्ध नही हुआ करती थी| मीलो दूर यात्रा करने के लिये ना ही, यातायात के साधन उपलब्ध होते थे , ना ही मनोरंजन के कोई साधन , ना ही विलासिता के कोई और साधन उपलब्ध थे| तब काम करने के लिए रात-रात भर जागना नही होता था|

वास्तव में, तब जीवन ज्यादा सरल हुआ करता था क्यों कि, उस समय व्यक्ति का “जीवन घड़ी का गुलाम” नही था|

बदलते वक्त के साथ ,जैसे-जैसे मशीनों का आविष्कार हुआ, कल-कारखानों का निर्माण हुआ, नौकरी का दौर शुरू हुआ, समय भागता चला गया| जिन्दगी मानो रेल की पटरी से तेज चलने लगी| पैसे कमाने की इस दौड़ में, सुख-सुविधा का सामान जुटाने में, व्यक्ति ने स्वयं को इतना व्यस्त कर दिया है कि, उसे यह तक नही पता कि, जिस परिवार या स्वयं लिए वह यह सब कर रहा है, उनसे तो वो बहुत दूर हो चुका है|

ऐसा सब क्यों हो रहा है?

क्या सही माइने में मशीन बनाते-बनाते और उसके साथ काम करते हुए हम भी बिल्कुल उसी तरह बन गये है? हमे आज फिर से जरुरत है कि हम कुछ पल के लिए रुके, और देखे की आखिर जो अनमोल जीवन भगवान ने हमे दिया है , हम उसे व्यर्थ न गवाये |

समय को जानने के लिए बहुत छोटा सा गाणित लगाए, सिर्फ एक दिन का –

24 घंटे 

    8 घंटे सोने के,

        2 घंटे नित्यकर्म के,

              6-8 घंटे जॉब के ,

बचा जो समय है, वो हमारे लिए है | मात्र 6-8 घंटे अर्थात् , जिन्दगी के 30-40 प्रतिशत भाग हमारे हाथ में जो सिर्फ, हमारे लिए है| हम अपने इस जीवन में वह सभी करे, जिसके लिए हमे जन्म मिला है| यह सब तभी होगा जब हम अपने,सही और सुचारू रूप से करेंगे|

देखा जाये तो, मनुष्य को बहुत छोटी सी ज़िन्दगी मिली है| उसे व्यर्थ गवाने के बजाये, पूरी सूझ-बुझ के साथ हर एक दिन की योजना बना कर जिये , इससे हमारी जिन्दगी बहुत आसान और खुशनुमा हो जाएगी |

कैसे करे अपने समय का सदुपयोग ?

samay ka sadupyog kaise kare

ऐसा कहा जाता है कि, जो बीत गई ,वो बात गई | बहुत छोटी सी बात है , कि जो भी भूल या गलतिया पहले हुई है, जो समय हमने बर्बाद किया है उनसे कुछ सिख कर आगे कि जिन्दगी को व्यर्थ न गवाए |

समय के सदुपयोग के महत्वपूर्ण बिन्दु –

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लक्ष्य तय करे – समय का सदुपयोग तब ही हो पायेगा, जब हम अपनी जिन्दगी में लक्ष्य तय करेंगे|  हमे कब, क्या और कितने समय में ,पूरा करना है| बड़े लक्ष्य तक पहुचने के लिए हमे छोटे – छोटे लक्ष्य तय करने होंगे| जोकि, हर दिन के लिए अलग-अलग हो|

समय का सदुपयोग करने के लिए हमने लक्ष्य को दो भागो में विभाजित किया है|

  1. सामान्य लक्ष्य
  2. निश्चित लक्ष्य

सामान्य लक्ष्य –  लक्ष्य तो तय है| इस समय तक, मेहनत, परिश्रम , कायकुशलता बड़ा कर, कार्य तो पूरा कर ही लेंगे| अर्थात् कार्य तो होगा ,परन्तु समय तय नही है|

निश्चित लक्ष्य – समय के साथ ,लक्ष्य भी तय है| हम प्रतिदिन 8 घंटे कार्य करेंगे या हमे साल में 2 लाख रुपये कमाएंगे | अर्थात् यह है , निश्चित लक्ष्य| जिसे अपनी उन्नति के साथ जाँचा जा सकता है|

टाइम मैनेजमेंट करे – जिन्दगी में हर एक खोई हुई वस्तु जैसे- धन, संपत्ति या और कुछ महत्वपूर्ण सामान भी दुबारा लाया जा सकता है |

परन्तु ,सिर्फ एक समय ही ऐसी बहुमूल्य वस्तु है जो ,एक बार जाने के बाद दुबारा नही मिलती है | हमारा एक-एक पल बहुत की कीमती है, इसे ऐसे ही व्यर्थ न गवाए | हर घंटे का मैनेजमेंट करे |

इसके लिए टाइम टेबल बनाये | और एक डायरी मेंटेन करे कुछ समय तक उसमे रात में पूरी दिनचर्या लिखे खुद पता चलेगा की कहा और कितना समय बर्बाद किया है हमने | उस बर्बाद समय की भी प्लानिंग कर उसे उपयोग करे|

प्राइम टाइम में काम करे , पूरे दिन में एक टाइम ऐसा होता है जब हम पूरी तरह से एक्टिव होते है जैसे – सुबह| अर्थात्, सुबह में महत्वपूर्ण कार्य समय के अनुसार तय कर, उसे करे|

काम का महत्व समझे – लक्ष्य के अनुसार काम बाटे | काम के महत्व को समझे और उसकी प्राथमिकता(Priority) तय करे| छोटे-छोटे काम की लिस्ट बनाये और जिस काम को पहले करना है उसे, समय के साथ तय करे| काम के महत्व के साथ अपने समय की भी बचत करते हुए चले | जैसे –

  • आलस्य न करे|
  • काम को न टाले|
  • लालच किसी चीज़ की न रखे |
  • आज का कार्य , कल पर न छोड़े|
  • इंटरनेट व मोबाइल जैसी आधुनिक तकनीकीयो का उपयोग आवश्कतानुसार ही करे|

यह सभी चीज़े हमारे समय को व्यर्थ करती है |

समयसीमा तय करे – समय के सदुपयोग के लिए बहुत आवश्यक है कि, हम हर काम के लिए समयसीमा(Deadline) तय करे | एक निश्चित समय के तक हमे अपना कार्य पूर्ण करना है तभी जिंदगी में आगे बढेंगे|

समय के सदुपयोग के लिये ऐसी बहुत सी बाते है जिन्हें समय के साथ सीखते हुए ,समय के साथ जिन्दगी में ठोकर खाते हुए, कदम-कदम पर उसी समय की प्लानिंग करते हुए निश्चित समय तक अपने लक्ष्य तक जरुर पहुचंगे|

समय का सदुपयोग कविता दोहे

samay ka sadupyog kavita dohe

वक्त बड़ा बलवान हैं
पलके झपके शाम हैं
वक्त कभी ठहरता नहीं
दो पल को सुस्ताता नहीं
जो भागे वक्त के आगे पछताता हैं
रह जाये पीछे वो भी घबराता हैं
जो साथ में कदम मिलाता हैं
वही ऊँचे शिखर को पाता हैं
पल में हंसी के लम्हे
पल में दुःख की शाम दिखाता हैं
वक्त जिसने कदर करी
वही जीवन सुख को पाता हैं

समय का सदुपयोग अनमोल वचन

samay ka sadupyog quotes

वक्त के साथ चलने में भलाई हैं ना आगे भागने में, ना पीछे रहने में |

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समय रहते निर्णय लेने में ही मनुष्य का उद्धार हैं |

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समय का फेरा ही मनुष्य को अच्छे बुरे का ज्ञान देता हैं

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समय के अनुरूप ढलना ही बुद्धिमता का परिचय हैं |

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समय ही एक ऐसा गुरु हैं जो बिन कहे सब कुछ सिखा देता हैं |

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Priyanka

प्रियंका खंडेलवाल मध्यप्रदेश के एक छोटे शहर की रहने वाली हैं .
यह एक एडवोकेट हैं और जीएसटी में प्रेक्टिस कर रही हैं . इन्हें बैंकिंग, टेक्स्सेशन एवं फाइनेंस जैसे विषयों पर लिखना पसंद हैं ताकि उनका ज्ञान और अधिक बढ़ सके. उन्होंने दीपावली के लिए लिखना शुरू किया और इस तरह अपने ज्ञान को पाठकों तक पहुँचाने की कोशिश की.
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