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भारत में सैमसंग पे की जानकारी | Samsung Pay in India Information in hindi

Samsung Pay in India Information in hindi सैमसंग पे एक तरह का डिजिटल वॉलेट है, जिसे सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स ने बनाया है. इसकी सहायता से सैमसंग फ़ोन या अन्य सैमसंग डिवाइस रखने वाले लोग मोबाइल पेमेंट की सहायता से अपना भुगतान कर सकते हैं. सैमसंग पे एक तरह से कांटेक्ट लेस पेमेंट का काम करता है, जिसमे ‘नियर फील्ड कम्युनिकेशन तकनीक’ का इस्तेमाल हुआ है. ये सर्विस दक्षिण कोरिया में 20 अगस्त को शुरू हुई थी, और इसी साल इस तकनीक को अमेरिका ने भी अपनाया.

SAMSUNG PAY

भारत में सैमसंग पे की जानकारी

Samsung Pay in India Information in hindi

सैमसंग पास (What is Samsung Pass)

सैमसंग गैलेक्सी एस 8 की विशेषता के लोच के समय सैमसंग ने इस तकनीक के इस्तेमाल के एक नये रास्ते का इजाद किया, जिसकी सहायता से सैमसंग पे का का इस्तेमाल किसी वेबसाइट अथवा ऑनलाइन सर्विसेज के लिए किया जा सकेगा. सैमसंग पास का मुख्य उद्देश्य सैमसंग पे के इस्तेमाल को आसान बनाना है. सैमसंग पास आपके पासवर्ड को सुरक्षित कर रखता है और आपको बायोमेट्रिक पद्धति का इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित करता है. इसका फायदा ये है कि आपको अपने अलग अलग सर्विसेज के लिए अलग अलग पासवर्ड को याद रखने की आवश्यकता नहीं होगी. बायोमेट्रिक डाटा के तहत ये फ़ोन आपके फिंगर प्रिंट वगैरह के इस्तेमाल करने का मौक़ा देगा. अतः आपको आपके पासवर्ड को याद करने में समय नहीं गंवाना होगा.

किन डिवाइस में सैमसंग पे का इस्तेमाल होगा (Samsung Pay supported devices)

फिलहाल सैमसंग पे का इस्तेमाल गैलेक्सी एस 7, एस 7 एज, गैलेक्सी एस 6, एस 6 एज, एस6 एज प्लस, नोट 5, गियर एस 2 चलाने वाले ही कर सकेंगे. इसके अलावा ये सैमसंग के नये स्मार्ट वाच गियर एस 3 में किया जा सकेगा. कालांतर में ये सुविधा सभी सैमसंग डिवाइस में डाली जाने वाली है.

सैमसंग पे सुरक्षा (Samsung Pay security)

सैमसंग पे सुरक्षा सैमसंग क्नोक्स और आर्म ट्रस्टजोन तकनीक पर आधारित है, जिसमे क्रेडिट कार्ड की सारी महत्वपूर्ण जानकारियाँ एक टोकन में निहित होती है. इस तकनीक से पेमेंट के लिए फिंगर प्रिंट स्कैन का इस्तेमाल करना अतिआवश्यक होता है.

साल 2016 में इसकी सुरक्षा टोकन पर सवाल उठाया गया था कि इस टोकन में निहित क्रेडिट कार्ड के सभी जानकारियों को पता किया जा सकता है, जिसका खामियाजा इस तकनीक को इस्तेमाल करने वाले को उठाना पड़ सकता है. इसके बाद एक ‘हैण्ड हेल्ड’ डिवाइस का निर्माण किया गया, जिसकी सहायता से बहुत आसानी से मैग्नेटिक सिक्योर ट्रांसमिशन टोकन की सुरक्षा में सेंध लगाया जा सकता था. इस पर सैमसंग की तरफ़ से सकारात्मक प्रतिक्रिया थी और कंपनी ने ये विश्वास दिलाया था कि जल्द से जल्द इन सभी प्रश्नों को हल किया जाएगा. इसी साल मई के महीने में सैमसंग ने सैमसंग पे मिनी सर्विस की शुरुआत की. इसका इस्तेमाल सिर्फ और सिर्फ ऑनलाइन पेमेंट के लिए किया जाता है. जनवरी 2017 में सैमसंग ने बताया कि सैमसंग पे मिनी का इस्तेमाल इसके गैलेक्सी डिवाइसों तथा अन्य किसी एंड्राइड में नहीं हो पायेगा.

सैमसंग पे की कार्यविधि (How to work Samsung Pay)

  • फ़ोन में सैमसंग पे का इस्तेमाल करते हुए इसके डिस्प्ले के निचले भाग में स्वाइप करना होता है.
  • ऐसा करने पर सैमसंग पे लॉन्च हो जाता है और आपके सेव किये गये क्रेडिट कार्ड स्क्रीन पर आ जाते हैं.
  • इसके साथ ही एक सन्देश भी आता है, जिसमे अपने फिंगर प्रिंट देकर किसी भुगतान को सफ़ल बनाना होता है.
  • एक बार भुगतान बायोमेट्रिक रूप से तैयार हो जाने पर फ़ोन में कांटेक्ट लेस पेमेंट और बिंगो का विकल्प देता है.
  • इस पर टैप करते ही आपका भुगतान NFC (नियर फील्ड कम्युनिकेशन) के माध्यम से हो जाता है.

इसमें NFC के अतिरिक्त लूप पे तकनीक का इस्तेमाल हुआ है. लूप पे मोबाइल वॉलेट तकनीक MST (मैग्नेटिक स्ट्रिप टेक्नोलॉजी) का पहला चरण था. MST कांटेक्टलेस पेमेंट करने में उन टर्मिनल द्वारा सहायता करता है जो NFC में मौजूद नहीं है. इसके प्रयोग से कांटेक्ट एस पेमेंट और भी आसान हो गया है. ये भुगतान सम्बंधित सभी जानकारियां स्टोर के उन पारंपरिक टर्मिनल तक पहुंचाता है, जिसमें पुरानी तकनीक के मैग्नेटिक स्ट्रिप का इस्तेमाल हुआ है.

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Ankita

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अंकिता दीपावली की डिजाईन, डेवलपमेंट और आर्टिकल के सर्च इंजन की विशेषग्य है| ये इस साईट की एडमिन है| इनको वेबसाइट ऑप्टिमाइज़ और कभी कभी आर्टिकल लिखना पसंद है|
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