शांति एक औरत की कहानी ओल्ड दूरदर्शन सीरियल | Shanti Ek Aurat Ki Kahani Doordarshan TV Serial in Hindi

Shanti Ek Aurat Ki Kahani Doordarshan TV Serial in Hindi याद कीजिये टेलीविज़न का वह दिन जब ज्यादातर घरों में डिश टीवी का चलन नहीं था. उस दौरान देखने के लिए सिर्फ दूरदर्शन चैनल ही था. दूरदर्शन पर सीरियल यानि धारावाहिकों का प्रसारण तो शुरू हो गया था, परन्तु एक सीरियल हफ्ते में सिर्फ एक दिन और वो भी केवल आधे घंटे आता था. यानि किसी सीरियल की कहानी में आगे क्या होगा उसके लिए एक हफ्ते तक इंतजार करना पड़ता था. न तो दूरदर्शन और न ही कोई सीरियल निर्माता टीवी पर रोजाना शो को प्रसारित करने का जोखिम उठाना चाहता था. परन्तु वर्ष 1994 में दूरदर्शन ने डेली सोप शुरू करने का जोखिम उठाया और यह प्रयास काफी सफल रहा. हालाँकि यह जोखिम भी प्राइम टाइम यानि रात 8 से 10 के बीच में न उठाकर दिन के दोपहर के लिए उठाया गया था. वजह साफ़ थी. दूरदर्शन उस बड़े दर्शक वर्ग को टारगेट कर रहा था जो घर में रहती थी यानि घरेलू महिलाएं (House Wife). फिर सीरियल के कथानक को भी महिलाओं की रुचि के अनुसार चुना गया. अंततः दूरदर्शन का आकलन सही निकला और भारतीय टीवी इतिहास का पहला डेली सोप हिट हो गया.

भारतीय टेलीविज़न के इतिहास का यह पहला डेली सोप था ‘शांति-एक औरत की कहानी’. इसका प्रसारण वर्ष 1994 से दूरदर्शन के राष्ट्रीय चैनल पर दिन के दोपहर में शुरू किया गया था. फिर बाद के दिनों में इसका पुनःप्रसारण स्टार प्लस चैनल पर किया गया. इसमें अभिनेत्री मंदिरा बेदी ने मुख्य भूमिका निभाई थी. अपनी दमदार कहानी की बदौलत इस डेली सोप को उस समय काफी लोकप्रियता मिली थी और इसे क्लासिक श्रेणी का दर्जा मिला था.

टीवी सीरियल शांति-एक औरत की कहानी का कथानक (Storyline of TV Serial Shanti-Ek Aurat ki kahani in hindi)

इस सीरियल की कहानी एक महिला पत्रकार शांति के इर्द गिर्द घूमती है. शांति बॉलीवुड के एक बड़े और मशहूर प्रोडक्शन हाउस के दो मालिक कामेश महादेवन और राज जी. जे. सिंह की जीवनी (Biographies) लिखने के लिए उनके निवास शांति मेन्शन में आती है. दोनों केवल प्रोड्यूसर ही नहीं लेखक और निर्देशक भी हैं. इस भव्य शांति मेन्शन की दीवारों के पीछे एक काला रहस्य छिपा हुआ है. रहस्य केवल उस मकान में ही नहीं छिपा हुआ है बल्कि वहां रहने वाले हर शख्स का अपना एक छिपा हुआ अतीत है. यह सब शांति को तब पता चलता है जब वह शांति मेन्शन में आती है और वहां का एक नौकर उसे महादेवन और राज सिंह का रंक से राजा बनने की पूरी दास्तान सुनाता है.

पत्रकार शांति का शांति मेन्शन में आने के बाद उस घर के अतीत पर से एक के बाद एक पर्दा उठना शुरू होता है. कामेश महादेवन का सबसे बड़ा बेटा रमेश मानसिक रोग का शिकार होता है. उसका छोटा बेटा सोमेश बॉलीवुड में ही निर्देशक के तौर पर संघर्ष कर रहा होता है. वह अपनी एक स्क्रिप्ट को लेकर हर जगह जाता है परन्तु कोई उसपर काम करने को तैयार नहीं होता. यहाँ तक कि उसके पिता जो स्वयं एक बहुत बड़े प्रोड्यूसर होते हैं, वह भी सोमेश के स्क्रिप्ट को नकार देते हैं. कामेश की पत्नी आयशा, जो की एक फिल्म प्रोड्यूसर की बेटी है, उसका करिएर भी दोनों दोस्त मिलकर तबाह कर चुके होते हैं. कामेश महादेवन की एक गोद ली हुई बेटी निधि है जिसके बारे में खुलासा होता है कि वह कामेश की अवैध (Illegitimate) संतान है.

Shanti Ek Aurat Ki Kahani

दूसरी तरफ राज जी. जे. सिंह की पत्नी साधु-संतों के चक्कर में आश्रम में चली जाती है. इसी बीच राज का सबसे छोटा बेटा निहाल अमेरिका से अपनी एक गोरी महिला मित्र मिशेल के साथ लौटता है और नाटकीय तौर पर उसे अपनी पत्नी बताता है. राज की बड़ी बेटी माया अपनी माँ के आश्रम में जाने से डिप्रेशन में चली जाती है जबकि हमेशा लड़कियों के चक्कर में रहने वाला उसका बड़ा बेटा रोहन एक मॉडल को शादी के लिए दबाव बनाता है. वह मॉडल को धमकी देता है कि अगर वह उससे शादी नहीं करेगी तो वह मीडिया में अपने संबंधों का खुलासा कर उसका करिएर तबाह कर देगा.

बहरहाल, शांति मेन्शन में यह सब घटनाक्रम शांति की उपस्थिति में घटता रहता है. यहाँ दिलचस्प यह है कि शांति का अपना भी एक काला अतीत इसी शांति मेन्शन से जुड़ा हुआ है. कामेश महादेवन और राज जी. जे. सिंह में से ही उसका एक पिता है. शांति का अतीत यह है कि उसकी माँ एक मजदूर थी और शांति मेन्शन बनने के दौरान उसने वहां काम किया था. इसी दौरान दोनों ने शांति की माँ के साथ बलात्कार किया था. अंततः संक्षेप में कहा जाए तो कह सकते हैं कि इस सीरियल में शांति एक सूत्रधार है जिसके माध्यम से कामेश और राज जी. जे. सिंह और उसके परिवार के पूरे अतीत को रोचक तरीके से पेश किया गया है.

 सीरियल शांति-एक औरत की कहानी से संबंधित मुख्य तथ्य (Highlights of serial Shanti – Ek Aurat ki kahani)

क्रमांकतथ्यविवरण
1धारावाहिक का नामशांति-एक औरत की कहानी 
2देशभारत
3भाषाहिंदी
4विषयपारिवारिक ड्रामा
5निर्देशक आदी पोचा 
6प्रोड्यूसरयूटीवी सॉफ्टवेयर कम्युनिकेशन  
7पटकथातेजेन्दर शर्मा  
8प्रसारण की शुरुआत1994
9प्रसारण चैनलदूरदर्शन मेट्रो, स्टार प्लस
11एपिसोड की अवधि24 मिनट
12प्रसारित सीजन संख्याएक

सीरियल शांति-एक औरत की कहानी के मुख्य पात्र (Cast of serial Shanti – Ek Aurat ki kahani)

क्रमांकपात्र नामवास्तविक नाम
1शांतिमंदिरा बेदी
2तुलसी (शांति की माँ)मोहिनी शर्मा
3विजयअमित बहल
4शेखरअनूप सोनी
5कामेश महादेवनयतिन कारयेकर
6राज जी. जे. सिंहअमर तलवार
7सोमेश महादेवनविजय ऐदासनी
8आयशा महादेवनसुमुखी पेंडसे
9निधि महादेवनपहले इरावती हर्षे और बाद में ऋचा आहूजा
10रमेश महादेवनजीतू शास्त्री
11इंदु सिंहअनीता कंवल
12निहालसंजीव कपाडिया
13मायासुकन्या कुलकर्णी
14रोहन सिंहपहले सलीम फतेही और बाद में शोएब जुनैद
15साशापहले अमिकेय सिंह और बाद में अश्वनी कलसेकर
16 भंडारीसुनील शेंदे
17मन्नू (भंडारी का बड़ा बेटा)राजेश तैलंग
18नानू (भंडारी का छोटा बेटा)राजेश जैस
19रंजना (आयशा महादेवन की बहन)शिल्पा तुलासकर
20सुंदरी (आयशा की माँ)नैना आप्टे
21सुंदरी का पतिअशोक बंथिया
22पृथ्वीपृथ्वी जुत्शी
23बिंदियासुप्रिया कार्निक
24बिंदिया की माँनीलिमा अज़ीम
25संजयअमन वर्मा

अंततः समग्र तौर पर कहा जाए तो “शांति-एक औरत की कहानी” भारतीय टेलीविज़न के इतिहास में एक क्रांति लेकर आई थी. इस सीरियल के सफल प्रसारण के बाद डेली सोप ओपेरा की शुरुआत हुई और टेलीविज़न के प्रति लोगों का आकर्षण बढ़ा. दूसरी तरफ एक औरत के इर्दगिर्द घूमती कहानी की सफलता से टेलीविज़न सीरियल निर्माताओं को औरत को केंद्र में रखकर कहानी बुनने और उसे सफल बनाने का एक नुस्खा भी हाथ लग गया. अगर इस सीरियल की बात की जाए तो मंदिरा बेदी सहित सभी कलाकारों ने दमदार अभिनय कर सीरियल की सफलता में चार चंद लगा दिया था जिसे लोग आज भी याद करते हैं और आगे भी करते रहेंगे.

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Ankita
अंकिता दीपावली की डिजाईन, डेवलपमेंट और आर्टिकल के सर्च इंजन की विशेषग्य है| ये इस साईट की एडमिन है| इनको वेबसाइट ऑप्टिमाइज़ और कभी कभी आर्टिकल लिखना पसंद है|

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