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भारत में शिक्षक दिवस का महत्व 2019

शिक्षक दिवस पर वृत्तांत लेखन (कब मनाया जाता हैं, महत्व क्या हैं ) भाषण, अनमोल वचन, शायरी [Shikshak Diwas (Teachers’ Day) Mahatva In Hindi]

किसी भी देश को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने और साथ ही सुंदर विचारों के साथ दृढ़ बनाने के लिए कुछ सामाजिक सदस्यों का सहयोग आवश्यक होता है। वे सामाजिक सदस्य होते हैं हमारे माता पिता और शिक्षक। भारत के मिसाइल मैन कहे जाने वाले एपीजे अब्दुल कलाम की कुछ शानदार पंक्तियां हमेशा ही मन में गूंजती हैं जो समाज के व्यक्ति और समाज के शिक्षकों पर एक अलग प्रभाव छोड़ती हैं। वे हमेशा यही कहा करते थे कि मनुष्य के विचारों का अंदाजा उसके हाव-भाव और बर्ताव से ही लग जाता है इसी से पता लगता है कि वह कितना शिक्षित है और उसकी शिक्षा के पीछे किस अनुभवी शिक्षक का हाथ है। आज हम बात कर रहे हैं शिक्षक दिवस के बारे में जो पूरे भारत में 5 सितंबर को मनाया जाता है।

shikshak diwas

शिक्षक दिवस कब मनाया जाता है?

प्रत्येक वर्ष भारत में 5 सितम्बर शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। उस दिन हम अपने अनुभवी शिक्षकों को धन्यवाद देते है जिन्होंने हमारा भविष्य उज्जवल बनाने में अपना पूरा सहयोग दिया है। शिक्षक दिवस जल्द ही आने वाला है और स्कूलों में शिक्षक दिवस उत्सव बेहद हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है जिसकी तैयारियां लगभग शुरू भी हो चुकी हैं। हम सभी अपने शिक्षक को गुरुओं और अपने जीवन में आने वाले मार्ग दर्शकों के आभारी रहते हैं जिन्होंने हमारे भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए हमारे जीवन की हर समस्या का हल निकालने का सरल तरीका हमें सिखाया है।

 शिक्षक दिवस क्यों मनाया जाता है? आइए जानते हैं शिक्षक दिवस समारोह के पीछे का इतिहास…

भारत के दूसरे पूर्व राष्ट्रपति डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिवस के अवसर पर प्रत्येक वर्ष 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। उनका जन्म सन 1988 में तमिलनाडु के तिरुपति गांव में हुआ था। उनके विचार और मस्तिष्क की समझदारी ने पूरे देश को उनका सम्मान करने पर मजबूर कर रखा था। उनका यही कहना था कि शिक्षकों का देश की उन्नति में सबसे बड़ा योगदान होता है इसलिए शिक्षक वह होना चाहिए जो अपने ज्ञान और अनुभव से एक नए भविष्य का निर्माण कर सकें।

राष्ट्रपति बनने से पहले वे एक शिक्षक थे और सन 1962 में जब वे भारत के दूसरे राष्ट्रपति बने तो उनके छात्रों ने बड़े ही उत्साहित होकर उनके जन्मदिवस को राधाकृष्णन दिवस जन्मदिन के रूप मे जश्न मनाने की ठान ली। परंतु उन्होंने अपने विद्यार्थियों को इस बात से इंकार कर दिया और कहा यदि मेरा जन्मदिन का जश्न मनाने की बजाय आप 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाए तो यह मेरे लिए गौरवपूर्ण सौभाग्य होगा।

बस फिर क्या था राधाकृष्णन के जन्मदिवस को शिक्षक रूप में मनाने का प्रचलन पूरे भारत में उसी समय से चल पड़ा। डॉ राधाकृष्णन के सबसे करीबी दोस्तों में से एक पंडित जवाहरलाल नेहरू ने भी अपना मत व्यक्त करते हुए कहा की “राधाकृष्णन ने अपनी क्षमताओं और बुद्धि के बलबूते पर देश की कई तरीके से सेवा की है। एक बेहतर व्यक्तित्व होने के साथ-साथ एक बेहतर और महान शिक्षक भी हैं जिनसे हमें अपने जीवन में बहुत कुछ सीखने को मिला है और आगे भी सीखने को मिलता रहेगा।”

पंडित जवाहरलाल नेहरू ने कहा की “राधाकृष्णन जैसा व्यक्तित्व महान दार्शनिक और महान शिक्षाप्रद है जिन्होंने राष्ट्रपति के रूप में अपनी एक महान मानवतावादी विचारों से भारत के अजीबोगरीब विशेष अधिकारों को पलट कर रख दिया।” यह एक ऐसे महापुरुष हैं जिनको हर व्यक्ति मान सम्मान की नजर से देखता है इसलिए उनकी बातों का सम्मान करते हुए प्रत्येक वर्ष 5 सितंबर के दिन शिक्षक दिवस मनाया जाएगा।

शिक्षक दिवस का महत्व

इस देश के उज्जवल भविष्य का निर्माण भारत देश के शिक्षकों द्वारा ही किया जाता है इसलिए भारत देश के प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में शिक्षक का एक अलग महत्व है। एक शिक्षक ही होता है जो अपने देश को सुदृढ़ बनाने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी निभाता है। प्रत्येक वर्ष 5 सितंबर को पूर्व राष्ट्रपति डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी के जन्मदिन पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए प्रत्येक कॉलेज और स्कूलों में शिक्षक दिवस मनाया जाता है।

शिक्षक दिवस प्रत्येक विद्यार्थी के लिए बहुत महत्व रखता है क्योंकि वह विद्यार्थी अपने जीवन को उज्जवल बनाने में सहयोग प्रदान करने वाले शिक्षक को धन्यवाद रूप में बहुत कुछ प्रदान करता है जो कि एक शिक्षक के लिए बहुत कम होता है। वे विद्यार्थी अपने शिक्षकों को यह बताते हैं कि वे उनके लिए कितने अनमोल है और उनके जीवन में क्या महत्व रखते हैं। यह एक ऐसा दिन है जो शिक्षकों और छात्रों के बीच का रिश्ता अनोखा, गहरा और मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

विद्यार्थियों की सफलता के लिए पूरे वर्ष प्रत्येक शिक्षक अपनी सभी जिम्मेदारियों को निभाते हुए कड़ी मेहनत करते हैं। एक यही दिन होता है जब शिक्षक अपनी जिम्मेदारियों और कार्यों से मुक्त होकर शिक्षकों द्वारा किए हुए आयोजनों का आनंद लेते हैं और आराम करते हैं। सभी छात्र अपने प्रत्येक शिक्षक को धन्यवाद रूप में उपहार भी देते हैं तथा उनके लिए भावनात्मक भाषण भी देते हैं।

भारत में कैसे मनाया जाता है शिक्षक दिवस

भारत के प्रत्येक स्कूल व कॉलेज में उस दिन शिक्षक दिवस मनाया जाता है। उस दिन सभी स्कूल और कॉलेज को बहुत खूबसूरत सजाया जाता है। टीचर्स को सम्मान विद्यार्थियों द्वारा व एक दिन का आराम देने के लिए विद्यार्थियों द्वारा खूब सारी तैयारियां की जाती है। इस दिन स्कूलों में बड़ी कक्षाओं के छात्रों को अध्यापक बनाया जाता है और अध्यापक उनका सहयोग व मार्गदर्शन करते हैं। वे छात्र अध्यापक बनकर स्कूल के सभी छात्रों को 1 दिन के लिए पढ़ाते हैं और साथ ही छोटा सा उत्सव स्कूल व कॉलेज में मनाया जाता है।

जिसमें अध्यापक दिवस पर एक भाषण दिया जाता है कुछ सांस्कृतिक कार्यक्रम किए जाते हैं और शिक्षक दिवस के महत्व को विद्यार्थियों तक पहुंचाया जाता है। विद्यार्थियों द्वारा शिक्षकों के लिए कई आयोजन किए जाते हैं जिससे शिक्षकों को सम्मान व गर्व महसूस कराया जा सके। जो विद्यार्थी अध्यापक बनते हैं विभागीय विद्यार्थियों को शिक्षक के तौर पर कई सारे गेम्स भी खिलाते हैं और मनोरंजक कार्यक्रम भी कराए जाते हैं।

विद्यार्थी के जीवन में शिक्षक का महत्व

जैसे-जैसे समय बदलता जा रहा है उसी तरह शिक्षक दिवस का उत्सव भी बदलता जा रहा है। आज के समय में कोई भी शिक्षक का सही महत्व जानने में सक्षम नहीं है। सोशल मीडिया का ऐसा जमाना शुरू हो गया है कि बस लोग पोस्ट डालते हैं और शिक्षक दिवस के बारे में लिख देते हैं परंतु शिक्षकों को तो भूल ही जाते हैं। भाषण देते हैं परंतु उस भाषण में हास्य व्यंग ज्यादा होते हैं शिक्षकों को धन्यवाद देने वाले शब्द कम। परंतु एक परिश्रमी और समझदार व्यक्ति ही एक शिक्षक का महत्व अपने जीवन में समझ सकता है।

स्कूल और कॉलेजेस में शिक्षक दिवस बहुत बड़े पैमाने पर मनाया जाता है परंतु शिक्षकों द्वारा सिखाई हुई सीख आज का कोई भी विद्यार्थी याद नहीं रखता है। एक शिक्षक को अपने जीवन में आनंद का अनुभव तब होता है जब उनके पर आए हुए विद्यार्थी देश के लिए कुछ करते हैं अपने जीवन में सफलता प्राप्त करते हैं। तब एक शिक्षक का सीना चौड़ा हो जाता है और वह गर्व से कह पाता है कि मैं इस शिष्य का गुरु हूं।

प्रत्येक विद्यार्थी को अपने जीवन के हर कदम पर एक शिक्षक एक मार्गदर्शक की आवश्यकता होती है। शिक्षक न केवल एक छात्र के लिए बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति के लिए महत्वपूर्ण है। प्रत्येक मनुष्य की समझ को समझने के बाद एक शिक्षक उस समय और बुद्धि की सहायता से एक उज्जवल भविष्य का विकास करता है। जो एक विद्यार्थी को शिक्षक, नेता, इंजीनियर, डॉक्टर आदि बनने में अपना महत्वपूर्ण योगदान देता है।

जो व्यक्ति अपने जीवन में शिक्षक का सही महत्व समझ लेता है वह सफलता की ओर अग्रसर रहता है। वही व्यक्ति देश की उन्नति में अपना महत्वपूर्ण योगदान देता है। एक बेहतर भविष्य के निर्माण में योगदान देने वाले शिक्षकों के लिए सम्मान और सराहना देना देश के प्रत्येक विद्यार्थी का नैतिक कर्तव्य होता है। इसलिए हमें अपने जीवन में गुरु का महत्व समझते हुए उनको सम्मान देना चाहिए और शिक्षक दिवस पर एक बेहतर उपहार के साथ उन्हें उनके शिक्षक होने पर गर्व का अनुभव कराना चाहिए। एक शिक्षक के लिए सबसे बेहतर और अमूल्य उपहार यही होता है जब उनके विद्यार्थी एक सफल इंसान बन पाते हैं।

निष्कर्ष

एक विद्यार्थी के जीवन में उसका सबसे बड़ा गुरु माता पिता होते हैं उसके बाद आते हैं अध्यापक जो एक विद्यार्थी को अच्छी नैतिकता वाले आचरण का एक बहुत बड़ा उपहार देते हैं। वे एक विद्यार्थी को बड़े ही प्रेम भाव और अच्छे स्वभाव के साथ विद्यालय में पदक विजेता बनाते हैं वह साथ ही विश्वविद्यालयों में उच्च शिक्षा के लिए अग्रसर करते हैं। शिक्षक वे होते हैं जो किताबी ज्ञान के अलावा सांसारिक ज्ञान भी एक विद्यार्थी को प्रदान करते हैं ताकि वह एक बेहतर इंसान बन सके।

कहते हैं हम अपने जीवन में किसी भी व्यक्ति की बात को अनसुना कर सकते हैं और शायद भूल भी जाते हैं। परंतु एक शिक्षक ही होता है जो मनुष्य के जीवन में अपनी बातों की अपनी नैतिकता की एक अलग छाप छोड़ जाता है जो जीवन पर्यंत हमारे साथ होती है और हमारे मस्तिष्क में काम करती रहती है। एक शिक्षक ही वह व्यक्ति होता है जो हमें समाज में गर्व के साथ सम्मानित जीवन जीने योग्य बना देता है। इस शिक्षक दिवस पर हम अपने जीवन के सभी उन अध्यापकों को याद करते हुए उनकी याद में बस इतना ही कहना चाहेंगे कि हम आज जो भी है अपने शिक्षकों की वजह से है उनकी सीख की वजह से है।

शिक्षक दिवस से जुड़े सवाल –

Q.1 किसके जन्म दिवस पर शिक्षक दिवस मनाया जाता हैं ?

Ans. भारत के द्वितीय राष्ट्रपति “डॉ  राधा कृशनन” के जन्म दिवस पर प्रति वर्ष भारत में शिक्षक दिवस मनाया जाता हैं …

Q.2 भारत में शिक्षक दिवस कब मनाया जाता हैं ?

Ans. शिक्षक दिवस प्रति वर्ष 5 सितंबर को पूरे देश में मनाया जाता हैं ।

Q.3 शिक्षक दिवस पहली बार कब मनाया गया ?

Ans. पहली बार भारत देश में शिक्षक दिवस 1962 में मनाया गया ।

Q.4 शिक्षक दिवस की घोषणा किसने की ?

Ans. भारत में शिक्षक दिवस की घोषणा 1962 में काँग्रेस द्वारा की गई ।

शिक्षक दिवस पर शायरी 

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