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सावन (श्रावण) सोमवार 2022 कब है महत्व कथा नियम | Sawan Somvar Kab hai Katha in Hindi

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सावन (श्रावण) सोमवार 2022 कब है, महत्व, कथा, नियम, व्रत के लाभ, भजन, कब से लग रहे हैं (Sawan Somvar Kab se hai 2022 in Hindi) (Date, Starting Date, Vrat)

हिंदू धर्म में सावन के महीने को अति पवित्र माना जाता है। कुछ ज्योतिष एवं ज्ञानी पंडितों के अनुसार सावन के सोमवार को सोम या फिर चंद्र वार भी कहा जाता है। सावन मास भगवान शिव को अति प्रिय है और यह महीना संपूर्ण रूप से शिवजी की आराधना के रूप में भी विश्व विख्यात है। सावन के महीने में मंगलवार को मंगल गौरी व्रत, बुधवार को बुध गणपति व्रत, बृहस्पतिवार को बृहस्पति देव व्रत, शुक्रवार को जीवंतिका व्रत, शनिवार को बजरंगबली एवं नर्सिंग व्रत इसके अतिरिक्त रविवार को सूर्य व्रत सभी भक्तगण व्रत एवं पूजा अर्चना आदि करते हैं। आज हम इस लेख के माध्यम से जानेंगे कि सावन मास का क्या महत्व है एवं इस माह में शिवजी की पूजा अर्चना किस प्रकार से की जाती है। आज के हमारे सावन मास के इस महत्वपूर्ण लेख कों कृपया आप अंत तक अवश्य पढ़ें।

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सावन सोमवार का महत्व

बड़े-बड़े ऋषि-मुनियों एवं ज्ञानी पंडितों के समेत भारतीय पौराणिक धर्म कथाओं के अनुसार हिंदू धर्म में सावन के महीने का बहुत ही पवित्र महत्व होता है। सावन का महीना अपने अंदर विचित्र एवं अद्भुत संस्कृति को समेटे हुए हैं। सावन के महीने में श्रवण नक्षत्र एवं भगवान शिव का सोमवार से बहुत ही गहरा एवं पावन संबंध है। भगवान शिव जी ने स्वयं सनत्कुमार जी से कहा है, कि मुझे 12 महीनों में सबसे अधिक सावन का महीना प्रिय है। सावन माह के काल में भगवान शिव स्वयं श्री हरि जी के साथ मिलकर लीला रचतें हैं। इस महीने की सबसे यह विशेषता है, कि इस महीने में प्रत्येक दिन धार्मिक लोग रखते हैं एवं पूजा अर्चना करते हैं।

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सावन सोमवार पूजन विधि नियम

जैसा कि यह संपूर्ण सावन का महीना भगवान शिव को अत्यधिक प्रिय है, तो इस महीने में भगवान शिव की आराधना का भी अपना एक अलग महत्व है। इस महीने सभी भक्तगण भगवान शिव की विशेष रूप से पूजा अर्चना करते हैं। संपूर्ण सावन के महीने में गायत्री मंत्र, महामृत्युंजय मंत्र, शतरूद्र का पाठ और पुरुष सूक्त का पाठ एवं पंचाक्षर साक्षर आदि शिव जी के नामों एवं विशेष मंत्रों के माध्यम से भगवान शिव की पूजा करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। संपूर्ण सावन के महीने में भगवान शिव जी के शिवलिंग पर गाय के दूध से भगवान शिव जी का रुद्राभिषेक करने से इच्छित मनोकामना की पूर्ति होती है और भगवान शिव जी को स्वयं रुद्राभिषेक पसंद है।

सावन सोमवार कथा (Story)

सावन सोमवार कथा की बात करें तो सावन सोमवार के दिन लोग अपने घर में भगवान शिव का रुद्राभिषेक करते हैं, रुद्राभिषेक में शिव जी की पूजा की जाती है. इसके अलावा भगवान् शिव की पूजा करने के साथ ही उनकी कथा भी कही जाती है. सावन सोमवार की कथा को आप गूगल पर या यूट्यूब पर सर्च कर सकते हैं. इसमें आपको विधिवत पूरी कथा मिल जाएगी.

सावन सोमवार व्रत में क्या खाना चाहिए

सावन सोमवार के व्रत में आप एक समय खाना खा सकते हैं, खाने में एक अन्न खाया जाता है. आप इसमें दाल चावल नहीं खा सकते हैं.

सावन सोमवार व्रत एवं पूजा लाभ

सावन के महीने में भगवान शिव की आराधना करने से शिव जी स्वयं अपने भक्तों की मनोकामना को पूर्ण करते हैं। जल्द से वर्षा करने से सुख की प्राप्ति, दधी पशु धन की प्राप्ति, ईख के रस से लक्ष्मी, मधु से धन दूध से एवं एक हजार मंत्रों समेत घी की धारा से भगवान शिव की आराधना करने से पुत्र एवं वंश की वृद्धि का फल प्राप्त होता है।

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सावन माह तिथि महत्व

सावन महीने के हर तिथि के दिन अलग-अलग देवी-देवताओं का अपना महत्व होता है। श्रावण प्रतिपदा तिथि के देवता अग्नि, द्वितीय के ब्रह्मा, द्वितीय के गौरी, चतुर्थी के गणनायक, पंचमी के नाग, षष्ठी के नाग, सप्तमी के सूर्य, अष्टमी के शिव, नवमी के दुर्गा, दशमी के यम, एकादशी के स्वामी विश्वदेव, द्वादशी के भगवान श्रीहरि, त्रयोदशी के कामदेव, चतुर्दशी के भगवान शिव, अमावास्या के पितर और पूर्णिमा के स्वामी चंद्रमा हैं l इन सभी देवताओं की विशेष रूप से सावन के महीने में पूजा करने से अनेकों लाभ प्राप्त होते हैं एवं दुख, दरिद्रता, कष्ट आदि मिट जाते हैं।

सावन सोमवार 2022 कब से लग रहे हैं (Starting Date)

इस वर्ष सावन माह का प्रारंभ 18 जुलाई से हो रहा है।सभी शिव भक्त प्रत्येक सावन माह के सोमवार को व्रत रखते हैं और भगवान शिव जी की विशेष रूप से पूजा अर्चना आदि करते हैं।

सावन सोमवार 2022 व्रत तिथि (Vrat Date)

इस वर्ष सावन माह में चार सोमवार व्रत पड़ रहे हैं, जो इस प्रकार उनकी तिथि है।

सावन का पहला सोमवार18 जुलाई
सावन का दूसरा सोमवार25 जुलाई
सावन का तीसरा सोमवार1 अगस्त
सावन का चौथा सोमवार8 अगस्त

हिंदू धर्म की धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन का महीना बहुत ही सुखमय एवं शिवमय होता है। भगवान शिव की सभी भक्त संपूर्ण सावन के महीने में भगवान शिव जी की आराधना करते हैं और उनके शिवलिंग पर गंगाजल एवं दूध की धारा के पूजन करके भगवान शिव को प्रसन्न करते हैं। भगवान शिव अपने भक्तों को इच्छुक वरदान देते हैं और उनकी मनोकामना को पूर्ण करते हैं।

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FAQ

Q : सावन सोमवार कब होता है ?

Ans : सावन के महीने की हर सोमवार को.

Q : सावन सोमवार 2022 में कब से लग रहा है ?

Ans : 18 जुलाई से शुरू है.

Q : सावन सोमवार सन 2022 में कितने हैं ?

Ans : 18, 25 जुलाई, 1 अगस्त, 8 अगस्त

Q : सावन सोमवार व्रत की विधि क्या है ?

Ans : इस दिन भगवान शिव की पूजा करने एवं भोग लगाने के बाद दिन में एक बार खाना खाया जाता है.

Q : सावन सोमवार व्रत करने से क्या फल मिलता है ?

Ans : जो भी मनोकामना हो पूरी हो जाती है.

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