क्रिकेटर श्रेयस अय्यर जीवन परिचय | Shreyas Iyer Biography in Hindi

क्रिकेटर श्रेयस अय्यर जीवन परिचय (जीवनी, परिवार, आयु, रिकॉर्ड, आईपीएल) (Shreyas Iyer Biography in Hindi) (Family Caste Records Family Father, IPL)

श्रेयस अय्यर का पूरा नाम श्रेयस संतोष अय्यर हैं, श्रेयस अय्यर एक टॉप-बॉर्डर बैट्समैन हैं जो कि क्लासिकल शॉट्स खेलने में माहिर हैं.  वो भारतीय क्रिकेट टीम के टी20 इंटरनेश्नल और ओडीआई  (ODI) मैच में राईट हैंडेड बैट्समैन और राईट-आर्म ऑफ ब्रेक बॉलर हैं. श्रेयस में बचपन से खेलों के प्रति अलग ही रुझान रहा है. वो एक मल्टी-टैलेंटेड प्लेयर हैं, वो क्रिकेट के साथ बैडमिंटन और फूटबाल भी अच्छा खेलते हैं. अय्यर के टीम मेट्स उनकी खेलने की शैली को वीरेंद्र सहवाग के जैसा मानते हैं.

Shreyas Iyar Biography In Hindi

श्रेयस के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी Important Information about Shreyas

नाम (Name)श्रेयस अय्यर
पेशा (Occupation)क्रिकेटर
विशेषता (Speciality)टॉप-बॉर्डर बैट्समैन हैं और क्लासिकल शॉट्स खेलने में माहिर हैं
जन्म (Date of Birth)6 दिसम्बर 1994
आयु (Age)26
जाति (Caste)तमिल ब्राह्मण
जन्मस्थान (Birth Place)मुंबई
पिता का नाम (Father name)संतोष अय्यर
माता का नाम (Mother name)रोहिणी अय्यर
स्कूल (School)एंटोनियो स्कूल और डॉन बोस्को
कॉलेज (College)आर-ए-पोदार कॉलेज ऑफ़ कॉमर्स एंड इकोनॉमिक्स
लम्बाई (Height)5’10”
वजन (Weight)66 किलो
आँखों का रंग (Eye Colour)काला
बालों का रंग (Hair Colour)काला
उपलब्धि (Achievements)·         2014 के वर्ल्ड कप अंडर-19 रैंक में लगातार 5 हाफ सेंच्युरी बनाई.

 

·         2015 में इंडियन प्रीमियर लीग ने अय्यर को दिल्ली डेयर डेविल्स को 2.6 करोड़ रूपये में साइन किया.

·         2018 आईपीएल में भी बेहतरीन प्रदर्शन

 

 श्रेयस का जन्म और परिवार (Shreyas: Birth and Family)

6 दिसम्बर 1994 को मुंबई में श्रेयस का जन्म हुआ था. श्रेयस अय्यर के पिता का नाम संतोष अय्यर हैं  जिन्होंने श्रेयस के क्रिकेट करियर को बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई हैं. एक बिजनेसमेन होते हुए भी संतोष ने अपने बिजी शेड्यूल से श्रेयस के लिए टाइम निकाला. वास्तव में श्रेयस के पिता का ही उनके करियर बनाने में महत्वपूर्ण योगदान हैं,संतोष श्रेयस के सभी कोच के साथ सम्पर्क बनाये रखते थे.

श्रेयस की माँ रोहिणी अय्यर ने भी श्रेयस को क्रिकेट में करियर बनाने के लिए हमेशा प्रोत्साहित किया. श्रेयस की बहन श्रेष्ठा अय्यर साइकोलॉजी में अपना करियर बना रही हैं.

श्रेयस का बचपन (Shreyas: Childhood)

श्रेयस अय्यर का शुरू से क्रिकेट के प्रति रुझान रहा हैं. अय्यर जब 4 वर्ष के थे तब से उनके पिता उनके साथ घर में ही खेलते हुए उनके लिए बालिंग करते थे, और तभी संतोष को श्रेयस के बेटिंग में एग्रेशन को देखकर एहसास हुआ कि उनमें क्रिकेट की असीम प्रतिभा छुपी हुई हैं.

 छोटी उम्र में भी अय्यर बेटिंग में बहुत अच्छे थे और उन्होंने इंडियन जिमखाना में खेलते हुए 46 बॉल्स में शतक बना लिया. इस तरह खेलते हुए जल्द ही अय्यर ने घरेलु खेलों में अपनी पहचान बना ली.

श्रेयस गली-क्रिकेट खेलने भी गए थे लेकिन वहां टीनऐज के बच्चों के सामने बहुत छोटे होने के कारण उन्हें बालिंग से ज्यादा कोई मौका नही मिला.

श्रेयस के लिए फुटबॉल और क्रिकेट में से किसी एक गेम को एक चुनना मुश्किल था लेकिन उनके पिता संतोष ने उनकी इसमें मदद की . श्रेयस जब 11 वर्ष के थे तब संतोष उन्हें शिवाजी पार्क जिमखाना लेकर गए लेकिन वहां उन्हें कहा गया कि श्रेयस बहुत छोटे हैं इसलिए उन्हें अगले साल आना चाहिए,ऐसे में श्रेयस को थोड़े समय का इंतज़ार करना पडा और इस दौरान ही प्रवीन अमरे ने उन्हें गाइड किया. और 11 की उम्र में श्रेयस वर्ली स्पोर्ट्स क्लब में शामिल हो गये.

श्रेयस अय्यर जब मात्र 12 वर्ष के थे तब ही उनके कोच प्रवीन अमरे ने शिवाजी पार्क जिमखाना में इस गुण को पहचाना था. उन्होंने ही श्रेयस को क्रिकेट में सही दिशा दी,

श्रेयस की पढाई के साथ क्रिकेट का करियर  (Education with Cricket)

शिवाजी पार्क जिमखाना के लिए इंतज़ार करने के समय में  श्रेयस के पिता ने कोच से ऐसे स्कूल के बारे में पूछा जो उसके करियर को सम्भाल सके और उसे सही दिशा भी दे सके और कोच की सलाह को मानते हुए संतोष ने श्रेयस को एंटोनियो स्कूल से निकालकर से डॉन बोस्को में शिफ्ट कर दिया. जहाँ श्रेयस के पास क्रिकेट में अपना समय और ऊर्जा देने की ज्यादा सम्भावनाएं थी.

श्रेयस ने अपने कॉलेज के दिनों में भी कई ईनाम जीते थे . श्रेयस ने आर-ए-पोद्दार कॉलेज ऑफ़ कॉमर्स एंड इकोनॉमिक्स से आगे की पढाई की और वहीँ से लगातार 2 बार बेस्ट प्लेयर ऑफ़ दी ईयर का ख़िताब भी जीता. उनकी अच्छी बेटिंग के कारण उन्हें पोद्दार के लिए इंटर-कॉलेज क्रिकेट टूर्नामेंट खलेने का भी मौका मिला.

श्रेयस का बुरा समय और संघर्ष (Shreyas’s Bad time and Struggle)

2009 में श्रेयस का बुरा समय शुरू हुआ जब वो अच्छा नहीं खेल पा रहे थे और कुछ ट्रायल्स में उन्हें रिजेक्शन का भी सामना करना पड़ा था. श्रेयस के पिता ने इस पर तुरंत एक्शन लिया और उन्हें मुंबई में स्पोर्ट साइकोलोजिस्ट मुग्धा बावरे के पास ले गए,जिसके बाद परिस्थियाँ बदल गयी और अय्यर का खोया हुआ आत्म-विशवास लौटने लगा और वो वापिस फॉर्म में लौट आये.

 श्रेयस का क्रिकेट में करियर (Shreyas Carrier)

अय्यर ने 2014 में यूएई में आयोजित वर्ल्ड कप अंडर-19 रैंक में लगातार 5 हाफ सेंच्युरी बनाई.2014 में श्रेयस ने यूनाइटेड किंगडम के दौरे पर ट्रेंट ब्रिज क्रिकेट टीम में अच्छा प्रदर्शन किया था, उन्होंने 3 मैच खेले और 99 के एवेरेज पर 297 रन बनाकर सबको अचम्भित कर दिया. उस टूर में उनका बेहतरीन प्रदर्शन 171 रन था.

श्रेयस ने अपने 2014-15 में मुंबई से डेब्यू में 50 ओवर के एवरेज पर 809 रन बनाए. उनका मुंबई के साथ का सेकंड सीजन ज्यादा सफल था जब सिंगल फर्स्ट क्लास सीजन में उन्होंने 1321 रन का स्कोर किया था. श्रेयस ने लगभग 73.39 के एवरेज से 7 हाफ-सेंच्युरी और 4 सेंच्युरी बनाई और इंडियन डोमेस्टिक सीजन के टॉप स्कोरर बन गये. इसी में आगे चलते हुए श्रेयस रणजी ट्राफी में 1300 रन बनाकर सेकंड प्लेयर बन गए.

श्रेयस ने घरेलू क्रिकेट में मुंबई क्रिकेट टीम को रीप्रजेंट किया और 45 मैच में 54.63 के एवरेज से 3988 रन बनाए और अपनी टीम के लिए 2 विकेट भी लिए. अच्छे  प्रदर्शन के कारण ही इंडियन प्रीमियर लीग 2015 के दिल्ली डेयर डेविल्स के आयोजकों की नजर उन पर पड़ी, और उन्हें उस टीम में जगह मिली.

फरवरी 2015 में इंडियन प्रीमियर लीग ने अय्यर को दिल्ली डेयर डेविल्स को 2.6 करोड़ रूपये में साइन किया और इस तरह से वो टूर्नामेंट के सबसे ज्यादा कमाने वाले प्लेयर में शामिल हो गए. उन्होंने तब 33.76 के एवरेज के साथ 14 मैच में  439 रन और लगभग 130 की स्ट्राइक रेट के साथ खेलकर किसी को भी निराश नहीं किया.इस तरह उन्होंने आईपीएल के उभरते हुए प्लेयर ऑफ दी ईयर का अवार्ड जीता था.

  2015-16 के सीजन के अंत तक श्रेयस ने रणजी ट्राफी के माध्यम से नेशनल लेवल पर अपनी पहचान  बनाई. अय्यर ने 73.38 के एवरेज पर 1321 रन बनाए जिसमें फाइनल का एक शतक भी शामिल था इससे मुंबई को 41 वां टाइटल जीतने में मदद मिली.

अय्यर ने भारत के लिए अपना पहला टी 20 इंटरनेशनल मैच 1 नवम्बर 2017 को न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला,लेकिन इसमें उन्हें बेटिंग स्किल्स दिखाने का मौका नहीं मिला. हालाँकि इसके अगले महीने श्रेयस ने श्रीलंका के खिलाफ अपने ओडी डेब्यू में 9 रन बनाए.

2017 में श्रेयस अय्यर ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इंडिया A को रिप्रेजेंट करते हुए वार्म-अप मैच में डबल सेंच्युरी बनाई. अय्यर ने 210 बॉल्स में 202 रन बनाए और इस तरह श्रेयस क्रिकेट फेंस के बीच प्रसिद्ध हो गए.

 इस तरह ये 2018 में भी डेयरडेविल्स के लिए 7 करोड़ रूपये के खिलाडी बने रहे.

श्रेयस का आईपीएल में प्रदर्शन (Shreyas Performance in IPL )

श्रेयस अय्यर ने आईपीएल में 2015 में डेब्यू किया था. दिल्ली कैपिटल्स टीम ने इनको टीम में लिया था, जिसके बाद ये अभी तक टीम से जुड़े हुए है. 2015 में इन्हें टीम द्वारा 2.6 करोड़ रूपए में ख़रीदा गया था. 2018 में दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान रहे गौतम गंभीर ने टीम को छोड़ दिया था, उसके बाद श्रेयस को टीम का कप्तान बनाया गया था.

श्रेयस पर बनी डॉक्युमेंट्री (Documentary on shreyas)

श्रेयस अय्यर डोक्युमेंट्री- अ फादर ड्रीम एक शोर्ट फिल्म हैं जिसे क्रिकेट राइटर आयुष पुथरण ने डायरेक्ट किया हैं, जिसमें श्रेयस के जूनियर और ऐज-ग्रुप क्रिकेट जर्नी को बताया हैं.  

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Karnika

कर्णिका दीपावली की एडिटर हैं इनकी रूचि हिंदी भाषा में हैं| यह दीपावली के लिए बहुत से विषयों पर लिखती हैं |यह दीपावली की SEO एक्सपर्ट हैं,इनके प्रयासों के कारण दीपावली एक सफल हिंदी वेबसाइट बनी हैं
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