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7 वें वेतन आयोग के अंतर्गत सियाचिन सैनिकों का वेतन भत्ता | Siachen Soldiers Salary Allowance in 7th Pay Commission in hindi

Siachen Soldiers Salary Allowance in 7th Pay Commission in hindi 7 वें केन्द्रीय वेतन आयोग के आधार पर सियाचिन के सैनिकों का वेतन भत्ता दृढ़ किया गया है. सियाचिन सबसे ऊंचा बॉर्डर है, जहाँ पर भारत के सैनिक 24 घंटे देश की सुरक्षा में तत्पर रहते हैं. परिस्थितियां चाहे कितनी भी प्रतिकूल हो, सियाचिन के जवान हमेशा बॉर्डर पर टिके रहते हैं और देश को सुरक्षित रखते हैं. इनकी सुविधा और आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने 7 वाँ वेतन आयोग के अनुसार इनके वेतन भत्ते को रिवाइज किया है. यह 1 जुलाई 2017 से शुरू किया गया है.

सियाचिन सैनिकों का वेतन भत्ता (Siachen Soldiers Salary Allowance in hindi)

सियाचिन पर तैनात जवानों को अब सरकार के 7 वें वेतन आयोग के हिसाब से वेतन मिलेगा. वित्त मंत्रालय ने इसके लिए जो अधिसूचना जारी की है, उसे केंद्र सरकार द्वारा मान लिया गया है. वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा वेतनश किये गये बजट में यह अधिसूचना प्रकाशित की गयी. इस वेतन भत्ते को लेकर इससे पहले भी कई सरकारी उच्च स्तरीय बैठकें होती रही थीं. इस वेतन आयोग के अंतर्गत पुराने भत्ते पर विचार विमर्श करके संसोधित किया गया है, जिसके अनुसार सियाचिन जवानों और अधिकारियों के वेतन को दुगुना तक कर दिया गया है. यहाँ पर विभिन्न पदों के लिए पुराने और नए वेतन भत्ते का ब्यौरा दिया जा रहा है.

सियाचिन ग्लेशियर वेतन भत्ता (Siachen Glacier Allowance)

सियाचिन ग्लेशियर सबसे ऊंचा और कठिनाइयों भरा स्थान है, जहाँ पर भारतीय सेना हर समय तत्पर रहती है. यहाँ पर वर्ष भर बर्फ रहता है और जवान इतने कम तापमान में भी दुश्मनों से मुकाबले के लिये तैनात रहते हैं. यहाँ पर भारतीय आर्मी के कई जवान यहाँ की कठिन जलवायु की वजह से भी शहीद हो जाते हैं. यहाँ पर तैनात सैनिकों का वेतन काफी कम है, इसलिए सरकार 7 वें वेतन आयोग के तहत इसका वेतन भत्ता बढ़ाने जा रही है. भारतीय सेना द्वारा हुई सर्जिकल स्ट्राइक यहाँ पढ़ें.

सियाचिन हार्डशिप वेतन भत्ता (Siachen Hardship Allowance)

सियाचिन ग्लेशियर में तैनात सैनिकों को ‘सियाचिन हार्डशिप वेतन भत्ता के अंतर्गत 1 जुलाई से लागू वेतन संरचना का वर्णन नीचे किया जा रहा है.

  • 7 वें वेतन आयोग के पहले यहाँ के जवानों की तनख्वाह सियाचिन ग्लेशियर भत्ते के अतिरिक्त रू 14,000 की थी. इस स्थान पर इतनी कठनाई और संकट में समय गुज़ार कर ये वेतन भत्ता कम ही लगता है. इस रिविजन के बाद सैनिकों के लिए ये वेतन भत्ता 14000 रू से बढ़ा कर 30000 रू प्रति महीना कर दिया गया है. सियाचिन सेना के ऑफिसर का वेतन भत्ता 21,000 रू से रू 42,500 तक कर दिया गया है.
  • अधिक ऊंचाई (हाई ऑल्टीट्युड) पर तैनात जवानों और अधिकारियों का वेतन रू 810- 16,800 से बढ़ा कर रू 2,700- 25,000 कर दिया गया है.
  • काउंटर इन्सर्गेंसी ऑपरेशन (सीआई- ऑप्स) के जवानों और अधिकारियो के लिए यह भत्ता रू 3000 -11,700 से रू 6000- 16900 कर दिया गया है.
  • इस वेतन आयोग के अनुसार नक्सल और विद्रोह प्रभावित क्षेत्रों में, जहाँ पर कमांड बटालियन फॉर रिसोल्युट एक्शन (कोबरा) के जवान तैनात रहते है, उनका वेतन भत्ता रू 8,400 – 16,800 से बढ़ा कर रू 17,300 – 25,000 कर दिया गया है.

इस तरह से सियाचिन के जवानों के हार्डशिप को देखते हुए जवानों के वेतन को दुगना और कहीं कहीं दुगने से भी अधिक कर दिया गया है. इस वेतन भत्ते का एक अनुकूल असर सियाचिन के जवानों पर पड़ेगा और उनका अच्छा प्रोत्साहन मिलेगा.

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Ankita

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अंकिता दीपावली की डिजाईन, डेवलपमेंट और आर्टिकल के सर्च इंजन की विशेषग्य है| ये इस साईट की एडमिन है| इनको वेबसाइट ऑप्टिमाइज़ और कभी कभी आर्टिकल लिखना पसंद है|
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One comment

  1. Avinash Chauhan

    Thanks, is tarah ki information share karne ke liye jo desh ke un javano se judi huyi hai. Jo un kathin paristhiyon me rahakar hamari surksha karte hai. Very nice Information.

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