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सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध (प्लास्टिक मुक्त भारत)

सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध (प्लास्टिक मुक्त भारत) भाषण (Single Use Plastic Ban in Hindi) [Item Product List, Example, Effects, Solutions, Country, Poster, Slogan, Speech]

आज हमारे देश में सिंगल यूज प्लास्टिक के प्रतिबंध को लेकर काफी चर्चाएँ हो रही हैं, क्योंकि भारत सरकार ने इस पर एक फरमान जारी कर दिया है कि महात्मा गांधी जी कि आने वाली 150 वीं वर्षगांठ पर वे सिंगल यूज प्लास्टिक यानि एक बार उपयोग होने वाली प्लास्टिक को पूरी तरह से बंद करने की शुरुआत करने जा रहे हैं. और उम्मीद जताई हैं कि साल 2022 तक देश इस तरह के प्लास्टिक से मुक्त हो जायेगा. मोदी जी ने इसकी घोषणा इस साल के स्वतंत्रता दिवस के भाषण में कर दी थी. इस खबर से अब लोगों के मन में यह सवाल उठ रहे हैं कि ये सिंगल यूज प्लास्टिक कौन से हैं और इन पर प्रतिबंध क्यों लगाया जा रहा हैं. तो चलिए आपको इस लेख के माध्यम से सिंगल यूज प्लास्टिक से जुड़ी सभी जानकारी देते हैं.   

single use plastic ban in india

सिंगल यूज प्लास्टिक क्या हैं ? (What is Single Use Plastic ?)

सिंगल यूज प्लास्टिक को हम डिस्पोजेबल प्लास्टिक भी कह सकते हैं. इसका मतलब यह हैं कि जब हम किसी ऐसे तरह के प्लास्टिक से बने उत्पादों का उपयोग करते हैं जिसे हम एक बार इस्तेमाल करने के बाद दोबारा किसी उपयोग में नहीं ले सकते हैं वे सभी उत्पाद सिंगल यूज प्लास्टिक वाले उत्पाद होते हैं. इस तरह के उत्पादों का मुख्य रूप से आधार पेट्रोलियम होता हैं. इसमें पैसे बहुत कम लगते हैं, इसलिए आज यह सबसे ज्यादा उपयोग किया जाने वाला उत्पाद बन गया हैं. हालांकि इसे खरीदने एवं यूज करने में ज्यादा खर्च नहीं होता हैं लेकिन आपको यह बता दें कि जब आप इसे एक बार उपयोग करने के बाद फेक देते हैं तो इसका कचरा, उसकी सफाई और उसे नष्ट करने के लिए बहुत अधिक पैसे खर्च हो जाते हैं. और इससे जो दुनिया को नुकसान होता हैं वह अलग.

सिंगल यूज प्लास्टिक वाले उत्पाद (Single Use Plastic Example Products / Items List)

जो सबसे सामान्य सिंगल यूज प्लास्टिक हैं वे हैं कैरी बैग, प्लास्टिक की पानी की बोतल, प्लास्टिक की बोतल के कैप, कप, प्लेट, डिस्पोजेबल प्रोडक्ट्स, खाने के खाली पैकेट, प्लास्टिक के किराना बैग, प्लास्टिक के पानी पौउच, प्लास्टिक के रैपर, स्ट्रॉ एवं अन्य प्रकार के प्लास्टिक बैग आदि. इसके साथ ही इस तरह के  प्लास्टिक के उत्पादन में कुछ मुख्य पॉलीमर्स का इस्तेमाल करना होता हैं. जिसमें शामिल होने वाले कुछ मुख्य पॉलीमर्स एचडीपीई, एलडीपीई, पीईटी, पीपी, पीएस और ईपीएस आदि हैं.    

सिंगल यूज प्लास्टिक क्यों ख़राब हैं ? (Why are Single Use Plastic Bad?)

आज दुनिया में इसकी खरीद सस्ती होने के कारण यह सबसे ज्यादा उपयोग होने वाला आइटम बन चूका हैं. क्योंकि आज लोग ‘यूज एंड थ्रो’ वाली नीति को ज्यादा अपनाते हैं. लेकिन आपको इस बात की खबर नहीं होगी कि पर्यावरण ने दुनिया के 9 बिलियन टन प्लास्टिक का सिर्फ 9 प्रतिशत रिसाइकिल किया हैं. और बाकी का अधिकांश प्लास्टिक का कचरा जलमार्ग के माध्यम से महासागरों में जाकर मिल जाता हैं. प्लास्टिक स्वाभाविक रूप से सड़ने वाला उत्पाद नहीं हैं, इसकी बजाय वे धीरे – धीरे माइक्रोप्लास्टिक नामक प्लास्टिक के छोटे – छोटे टुकड़ों में टूट जाते हैं. फिर भी यह नष्ट नहीं होता हैं. इसमें एक तरह का रसायनिक तत्व पाया जाता हैं, जोकि मिट्टी के साथ मिलकर जलमार्ग के माध्यम से जलाशय में पहुँच जाता हैं, और इससे वहां रहने वाले जीव जन्तुओं को नुकसान पहुँता हैं. यह न ही मिट्टी में घुल पाते हैं और न ही पानी में. इसी वजह से सिंगल यूज प्लास्टिक बहुत नुकसानदायक एवं खराब होते हैं.  

सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रभाव (Effects of Single Use Plastic)

एक बार उपयोग किये जाने वाले प्लास्टिक से क्या – क्या प्रभाव पड़ते हैं आइये जानते हैं –

  • प्लास्टिक के कुछ उत्पाद जैसे की थैलियाँ आदि को सड़ने में काफी अधिक समय लगता है. और इस बीच में यह हमारी मिट्टी और पानी दोनों को प्रदूषित कर देती हैं.
  • प्लास्टिक के निर्माण के लिए उपयोग किये जाने वाले कुछ जहरीले रसायन होते हैं जोकि पहले एनिमल टिश्यू में परिवर्तित होते हैं, और फिर यह मानव खाद्य श्रंखला में प्रवेश करता हैं. फिर ये खाद्य पदार्थों के सेवन से यह हमारे शरीर में पहुंचकर उसे भी प्रभावित करता हैं.
  • यदि इस तरह के प्लास्टिक को जानवरों द्वारा या इंसानों द्वारा निगला जाता हैं तो या उनके तंत्रिका तंत्र, फेफड़े और कुछ अन्य अंगों को काफी नुकसान पहुंचा सकता हैं.
  • यह जीव – जंतु, एवं मानव शरीर के अलावा पर्यावरण को भी प्रभावित करता हैं. जब प्लास्टिक के उत्पाद मिट्टी में मिलते हैं, तो उसमें पाए जाने वाले खतरनाक रसायन भी मिट्टी में मिल जाते हैं. इससे जब उस मिट्टी में पेड़ – पौधों लगायें जाते हैं या जो खुद से उत्पन्न होते हैं उनपर यह नकारात्मक प्रभाव डालते हैं.
  • आज प्लास्टिक की बहुत अधिक मात्रा समुद्र में मिल रही हैं, जिसके चलते यदि वर्तमान रुझान देखा जाये तो सन 2050 तक समुद्र में जीव जंतुओं की तुलना में प्लास्टिक अधिक दिखाई देगा. जोकि पर्यावरण एवं जलीय जीव जंतुओं के लिए बिलकुल भी अच्छी बात नहीं है.

अतः लगभग सभी जानवरों की प्रजातियों, मनुष्यों और पर्यावरण के लिए प्लास्टिक का कचरा एक बुरा प्रभाव डालता हैं. एक बार एक वीडियो काफी अधिक वायरल हुआ था जोकि एक समुद्री कछुए के बारे में था, जिसमें उसकी नथुने में प्लास्टिक स्ट्रॉ जैसा कोई पदार्थ फंस गया था. और उस वजह से उसका क्या हाल हुआ था. वहीँ उस वीडियो में दिखाया गया था. और तब से ही प्लास्टिक के उत्पादों पर प्रतिबंध लगाने का मुख्य कारण सामने आया हैं.    

सिंगल यूज प्लास्टिक के स्थान पर किसका उपयोग करें ? (Single Use Plastic Solutions)

सिंगल यूज प्लास्टिक के स्थान पर आप इस तरह के तत्वों पर ध्यान दे सकते हैं जिनमें रिसाइकिलिंग दर, सुरक्षा, वजन, परिवहन क्षमता और सामर्थ्य सभी चीजें हों. प्लास्टिक के स्थान पर कुछ अन्य चीजों का उपयोग आसानी से कर सकते हैं जैसे –

  • यदि आप प्लास्टिक की पानी की बोतलों का उपयोग कर रहे हैं तो उसके स्थान पर आप कुछ धातुओं से बनी बोतल जैसे कांच, कॉपर एवं मिट्टी से बनी बोतल का भी इस्तेमाल कर सकते हैं.
  • आप यदि प्लास्टिक से बने कप, प्लेट, स्ट्रॉ एवं इसी तरह के अन्य उत्पाद का उपयोग कर रहे हैं तो आप तुरंत ही इसका उपयोग करना बंद करिये और इसके स्थान पर पेपर या जिसे दोबारा रिसाइकिल किया जा सके इस तरह के उत्पादों का उपयोग करिये.
  • बाजार में इन दिनों प्लास्टिक की थैलियाँ काफी नजर आ रही हैं लेकिन इसके स्थान पर आप कपड़े या जूट से बने कैरी बैग बाजार से खरीदें और उसे अपने साथ लेकर भी जायें.
  • इस सभी चीजों के अलावा आप प्लास्टिक की चम्मच या चाकू के स्थान पर स्टील के चाकू एवं लकड़ी आदि की चम्मच एवं चाकू का उपयोग करें.   
  • इसके अलावा आप यह भी कर सकते हैं कि आप थोक में आइटम को खरीदें ताकि आप प्लास्टिक की पैकेजिंग से बच सकें, और जितना संभव हो उतना रिसाइकिल करें.

इसके अलावा कुछ ऐसे उत्पादों के विकल्प भी हैं जिनके बारे में बहुत कम लोगों को पता हैं, उदाहरण के लिए बीओपीपी फिल्म्स, इसके बारे में इंडस्ट्री के बहुत से लोगों को जानकारी नहीं है, लेकिन इनमें उच्च पारदर्शिता होती हैं और इसे नमी के लिए एक अच्छा स्त्रोत माना जाता हैं. इसलिए इसका उपयोग किसी उत्पाद को कवर करने के लिए किया जा सकता हैं. 

सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाने वाले देश (Single Use Plastic Ban Countries)

सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाने वाले दुनिया में बहुत से देश हैं. आइये हम आपको इसके बारे में जानकारी देते हैं–

सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाने वाले देश सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगने का साल
एंटीगुआ और बरमूडा सन 2016 में
चाइना सन 2017 में
कोलंबिया सन 2017 में
रोमानिया सन 2018 में
सेनेगल सन 2015 में
रवांडा सन 2008 में
दक्षिण कोरिया जनवरी, 2019 में
ज़िम्बाब्वे सन 2017 में
तुनिशिया सन 2017 में
सामोआ जनवरी, 2019 में
बांग्लादेश सन 2002 में
कैमरून सन 2014 में
अल्बानिया सन 2018 में
जॉर्जिया सन 2018 में
भारत अक्टूबर, 2019 में

भारत में सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध (Single Use Plastic Ban in India)

अन्य देश जहाँ पर सिंगल यूज प्लास्टिक की मैन्युफैक्चरिंग एवं उसके उपयोग पर रोक लगा दी गई हैं, उसकी सूची में अब एक और नाम शामिल होने जा रहा हैं वह है हमारा देश भारत. जी हां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने इस साल स्वतंत्रता दिवस पर कई मुद्दों पर बात की थी, जिसमें से एक था प्लास्टिक के उत्पाद जिसे दोबारा उपयोग में नहीं लाया जा सकता उस पर रोक लगाना. उन्होंने लोगों को इसके नुकसान के बारे में बताते हुए उनसे इसका उपयोग न करने के लिए आग्रह किया हैं. और यह भी कहा है कि हमारे देश के राष्ट्रपिता की इस साल 150 वीं जन्मतिथि पर इस अभियान को शुरू कर दिया जायेगा. और साथ ही उन्होंने इस अभियान के चलते यह लक्ष्य तय किया हैं कि साल 2022 में हमारा भारत एक बार उपयोग वाले प्लास्टिक रहित देश बनेगा.

अतः गाँधी जयंती पर अक्टूबर महिने की दूसरी तारीख से अब भारत में इस तरह के प्लास्टिक का उपयोग करना गैर – कानूनी माना जायेगा. हालांकि इसकी घोषणा पहले ही कर दी गई थी कि अब से सिंगल यूज प्लास्टिक की मैन्युफैक्चरिंग बंद कर दी जाये, इसलिए महाराष्ट्र, तमिलनाडू, ओडिशा, मध्यप्रदेश जैसे भारत के कुल 18 राज्य ऐसे हैं जिन्होंने प्लास्टिक के बैग की मैन्युफैक्चरिंग पर रोक लगा दी हैं. जल्द ही यह प्रक्रिया पूरे भारत में लागू हो जाएगी.     

सिंगल यूज प्लास्टिक से संबंधित कुछ रोचक तथ्य (Single Use Plastic Related Some Facts)

  • डाउन टू अर्थ नामक पत्रिका में एक रिपोर्ट में यह दर्शाया गया है कि भारत में हर साल लगभग 16.5 मिलियन टन प्लास्टिक का उपयोग किया जाता हैं.
  • यूरोपीय संघ ने भी आने वाले 1-2 साल में कुछ प्लास्टिक वस्तुओं जैसे स्ट्रॉस, कांटे, चाकू, कॉटन बड्स आदि पर पूरी तरह से रोक लगाने की योजना बनाई हैं.
  • आपको बता दें कि प्रत्येक वर्ष विश्व में लगभग 300 मिलियन से भी अधिक प्लास्टिक की थैलियों का उपयोग होता हैं, जिसमें से केवल 10-13 प्रतिशत प्लास्टिक थैलियाँ ही रिसाइकिल हो पाती हैं बाकी की पूरी समुद्र में जाकर मिलती हैं.

प्लास्टिक एक ऐसा पदार्थ हैं जोकि कुछ रसायन से बना होता हैं. इसलिए इसका उपयोग करना मतलब प्रकृति को नुकसान पहुँचाना हैं. और इससे मनुष्य के साथ – साथ जानवरों का जीवन भी संकट में डालना हैं. इसलिए हमारी भी आपसे विनती हैं कि आप भी सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग करना बंद कर इससे फैलने वाले प्रदूषण से खुद एवं दुनिया को बचाएं.

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