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सोनू निगम का जीवन परिचय व अनमोल वचन |Sonu Nigam biography Quotes in hindi

Sonu Nigam biography and Quotes in hindi सोनू निगम भारतीय संगीत की दुनिया में एक मशहूर नाम है. उन्होंने हिंदी और कन्नड़ फिल्मों के अलावा और कई भाषाओँ में अपने आवाज से लोगों को मनोरंजित किया है. गायन के साथ ही उन्होंने फिल्मों में अभिनय भी किया हुआ है. उन्होंने गुजराती, तमिल, तेलगु, मराठी, तुलू, असमिया, ओडिया, नेपाली, मैथिली भाषा में गायन के अलावा और विभिन्न भारतीय पॉप एल्बमों को भी निकाला है और उसमे में भी गाया है. वह मशहूर गायक मुहम्मद रफ़ी को अपनी प्रेरणा मानते है. वह भारतीय फिल्म में अधिकतम वेतन पाने वाले गायकों की सूची में शामिल है. उनकी चर्चा 2006 में कन्नड़ की फ़िल्म मुंगारू माले से शुरू हुई, इस फिल्म ने कई पुरस्कार जीते थे. अभी तक उन्होंने लगभग 10 अलग भाषाओँ में 2000 से भी ज्यादा की संख्या में गाने को गाया है. उन्होंने भोजपुरी में गाने को गाया है. उन्होंने अपने हर तरह के गाने को गाकर यह प्रमाणित कर दिया है कि कठिन परिश्रम सफलता का मार्ग प्रसस्त करता है. परिश्रम का महत्व यहाँ पढ़ें.

             

सोनू निगम का जीवन परिचय 

Sonu Nigam biography in hindi

Sonu Nigam

सोनू निगम का जन्म और परिवार (Sonu Nigam born and family)

सोनू निगम का पूरा नाम उनके पिता के नाम के साथ जुड़कर सोनू अगम कुमार निगम है. इनका जन्म 30 जुलाई 1973 को हरियाणा के फरीदाबाद में एक कायस्थ परिवार में हुआ था. उनके पिता का नाम अगम निगम है. सोनू निगम के पिता भी गायक है, और माता जी का नाम शोभा निगम है और वह भी एक गायिका थी. उनकी दो बहनें भी है जिनका नाम मीनल और निकिता है.

सोनू निगम की शिक्षा (Sonu Nigam education)

उनकी स्कूली शिक्षा दिल्ली के जे. डी. तत्यतलर स्कूल में हुई है और स्नातक की पढाई उन्होंने दिल्ली युनिवर्सिटी से की है. दिल्ली में उन्होंने उस्ताद महा कंजर नवदी से शास्त्रीय संगीत का प्रशिक्षण लिया. भारत के शास्त्रीय नृत्य यहाँ पढ़ें.  फिर युवावस्था में उन्होंने कई संगीत की प्रतियोगिता में भाग भी लिया और जीते भी, उसी वक्त उनके मन में बॉलीवुड में पार्शव गायक बनने का विचार आया. संगीत की शिक्षा उन्होंने हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत के गायक उस्ताद घुलाम मुस्तफा खान से भी ली.     

सोनू निगम का व्यक्तिगत जीवन (Sonu Nigam personal life)

सोनू निगम के परिवार में उनके माता पिता के अलावा एक बेटा और उनकी पत्नी है. उन्होंने 15 फ़रवरी 2002 को मधुरिमा अगम कुमार निगम से शादी की. उनका परिवार भरा पूरा और संपन्न परिवार है. उनके इकलौते बेटे का नाम नीवन निगम है, जिसका जन्म 27 जुलाई 2007 को हुआ है. इनके बारे में कुछ वुँक्तिग्त जानकारी इस प्रकार है-

नाम सोनू निगम
उपनाम एल्विस प्रेस्ली ऑफ़ इंडिया 
व्यवसाय गायन और म्यूजिक का निर्देशन 
वजन 65 किलो ग्राम
ऊँचाई 5 फीट 7 इंच
शारीरिक बनावट सीना  38, कमर 30, बाइसेप्स 12 इंच   
आँखों का रंग  गहरा भूरा
बालों का रंग काला
नागरिकता भारतीय
राशि सिंह
धर्म हिन्दू
घर का पता मुम्बई
पसंद कसरत करना और पढना
वैवाहिक स्थिति विवाहित
पसंदीदा खाना पनीर मखनी, पनीर कोफ्ता, गुलाब जामुन, तंदूरी और बटर चिकेन   
पसंदीदा अभिनेता शाहरुख़ खान
पसंदीदा अभिनेत्री मर्ल्य्न मोनरो
पसंदीदा फिल्म बॉलीवुड अमर प्रेम, कुंवारा बाप, हाफ टिकट, शोले   
पसंदीदा हॉलीवुड फिल्म द सिक्स्थ सेंस
पसंदीदा गाना के एल सहगल द्वारा गाया गीत दुनिया रंग रंगीली वाह
पसदीदा म्यूजिशियन मोहम्मद रफ़ी, लता मंगेशकर, माईकल जैक्सन, व्हिटनी हॉस्टन, जॉर्ज माइकल, माइकल बोल्टों, क्लिफ रिचर्ड्स, मारिया करे       
पसंदीदा स्थान ग्रीस, इजिप्ट, न्यूज़ीलैण्ड  
सैलरी 5 से 7 लाख
कुल कमाई 8 मिलियन

सोनू निगम का करियर (Sonu Nigam career)

सोनू निगम ने अपने करियर की शुरुआत 4 साल की उम्र से ही कर दी थी, क्योंकि वो भी अपने पिताजी के साथ बचपन से ही मंच पर गाया करते थे. जब उन्होंने अपने पिताजी के साथ मोहम्मद रफ़ी के गाने ‘क्या हुआ तेरा वादा’ को अपनी आवाज में गाया, तब से ही उनके गाने से मुग्ध होकर अगम निगम उन्हें अपने साथ शादी समारोह में गाने के लिए ले जाने लगे. 17 साल की उम्र में 1990 में उन्होंने अपने पिता के साथ बॉलीवुड का रुख किया.

सोनू निगम के गाने और कम्पोजिंग के काम (Sonu Nigam songs and composing)

सोनू निगम ने कई देशों में अपने गाने पर प्रदर्शन किया है, वो अमेरिका, यूरोप, मध्य पूर्व अफ्रीका, एशिया और ऑस्ट्रेलिया में प्रदर्शन कर चुके है. उन्होंने मई से जून तक 2007 में आशा भोंसले, कुणाल गांजेवाला और कैलाश खेर के साथ इन्क्रेदिब्लेस टूर में भाग लिया था. एक गायक के रूप में उनकी पहली फ़िल्म ‘जानम’ में उनके गाये गए गीत थे, लेकिन यह रिलीज नहीं हो पाई थी. फिर इन्होने रेडियो विज्ञापन बनाये और उनमे से कुछ में अभिनय भी किया. सोनू निगम का पहला रिलीज हुआ गीत था ‘वो आसमान वाले’ जोकि फिल्म ‘आजा मेरी जान’ का था और यह फिल्म 1992 में आई थी.1992 में सोनू निगम ने अपना अलबम रिलीज किया ‘रफ़ी की यादें’ जो कि लोगों को बहुत पसंद आया.

फिर उन्होंने फिल्मो में गाना शुरू किया जिनमे शामिल है, 1994 में आई फिल्में आग, खुद्दार, हलचल, स्टन्टमैन, 1993 में मुकाबला, मेहरबान, शबनम, 1995 में रामजाने और गद्दार. सोनू निगम को सबसे बड़ी सफलता उनके द्वारा गए गाने ‘अच्छा सिला दिया तूने मेरे प्यार का’ के लिए मिली, जो कि फ़िल्म ‘बेवफ़ा सनम’ से थी. इसी वर्ष अनु मालिक के द्वारा कंपोज्ड किया हुआ गाना फिल्म ‘बॉर्डर’ का में उन्होंने ‘संदेशे आते है’ गाने को गाया, जिसके बाद से उनके गाने की सफलता का कारवां चलता ही गया. 1997 में उन्होंने परदेश फिल्म के लिए गीत ‘ये दिल दीवाना’ गाया, जिसको नदीम श्रवण ने कंपोज्ड किया था. उसके बाद 1999 में निगम ने अलबम में गाया, जिसको साजिद वाजिद के द्वारा निर्देशित किया गया था और टी- सीरिज ने रिलीज किया था. फिर उन्होंने ‘सिंह साहेब द ग्रेट’, ‘कल हो न हो’ जैसी कई फिल्मों के लिए गाया. माईकल जैक्सन की मृत्यु के बाद उनकी याद में श्रद्दांजलि के रूप में निगम ने एक अलबम ‘द बीट ऑफ़ आवर हर्ट्स’ जारी किया था. नवम्बर 2007 में हार्वर्ड युनिवर्सिटी के 28वें उद्घाटन समारोह में उन्होंने महात्मा गाँधी के पसंदीदा भजन ‘वैष्णव जन तो तेने कहिये’ को वहा के अध्यक्ष ड्रियू गिल्पिन फॉस्ट के सामने गया था. महात्मा गाँधी की जीवनी यहाँ पढ़ें. 

जुलाई 2008 में उन्होंने यूनाइटेड किंगडम के तीन शहरों के दौरे किये और सीबीएसओ के साथ रफ़ी के गाने गए. बाद में इस गीत को भारतीय संगीत कंपनी ‘सा रे गा मा पा’ के द्वारा रफ़ी पुनरुत्थान के रूप में इस गीत को जारी किया गया. 2009 में उन्होंने सुनिधि चौहान के साथ अमेरिका के दौरे पर गए. फिर 2010 में आल इज वेल नामक अमेरिका में ही प्रोग्राम में भाग लिया. 2011 में काकस इंटरटेनमेंट और लक्ष्मीकांत प्यारेलाल के साथ मेस्त्रोस कॉन्सर्ट में मोहम्मद रफ़ी के गाने पर परफॉर्म किये थे.

2011 में निगम ने ब्रिटनी स्पीयर्स के साथ आई वान्ना को गाने में सहयोग किये थे. इसके साथ ही 2012 में डीजे अविची के साथ भारतीय लेवल निर्मित करने में सहयोग किया. फिर 2014 में उन्होंने तरिणी लड़की का ऑनलाइन ट्रैक जारी किया. 2013 के सितम्बर और अक्टूबर में यु एस बिलबोर्ड ओंचार्टटेड में उन्हें नम्बर एक के कलाकार के रूप में जगह मिली थी. 2015 में खय्याम द्वारा निर्देशित उनके आने वाले प्रोजेक्ट गुलाम बंधू के लिए निगम ने अपनी आवाज की रिकार्डिंग कराई है. सिर्फ हिंदी फिल्मों के लिए उनके गाने की संख्या लगभग 1100 तक के आंकड़े को भी पार कर गयी है.

सोनू निगम के कन्नड़ फिल्मों के लिए किये हुए काम (Sonu Nigam kannada film songs)

कन्नड़ फिल्मों के लिए सोनू निगम ने करीब करीब 600 तक गाने गाये है. निगम का पहला गाना कन्नड़ में 1996 में आई फिल्म ‘जीवनाधि’ के लिए गाया जोकि ‘येल्लो यारो हेगो’ गाना था, जिसको सलुरी कोतेस्वारा के द्वारा कंपोज्ड किया गया था और संगीत दिया था आर. एन. जयगोपाल ने. उन्होंने कन्नड़ फ़िल्म ‘मजनू’ में गीत ‘चेलुवे एके बन्दे’ को गया जो कि गुरुकिरण के द्वारा कंपोज्ड किया गया था. इन्ही के द्वारा एक और कंपोज्ड किया हुआ गाना जो कि फ़िल्म ‘कांति’ से था, लोगों द्वारा खूब पसंद किया गया. 2006 की फ़िल्म ‘मुन्गुरु माले’ ने कर्नाटक में कई रिकॉर्ड बनाये और इसके साथ ही कन्नड़ फ़िल्म के संगीत के क्षेत्र में सोनू निगम मशहूर हो गए. इस फ़िल्म ने उनके लिए वहाँ सफलता के द्वार खोल दिए. मुंगारू माले फिल्म के गाने को मनो मूर्ति ने कंपोज्ड किया था और लिखा था योगराज भट तथा जयंत कैकिनी ने. इसके बाद निगम ने अपने एक इंटरव्यू जिसको डेक्कन हेराल्ड ने लिया था में कहा था कि कन्नड़ गाने मुझे सकारात्मकता महसूस कराते है. इसके साथ ही उन्होंने ये भी कहा था कि मै कर्नाटक के संगीतकारों का बहुत सम्मान करता हूँ. मै बैंगलोर को अपना दूसरा जन्म स्थान मानता हूँ.

अशोक खेनी द्वारा निर्मित अलबम में फिल्म मुंगारू माले के सभी टीम सदस्य जैसे की संगीतकार, कंपोजर और गायक ने काम किया, इस अल्बम का नाम था नीना बरी नीना. इसके बाद निगम ने सेलेब्रेटी क्रिकेट लीग में कर्नाटक बुल्ल्दोज़ेर्स टीम के लिए थीम गीत को गाया, जिसमे उनका साथ दिया था कुणाल गांजेवाला और सौम्य रोह ने, ये सभी मिल कर गाने को गए थे.

सोनू निगम के द्वारा फ़िल्मों में किया गया अभिनय (Sonu Nigam movie acting)

सोनू निगम ने गाना गाने के साथ ही अदाकारी में भी अपने हुनर को दिखाने की कोशिश की है. उनके अभिनय की शुरुआत 1983 में आई फिल्म ‘बेताब’ से हुई थी, जिसमे उन्होंने एक बच्चे की भूमिका को निभाई थी. एक हीरो के रूप में उनकी फिल्म थी, लव इन नेपाल, काश आप हमारे होते और जानी दुश्मन: एक अनोखी कहानी. इसके अलावा सोनू निगम ने एक फिल्म जो की हिंदी में अनुवादित की गयी है उसके प्रमुख किरदार के रूप में भी अपनी आवाज की रिकॉर्डिंग कराई है.         

सोनू निगम की होस्ट और सेलिब्रिटी जज के रूप में भूमिका (Sonu Nigam host and celebrity)

उनके द्वारा एक होस्ट और सेलेब्रिटी जज के रूप में भी कई टीवी पर गाने की प्रतियोगिता में जज की भूमिका अदा करते हुए और शो को होस्ट करते हुए भी देखा गया है उनके द्वारा किये गए कार्य :

साल      होस्ट या जज के रूप में कार्य
1995 से 1999 तक   ‘सा रे गा मा पा’ शो को होस्ट किया
2007 ‘सा रे गा मा पा’ लिटिल चैम्प्स के जज की भूमिका
2002 स्टार प्लस के टीवी शो ‘किसमे कितना है दम’ का आयोजन किया
2004 से 2006 तक ‘इन्डियन आइडल’ के सीजन 1 और 2 के जज की भूमिका
2007 से 2009 तक  ‘इन्डियन आइडल’ के सीजन 3 और 4 में एक सेलेब्रिटी जज की भूमिका 
2007 और 2008 ‘अमूल स्टार वौइस् ऑफ़ इण्डिया’ के सीजन 1 और 2 में सेलेब्रिटी जज की भूमिका
2010 ‘छोटे उस्ताद दो देशों की एक आवाज’ में जज और संरक्षक की भूमिका 
2011                    ‘एक्स फैक्टर’ भारतीय शो में जज और संरक्षक की भूमिका
2016 से 2017  ‘इन्डियन आइडल’ के जज की भूमिका में अब तक है
 


सोनू निगम को मिले 
अवार्ड और उपलब्धियां (Sonu Nigam awards and achievements)

सोनू निगम ऐसे सर्वश्रेष्ठ गायकों की सूची में शामिल है कि उनके अवार्ड और उपलब्धियों की फेहरिस्त बहुत लम्बी है, जो की निम्नलिखित है-

  • 2015 में सोनू निगम और बिक्क्रम घोष को ड्रामा फिल्म जल के लिए ऑस्कर के लिए नामांकित किया गया था, इसी वर्ष उन्होंने साल के सामाजिक व्यक्ति का ख़िताब मिला.
  • अभी हाल ही में 2017 में भारत राज्य सरकार हरियाणा सरकार के द्वारा उनको हरियाणा गौरव सम्मान प्राप्त हूँआ है.

सोनू निगम के गाने के साथ उनको मिलने वाले अवार्ड की सूची को नीचे टेबल में दर्शाया गया है जो निम्मन्वत है-

साल अवार्ड श्रेणी संगीत
1997 जी सीने अवार्ड सर्वश्रेष्ठ प्लेबैक गायक  कल हो ना हो का टाइटल अर्थात शीर्षक गीत
1997 आशीर्वाद अवार्ड, सर्वश्रेष्ठ प्लेबैक गायक  फिल्म बॉर्डर, सन्देशे आते है
1997 सनसुई दर्शक पसंद अवार्ड, सर्वश्रेष्ठ पुरुष  गायक  फिल्म बॉर्डर, सन्देशे आते है
1998 स्टार स्क्रीन अवार्ड सर्वश्रेष्ठ पुरुष पॉप कलाकार          –
2001 जी सीने अवार्ड, सर्वश्रेष्ठ प्लेबैक गायक  फिल्म कभी ख़ुशी कभी गम के गीत   सूरज हुआ मद्धम
2001 आईफा अवार्ड सर्वश्रेष्ठ प्लेबैक गायक  फिल्म कभी ख़ुशी कभी गम के गीत   सूरज हुआ मद्धम
2001 बॉलीवुड म्यूजिक अवार्ड, सर्वश्रेष्ठ पॉप गायक  अलबम याद के लिए
2001 स्टार स्क्रीन अवार्ड, सर्वश्रेष्ठ प्लेबैक गायक फिल्म दिल चाहता है के गीत ‘तन्हाई’ के लिए 
2002 फिल्म फेयर, जी सीने, बॉलीवुड म्यूजिक, आईफा अवार्ड्स सर्वश्रेष्ठ प्लेबैक पुरुष गायक फिल्म साथिया का शीर्षक गीत के लिए
2002 एम टीवी ल्म्मिएस, सर्वश्रेष्ठ पुरुष गायक फिल्म साथिया का शीर्षक गीत के लिए
 2003 फिल्म फेयर, अप्सरा फिल्म फिल्म प्रोडूसर गिल्ड अवार्ड, बॉलीवुड म्यूजिक, आईफा अवार्ड्स   सर्वश्रेष्ठ प्लेबैक पुरुष गायक फिल्म कल हो न हो के शीर्षक गीत के लिए
2003, 2005 एम टीवी स्टाइल अवार्ड, स्टाइल आइकॉन         –
2004 नेशनल फिल्म फेयर अवार्ड सर्वश्रेष्ठ प्लेबैक पुरुष गायक   फिल्म कल हो न हो के शीर्षक गीत के लिए
2004 एम टीवी ल्म्मिएस, सर्वश्रेष्ठ पुरुष गायक फिल्म मै हूँ ना के शीर्षक गीत के लिए
2004 एम टीवी स्टाइल अवार्ड, सर्वश्रेष्ठ पुरुष  पार्स्व गायक फिल्म बंधन के लिए
2005 लायन गोल्ड अवार्ड         – फिल्म मै हूँ ना के शीर्षक गीत के लिए
2005 स्टार स्क्रीन  अवार्ड, सर्वश्रेष्ठ प्लेबैक पुरुष गायक फिल्म पहेली के गीत धीरे जलना के लिए
2005 शिक्षक उपलब्धि अवार्ड, स्वरालय येसुदास अवार्ड, संगीत में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए         –
2005 आनंदलोक अवार्ड,  एम टीवी एममिज अवार्ड सर्वश्रेष्ठ पॉप एलबम एलबम चंदा की डोली के लिए
2005 भारतीय टेलीविजन अवार्ड, सर्वश्रेष्ठ पुरुष पार्श्व गायक         –
2006 बॉलीवुड संगीत और फ़ैशन अवार्ड, सर्वश्रेष्ठ प्लेबैक पुरुष गायक फिल्म कभी अलविदा न कहना के शीर्षक गीत के लिए
2007 वार्षिक सेन्ट्रल यूरोपीयन बॉलीवुड अवार्ड, सर्वश्रेष्ठ प्लेबैक पुरुष गायक फ़िल्म ॐ शांति ओम के मै अगर कहू गीत के लिए
2008 फिल्म फेयर अवार्ड, कन्नड,  सर्वश्रेष्ठ प्लेबैक पुरुष गायक फिल्म मिलाना के गीत निन्नींडाले
2008 लायंस गोल्ड अवार्ड         – फिल्म जोधा अकबर के गीत इन लम्हों के दामन में
2008 भारतीय टेलीविजन एकेडमी अवार्ड, सर्वश्रेष्ठ पुरुष गायक  बॉर्डर के गीत और अम्बर धरा के शीर्षक गीत के लिए 
2008 जर्मन पब्लिक बॉलीवुड अवार्ड, सर्वश्रेष्ठ पुरुष गायक फिल्म ॐ शांति ओम के गाने मै अगर कहूँ के लिए
2009 इन्डियन टेलीविजन अकादमी अवार्ड, सर्वश्रेष्ठ पुरुष गायक          – दिल मिल गए के शीर्षक गीत के लिए
2009 फ़िल्म फेयर अवार्ड, कन्नड,  सर्वश्रेष्ठ – प्लेबैक पुरुष गायक फिल्म मुस्सान्जे माथु के येनागली गाने -के लिए
2010 बिग स्टार इंटरटेनमेंट अवार्ड,  दशक गायक,          –
2010 अमर रिश्ते अवार्ड, जी आइकॉन- टीवीएस सा रे गा मा के लिए,          –
2010 ग्लोबल भारतीय संगीत अवार्ड, सर्वश्रेष्ठ पुरुष लाईव परफ़ॉर्मर सर्वाधिक लोकप्रिय गीत आल इज वेल के लिए,
2011 ग्लोबल भारतीय संगीत अवार्ड, एमटीवी यूथ आइकॉन के लिए          –
2011 गीतांजलि  वाओ अवार्ड लाइव पर्सनालिटी के लिए,   संगीत के क्षेत्र में
2012 गिमा अवार्ड, सर्वश्रेष्ठ ग्लोबल भारतीय सहयोग के लिए,          –
2012 लायन गोल्ड अवार्ड पसंदीदा एवरग्रीन गायक के रूप में          –
2013  बिग स्टार इंटरटेनमेंट अवार्ड, लायन गोल्ड और  जी सीने अवार्ड, सर्वश्रेष्ठ प्लेबैक गायक  फिल्म अग्निपथ के गीत अभी मुझ में कहीं के लिए
2013 एमटीवीवी विडियो और म्यूजिक अवार्ड, सर्वश्रेष्ठ पुरुष गायक  फिल्म अग्निपथ के गीत अभी मुझ में कहीं के लिए
2014 एम एम साउथ कन्नड़ का पुरस्कार सर्वश्रेष्ठ पुरुष गायक          –
2016 लायंस गोल्ड अवार्ड, पसंदीदा एवरग्रीन गायक          –

सोनू निगम विवादों में (Sonu Nigam controversial tweet)

  1. पहला विवाद तब उठा जब सोनू निगम ने जब 2015 में राधे माँ के बारे में बोलते हुए यह कहा कि राधे माँ भी काली माँ जैसे कम कपड़ों में भक्तों के सामने रहती है. तब यह काफ़ी विवादित रहा था.
  2. बाबुल सुप्रियों के साथ गाने पर अर्जित रोयल्टी के मुद्दे पर जुहू के होटल में दोनों के बीच की बहस भी विवाद के रूप में छाई रही.

सोनू निगम के चर्चित वचन (Sonu Nigam Quotes)

  1. मेरे आलोचक ही मेरे प्रशंसक भी है मै उनकी राय और आलोचना की काफी कदर करता हूँ, लेकिन वो क्यों नहीं अपने लुक के साथ प्रयोग करते है. यदि वो मेरे असली प्रशंसक है तो मेरे जैसे दिखने के लिए, चाहे मैं किसी भी रूप में रहूँ वो मुझे अपनायेंगें.
  2. मै केवल नेशनल ज्योग्राफिक चैनल देखता हूँ क्योंकि मुझे खगोल विज्ञान में बहूत रूचि है मै हमेशा कुछ नया ढूंढने की कोशिश करता हूँ.
  3. जब मैंने संगीत की दुनिया में कदम रखा तो मुझे काफ़ी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था. मै अपने पसंदीदा गायक मोहम्मद रफ़ी के जब गाने गाता था, तब लोग मुझे रफ़ी क्लोन के नाम से पुकारते थे. उसके बाद सा रे गा मा पा से मुझे बढ़िया ब्रेक मिला.
  4. मेरा जन्म फरीदाबाद में हुआ था, लेकिन मेरी परिवरिस दिल्ली में हुई. जब मै अपने पिता के साथ मुम्बई गायक बनने के लिए पहली बार आया था, तब मेरे पिता रेलवे प्लेटफार्म पर अपने मुंह पे हाथ रख कर सोते थे. चुकि मेरे माता और पिता दोनों ही एक साथ गाना गाते थे, इस वजह से गाने के प्रति उनके समर्पण को देख कर मेरी भी रूचि गाने की तरफ होने लगी.
  5. किसी को भी जीवन को बहुत गंभीरता से नहीं लेना चाहिए, हमेशा नई चीजों को सीखने की कोशिश करते रहना चाहिए, और उसमे से चीजो में एक नई सोच को विकसित करना चाहिए, साथ ही अपने जीवित रहने की प्रक्रिया का आनंद लेते रहना चाहिए.
  6. मै हमेशा अपने आप को कुछ नया सिखने के लिए प्रेरित करते रहता हूँ, किताबें पढ़ना, संगीत वद्द्ययन्त्र सीखना और मार्शल आर्ट सीखना, जिसको टायक्वोंडो भी कहा जाता है इन सब चीजों को सिखने में मेरी रूचि है.
  7. परिवर्तन ही एक मात्र स्थिर नियम है जो कि हर क्षेत्र में बदलाव को प्रदर्शित करते रहता है चाहे वो संगीत, नृत्य, या फ़ैशन किसी में भी हो.
  8. मै हमेशा अपने आप को फिट देखना चाहता हूँ, इसलिए मै अपनी फिटनेस का हमेशा ख्याल रखता हूँ ताकि मैं बुढा न दिख सकूँ.
  9. मुझे ये पता है कि मेरी नियति में मरने के बाद मोक्ष और मुक्ति ही है इसलिए मै ज्यादा पैसे और सफलता के पीछे नहीं भागता, मेरे पास जो भी है मै उससे संतुष्ट हूँ और खुश हूँ मै अपनी जिन्दगी को गरिमा के साथ जीना चाहता हूँ.
  10. अगर आप मुझसे मेरे सफलता की कहानी के बारे में जानना चाहते है तो मैं ये बताना चाहूँगा कि मुझे ये पता है की मुझे अपने आप को कहा संयमित रखना है और कहा दिखाना है. मै अपने आप पर बहुत ज्यादा खर्च नहीं करता साथ ही मै बहुत सारे कामों में भी अपने आप को व्यस्त रखता हूँ, और मै सच में बहुत कड़ी मेहनत करता हूँ और मै ऐसा मानता हूँ की मै फिटनेस पर ध्यान देकर और संगीत का अधययन करके दूसरों की तुलना में कठिन मेहनत करता हूँ.
  11. ऐसे बहुत सारे गायक है जिनको ये मौका भी नहीं मिलता की वो अपने गायन का प्रदर्शन करे और अपने जीवन को बचाए, लेकिन भगवन का शुक्र है कि लाइव शो जैसी चीज है जिसके माध्यम से दुनिया को पता चल सकता है कि वो कितने अच्छे गायक है या कितने बुरे गायक है.
  12. सोशल मीडिया को वो एक परिवार की तरह मानते है जो हमें अपने जीवन के पहलुओं को साझा करने में मदद करता है.
  13. अगर फिर से मेरा जन्म हो अर्थात पुनर्जन्म हो तो मै सोनू निगम के रूप में ही जन्म लेना चाहूँगा.
  14. बहुत सारे ऐसे गायक है जिनको मैं जनता भी हूँ वो बिना रियाज किये हुए भी अच्छा गा लेते है, लेकिन अगर मैं रियाज न करूँ तो मैं एक औसत दर्जे का गायक बन के रह जाऊंगा.
  15. मै पढने में ठीक था और मै दसवीं कक्षा तक प्रथम स्थान तक भी था, मै पढ़ लिख कर वैज्ञानिक बनना चाहता था.                 

सोनू निगम का वर्तमान मुद्दा (Sonu Nigam current news)

सोनू निगम अभी वर्तमान में अपने एक ट्वीटर पर किये गए ट्विट को लेकर काफी चर्चा में है. उस ट्विट के माध्यम से उन्होंने धार्मिक स्थल पर लाऊड स्पीकर लगाने के बारे में टिप्पणी करते हुए कहा कि मै मुस्लमान नहीं हूँ तो फिर मै अजान से क्यों जागूं, जिस पर हंगामा मचा हुआ है कोई उनके पक्ष में तो कोई उनके विपक्ष में बोल रहा है. इस बात पर नाराज होकर कोलकाता के एक मौलवी सैयद शाह अली अल कादरी, जोकि पश्चिम बंगाल माइनॉरिटी यूनाइटेड काउंसिल के उपाध्यक्ष है ने कहा कि जो भी सोनू निगम के बाल का मुंडन करायेगा उसे वो 10 लाख तक के रूपये का इनाम देंगे.

ट्रोल होने के तुरंत बाद ही सोनू निगम ने एक प्रेस वार्ता में कहा कि उनकी मंशा किसी भी धार्मिक समुदाय को दुखी करने की नहीं थी, वह एक धर्मनिरपेक्ष व्यक्ति है इसके साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि मैंने मंदिरों और गुरुद्वारों के बारे में भी लिखा था. लेकिन इस बात को किसी ने नोटिस नहीं किया. एक भारतीय नागरिक के तौर पर मैंने अपने मन की बात रखी थी, और रही बात बाल का मुंडन कराने की तो मै एक अपने मुसलमान भाई से मुंडन कराने जा रहा हूँ, जिस मौलवी ने कहा है कि वो इनाम देंगे तो वो उस 10 लाख रूपये को इनाम देने के लिए तैयार रखे और उन्होंने मुंडन करा भी लिया.

इस इनाम के लिए उनका मुंडन करने वाले हाकिम आलिम ने इनाम की रकम को उन्हें देने की बात कही है और साथ ही ये भी कहा कि वो इस पैसे को दान कर देंगे.

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