श्री श्रीनिवासन जीवन परिचय

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श्री श्रीनिवासन जीवन परिचय Sri Srinivasan US Judge Biography Hindi

श्री श्रीनिवासन जीवन परिचय में उनकी उपलब्धियों का विवरण हैं जिनके कारण वे आज सयुंक्तराज अमेरिका के उच्च पद के प्रबल दावेदार बने हैं.

Sri Srinavasan

भारतीय मूल के श्री श्रीनिवासन जो कि जिला कोलंबिया सर्किट के  यूनाइटेड स्टेट कोर्ट ऑफ अपील्स में एक जज के रूप में कार्यरत हैं . यूनाइटेड स्टेट सीनेट ने श्री निवासन को निर्विरोध इस पद के लिए चुना एवम मई 2013 में इन्हें यूनाइटेड स्टेट कोर्ट ऑफ अपील्स में जज के रूप में नियुक्त किया गया . इससे पूर्व इन्होने यूनाइटेड स्टेट के  प्रिंसिपल डिप्टी सॉलिसिटर जनरल के लिए कार्य किया और इन्होने अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट में 25 केसेस का अनुभव प्राप्त किया . सुप्रीम कोर्ट में कार्य करने से पहले इन्होने हार्वर्ड लॉ स्कूल में एक अध्यापक के तौर पर कार्य किया .फ़िलहाल श्री श्रीनिवासन चर्चा का विषय इसलिए हैं क्यूंकि यूनाइटेड स्टेट सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ जज एंटोनिन स्कालिया की अचानक मृत्यु हो जाने के कारण उनका स्थान रिक्त हैं और इसी स्थान के लिये श्री श्रीनिवासन को एक बड़े उम्मीदवार के रूप में देखा जा रहा हैं . इस वक्त यूनाइटेड स्टेट में चुनावी माहौल चल रहा हैं और मीडिया भी अपना काम जोरो से कर रही हैं . राजनीति गलियारों में कई नाम गूंज रहे हैं जिनमे श्री श्रीनिवासन का नाम बहुत अधिक सामने आ रहा हैं .

 श्री श्रीनिवासन जीवन परिचय

पारिवारिक परिचय
Family Details:

श्री श्रीनिवासन भारतीय मूल के हैं इनका नेटिव प्लेस गांव तिरुवेंकटनाथपुरम हैं जो कि तमिलनाडु के तिरुनेलवेली के पास स्थित हैं जहाँ इनके पिता का परिवार हैं लेकिन इनका जन्म 23 फरवरी 1967 को चंडीगढ़ में हुआ था . इनके जन्म के कुछ समय बाद ही इनकी पूरी फॅमिली जिनमे माता-पिता एवम दो बहने हैं, वे सभी कन्सास के लॉरेंस में जाकर बस गये . इनके माता पिता दोनों की कार्यरत थे . पिता मैथ्स प्रोफेसर के तौर पर कार्यरत थे एवम माता जी आर्ट स्कूल में अध्यापिका के रूप में कार्य करती थी जिसे छोड़ कर वे कन्सास यूनिवर्सिटी के कंप्यूटर साइंस डिपार्टमेंट में कार्य करने लगी .

निजी जानकारी
Personal Details:

1पूरा नाम पद्मनाभन श्रीकांत श्रीनिवासन
2जन्म 23 फरवरी 1967 चंडीगढ़ भारत
3एजुकेशन लॉरेन्स हाई स्कूल से ग्रेजुएशन, 1989 में, स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएश, 1995 में स्टैनफोर्ड लॉ स्कूल और स्टैंडफोर्ड ग्रेजुएट स्कूल ऑफ़ बिज़नस से J.D./M.B.A

 

 

4काम कोलंबिया सर्किट के यूनाइटेड स्टेट कोर्ट ऑफ अपील्स में एक जज
5मूल भारतीय मूल

एजुकेशन एवम अन्य योग्यता
Education Details:

श्री श्रीनिवासन ने लॉरेंस हाई स्कूल से अपना ग्रेजुएशन पूरा किया . यह बास्केटबाल खेला करते थे और उस समय यह जाने माने बास्केटबाल प्लेयर डैनी मैनिंग के साथ कोर्ट शेयर करते थे . इन्हें भी उस वक्त बास्केटबाल चैंपियन के तौर पर देखा जाता था लेकिन इनका भाग्य अलग था इसलिए इन्होने अपना करियर वकालत में बनाया .

1989 में, श्रीनिवासन ने स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से स्नातक की डिग्री प्राप्त की  एवं 1995 में स्टैनफोर्ड लॉ स्कूल और स्टैंडफोर्ड ग्रेजुएट स्कूल ऑफ़ बिज़नस से J.D./M.B.A की डिग्री प्राप्त की .

प्रारंभिक करियर
Career Information:

लॉ स्कूल के बाद इन्होने हार्वी विल्किनसन (फोर्थ सर्किट जज), यूनाइटेड स्टेट ऑफ़ अपील के लिए क्लर्क के तौर पर कार्य किया . जिसके बाद इन्होने यूनाइटेड स्टेट के सुप्रीमकोर्ट में जस्टिस सैंड्रा डे के लिए क्लर्क के तौर पर कार्य किया .

इनकी क्लर्कशिप के बाद इन्होने O’Melveny & Myers फर्म के लिए कार्य किया, फिर इन्होने यूनाइटेड स्टेट के सॉलिसिटर जनरल का ऑफिस ज्वाइन किया, जहाँ इन्होने वर्ष 2002 से 07 तक कार्य किया . 2007 में इन्होने फिर से O’Melveny & Myers फर्म ज्वाइन किया और इस बार इन्होने यह फर्म एक पार्टनर के तौर पर ज्वाइन किया और फर्म का वाशिंगटन डी.सी. का ऑफिस सम्भाला .श्री श्री निवासन जब खबरों का हिस्सा बने, जब इन्होने 2010 में एनरॉन कार्यकारी जेफरी स्किलिंग  के जरिये ऑनेस्ट सर्विसेस फ्रॉड के लिए केस किया जिसके लिए सुप्रीमकोर्ट ने इनके पक्ष में फैसला सुनाया .इन्होने साथ में स्किलिंग के ट्रायल लोकेशन के खिलाफ भी अपील की थी जिसे सुप्रीम कोर्ट ने रिजेक्ट कर दिया था .

श्री श्रीनिवासन हॉवर्ड में अध्यापक के रूप में भी कार्यरत रहे . वर्ष 2005 में इन्हें यूनाइटेड स्टेट डिपार्टमेंट ऑफ़ डिफेन्स ने उत्कृष्टता के लिए रक्षा सचिव अवार्ड दिया .

26 अगस्त 2011 को श्री श्रीनिवासन ने यूनाइटेड स्टेट के प्रिंसिपल डिप्टी सॉलिसिटर जनरल के पद को प्राप्त किया जिसमे उन्होंने ने नीलकत्याल को रिप्लेस किया . मई 2013 तक श्री श्रीनिवासन ने सुप्रीमकोर्ट में 25 मामलों में अपनी दलीले दी . अपने करियर के शुरुवाती दौर में इन्होने प्रेसिडेंट पद के उम्मीदवार एल गोर के लिए निस्वार्थ काम किया . 2013 में इन्होने ऑफिस को छोड़ा और अपील कोर्ट में नियुक्त हुए .

वर्ष 2010 में ओबामा प्रशासन ने श्री श्रीनिवासन को कोलंबिया सर्किट जिले के यूनाइटेड स्टेट कोर्ट ऑफ़ अपील में दो खाली पदों में से एक के लिए नॉमिनेट किया और उन्हें इस पद के लिए प्रबल दावेदार समझा गया जिसका कारण था उनका प्रेसिडेंट इलेक्शन में किया गया सराहनीय कार्य एवम उनके स्वयं के कार्य में उनका प्रभाव, इन्ही के कारण इन्हें भरपूर समर्थन मिला .बहुत सी फॉर्मेलिटी के बाद, 23 मई 2013 को वोटिंग हुई जिसमे इन्हें पुरे 97 वोट्स मिले . इन्होने मुख्य जज मेरिक गारलैंड के सामने शपथ ली . इसके बाद सितम्बर माह में अपने औपचारिक शपथ समारोह में इन्होने सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति सैंड्रा द डे ओ’कोन्नोर के सामने हिन्दू रीती से भगवत गीता पर हाथ रखकर शपथ ली और इस तरह वे दक्षिण एशियाई मूल के पहले संघीय अपीली न्यायाधीश बने . इस महत्वपूर्ण पद पर श्री श्रीनिवासन ने अपने बेहतरीन प्रदर्शन को जारी रखा और अपने काम के लिए सबकी नज़रों में अपनी जगह बनाई रखी . यही कारण हैं कि इन्हें यूनाइटेड स्टेट के सुप्रीमकोर्ट जज के प्रबल दावेदार के रूप में देखा जा रहा हैं जिसके लिए खुद ओबामा ने इनका नाम सजेस्ट किया .

विवाद
Controversy :

वर्ष 2016 में  यूनाइटेड स्टेट सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ जज एंटोनिन स्कालिया की अचानक मृत्यु हो जाने के कारण श्री श्रीनिवासन का नाम इस पद के लिए मुख्य रूप से लिया जा रहा हैं . साथ ही प्रेसिडेंट ओबामा ने भी यह कहा कि वे जल्दी ही यूनाइटेड स्टेट सुप्रीम कोर्ट को एक नया जज देंगे लेकिन उनके इस कथन पर विरोध किया जा रहा हैं क्यूंकि इस समय यूनाइटेड स्टेट में इलेक्शन का समय हैं और विरोधियों का मानना हैं कि यह महत्वपूर्ण फैसला नये आने वाले प्रेसिडेंट को करने देना चाहिए .

इस तरह यह मामला यूनाइटेड स्टेट में काफी बड़ा रूप ले चूका हैं अगर फैसला श्री श्रीनिवासन के पक्ष में होता हैं तब वे पहले भारतीय होंगे जो यूनाइटेड स्टेट के सुप्रीमकोर्ट के जज बनेंगे .

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