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क्या हैं सच्चा प्रेम ?

क्या हैं सच्चा प्रेम ?
(Inspirational Story In Hindi)

एक संगीत प्रेमी अपनी धुन को गुनगुनाते हुए मंदिर की सीढ़ियाँ चढ़ रहा था सीढ़ियों के पास चबूतरे पर  एक पंडित जोर- जोर से ईश्वर का पाठ कर रहा था| तभी अचानक उसे गायन की आवाज आई और उसने क्रोध में आकर उस संगीत प्रेमी से कहा – ऐ! निर्लज तूझे सुनाई नहीं देता? मैं यहाँ अपने ईश्वर का पाठ कर रहा हूँ और तू अपने इस गायन के शोर से मेरी भक्ति में बाधा पहुंचा रहा हैं| तभी उस संगीत प्रेमी ने क्षमा मांगते हुए कहा – हे ! ब्राह्मण देवता मैं अपने संगीत से इतना प्रेम करता हूँ कि उसके रियाज़ के समय मुझे कुछ और दिखाई और सुनाई ही नहीं देता | यह सुन उस पंडित को लज्जा आई और उसे अपनी भूल का अहसास हुआ |

क्या हैं सच्चा प्रेम

Moral Of The Story:

धार्मिक आडम्बर, दिखावा, कभी ईश्वर की भक्ति नहीं हो सकता| अगर ईश्वर से प्रेम हैं तो कोई भी शोर या अन्य, भक्ति में बाधा उत्पन्न नहीं कर सकते, जिस तरह उस संगीत प्रेमी को किसी भी शौर या बाधा का अहसास नहीं हुआ क्यूंकि उसका संगीत के प्रति प्रेम अपार हैं |

आज के समय में जहाँ संतो के रूप में देश द्रोही और पाखंडी आ गए हैं. सभी को जगाने की आवश्यक्ता हैं |ज्ञान ही सच्चा ईश्वर हैं, ज्ञान के लिए किसी पर आश्रित ना हो, परोपकार और धर्म पर चलना ही सच्ची भक्ति हैं बस उसी का पालन करे |

Karnika

कर्णिका दीपावली की एडिटर हैं इनकी रूचि हिंदी भाषा में हैं| यह दीपावली के लिए बहुत से विषयों पर लिखती हैं |यह दीपावली की SEO एक्सपर्ट हैं,इनके प्रयासों के कारण दीपावली एक सफल हिंदी वेबसाइट बनी हैं
Karnika

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