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सुगम्य भारत अभियान योजना | Sugamya Bharat Abhiyan scheme in hindi

सुगम्य भारत अभियान योजना Sugamya bharat abhiyan ( campaign) scheme in hindi

हम जिस वातावरण में रह रहे हैं, उस पर हमने कभी गंभीरता से विचार नहीं किया . सीडियाँ, फुटपाथ, सार्वजनिक शौचालय, पैदल यात्री मार्ग यह सभी वो जगह हैं, जहां से हर साधारण व्यक्ति रोज गुज़रता है और हमारे बीच रह रहे विकलांग समाज के लिए यही सुविधायें एक अवरोध का काम करती हैं, क्योंकि इनका निर्माण उनके अनुकूल नहीं किया गया . इसी सन्दर्भ में सुगम्य भारत अभियान का आरम्भ हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 3 दिसम्बर, 2015 को किया गया, जिस दिन को विकलांग व्यक्तियों के अंतर्राष्ट्रीय दिवस के रूप में भी मान्यता प्राप्त है .

सुगम्य भारत अभियान एक ऐसी मुहिम है, जो हमारे भारतवर्ष के विकलांग लोगों जिन्हें हम निशक्तजन भी कह सकते हैं, को ध्यान में रख्रते हुए उनके जीवन को सुलभ और सुविधाजनक बनाने के लिए शुरू की गयी है. ताकि वो लोग भी अपने जीवन में विकास, प्रगति और प्रतिष्ठा के साथ आगे बढ़ सकें.

सुगम्य भारत अभियान के अंतर्गत आने वाले स्थान –

इस अभियान के अंतर्गत हमारी सरकार सभी जगहों जैसे सरकारी इमारतें, यातायात साधन, हवाई अड्डे, पुलिस स्टेशन, अस्पताल, इत्यादि को, या यूँ कहें कि पूरे वातावरण को विकलांग जनों के अनुसार सुगम्य या सुलभ बनाने में प्रयासरत है. जिससे उन्हें भविष्य में इन स्थानों में प्रवेश करने या यहाँ की किसी भी सुविधा का उपभोग करने में कोई आपत्ति नहीं होगी .

SUGAMYA BHARAT ABHIYAN

सुगम्य भारत अभियान से कई बड़े और छोटे शहर जुड़ेंगे, जिनमें लखनऊ, कानपुर, बैंगलोर, चेन्नई, दिल्ली, हैदराबाद, कोलकाता, मुंबई, पुणे, अहमदाबाद, भोपाल, कोयंबटूर, इंदौर, जयपुर, वडोदरा, सूरत, नागपुर, पटना, विशाखापट्टन, रायपुर, गुड़गांव, श्रीनगर, तिरुवनंतपुरम, भुवनेश्वर, चंडीगढ़, गुवाहाटी, वाराणसी, पोर्ट ब्लेयर, ईटानगर, दमन, पणजी, शिमला, रांची, झांसी, नासिक, गांधीनगर, कावारत्ती, इंफाल, शिलांग, आईजोल, कोहिमा, पुदुचेरी, गंगटोक अगरतल्ला, देहरादून, सिलवासा, लुधियाना और फरीदाबाद शामिल हैं.

सुगम्य भारत अभियान के लक्ष्य –

  • इस अभियान के अंतर्गत साल 2016 के अंत तक विकलांगों के लिए 50 सरकारी इमारतों के निर्माण का लक्ष्य है .
  • साल 2017 के मध्य तक ख़ास विकलांगों के लिए 25 सार्वजनिक वाहनों की व्यवस्था के आदेश हैं .
  • इसी साल के अंत तक 26 शहरों में 50 सरकारी इमारतों की जांच कर, उन्हें विकलांगजनों के लिए सुगम्य बनाना भी इसी अभियान के लक्ष्यों के अंतर्गत आता है (जैसे सरकारी भवनों, अस्पतालों, स्कूलों और दफ्तरों में चढ़ने के लिए रैंप की व्यवस्था, विकलांगों के अनुसार इन सब जगहों पर शौचालय का निर्माण, इत्यादि) .
  • सरकार द्वारा इसी साल के भीतर, सभी अंतर्राष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय हवाई अड्डों को विकलांगजनों के उपयोग के लिए सुलभ बनाने का भी आदेश है .
  • यह भी कहा गया है कि साल 2018 तक देशभर के कम से कम आधे रेलवे स्टेशनों को, इन लोगों के अनुरूप ढाला जाएगा ताकि वे भी हमारी तरह रेल यात्रायों का आनंद उठा सकें .
  • एक ऐसी वेबसाइट की भी व्यवस्था की गयी है, जहां आम नागरिक इस अभियान से जुड़ कर अपने सुझाव रख सकता है.
  • नेत्रहीनों के लिए विशेष तरह के सेट टॉप बॉक्स बनाना भी सुगम्य भारत योजना के लक्ष्यों के अंतर्गत आता है, जिससे सुविधाजनक तरीके से वो लोग भी टेलीविजन का आनंद ले सकें .
  • इसी अभियान के अंतर्गत अगले पांच वर्षों में टीवी पर 200 व्यक्तियों को सांकेतिक भाषा का ज्ञान दिया जाएगा, जिससे वह लोगों का मनोरंजन कर सकें .
  • इसी लक्ष्य सूची में यह भी शामिल है कि सभी नयी इमारतों और वाहनों का निर्माण विकलांग व्यकियों के अनुरूप किया जाए और सभी सरकारी वेबसाइटस को भी उन्हीं लोगों के अनुरूप ढाला जाये .
  • इस अभियान के अंतर्गत सरकार ने विकलांग व्यक्तियों के लिए एक विशेष विश्वविद्यालय की भी बात कही है, जिसका निर्माण कार्य 1,700 करोड़ रूपए के कोष के साथ आरम्भ होगा और अगले शिक्षा सत्र से वह इन लोगों के लिए कुछ ख़ास पाठ्यक्रमों के साथ खोल दिया जाएगा .

सुगम्य भारत अभियान की सफलता के लिए उठाए गए कदम –

  • इस अभियान की सफलता हेतु सरकार ने 10 निजी कंपनियों का चयन किया है. जो अगम्य जगहों की जांच कर, उन्हें सुगम्य जगहों में परिवर्तित करने में सरकार की सहायता करेंगी .
  • सरकार द्वारा विकलांग कर्मचारियों के प्रशिक्षण के लिए निवेश की भी व्यवस्था है. जिससे उन्हें उन्नतिशील होने में मदद मिलेगी तथा उन्हें अच्छी सुख सुविधाएं प्राप्त होंगी .
  • जो 70% से ज्यादा निशक्त व्यक्ति को सामाजिक न्याय एवम् सशक्तिकरण विभाग द्वारा तिपहिया साइकिलें भी दी गयी .
  • एक विशेषज्ञों का समूह भी संगठित किया है, जो कार्यशालाओं के आयोजन द्वारा बिल्डरों, रियल एस्टेट डेवेलोपेर्स, सार्वजनिक क्षेत्रों के प्रतिनिधियों और अन्य कार्यकर्ताओं को इस अभियान के प्रति जागरूक और संवेदनशील बनाता है .

सुगम्य भारत अभियान योजना के उद्देश्य (sugamya bharat campaign Intension)–

सुगम्य भारत अभियान के उद्देश्यअवधि
50 सरकारी सुगम्य इमारतों का निर्माण2016
26 शहरों की 50 सरकारी इमारतों को जांच कर सुगम्य बनाना2016
दिल्ली की 50% सरकारी इमारतों को सुगम्य इमारतों में परिवर्तित करना2018
निशक्तजनों के लिए सुगम्य यातायात के साधनों का नवनिर्माण करना2017
रेलवे स्टेशनों और हवाई अड्डों को सुलभ बनाना2018
सरकारी वेबसाइट को उनके अनुरूप ढालना (मौखिक रूप से विवरण देने का विकल्प देकर)2017
200 व्यक्तियों को टीवी पर मनोरंजन हेतु सांकेतिक भाषा का ज्ञान देना2018

सुगम्य भारत अभियान मोबाइल एप्लीकेशन (sugamya bharat campaign Mobile App)-

सरकार द्वारा एक सुगम्य भारत अभियान मोबाइल एप्लीकेशन भी जारी की गयी है. जिसके ज़रिये हम और आप जैसे साधारण सभी देशवासी भी इस अभियान का हिस्सा बनकर सरकार की और विकलांग लोगों की सहायता कर सकते हैं . आप अपने आस-पास की किसी भी सरकारी इमारत, अस्पताल, पुलिस स्टेशन, विद्यालयों, जो की अगम्य है यानि विकलांगो के उपयोग के अनुसार नहीं है, कि तस्वीर या विडियो लेकर उसे सुगम्य भारत अभियान पोर्टल पर डाल सकते हैं . तत्पश्चात सरकार उसकी जांच के आदेश देकर उसे सुगम्य बनाने की ओर अग्रसर हो जाएगी.

सुगम्य भारत अभियान एक ऐसा अभियान है, जिसके तहत विकलांग व्यक्तियों को समान अवसर प्रदान करने की और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की कोशिश भारत सरकार द्वारा की जा रही है . जीवन के हर क्षेत्र में विकलांग व्यक्तियों की सामान भागीदारी को सुनिश्चित करने हेतु इस अभियान के अंतर्गत कई कदम उठाये गए है और भविष्य में भी उठाये जाएँगे . हमारे देश में लगभग 26 मिलियन निशक्तजन हैं, जिन्हें स्वतंत्र रूप से जीने का अधिकार देने के लिए भारत सरकार ने सुगम्य अभियान के अंतर्गत कई शानदार योजनाएं बनायीं है .

Update 

30/8/2018

सुगम्य भारत अभियान के अंतर्गत सभी दिव्यांगों को एक यूनिवर्सल आई डी दिया जायेगा, जिससे दिव्यांग देश के किसी भी हिस्से में रहकर सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकते है.

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Ankita

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अंकिता दीपावली की डिजाईन, डेवलपमेंट और आर्टिकल के सर्च इंजन की विशेषग्य है| ये इस साईट की एडमिन है| इनको वेबसाइट ऑप्टिमाइज़ और कभी कभी आर्टिकल लिखना पसंद है|
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