पतंजलि द्वारा निर्मित स्वदेशी जीन्स | Patanjali Plans to launch Swadeshi Jeans In Hindi

पतंजलि द्वारा निर्मित स्वदेशी जीन्स  Patanjali Plans to launch Swadeshi Jeans In Hindi

बाबा रामदेव की पतंजलि ब्रांड, एक ऐसा नाम है जिसे आज देश का हर नागरिक जानता है. देश के साथ विदेशों में भी ये प्रचलित हो रही है. विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार करने का नारा लगाने वाले बाबा जी ने, अपनी खुद की स्वदेशी कंपनी पतंजलि का निर्माण 2006 में किया था. महात्मा गाँधी की तरह स्वदेसी वस्तु के समर्थक रामदेव बाबा चाहते है कि भारत में हर कोई भारत में निर्मित वस्तु का ही उपयोग करे, किसी भी वस्तु के लिए भारतियों को विदेशों का मुंह न ताकना पड़े. रामदेव बाबा एक योग गुरु है, लेकिन इन्होने हमेशा से स्वदेशी वस्तुओं का प्रयोग अधिक करने के लिए लोगों को प्रोत्साहित किया. पतंजलि योगपीठ और पतंजलि आयुर्वेद के नाम से प्रसिध्य, बाबा जी की इस कंपनी ने अभी तक बहुत सी दवाइयां, दैनिक जीवन में उपयोग आने वाली वस्तुएं जैसे खाने का समान, मसाले, घी, आटा, बिस्किट, नूडल्स, चॉकलेट, मंजन, साबुन आदि का निर्माण किया है. बाबा रामदेव की पतंजलि आटा नूडल्स के बारे में जानने के लिए पढ़े. इस कंपनी के द्वारा 500 से ज्यादा दैनिक जरूरत की चीजें बनाई जाती है. इन सभी वस्तुओं को बनाने के लिए भारतीय समान का प्रयोग होता है, इसमें विदेशी वस्तुओं का बिल्कुल प्रयोग नहीं किया जाता है.

पतंजलि के द्वारा स्वदेशी वस्तुओं के प्रयोग को बढ़ता देख, बाबा जी अब पहली बार भारत में अपना फैशन प्रोडक्ट लांच कर रहे है. पतंजलि कंपनी के सीईओ ‘आचार्य बालकृष्ण’ ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा है कि पतंजलि जल्द ही, लड़के, लड़कियों के लिए स्वदेशी जीन्स और जूते लाने वाली है.  जीन्स पश्चिमी कांसेप्ट है, इसे अपनाया जा सकता है, या इसका बहिष्कार किया जा सकता है. लेकिन समय के साथ जीन्स भारत में इतना अधिक फेमस हो गया है, कि इसे अब बहिष्कृत करना तो नामुमकिन है. लेकिन पहली बार हमारी सोच से परे रामदेव बाबा जी की पतंजलि ने, वेस्टर्न जीन्स में बदलाव करके उसे भारतीय संस्कृति के अनुकूल बनाने का मन बनाया है. स्वदेशी जीन्स भारतीय स्टाइल का जीन्स होगा, जिसकी डिजाईन, फैब्रिक सब भारतीय सभ्यता के अनुसार होगा.

पतंजलि द्वारा निर्मित स्वदेशी जीन्स 

Patanjali plans to launch ‘Swadeshi’ Jeans

स्वदेशी जीन्स जैसा कि नाम से समझ आ रहा है, यह भारतीय तरीके का जीन्स होगा. जीन्स जो कि पश्चिमी सभ्यता का पहनावा है, पाश्चात्य सभ्यता के द्वारा ये भारत में आया, लेकिन आज के समय की युवा पीढ़ी चाहे लड़का हो या लड़की बहुत पसंद करते है.  कॉलेज जाने वाले, ऑफिस जाने वाले यहाँ तक की बच्चे भी जीन्स के दीवाने होते है. जीन्स को फैशन का मुख्य ट्रेंड माना जाता है. पश्चिमी सभ्यता से प्रेरित जीन्स भारतीय सभ्यता के पहनावे के साथ मेल नहीं खाते है. स्वदेशी जीन्स लड़के, लड़कियों दोनों के लिए होंगें. लड़कों के लिए जो जीन्स डिजाईन की होगी वो वेस्टर्न जीन्स की तरह होगी, लेकिन लड़कियों के लिए जो जीन्स होंगें वे थोड़े अलग होंगें. आचार्य बालकृष्ण के अनुसार लड़कियों के लिए जो जीन्स होंगें, वे थोड़े ढीले होंगें, ताकि वे भारतीय संस्कृति से मेल खा सके, साथ ही पहनने में आरामदायक हो. ये जीन्स बाकि भारतीय कपड़ो से मेल खायेंगें. भारतीय परिवार इन जीन्स को अपनाकर बहुत आराम महसूस करेंगें.

उत्पादस्वदेशी जीन्स
शुरू किया जा रहा हैबाबा रामदेव द्वारा
कंपनी का नामपतंजलि
मटेरियलकॉटन

जीन्स फैब्रिक एवं जीन्स –

ज्यादातर जीन्स डेनिम मटेरियल से बनते है, जो विदेशों से आयात होता है. इसे भारत में विदेशी कंपनियों के द्वारा ही बनाया जाता है. आचार्य बालकृष्ण के अनुसार स्वदेशी जीन्स कॉटन के बने होंगे, जिसकी डिजाईन भारतीय तरह की होगी. जीन्स का कांसेप्ट विदेशी है, लेकिन जब इसे भारतीय मटेरियल से बनाया जायेगा तो ये स्वदेशी जीन्स कहलायेगा. जीन्स की बढ़ी लोकप्रियता को देखते हुए, पतंजलि ने अपने फैशन लांच में सबसे पहले इसे ही चुना है. स्वदेशी जीन्स हर उम्र के लोगों के लिए बनाए जायेंगें. बाबा रामदेव महाराज का जीवन परिचय को यहाँ पढ़ें.

स्वदेशी जीन्स आने से क्या फायदा होगा ( ‘Swadeshi’ Jeans Benefits)–

वैसे देखा जाये तो अभी जितने भी प्रोडक्ट पतंजलि लेकर आई है, उसमें बहुतों को सफलता ही मिली है. पतंजलि लगातार अलग अलग तरह की दैनिक वस्तुएं लाते रहा है, जिसकी सफलता के साथ कंपनी ने भी निरंतर विकास किया है. 2016 की छिमाही तक ही पतंजलि कंपनी का टर्नओवर 45 करोड़ के पार हो चूका था. इस स्वदेशी कंपनी ने बहुत सी विदेशी कंपनियों की कमर तोड़ दी है. मंजन, फेस क्रीम, शैम्पू, मसाले, बिस्किट, घी, शहद आदि पतंजलि के बहुत फेमस प्रोडक्ट है. इन सामानों से जुड़ी विदेशी कंपनी जैसे डाबर, कोलगेट आदि के व्यापार पर बहुत अधिक फर्क पड़ा है.

patanjali-swadeshi-jeans

स्वदेशी जीन्स आने से उसका निर्माण भारतीय पद्धिति के अनुसार होगा, उसमे भारतीय समान का प्रयोग होगा, साथ ही इसे भारतीय कारीगर बनायेंगें. इससे भारत का पैसा भारत में ही रहेगा. आगे चलकर ये प्रसिद्ध हुआ और भारत से बाहर विदेश गया तो इस फैशन ट्रेंड से कंपनी के साथ साथ भारत को भी बहुत अधिक फायदा हो सकता है.

स्वदेशी जीन्स, कॉटन से बने होंगें जो अपने आप में जीन्स का नया रूप होगा. स्वदेशी जीन्स को देखना काफी दिल्चप्स होगा, जब ये फाइनल बनके आएगा तो देखकर बताया जा सकेगा कि बाबा जी किस हद तक विदेशी जीन्स को स्वदेशी जीन्स में बदल पाए है. जो भी कहो बाबा रामदेव हमारी सोच से परे कुछ नया ही करते है.   सीईओ बालकृष्ण ने कहा है कि 5 बड़ी कंपनियों ने पतंजलि के साथ स्वदेशी जीन्स बनाने के लिए आगे से हाथ बढ़ाया. इसके साथ ही भारतीय पहनावे के विशेषज्ञ (Fashion Designer) स्वदेशी जीन्स पर विशेष कार्य कर रहे है, जल्दी ही इसकी डिजाईन फाइनल हो जाएगी और इस पर काम शुरू हो जायेगा. भारतियों को बाबा रामदेव के स्वदेशी जीन्स का बेसब्री से इंतजार है. उम्मीद लगाई जा सकती है, अगर उनका ये फैशन प्रोडक्ट सफल रहा तो वे जल्द ही पूरी फैशन रेंज लेकर भारतीय बाजार में उतरेंगें. अगर ऐसा हुआ तो बड़ी बड़ी भारतीय और विदेशी फैशन कंपनियों को बहुत फर्क पड़ेगा.

स्वदेशी जीन्स ( ‘Swadeshi’ Jeans) –

बाबा रामदेव द्वारा स्वदेशी जीन्स के आईडिया की बात की जाये तो ये कोई नया नहीं है. इससे पहले 1990 में अरविन्द मिल्स नाम की कंपनी भारत में पहली बार रेडीमेड जीन्स लेकर आई थी. ये कम रेंज में रेडीमेड जीन्स उनके लिए लाई थी, जो उस समय रेडीमेड कपड़े खरीद नहीं सकते थे. अरविन्द मिल्स की कंपनी ‘रफएनटफ’ ने बहुत बड़ी सफलता प्राप्त की थी. जीन्स की कम कीमत ने उन्हें अपनी और आकर्षित किया था, साथ ही कॉटन पेंट से अलग जीन्स में उन्हें आरामदायक अनुभव मिला था. इस बड़ी सफलता के बावजूद कुछ समय बाद कंपनी को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा. इसके साथ ही मार्किट में जीन्स की दूसरी कंपनियां भी आ गई.    

क्या बाबा रामदेव का जीन्स सफल होगा?

जीन्स इसलिए प्रसिद्ध है, क्यूंकि ये बहुत टिकाऊ होता है. ज्यादा समय तक चलता है, जल्दी फटता एवं गन्दा नहीं होता है. जीन्स में मुख्य उसका फैब्रिक डेनिम होता है, जो इसे मजबूत बनाता है. ये डेनिम सबसे पहले इटली के जेनोआ में पाया गया था, जिसे लेवी स्ट्रास के द्वारा अमेरिका लाया गया था. जीन्स अमेरिका में पॉप बैंड वाले पहनते थे, धीरे धीरे ये भारत के साथ विश्व के अन्य हिस्सों में प्रसिद्ध होते गया.

जीन्स आज के समय में देश के हर हिस्से में आसानी से मिल जाता है. बड़ी बड़ी ब्रांडेड कंपनियों के अलावा देश की लोकल कंपनीयां भी अब जीन्स की कम रेंज लेकर बाजार में मौजूद है. कई विदेशी कंपनियां अब भारत में ही इस उत्पाद का निर्माण करती है. पतंजलि की स्वदेशी जीन्स को भारतीय बाजार में, पहले से सफल कंपनियों के साथ कड़ा मुकाबला करना होगा. खाने की चीज में बाबा रामदेव शुद्धता की बात बोल कर, भारतियों को पतंजलि उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करते थे. लेकिन अब इस स्वदेशी जीन्स में कोई शुद्धता वाली तो बात है नहीं. अगर ग्राहक को कम कीमत पतंजलि से अच्छा विकल्प मिलेगा तो वे स्वदेशी जीन्स की ओर ध्यान भी नहीं देंगें. ये बात का ध्यान तो बाबा रामदेव को भी होगा, इसका मतलब वो ये जानते हुए कि उनके स्वदेशी जीन्स को भारतीय बाजार में कड़ा मुकाबला देखना होगा, वे फिर भी इसे ला रहे है. इस बात से तो यही समझ आता है कि बाबा जी स्वदेशी बात से अलग अपनी कंपनी पतंजलि को देश में बढ़ाना चाहते है.

Anubhuti
यह मध्यप्रदेश के छोटे से शहर से है. ये पोस्ट ग्रेजुएट है, जिनको डांस, कुकिंग, घुमने एवम लिखने का शौक है. लिखने की कला को इन्होने अपना प्रोफेशन बनाया और घर बैठे काम करना शुरू किया. ये ज्यादातर कुकिंग, मोटिवेशनल कहानी, करंट अफेयर्स, फेमस लोगों के बारे में लिखती है.

More on Deepawali

Similar articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here