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शकरकंद यानि मीठा आलू और उसके फायदे| Sweet Potato benefits in hindi

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Sweet Potato benefits in hindi शकरकंद या मीठा आलू लोगों में बहुत पसंद किये जाने वाले फलों में एक है. इसे खाने से मनुष्य के शरीर को कई फायदे पहुँचते हैं. लोग इसे उबाल कर या कच्चा भी खाते हैं. सर्वप्रथम इसकी पैदाइश मध्य और दक्षिणी अमेरिका में हुई थी, इसके बाद क्रिस्टोफर कोलंबस ने 1492 ई में इसे अपने साथ यूरोप के बाक़ी देशों में ले गये, 16वीं शतब्दी के आस- पास इसका आयात फिलीपींस ने किया, फिर वहाँ से ये भारत, इंडोनेशिया और दक्षिणी एशिया के अन्य देशों में आया. सबसे अच्छी बात ये है कि ये बहुत महंगा नहीं होता. कम पैसे में यह पौष्टिकता का बहुत अच्छा स्त्रोत है.

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शकरकंद यानि मीठा आलू और उसके फायदे

मीठा आलू या शकरकंद से कई स्वादिष्ट नाश्ते तैयार किये जाते हैं. इससे तैयार नाश्ते स्वाद के साथ- साथ पौष्टिकता में भी बहुत महत्व रखते हैं. ऑरेंज रंग में आने वाले शकरकंद में बीटा कैरटिन पाया जाता है. इसके इस्तेमाल से हमारे खून में विटामिन ए का स्तर बढ़ता है. ये पोष्टिकता बच्चो के लिए अति आवश्यक है. नीचे देश के साथ उनके उत्पादन के कुछ आंकड़े दिए गये हैं.

  • चीन – 81.7 मिलियन टन,
  • यूगांडा – 2.8 मिलियन टन,
  • नाइजीरिया – 2.8 मिलियन टन,
  • इंडोनेशिया – 2.0 मिलियन टन,
  • वियतनाम – 1.3 मिलियन टन,
  • भारत – 1.1 मिलियन टन आदि

मीठे आलू में पाए जाने वाले पोषक तत्व (Sweet Potato nutrition chart)

इसमें महत्वपूर्ण ‘एंटी – ऑक्सीडेंट’ पाया जाता है. इसमें विटाम ए के साथ – साथ विटामिन बी5, बी6, थायमिन, नियासिन, राइबोफ्लेविन, और प्रचूर मात्रा में कैरोटेनोइड्स नामक तत्त्व मौजूद होते हैं. इसके अलावा इसमें कुछ और पोषक तत्व पाए जाते है –

प्रति 100 ग्राम मीठे आलू में

जल77%
प्रोटीन1.6 ग्रा
कार्बोहायड्रेट20.1 ग्रा
सुगर4.2 ग्रा
सुक्रोस2.5 ग्रा
ग्लूकोस1 ग्रा
स्टार्च12.65 ग्रा
फैट0.1 ग्रा

मीठे आलू के सेवन से लाभ (Sweet Potato eating benefits)

मीठा आलू सिर्फ नारंगी रंग में ही नहीं आता है, इसके अलावा ये सफ़ेद या जामूनी रंग में भी आता है. यद्यपि इसमें आम आलू से अधिक चीनी की मात्रा होती है लेकिन इसमें साधारण आलू की अपेक्षा कम कैलोरीज और सोडियम मौजूद होता है. एक बड़े आकर का मीठा आलू एक मनुष्य के दिन भर के विटामिन ए की ज़रुरत को पूरा कर देता है. ये एंटी ओक्सीडेंट का काम करता है साथ ही कैंसर की रोकथाम में सहायता करता है. मीठा आलू आँखों की रौशनी भी बढ़ता है. इसके अलावा इसके कुछ फ़ायदे इस प्रकार हैं –

ह्रदय स्वास्थ्य :

मीठा आलू विटामिन बी6 का बहुत अच्छा स्त्रोत है, जो मनुष्य के शरीर में रक्त शिराओं और धमनियों में से होमोसिसटाईन को कम करता है. होमोसिसटाईन दरअसल रक्त नलिकाओं और धमनियों को सख्त कर देता है. इसमें पाया जाने वाला पोटेशियम भी हृदय के लिये अति आवश्यक तत्व हैं. इससे शरीर में फ्लूइड बैलेंस बना रहता है, जिससे रक्त चाप नियंत्रित रहता है. पोटेशियम शरीर के लिए एक महत्वपूर्ण इलेक्ट्रोलाइट है, जिससे धड़कन नियंत्रित रहती है.

तनाव :

इसमें पाया जाने वाला मैग्नीशियम शरीर में पहुंचकर शरीर को तनावमुक्त करता है. ये मस्तिष्क को शांत रखता है और इससे मनुष्य का मन भी दुरुस्त रहता है. मस्तिष्क के साथ – साथ ये रक्त नलिकाओं, धमनियों, हड्डियों, मॉस पेशियों आदि को भी तनावरहित रहने में सहायता करता है.

कैंसर का रोकथाम :

नारंगी रंग के मीठे आलू में एंटी- कार्सिनोजेनिक गुण पाया जाता है. इसके साथ इसमें पाए जाने वाले बीटा कैरटिन औरतों में ब्रैस्ट कैंसर और ओवेरियन कैंसर से लड़ने की क्षमता बढाता है. नीले रंग के मीठे आलू में नारंगी रंग के मीठे आलू से अधिक कैंसर रोकथाम की क्षमता होती है.

बाल और त्वचा :

शहर में रहने वाले लोगों के जीवन में प्रदूषण आम बात हो गयी है. इसका सबसे पहला असर लोगों के बालों और चमड़ीयों में होता है. इसमें पाया जाने वाला विटामिन ए “सन डैमेज” से बचाता है. इसमें पाए जाने वाले विटामिन सी और विटामिन ई सौंदर्य के लिए अति आवश्यक है. इन तत्वों से त्वचा चमकदार और स्वस्थ रहती है. इसके नियमित सेवन से चेहरे पर लगातार चमक बनी रहती है.

पाचन में सहायक :

मीठे आलू में कई तरह के फाइबर पाए जाते हैं. इसकी सहायता से मनुष्य का पाचन तंत्र स्वस्थ रहता है. इसके सेवन से शरीर में पाचक एंजाइम की बढ़ोत्तरी होती है, जो पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने और पाचन शक्ति को नियंत्रित करने में सहायक है.

डायबीटीज और ऊर्जा के नियंत्रण :

मीठा आलू में संचित चीनी बहुत धीमी मात्रा में रक्त से मिश्रित होती है. अन्य स्टार्च वाले पदार्थों की तरह, इसे खाने के साथ ही रक्त सुगर के स्तर में वृद्धि नहीं होती, बल्कि ये रक्त सुगर के आम नियंत्रित स्तर को बनाए रखने में सहायक होता है. इस वजह से मेटाबोलिज्म नियंत्रण में रहता है, जिससे शरीर में ऊर्जा का उत्पादन नियंत्रित मात्रा में होता है. एक सफ़ेद तरह के मीठे आलू के सेवन से ब्लड ग्लूकोस की मात्रा नियंत्रित रहती है. इसमें पाए जाने वाले मैंगनीज भी मेटाबोलिक दर को नियंत्रित करने में सहायता करते है. नियंत्रित मेटाबोलिक दर एक नियंत्रित मात्रा में ऊर्जा पैदा करती है.

मीठे आलू की स्वास्थ्य सम्बन्धी विशेष जानकारियाँ (Sweet Potato health information)

संयमित ढंग से इसका सेवन करने से ये अति कारगर साबित होता है. वैसे इसमें कार्बोहायड्रेट की मात्रा अधिक होती है. एक मध्यम आकार के मीठे आलू में लगभग 23 ग्राम कार्बोहायड्रेट होता है. जो 100 कैलोरी ऊर्जा पैदा करती है. इस तरह ये मोटापे को बढ़ने लगता है. बहुत अधिक मीठा आलू खाने पर नाखून नारंगी रंग का हो जाता है, वैसे ये कोई रोग नहीं है. मीठा आलू का सेवन कम करते ही नाखून का रंग सामान्य अवस्था में आ जाता है.

मीठे आलू से कुछ विशेष तथ्य (Sweet Potato facts)

मीठा आलू और साधारण आलू दोनों ही ज़मीन के नीचे के फल हैं. परन्तु साधारण आलू ज़मीन के नीचे तना के रूप में रहता है, जिसे अंडरग्राउंड स्टीम भी कहा जाता है. जबकि मीठे आलू जमीन के नीचे जड़ के रूप में रहता है.

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