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द स्टोन बॉय टीवी सीरीज | The Stone Boy TV series in hindi

The Stone Boy TV series in hindi 1991 में दूरदर्शन पर स्टोन बॉय टीवी सीरीज काफी लोकप्रिय हुआ था. यह वास्तव में एक इंडो मारीशस शार्ट फिल्म थी, जिसे 1991 में बच्चों के लिए एक टीवी सीरीज के रूप में भारतीय टेलीविजन चैनल डी डी नेशनल पर प्रसारित किया गया था. इसकी कहानी एक किसान के लड़के की थी, जिसे परियों द्वारा शापित कर दिया था. शाप से मुक्ति के लिए उसके संघर्ष को अलग अलग कहानी के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है. इस सीरीज के बारे में पूरी जानकारी नीचे दी गई है.

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द स्टोन बॉय टीवी सीरीज

The Stone Boy TV series in hindi

द स्टोन बॉय टीवी सीरीज की पटकथा (The stone boy story)

पिता के नौकरी परिवर्तन के कारण अजीत और उसकी बहन अर्चना को दूसरे देश जाना पड़ता है. विदेश जाकर वो नये स्कूल में भर्ती होते हैं. शुरूआत में नये बच्चों के साथ दोस्ती नहीं हो पाती है, कइयों से उनका झगड़ा हो जाता है. स्कूल के बच्चे उन्हें अपनाना नहीं चाहते हैं. बातचीत के दौरान उन्हें पता चलता है कि स्कूल के पास में ही एक पहाड़ है जिसका नाम स्टोन बॉय है. उस पहाड़ के बारे में एक किंवदती है कि एक बार एक किसान का लड़का वहीं रहता था. गरीबी के कारण उसकी जिंदगी काफी कष्टप्रद थी. वह काफी तकलीफ में जी रहा था. उसके पास एक बकरी थी, और उसी बकरी का दूध बेचकर जिन्दगी की गाड़ी चला रहा था. प्रत्येक दिन वह दुध निकालता और उसे बाजार से बेचकर पैसे घर ले आता था. एक दिन जब वह दुध बेचकर बाजार से लौट रहा था, वह एक दृश्य देखकर चकित हो गया. उसने देखा सुन्दर परियों का एक समूह जमीन पर उतर आया है, और गीत नृत्य में संलग्न है. उसने उन परियों की सारी लीला एक बड़े पत्थर से पीछे छुप कर देखी. वहाँ वह तो परियों को देख पा रहा था, पर परियाँ उसको नहीं देख पा रही थी. लेकिन वह एक परी के नजर में आ गया. उस परी ने इसे छुप कर देखते हुए देख लिया. परियों को गुस्सा आ गया, तमतमाते हुए परी ने उसे शापित करना शुरू कर दिया. लड़का घबरा गया. रोने लगा और परियों से अपने इस कृत्य के लिए माफी मांगने लगा. एक परी को उसके बचपने पर दया आ गई, वो उसके पास आयी और कहा कि एक बात का वादा करो कि यह बात और किसी को नहीं बताओगे. लड़के ने परियों से वादा किया. फिर परी ने कहा कि अब से तुम भी सुखी संपन्न हो जाओगे. तुम्हारी सारी दरिद्रता खत्म हो जायेगी. परियों ने उसके जीवन की सारी बाधायें दूर करने का वचन दिया. साथ में परियों की जानकारी को गुप्त रखने की सलाह भी दिया. उसने यह भी कहा कि यदि लड़के ने इस बात को किसी और को बताया, तो उसकी सारी संपत्ति गायब हो जायेगी, और वह पत्थर के पहाड़ में बदल जायेगा. और सिर्फ पचास साल में तीन दिन के लिए तुम आदमी के रूप में आ पाओगे. और तीन दिन बाद फिर से पर्वत हो जायेगा. तुम तभी हमेशा के लिए आदमी बनोगे, जब कोई इस पहाड़ के ऊपर चढ़कर सच्चे मन से तुम्हें बुलाएगा. उस गरीब किसान के बच्चे को जानकारी गुप्त नहीं रखने पर सजा के बारे में बताया.

परियों ने जैसा कहा था, वह गरीब लड़का, आहिस्ते आहिस्ते व्यापार से लाभ कमाने लगा. वह समृद्ध होने लगा. ईष्यालू गांववालों को ये अच्छा नहीं लगा. वे इसके पीछे का राज जानने के लिए षडयंत्र करने लगे. लेकिन एक दिन अपनी साजिश में फंसाकर गांववालों ने बच्चे से राज की बात निकलवा ली. बच्चे ने बहुत कोशिश की, पर उनके षडयंत्र के दबाव में खुद को रोक नहीं पाया, और उन्हें राज की बात बताने लगा. जैसे ही उसने राज की बात बताना आरंभ किया वह एक पहाड़ के रूप में परिवर्तित होने लगा. तब से इस पहाड़ को स्टोन बॉय कहा जाता है.

अजीत और अर्चना ने कहानी सुनने के बाद ठान लिया कि वह दोनों मिलकर स्टोन बॉय को वापस बुलायेंगे. उन्हें यह बात भी ध्यान में रखना था कि दिल से उन्हें आवाजा देना होगा. वे दोनों पहाड़ में काफी तकलीफों का सामना करने के बाद चढाई करते हैं, और दिल से गाना गाते हैं – आ गया हूँ पास तेरे, छोड़ के सब यार मेरे, करले मुझसे दोस्ती स्टोन बॉय. और वे सफल हो जाते हैं. स्टोन बॉय फिर से इंसान के रूप में आ जाता है. स्टोन बॉय अजीत और अर्चना को दोस्त बनाने में मदद करता है. तीन दिनों तक बच्चों के साथ स्टोन बॉय मजा करता है, कई एडवेंचर कहानी में आता है. और अंत में स्टोन बॉय को वापस अपने पुराने रूप में जाना पड़ता है. कहानी का अंत काफी भावुक है. बच्चे रोते हुए स्टोन बॉय को विदाई देते हैं.

द स्टोन बॉय सीरीज का निर्देशन (The stone boy serial Doordarshan)

टी एस नागाभराना तेलगू सिनेमा के निर्देशक थे और उन्हें समानान्तर सिनेमा का जनक भी कहा जाता है. इन्हें टी वी धारावाहिक और सिनेमा में दोनों में ही अद्भुत सफलता मिली. पिछले चालीस सालों में इन्होंने 30 फिल्म बनाई, जिनमें से 24 को पुरस्कार मिला. 10 एपिसोड की ये धारावाहिक का निर्देशन बहुत ही कुशलता पूर्वक इन्होंने किया था. कलाकारों का चयन काफी अच्छा था. बच्चों का अभिनय भी सशक्त था. विजुअल इफेक्ट्स आज की तरह आधुनिक नहीं थे, किन्तु काफी चतुराई से प्रयोग में लाया गया था.

द स्टोन बॉय सीरीज की लोकप्रियता (The stone boy series TRP)

स्टोन ब्यावय 90 के दशक में दूरदर्शन के धारावाहिकों में काफी लोकप्रिय रहा था. इसे कई बार प्रसारित किया गया. बच्चें इस धारावाहिक को लेकर काफी उत्सुक रहते थे. उस समय स्पाईडर मैन और ही- मैन कार्टून का दौर था, जिसे रविवार को प्रसारित किया जाता था. लेकिन स्टोन बॉय आने के बाद उन धारावाहिकों को कुछ समय के लिए बंद कर दिया था.

इस सीरीज से जुड़े मुख्य तथ्य (The stone boy series)

सीरियल का नाम स्टोन बॉय
निर्देशन टी एस नागाभराना
जेनर ड्रामा
चैनल डी डी नेशनल
भाषा हिंदी
वर्ष सन 1991
एपिसोड्स 10

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Ankita

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अंकिता दीपावली की डिजाईन, डेवलपमेंट और आर्टिकल के सर्च इंजन की विशेषग्य है| ये इस साईट की एडमिन है| इनको वेबसाइट ऑप्टिमाइज़ और कभी कभी आर्टिकल लिखना पसंद है|
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