उदयपुर मर्डर केस:कौन था कन्हैया लाल, क्यों मारा गया, जाने उदयपुर हत्याकांड की पूरी डिटेल [Udaipur Murder Case in Hindi]

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राजस्थान के उदयपुर शहर में दो इस्लामिक आतंकवादियों के द्वारा कन्हैयालाल नाम के व्यक्ति की गला रेत कर हत्या कर दी गई और उनके द्वारा हत्या करने का वीडियो भी बनाया गया, साथ ही उसे सोशल मीडिया पर वायरल भी किया गया। इसके साथ ही हत्या करने वाले दोनों अपराधियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को भी यही अंजाम भुगतने की धमकी दी है।

फिलहाल पुलिस के द्वारा दोनों ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। हालांकि हत्या के विरोध में बुधवार को डूंगरपुर बंद का आह्वान किया गया है, जिसमें विभिन्न हिंदू संगठन और व्यापारिक संगठन शामिल है, साथ ही भाजपा के द्वारा भी बंद को समर्थन दिया गया है। आइए जानते हैं उदयपुर कन्हैयालाल मर्डर केस क्या है।

Udaipur Murder Case

उदयपुर कन्हैयालाल मर्डर केस [Udaipur Murder Case]

राजस्थान के उदयपुर शहर में कन्हैया लाल साहू अपनी दुकान पर काम कर रहे थे। इसी बीच इस हत्याकांड के आरोपी मोहम्मद रियाज और गौस मोहम्मद धारदार हथियार छुपा कर कन्हैया लाल साहू की दुकान पर पहुंचे और उससे अपना नाप लेने के लिए कहा।

जैसे ही कन्हैया लाल साहू ने नाप लेना चालू किया, वैसे ही पहले से ही एक अपराधी के द्वारा वीडियो रिकॉर्डिंग चालू कर दी गई थी और इसके पश्चात धारदार हथियार से कन्हैया लाल साहू का गला काट दिया गया और गला काटने के बाद दोनों आरोपी वहां से भाग निकले।

हालांकि इन आरोपियों के द्वारा गला काटने पर जब कन्हैया लाल साहू ने चिल्लाना शुरू किया तो आसपास के लोग दौडे, जिसमें से ईश्वर सिंह नाम के व्यक्ति ने दोनों अपराधियों का सामना करने की कोशिश की परंतु उन्हें भी अपराधियों के द्वारा नुकसान पहुंचाया गया। अभी ईश्वर सिंह हॉस्पिटल में भर्ती है। वही दोनों ही अपराधियों को तकरीबन 5 घंटे के भीतर ही उदयपुर पुलिस के द्वारा पीछा करके गिरफ्तार कर लिया गया है।

बता दें कि इस हत्याकांड का पहला आरोपी मोहम्मद रियाज अत्तारी उदयपुर के किशनपुर इलाके में किराए के मकान में रहता है और वह मस्जिदों के अंदर खिदमत करने का काम करता है, वही हत्याकांड में शामिल दूसरे आरोपी गौस मोहम्मद का निवास राजसमंद जिले के भीम इलाके में है।

कौन है कन्हैया लाल

कन्हैयालाल पेशे से टेलर था। कन्हैया लाल अपनी पत्नी यशोदा और बेटे के साथ उदयपुर में रहते थे। कन्हैयालाल ने नूपुर शर्मा के समर्थन में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया था जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था। 15 जून को कन्हैया को जमानत मिल गई थी उसके बाद उसने बताया कि उसे धमकी भरे फोन आ रहे हैं।

उदयपुर में फैला है तनाव

कन्हैया लाल की हत्या की खबर जैसे ही उदयपुर के शहरों में और उदयपुर के ग्रामीण इलाके में पहुंची, वैसे ही वहां पर जबरदस्त तनाव फैल गया। इसके पश्चात आक्रोशित लोगों के एक बड़े वर्ग ने सड़कों पर उतर कर नारेबाजी करना चालू कर दिया और इस हालत को देखकर के पुलिस प्रशासन के भी हाथ पैर फूल गए, जिस पर गवर्नमेंट के आदेश पर उदयपुर के कई इलाके में कर्फ्यू लगा दिया गया और गवर्नमेंट के आदेश पर तकरीबन 24 घंटे के लिए संपूर्ण राजस्थान में इंटरनेट को भी बंद कर दिया गया है।

राजस्थान सरकार ने की सहायता की घोषणा

राजस्थान के उदयपुर में जघन्य हत्याकांड में मारे गए कन्हैया लाल साहू के परिवार वालों को राजस्थान गवर्नमेंट के द्वारा एक 3000000 रूपए का मुआवजा देने का ऐलान किया गया है, साथ ही कन्हैया लाल साहू के परिवार के 2 लोगों को संविदा पर नौकरी देने का ऐलान किया गया है। वही अपराधियों और कन्हैया लाल साहू के बीच समझौता करवाने वाले धानमंडी थाने के सहायक पुलिस उपनिरीक्षक भवरलाल को गवर्नमेंट के द्वारा सस्पेंड किया गया है।

एसआईटी की टीम उदयपुर पहुंची

केंद्र सरकार के आदेश पर एसआईटी की जांच टीम कन्हैया लाल साहू की मर्डर केस की जांच करने के लिए उदयपुर पहुंच चुकी है‌। एसआईटी की जांच टीम में एसओजी एडीजी अशोक राठौड़, एटीएस आईजी प्रफुल्ल कुमार और एडिशनल एसपी तथा एक सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस शामिल है।

गवर्नमेंट ने आदेश दिया है कि एसआईटी की सभी अधिकारी कन्हैया लाल साहू मर्डर केस की तमाम कड़ियों की बारीकी से जांच करें और जल्द से जल्द अपनी रिपोर्ट बनाकर के राज्य सरकार के सामने प्रस्तुत करें।

दोनों आरोपियों की दूसरे देशों से संपर्क

राजस्थान कन्हैया लाल साहू मर्डर केस के मामले में राजस्थान के वर्तमान मुख्यमंत्री सीएम अशोक गहलोत के द्वारा हाई लेवल की मीटिंग का आयोजन किया गया है और उन्होंने इस मीटिंग में अधिकारियों को इस मामले से संबंधित हर पहलू की जांच करने का आदेश दिया है।

अधिकारी ने बताया कि पहली नजर में यह घटना आतंकी घटना मानी जा रही है, साथ ही पुलिस ने यह भी कहा कि दोनों आरोपी दूसरे देशों के लोगों के साथ भी संपर्क में है, ऐसी जानकारी सामने आ रही है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा कहा गया है कि इस मामले में यूएपीए के अंतर्गत केस दर्ज किया गया है और अब एनआईए के द्वारा इस मामले की जांच की जाएगी जिसमें राजस्थान एटीएस पूरा सपोर्ट करेगी।

पुलिस कर्मियों का होगा प्रमोशन

राजस्थान गवर्नमेंट के द्वारा उदयपुर की घटना में शामिल अपराधियों को पकड़ने वाले पांचो पुलिसकर्मियों को प्रमोशन दिया जाएगा। इन पुलिसकर्मियों में पुलिस जवान तेजपाल, शौकत, विकास, तेजपाल नरेंदर और गौतम शामिल है। इन्हें राजस्थान गवर्नमेंट के द्वारा आउट ऑफ टर्म प्रमोशन दिया जाएगा।

मदरसों में होने वाली पढ़ाई की जांच हो

केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान के द्वारा भी उदयपुर हत्याकांड को लेकर के अहम बयान दिया गया है। उन्होंने उदयपुर हत्याकांड को लेकर के मदरसा में होने वाली पढ़ाई पर भी सवाल खड़ा किए हैं। आरिफ मोहम्मद खान के द्वारा कहा गया है कि हम तब हैरान होते हैं जब हमें लक्षण दिखते हैं परंतु हम मुख्य बीमारी को ही नजरअंदाज कर देते हैं।

मदरसा में जो पढ़ाई होती है उसमें यह सिखाया जाता है कि जो भी इसनिंदा करें उसका सर काट देना चाहिए और मदरसे में इसे खुदा के लिए करना कहा गया है। इस प्रकार से मदरसे में जो भी सिखाया जाता है, उसकी गहनता से जांच होनी चाहिए।

पोस्टमार्टम में चौंकाने वाले खुलासे

कन्हैया लाल का पोस्टमार्टम हो चुका है जिसमें कई हैरान करने वाली बातें सामने आई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार यह जानकारी प्राप्त हुई है कि काफी खतरनाक धारदार हथियारों के द्वारा कन्हैयालाल पर तकरीबन 26 वार किए गए थे और उनकी बॉडी पर हथियारों के 13 कट के निशान हैं। अपराधियों के द्वारा सबसे ज्यादा बार कन्हैयालाल की गर्दन पर ही वार किया गया था, साथ ही अपराधियों ने कन्हैया लाल की गर्दन को उनके धड़ से अलग करने का भी प्रयास किया था।

आरोपियों को फांसी दो, कल दूसरे को मारेंगे

टेलर कन्हैया लाल साहू की अंतिम यात्रा में विभिन्न लोगों की काफी भारी भीड़ रही और इस अंतिम यात्रा को भारी सुरक्षा बल भी गवर्नमेंट के द्वारा प्रदान किया गया था। कन्हैया लाल की शव यात्रा जब निकल रही थी तब उनके परिजन और उनकी पत्नी का काफी बुरा हाल था। कन्हैया लाल की पत्नी ने कहा है कि या तो आरोपियों को फांसी दे दो या उन्हें जिंदा जला दो क्योंकि आज उन्होंने हमारे पति का खून किया है, कल यह किसी और व्यक्ति का खून करेंगे।

कन्हैया लाल हत्याकांड पर एक नजर

  • 10 जून को कन्हैया लाल के बेटे के द्वारा सोशल मीडिया पर नूपुर शर्मा के समर्थन में पोस्ट की गई।
  • 11 जून को पुलिस के द्वारा कन्हैयालाल के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
  • 12 जून को पुलिस के द्वारा कन्हैयालाल को गिरफ्तार कर लिया गया।
  • 13 जून को पुलिस के द्वारा दोनों पक्षों में समझौता करवाया गया और कन्हैयालाल को जमानत भी प्राप्त हुई।
  • कन्हैया लाल के द्वारा 15 जून को पुलिस को प्रार्थना पत्र दिया गया जिसमें उन्होंने कहा कि कुछ लोग उन्हें जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। इसलिए उन्हें सुरक्षा दी जाए।
  • 28 जून के दिन राजस्थान के उदयपुर शहर के भूत महल इलाके में अपनी दर्जी की दुकान पर कन्हैया लाल साहू की दो इस्लामिक अपराधियों के द्वारा हत्या की गई।

FAQ

Q: उदयपुर में मारे गए कन्हैयालाल का पूरा नाम क्या है?

ANS: कन्हैया लाल साहू उर्फ़ कन्हैया लाल टेलर

Q: कन्हैया लाल साहू की हत्या कब की गई?

ANS: 28 जून

Q: कन्हैया लाल साहू की हत्या किसने की?

ANS: मोहम्मद रियाज और गौस मोहम्मद

Q: कन्हैया लाल साहू हत्याकांड की जांच कौन सी टीम करेगी?

ANS: एनआईए

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