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पीएफ में यूनिवर्सल अकाउंट नंबर और इसके फायदे | Universal Account Number UAN activation registration status in hindi

Universal Account Number (UAN) activation registration status benefits in hindi हाल ही में ईपीऍफ़ओ ने सभी सक्रिय पीऍफ़ सदस्यों को UAN दिया है और नये कर्मचारियों को पीएफ़ अकाउंट संख्या के साथ UAN संख्या भी दे रहा है. नौकरी के परिवर्तन के साथ पीएफ़ अकाउंट नंबर बदल सकता है लेकिन UAN जस का टस रहता है. इसके बारे में विस्तार से यहाँ दर्शाया जा रहा है.

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यूनिवर्सल अकाउंट नंबर क्या है  (Universal Account Number)

यूनिवर्सल अकाउंट नंबर ईपीऍफ़ओ द्वारा सभी भविष्य निधि (पीएफ़) के सदस्यों को दिया जाता है. ये एक यूनिक आइडेंटिटी संख्या है, जो अलग अलग कर्मचारियों के लिए अलग अलग होती है. UAN संख्या नौकरी के परिवर्तन पर बदलती नहीं है और किसी भी भविष्य निधि प्राप्त कर्मचारियों के लिए ताजिंदगी एक ही रहती है. UAN की सहयता से कर्मचारी अपने पीएफ़ अकाउंट की सभी जानकारियाँ एक जगह प्राप्त कर सकता है.

यूनिवर्सल अकाउंट नंबर कैसे पायें (How to register and activate Universal Account Number in hindi)

अभी तय समय मे UAN उन सदस्यों को दी गयी है जो 1 जनवरी 2014 से 30 जून 2014 के कार्यकाल में आते हैं. इस दौरान 41.7 मिलियन लोग इसे पा चुके हैं. UAN संख्या पाना बहुत आसान है, नीचे दिए गये सुझावों पर अमल करके कोई भी इसे पा सकता है.

  • EPFO सभी कर्मचारियों को यूनिवर्सल पीएफ़ संख्या मुहैया कराता है. इसके बाद नियोक्ता (मालिक) अपने कर्मचारियों को UAN और एक नया सदस्य आईडी भी देता है. EPF बैलेंस कैसे चेक करें यह पढ़ें.
  • इसके लिए ग्राहक को kyc फॉर्म भरने की आवश्यकता होती है. नीचे kyc फॉर्म के लिए आवश्यक दस्र्तावेजों का वर्णन है –
  • पैन कार्ड
  • बैंक अकाउंट संख्या (अनिवार्य)
  • आईऍफ़सीएस संख्या (अनिवार्य)
  • पासपोर्ट
  • ड्राइविंग लाइसेंस
  • वोटर कार्ड
  • आधार कार्ड (अनिवार्य)
  • राशन कार्ड
  • ईएसआईसी कार्ड
  • कर्मचारियों द्वारा जमा किये गये kyc दस्तावेज़ों की जाँच मालिक या उसके अन्य कर्मचारी करते हैं. कर्मचारियों का ‘न्यू मेम्बर आइडेंटिफिकेशन नंबर’ भी UAN के साथ संलग्न कर दिया जाता है, जिससे फण्ड ट्रान्सफर में मालिक और कर्मचारी दोनों को ही आसानी होती है.
  • सभी कर्मचारियों को UAN के आधिकारिक वेबसाइट में अपना पंजीकरण करवाना होता है. इसके लिए (https://UANmembers.epfoservices.in) पर विजिट किया जा सकता है. इस वेबसाइट में ‘एक्टिव UAN’ पर जाकर इस काम को अंजाम दिया जा सकता है. यहाँ पर कुछ आवश्यक जानकारिया देनी होती हैं, जिनमे
  • मालिक द्वारा दी गयी UAN संख्या (जो कालांतर में लॉग इन के लिए यूजर आईडी की तरह काम करेगी)
  • कर्मचारी द्वारा इस्तेमाल किये जा रहे मोबाइल नंबर
  • नियोक्ता से प्राप्त मेम्बर – आईडी
  • ये सभी दस्तावेज़ जमा कर देने के बाद कर्मचारी को एक आधिकारिक पिन संख्या ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) के रूप में मिलता है.
  • इसे वेबसाइट में दे देने के बाद सभी जानकारी पूरी तरह से जमा हो जाती हैं.
  • इसके बाद आपके सामने ‘क्रिएट पासवर्ड’ का विकल्प आएगा. पासवर्ड बना लेने के बाद आपके सामने स्क्रीन पर आपका ईपीऍफ़ पासबुक अपडेट हो कर दिखाई देने लगता है.

यूनिवर्सल अकाउंट नंबर का महत्व (Importance of Universal Account Number)

UAN संख्या इस समय किसी भी कर्मचारी के लिए अतिआवश्यक हो गया है. UAN संख्या समस्त पीएफ़ संख्याओं को एक जगह लाने का काम करती है. इसकी सहयता से कर्मचारी एक ही जगह पर अपने पीएफ़ अकाउंट के सभी काम बहुत आसानी से कर सकते हैं. यदि किसी पीएफ़ सदस्य को UAN संख्या प्राप्त हो चुकी है तो किसी नयी जगह पर नौकरी लेते समय उसे ये संख्या दिखाना अनिवार्य है. इसकी सहायता से नयी नौकरी के साथ मिलने वाला पीएफ़ भी कर्मचारी के अकाउंट में बहुत आसानी से पहुँच जाएगा. इसका मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों का kyc जानकारी जमा कराना है, जिसकी सहयता से नियोक्ता पर दबाव कम हो और वो कर्मचारियों का पीएफ़ असानी से उन तक पहुँचा सके. सभी kyc जानकारी इस UAN में दर्ज रहती है, जिससे अतिरिक्त में कमी आती है.

यूनिवर्सल अकाउंट नंबर की विशेषताएं (Universal Account Number features)

UAN संख्या की मुख्य विशेषताएँ निम्नलिखित है –

  • किसी भी कर्मचारी को उसके जीवनकाल में सिर्फ एक UAN संख्या प्राप्त होती है और ये पीएफ़ संख्या का स्थानांतरण नहीं करती. नौकरी बदलने पर भी नई नौकरी से मिलने वाले पीएफ़ में पहले वाली UAN संख्या काम आती है.
  • UAN एक तरह से UAN धारक की पहचान बन जाती है.
  • किसी कर्मचारी के पास एक से अधिक पीएफ़ अकाउंट हो सकता है. UAN संख्या उन सभी अकाउंट को एक जगह लाने का काम करती है.
  • इसकी सहायता से कहीं भी किसी भी समय अपना पीएफ़ पासबुक देखा और डाउनलोड किया जा सकता है.
  • यदि कर्मचारी अपने पी एफ़ अकाउंट से किसी तरह का ऋण लेने की कोशिश करता है तो UAN इसमें बहुत मदद करता है.

यूनिवर्सल अकाउंट नंबर के फायदे (Universal Account Number benefits)

UAN संख्या मिल जाने पर नियोक्ता और कर्मचारी दोनों को  ही बहुत मदद मिलती है. एक से अधिक पीऍफ़ अकाउंट हो जाने पर जो दुश्वारियां होती हैं, उससे निपटने के लिए ये काफ़ी फायदेमंद साबित होता है. नीचे इसके इस्तेमाल के कई फायदे दिए जा रहे हैं

  • कोई कर्मचारी अपने सभी पीएफ़ अकाउंट संख्या को UAN से संलग्न कर सकता है. इस तरह से उसके पीएफ़ अकाउंट की सभी जानकारियां एक जगह पर समाहित हो जाती हैं. इसके लिए नियोक्ता अथवा मालिक की अनुमति की कोई आवश्यकता नहीं होती.
  • UAN संख्या के इस्तेमाल से पीएफ़ फण्ड ट्रान्सफर बहुत आसान हो जाता है. ये इसे बनाने का सबसे बड़ा फायदा है. कर्मचारी इसे प्राप्त कर लेने के बाद अपने पीऍफ़ फण्ड ट्रान्सफर से चिंतामुक्त हो सकता है. एक बार पीएफ़ अकाउंट को इससे जोड़ लेने के बाद बैलेंस ख़ुद ब ख़ुद ट्रिगर होने लगता है. इसके लिए किसी ऑनलाइन आवेदन देने की आवश्यकता नहीं होती. ये एक बहुत ही तर्कसंगत सुविधा है.
  • इसके बिना पीएफ़ ट्रान्सफर नहीं हो सकता. ये एक कड़े निर्देशों के तहत लिया जा रहा है. यदि कर्मचारी ने जनवरी 2014 से पहले अपनी नौकरी छोड़ी हो तो ही वो बिना UAN के पीऍफ़ पाने को अप्लाई कर सकता है.
  • UAN की सहायता से ऑनलाइन पीएफ़ प्राप्त किया जा सकता है. जिन कर्मचारियों का UAN उनके आधार से संलग्न है उनके खाते में पीएफ़ के पैसे बहुत आसानी से जा सकते हैं.
  • इसकी सहायता से कर्मचारी जिस समय चाहे उस समय अपने पीएफ़ बैलेंस की जानकारी प्राप्त कर सकता है. एसएमएस के ज़रिये भी UAN से संलग्न मोबाइल नंबर पर पीएफ़ बैलेंस का ब्यौरा पाया जा सकता है.
  • कर्मचारी अपने पीएफ़ अकाउंट का स्टेटमेंट इसकी सहायता से प्राप्त कर सकता है. UAN की वेबसाइट पर इसकाएक विकल्प दिया हुआ रहता है.
  • UAN मिल जाने के बाद कर्मचारी को किसी यूनियन का सहारा नहीं लेना पड़ता, और वो अपने हक़ का पैसा बहुत आसानी से अपने खाते मे पा लेता है.

यूनिवर्सल अकाउंट नंबर का स्टेटस (Check Universal Account Number status)

UAN के लिए सभी औपचारिक कार्य कर लेने के बाद कर्मचारी को उसके द्वारा पंजीकृत कराये गये फ़ोन नंबर पर इसकी जानकारी मिल जाती है. दिए गये फ़ोन नंबर पर समय समय पर सभी आवश्यक सन्देश आते रहते हैं. यहाँ दो प्रकार से आप यूनिवर्सल अकाउंट नंबर का स्टेटस की जाँच कर सकते हैं इसके लिए कुछ आवश्यक बिन्दुओं को नीचे दिया जा रहा है.

  • यूनिवर्सल अकाउंट नंबर कैसे ढूंढें

यदि किसी कारणवश आप अपना पुराना UAN संख्या भूल गये हैं तो इसे पुनः प्राप्त किया जा सकता है. नीचे दिए गये बिन्दुओं पर ध्यान दें,

  1. इसके लिए http://UANmembers.epfoservices.in/check_UAN_status.php पर विजिट किया जा सकता है.
  2. यहाँ पर दिए गये विकल्पों में अपना राज्य अपनी ऑफिस एरिया और अपना ईपीएफ़ डालना होता है. इसके बाद पीएफ़ संख्या भरें.
  3. इसके बाद ‘चेक स्टेटस’ पर क्लिक करें. यदि स्क्रीन पर ‘UAN एक्टिवेटिड’ का सन्देश आता है तो इसका मतलब ये है कि ईपीएफ़ओ ने आप के लिए UAN नंबर जारी कर दिया है. यदि ये सन्देश नही आता है तो अपने UAN संख्या के लिए ऑनलाइन आवेदन दे दीजिये.
  • यूनिवर्सल अकाउंट नंबर का पासवर्ड भूल जाने और नया मोबाइल नंबर लेने पर
  1. इसके लिए UAN के आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ‘पासवर्ड रिसेट आप्शन’ की सहायता ले सकते हैं. यहाँ पर अपने सुविधानुसार ’ओटीपी’ की मांग करें. एक बार ‘ओटीपी’ मिल जाने पर अपने UAN पोर्टल पर लॉग इन करे और अपना मोबाइल नंबर बदल दें.
  2. यदि आपका पुराना UAN किसी दुसरे को नहीं दिया गया है तो सर्विस प्रोवाइडर से पुराना UAN ही प्राप्त कर सकते है.
  3. यदि इस काम में परेशानी महसूस हो तो UAN वेबसाइट के हेल्प डेस्क के विकल्प को चुनिए. अपने आवाश्यनुसार विकल्प चुन कर किसी UAN दस्तावेज़ से सभी डिटेल भर दें. इसके लिए पीएफ़ पासबुक का इस्तेमाल करना उत्तम होगा. डिटेल जमा कर देने के कुछ दिन बाद आपको UAN की तरफ से जवाब दिया जाएगा.
  4. कर्मचारी अपने नियोक्ता के साथ है अथवा अलग ये कदम बहुत महत्त्वपूर्ण साबित हो सकता है. इसके लिए अपने नियोक्ता को एक आवेदन दें. इसमें अपना पुराना नंबर और साथ ही नया नम्बर भी डालें. नियोक्ता उसे अनुप्रमाणित कर देगा और 2 सप्ताह के अन्दर नया मोबाइल नंबर UAN से जुड़ जाएगा.

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Ankita

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अंकिता दीपावली की डिजाईन, डेवलपमेंट और आर्टिकल के सर्च इंजन की विशेषग्य है| ये इस साईट की एडमिन है| इनको वेबसाइट ऑप्टिमाइज़ और कभी कभी आर्टिकल लिखना पसंद है|
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