ताज़ा खबर

यूपीआई के जरिए डिजिटल ट्रांजेक्सन कैसे करें | How UPI works in hindi

How UPI works in hindi भारत में विमुद्रीकरण (Demonetisation) के बाद कैशलेस यानि डिजिटल लेनदेन तेजी से बढ़ रहा है. सरकारी प्रोत्साहन मिलने से निजी क्षेत्रों के साथ-साथ बैंक और अन्य वित्तीय संस्थान डिजिटल लेनदेन के लिए प्लेटफार्म विकसित कर रहे हैं. डिजिटल लेनदेन के कई प्लेटफार्मों में से यूपीआई (Unified Payment Interface) एक बेहतर प्लेटफार्म बनकर उभर रहा है. सरकार भी यूपीआई के जरिए लेनदेन करने की अपील कर रही है. नीचे हम आपको विस्तार से बता रहे हैं कि यूपीआई है क्या और इसके माध्यम से डिजिटल लेनदेन कैसे किया जाता है.

upi

यूपीआई के जरिए डिजिटल ट्रांजेक्सन कैसे करें?

How UPI works in hindi

क्या है यूपीआई? (What is UPI?)

यूपीआई (Unified Payment Interface) एक मोबाइल एप्प (Application) है, जिसके माध्यम से आप आसानी से पैसों का लेनदेन कर सकते हैं. ऑनलाइन बैंकिंग को सरल और सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से अप्रैल 2016 में रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया के तत्कालीन गवर्नर रघुराम राजन ने यूपीआई को लॉन्च किया था. डिजिटल लेनदेन के इस प्लेटफार्म का विकास एनपीसीआई (National Payment Corporation of India) ने किया है. यूपीआई माध्यम से लेनदेन किसी भी बैंक के साथ किया जा सकता है. इसके लिए आपको न तो अकाउंट नंबर और न ही अकाउंट से संबंधित अन्य जानकारियों की जरूरत होती है. केवल आपके पास उस व्यक्ति का यूपीआई आईडी होना चाहिए, जिसके खाते में पैसा भेजना है. यूपीआई प्लेटफार्म से केवल पैसों का लेनदेन ही नहीं, बल्कि आप इससे यूटिलिटी बिल पेमेंट, ऑनलाइन शॉपिंग आदि भी कर सकते हैं. यूपीआई सुविधा का लाभ उठाने के लिए आपको भी अपना यूपीआई आईडी बनाना होगा. मगर कैसे? यह हम आपको आगे बता रहे हैं.

कैसे बनाएं यूपीआई आईडी? (How to make UPI Id?)

यूपीआई आईडी बनाने के लिए आपको अपने स्मार्टफ़ोन में सबसे पहले यूपीआई एप्प को इनस्टॉल करना होगा. ध्यान रखें कि इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए आपके स्मार्टफ़ोन में इंटरनेट की सुविधा का होना आवश्यक है. यूपीआई एप्प को आप गूगल प्ले स्टोर से या फिर अपने बैंक के साईट से फ़ोन में डाउनलोड कर सकते हैं. एप्प में आईडी बनाने के लिए आपको मांगे गए विवरण के अनुसार फॉर्म को भरना होगा. फिर आपको अपने मोबाइल नंबर को एप्प पर रजिस्टर्ड कराना होगा. इसके बाद आपका यूपीआई आईडी बन जाएगा. आईडी बनाने के बाद आपको मोबाइल पिन (MPIN) जेनरेट करना होगा. मोबाइल पिन आपको बैंक से एसएमएस के माध्यम से मिलेगा. इसके बाद “Add/Link/Manage Bank Account” का ऑप्शन आएगा. यहां से आप अपने आईडी को अपने आधार नंबर और अपने बैंक खाता से लिंक कर पाएंगे.

कैसा होगा आपका यूपीआई आईडी?

दरअसल यूपीआई एक वर्चुअल आईडी से दूसरे वर्चुअल आईडी पर पैसे भेजने का तरीका है. यूपीआई प्लेटफार्म पर वर्चुअल आईडी आपको अपने बैंक से मिलती है. आपके आईडी में आपका मोबाइल नंबर और आपके बैंक का नाम होगा. जैसे, अगर आपका मोबाइल नंबर है 1234567899 और आपका बैंक खाता पंजाब नेशनल बैंक में है तो आपका यूपीआई आईडी होगा 1234567899@pnb.

यूपीआई माध्यम से पैसा कैसे भेजा जाएगा? (How to transfer money from UPI) –

अब जब आपको किसी को पैसे भेजने होंगे, तब आपको अपने एप्प में पाने वाले का यूपीआई आईडी डालना होगा और जितने पैसे भेजने हैं, वह रकम निर्धारित कॉलम में भरने होंगे. दोनों जानकारी को सुनिश्चित करने के बाद पे टू ऑप्शन को दबाना होगा. इसके बाद आपसे मोबाइल पिन मांगा जाएगा. मोबाइल पिन अंकित करने के बाद निर्धारित पैसा आपके अकाउंट से जिसे आप भेज रहें हैं, उसके अकाउंट में ट्रान्सफर हो जाएगा.

यूपीआई माध्यम से कितने पैसे भेजे जा सकते हैं? (UPI transaction limit) –

यूपीआई के द्वारा एक दिन में कम-से-कम 50 रुपये और अधिकतम 100000 रुपये भेजे जा सकते हैं या फिर आप मंगा सकते हैं.

यूपीआई एप्प की विशेषता (UPI app features) –

  • इसके द्वारा मोबाइल फ़ोन के माध्यम से किसी भी समय बैंकिंग सेवा की सुविधा मिलती है और पैसों का तत्काल लेनदेन किया जा सकता है.
  • वर्चुअल आईडी के उपयोग से एक ही क्लिक पर भुगतान हो जाता है.
  • यूपीआई आईडी से भुगतान में न तो ओटीपी (One Time Password) और न ही कोई कार्ड नंबर, न अकाउंट नंबर और न ही बैंक के शाखा का कोड यानि IFSC की जरूरत होती है.
  • यूपीआई एप्प के माध्यम से आप दोस्तों या किसी भी अन्य लोगों के साथ किसी भी तरह के बिल को आसानी से शेयर कर सकते हैं.
  • इस एप्प के साथ यूटिलिटी बिल पेमेंट, ऑनलाइन शॉपिंग, बारकोड स्कैन पेमेंट और यहाँ तक की काउंटर पर किए जानेवाले छोटे खरीद के पेमेंट की सुविधा भी उपलब्ध है.
  • यूपीआई की सबसे बड़ी विशेषता है कि आप इस प्लेटफार्म पर लेनदेन में आनेवाली किसी भी समस्या की प्रत्यक्ष शिकायत दर्ज करा सकते हैं.

यूपीआई के तहत लेनदेन के प्रति कौन-कौन होंगे उत्तरदायी?

  • भुगतान सेवा प्रदाता (Payment Service Provider)
  • पैसा भेजने वाला बैंक
  • पैसा पाने वाला बैंक
  • एनपीसीआई (National Payment Corporation of India)
  • व्यापारी
  • बैंक खाताधारक

यूपीआई से किनको क्या फायदा होगा?

बैंकों को फायदा

  • नगदी निकासी और जमा में कमी.
  • बैंक में कैश काउंटर पर नियत्रित भीड़.
  • खातों से सुरक्षित लेनदेन.
  • अलग से किसी बुनियादी ढांचे की जरूरत नहीं.
  • एक ही क्लिक में ग्राहक का सत्यापन.
  • व्यापारिक लेनदेन में सहज और सक्षम.

व्यापारियों को फायदा

  • ग्राहकों से सहजता और सुरक्षित तरीके से पैसों का संग्रह
  • ई-कॉम के लिए लाभदायक और उपयुक्त
  • क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड और ऑनलाइन बैंकिंग से वंचित ग्राहकों तक पहुंच.
  • बैंकों में लाइन लगने से मुक्ति.
  • ऑनलाइन फ्रॉड की चिंता से मुक्ति.

व्यक्तिगत ग्राहकों को फायदा

  • सहज और सुरक्षित बैंकिंग चौबीसों घंटे.
  • एक ही क्लिक में पहचान का सत्यापन.
  • भुगतान के लिए किसी प्रकार के कार्ड या ओटीपी के झंझट से मुक्ति.
  • यूपीआई एप्प से ही शिकायत दर्ज कराने की सुविधा.
  • वर्चुअल आईडी के इस्तेमाल से वास्तविक पहचान की सुरक्षा.
  • एक ही एप्प से विभिन्न बैंक के खातों के साथ लेनदेन की सुविधा.

कौन-कौन बैंक दे रहे हैं यूपीआई की सुविधा? (UPI bank list) –

फिलहाल देश के कई बड़े बैंकों सहित 21 बैंक यूपीआई के प्लेटफार्म से जुड़े हुए हैं. ये सभी हैं – एसबीआई, आईसीआईसीआई, एचडीएफसी, आंध्रा बैंक, एक्सिस बैंक, बैंक ऑफ़ महाराष्ट्र, भारतीय महिला बैंक, केनरा बैंक, कैथोलिक सीरियन बैंक, डीसीबी बैंक, फेडरल बैंक, ओरिएंटल बैंक ऑफ़ कॉमर्स, कर्नाटक बैंक, यूको बैंक, यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया, यूनाइटेड बैंक ऑफ़ इंडिया, विजय बैंक, साउथ इंडियन बैंक, यस बैंक, पंजाब नेशनल बैंक. इन सभी बैंकों के यूपीआई एप्प एंड्राइड सुविधा वाले स्मार्टफ़ोन के लिए उपलब्ध हैं.

मोबाइल खो जाने पर क्या करें?

जिस फ़ोन में आपका यूपीआई एप्प है अगर वह खो जाता है तो आप सबसे पहले उस मोबाइल नंबर को ब्लाक कराएँ. वैसे भी बिना मोबाइल पिन के कोई भी आपके खाते से पैसे को ट्रांसफर नहीं कर सकता है. इसलिए कभी भी किसी के साथ अपने यूपीआई एप्प के मोबाइल पिन को साझा न करें. मोबाइल खोने के बाद जब आप नया मोबाइल लेंगे, तो आपको एक बार फिर से एप्प डाउनलोड करने के बाद मोबाइल पिन को रिसेट करना होगा और नया पिन नंबर जेनरेट करना होगा.

अन्य पढ़े –

Ankita

Ankita

अंकिता दीपावली की डिजाईन, डेवलपमेंट और आर्टिकल के सर्च इंजन की विशेषग्य है| ये इस साईट की एडमिन है| इनको वेबसाइट ऑप्टिमाइज़ और कभी कभी आर्टिकल लिखना पसंद है|
Ankita

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *