वरिष्ठ पेंशन बीमा योजना | Varishtha Pension Bima Yojana in hindi

वरिष्ठ पेंशन बीमा योजना 2020-21 Varishtha pension bima yojana (senior citizen savings scheme) in hindi

सामाजिक सुरक्षा के दायित्व को निभाते हुए केंद्र सरकार ने पिछले साल की भांति एक बार फिर से ‘वरिष्ठ पेंशन बीमा योजना 2017’ (VPBY 2017) के द्वारा देश के वरिष्ठ नागरिकों (Senior Citizens) को नए वर्ष का तोहफा दिया है. इस योजना के तहत वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक निश्चित आमदनी का प्रावधान है. वस्तुतः वरिष्ठ पेंशन बीमा योजना एक निवेश आधारित योजना है, जिसमें निवेश किए गए रकम के आधार पर वरिष्ठ नागरिकों को हर महीने 500 रुपये से लेकर 5000 रुपये तक की पेंशन मिलेगी. इस योजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC of India) को दी गई है. योजना के अंतर्गत बीमा कंपनी 10 वर्ष की अवधि के लिए न्यूनतम 8 फीसदी का निश्चित लाभ (Guaranteed Return) देगी. गौरतलब है कि वरिष्ठ पेंशन बीमा योजना सरकार की सामाजिक सुरक्षा और वित्तीय समावेशन कार्यक्रम (Social Security and Financial Inclusion Program) का एक अंग है.

VARISHTHA BEEMA YOJNA

 

यहां उल्लेखनीय है वर्तमान सरकार के वित्त मंत्री अरुण जेटली ने वर्ष 2014-15 के लिए केंद्रीय बजट पेश करते हुए वरिष्ठ पेंशन बीमा योजना का प्रस्ताव किया था. इससे पूर्व पिछली डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार ने वर्ष 2003-04 में सर्वप्रथम इस योजना को चलाई थी. मनमोहन सिंह जीवन परिचय यहाँ पढ़ें. हालाँकि इस योजना के नाम में ‘बीमा’ शब्द जुड़ा हुआ है, परन्तु वास्तविक तौर पर इसमें पारंपरिक बीमा पालिसी की तरह मृत्यु लाभ जैसी कोई बात नहीं है. एक तरह से कह सकते हैं कि यह बैंकों में किए जाने वाले ‘फिक्स्ड डिपोजिट’ की तरह है, जिस पर एक निश्चित ब्याज देने का प्रावधान होता है. बैंक फिक्स्ड डिपोजिट से अलग वरिष्ठ पेंशन बीमा योजना की खासियत यह है कि इसमें बैंक द्वारा दिए जाने वाले ब्याज से अधिक ब्याज देने का प्रावधान किया गया है. वर्तमान योजना में न्यूनतम 8 फीसदी और अधिकतम 10 फीसदी ब्याज देने का प्रावधान किया गया है.

वरिष्ठ पेंशन बीमा योजना की अहम बातें (Main Points of VPBY)

  • योजना के लाभार्थियों के लिए उम्र का निर्धारण 60 साल या इससे अधिक किया गया है.
  • इस योजना में निवेश के तीन सालों बाद क़र्ज़ लेने का प्रावधान है.
  • कर्ज की राशि कुल निवेश का अधिकतम 75 फीसदी तक हो सकती है.
  • योजना में निवेश की गई मूल राशि को योजना की निर्धारित अवधि के समापन पर वापस करने का प्रावधान है. अगर निर्धारित अवधि के अंदर व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है तो मूल राशि उसके द्वारा नामित व्यक्ति (Nominee) को वापिस कर दी जाएगी.
  • योजना में पेंशन का भुगतान केवल बैंकिंग प्लेटफार्म ECS या NEFT द्वारा किए जाने का प्रावधान है.
  • योजना में निवेश के लिए किसी प्रकार के स्वास्थ्य प्रमाणपत्र (Medical Ceretificate) की अनिवार्यता नहीं है.

वरिष्ठ पेंशन बीमा योजना में पेंशन की राशि का निर्धारण कैसे होगा? (How would be determination of Pension in VPBY) –

गौरतलब है कि वरिष्ठ पेंशन बीमा योजना की शुरुआत वरिष्ठ नागरिकों को हर महीने एक निश्चित पेंशन उपलब्ध कराने के लिए की गई है. परन्तु योजना के तहत आप जितनी पेंशन चाहते हैं उसी अनुपात में आपको योजना में एकमुश्त निवेश भी करना होगा. इसमें एक बार निवेश के बाद आपको योजना की निर्धारित अवधि तक पेंशन मिलते रहेंगे. पेंशन का निर्धारण योजना के लिए निर्धारित ब्याज दर के आधार पर किया जाएगा. योजना के लिए अब तक निर्धारित पैमाने और निर्धारित ब्याज दर के अनुसार अगर कोई व्यक्ति हर महीने 500 रुपये पेंशन पाना चाहता है तो उसे 74,627 रुपये योजना में निवेश करने होंगे. अगर उसे हर महीने 5000 रुपये चाहिए तो उसे निवेश की राशि को बढ़ाकर 7,46,269 रुपये करने होंगे. अगर कोई व्यक्ति हर महीने के बदले तिमाही, छमाही या वार्षिक आधार पर पेंशन लेना चाहता है तो वह अपनी सुविधानुसार भी ले सकता है. पेंशन लेने का अन्तराल अधिक होने पर पेंशन की राशि में भी थोड़ा बहुत इजाफा होने की संभावना होती है. योजना में पेंशन की शुरुआत निवेश करने के अगले साल से होगी.

वरिष्ठ पेंशन बीमा योजना की अन्य खासियतें (Other Characteristics of senior citizen Saving Scheme) –

  • केंद्र सरकार की एक विशेष योजना होने के कारण वरिष्ठ पेंशन बीमा योजना में जोखिम (Risk) की संभावना न के बराबर है.
  • गौरतलब है कि वर्तमान दौर में लगातार ब्याज दरों में कटौती हो रही है. बैंकों में 5 साल से 15 साल के फिक्स्ड डिपाजिट पर ब्याज की दर गिरते हुए 7 फीसदी तक पहुंच गया है और इसमें और भी अधिक गिरावट की संभावना बनी हुई है. ऐसे में वरिष्ठ पेंशन बीमा योजना में मिलने वाले 8 फीसदी का लाभ वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक बेहतर विकल्प साबित हो सकता है.
  • इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि अगर ब्याज दरों में भारी गिरावट होती है तो भी योजना के लिए निर्धारित 8 फीसदी का लाभ अपनी जगह बरक़रार रहेगा. इसकी वजह बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम को सरकार द्वारा दी गई वह गारंटी है जिसके अंतर्गत अगर बीमा कंपनी को ब्याज के मोर्चे पर अगर कोई हानि होती है तो उसकी भरपाई वार्षिक आधार पर सरकार करेगी.

वरिष्ठ पेंशन बीमा योजना 2017 : एक नज़र में (senior citizen Saving Scheme 2017 : At a glance) –

योजना का नामवरिष्ठ पेंशन बीमा योजना 2017 (VPBY 2017)
योजना की अवधि10 साल
योजना की नोडल एजेंसीभारतीय जीवन बीमा निगम (LIC of India)
योजना में निवेश के लिए उम्रन्यूनतम 60 वर्ष और उससे अधिक
योजना में गारंटीशुदा रिटर्न8 फीसदी
योजना में निवेश की अधिकतम राशि7,50,000 रुपये
योजना में पेंशन विकल्पमासिक, तिमाही, छमाही और वार्षिक
योजना में निवेश की समय सीमाशुरू होने की तारीख से एक वर्ष तक
योजना में समयपूर्व निकासी का विकल्पअभी स्पष्ट नहीं.

योजना के प्रारूप और प्रावधानों को देखकर और विश्लेषण कर अंततः कहा जा सकता है कि देश के वर्तमान आर्थिक परिदृश्य में रिटर्न के लिहाज से वरिष्ठ नागरिकों के लिए निवेश का यह एक बेहतर विकल्प है. इसके अलावा इस योजना में केंद्र सरकार का सीधा हस्तक्षेप होने से निवेश में जोखिम की संभावना भी लगभग न के बराबर है. हाँ, इस योजना में एक कमी यह है कि इसमें पारंपरिक बीमा के तहत मिलने वाले आकस्मिक मृत्यु लाभ जैसा कोई प्रावधान नहीं है. परन्तु मोटे तौर पर कहा जा सकता है कि यह योजना देश के वरिष्ठ नागरिकों के लिए केंद्र सरकार की ओर से नए साल का एक उत्कृष्ट तोहफा है और इस योजना में अपने बजट और भविष्य की आवश्यकता के अनुसार वरिष्ठ नागरिकों को निवेश जरूर करना चाहिए.

वरिष्ठ पेंशन बीमा योजना मनमोहन सरकार द्वारा लाई गई थी. इस योजना का नाम बदल कर प्रधानमंत्री वय वंदना योजना रख दिया गया. मोदी सरकार ने 2018 के बजट में इसके अंदर कुछ बदलाव भी कर दिए है

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Ankita

अंकिता दीपावली की डिजाईन, डेवलपमेंट और आर्टिकल के सर्च इंजन की विशेषग्य है| ये इस साईट की एडमिन है| इनको वेबसाइट ऑप्टिमाइज़ और कभी कभी आर्टिकल लिखना पसंद है|
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