विजेन्दर सिंह का जीवन परिचय | Vijender Singh Biography in Hindi

विजेन्दर सिंह का जीवन परिचय, बोक्स़र, न्यूज़, मोबाइल नंबर, [Vijender Singh Boxer Biography in Hindi] (Olympic 2021, Wife, Age, Net Worth)

विजेन्दर सिंह भारत के एक प्रोफेशनल मुक्केबाज (Professional boxer) है. ये भारत के पहले मुक्केबाज है, जिन्होंने ओलंपिक में पदक जीता. विजेंदर सिंह भारत के हरियाणा राज्य के एक छोटे से गाँव से है, उनका जन्म बहुत ही गरीब परिवार में हुआ था, लेकिन लम्बे समय के बाद वे मुक्केबाजी के समर्थक बन गए और उन्होंने मुक्केबाजी को गंभीरता से लेना शुरू कर दिया. भरतीय मुक्केबाज विजेंदर सिंह ने जूनियर लेवल में बहुत से पुरस्कार जीते. इसके बाद उन्होंने “एफ्रो एशियाई गेम्स” में स्वर्ण पदक जीता और “कॉमनवेल्थ गेम्स” में भी कई सारे पदक जीते. इसी के चलते विजेंदर सिंह सबसे ज्यादा प्रसिद्ध तब हुए, जब उन्होंने “बेइजिंग ओलंपिक” में मध्यभार (Middleweight) वर्ग में एक कांस्य पदक जीता. फिर कुछ समय बाद सन 2015 में विजेंदर सिंह ने एक “क्वीन्सबेरी प्रोमोशन्स (Queensberry promotions)” के साथ बहु – वर्षीय अग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किया, जिससे उनके कैरियर में एक नया मोड़ आ गया.

विजेन्दर सिंह का जीवन परिचय (Vijender Singh Biography in Hindi)

विजेन्दर सिंह के जीवन परिचय बिन्दुओं को निम्न तालिका में दर्शाया गया है-

पूरा नामविजेंदर सिंह बेनीवाल
जन्म29 अक्टूबर सन 1985
जन्म स्थानकालूवास (Kaluwas) गाँव, रेवरी(Rewari) जिला, हरियाणा
राष्ट्रीयताभारतीय
पेशामुक्केबाज
कद6 फुट
वजन75 kg
पितामहिपाल सिंह
माताकृष्णा देवी
पत्नीअर्चना सिंह
भाईमनोज (बड़ा भाई)

विजेंदर सिंह का जन्म एवं परिवार (Birth and Family)

विजेंदर सिंह का जन्म 29 अक्टूबर सन 1985 को भारत के हरियाणा राज्य के कालूवास नाम के एक गाँव में हुआ. विजेंदर बहुत ही गरीब परिवार से सम्बन्ध रखते है. इनके पिता महिपाल सिंह हरियाणा की सड़कों पर एक बस ड्राईवर हैं और इनकी माता कृष्णा देवी एक गृहणी (Housewife) हैं. इनका एक बड़ा भाई मनोज सिंह बेनीवाल भी है, जिन्होंने खेल सीखा है और भारतीय सेना के साथ कार्यरत भी हैं.

विजेंदर सिंह की शिक्षा

विजेंदर सिंह के पिता समय से अधिक देर तक बस चलाया करते थे ताकि विजेंदर और उनके भाई मनोज की पढ़ाई के लिए कुछ पैसे इक्कठे हो सकें. विजेंदर की प्राथमिक पढ़ाई कालूवास के ही एक स्कूल में हुई, और सेकेंडरी की पढ़ाई उन्होंने भिवानी के स्कूल से की. इसके पश्चात उन्होंने अपनी बैचलर की डिग्री ‘विश कॉलेज’ से की.

विजेंदर सिंह शुरूआती जीवन

सन 1990 में एक मुक्केबाज राज कुमार सांगवान ने अर्जुन अवार्ड जीता. उन्हें देख कर ही विजेंदर और उनके भाई ने निश्चित किया कि वे मुक्केबाजी सीखेंगे. दोनों ने मुक्केबाजी के खेल को सीखना शुरू कर दिया, कुछ समय बाद सन 1998 में विजेंदर के भाई मनोज भारतीय सेना में शामिल हो गए. फिर वे विजेंदर के भी सहायक बने और उन्होंने विजेंदर को ट्रेंनिंग देना शुरू कर दिया. विजेंदर की मुक्केबाजी में रूचि होने के कारण उन्होंने अपने पढ़ाई को जारी नही रखा और अपने कैरियर में मुक्केबाजी को जगह दे दी. वे इसमें माहिर होते चले गए.

Vijender Singh

विजेंदर “भिवानी मुक्केबाजी क्लब” में अभ्यास किया करते थे, वहाँ राष्ट्रीय लेवल के मुक्केबाज जगदीश सिंह ने विजेंदर की प्रतिभा को समझा और उसे अधिक समय तक मुक्केबाजी सीखाने लगे. उन्होंने विजेंदर को स्टेट लेवल पर खेलने का मौका दिया और विजेंदर इस मौके पर खरे उतरे. विजेंदर ने सन 1997 में सब – जूनियर नेशनल्स में एक रजत पदक जीता और इसके बाद उन्होंने सन 2000 के नेशनल्स में अपना पहला स्वर्ण पदक जीता. इसी के चलते सन 2003 में विजेंदर पुरे भारत में मुक्केबाज चैंपियन बन गए. सन 2003 में “एफ्रो एशियाई गेम्स” में एक नया मोड़ आया. एक जूनियर मुक्केबाज होने के बावजूद भी विजेंदर ने ट्रायल चयन में भाग लिया और वे चुन लिए गए, वहाँ वे रजत पदक जीतने के लिए बहुत ही बहादुरी से लड़े. इस तरह विजेंदर के कैरियर की शुरुआत हुई.

विजेंदर सिंह का कैरियर (Vijender Singh Career)

विजेंदर सिंह का कैरियर राष्ट्रीय लेवल पर सन 2003 तक चला, इसके पश्चात उन्होंने अन्तराष्ट्रीय लेवल पर खेलना शुरू कर दिया.

  • सन 2004 में :- सन 2004 में विजेंदर ने “एथेंस ग्रीष्मकालीन ओलंपिक” में वर्ग, वेल्टरवेट संभाग में भाग लिया, लेकिन विजेंदर तुर्की के ‘मुस्तफा करागोल्ला’ से 20-25 के स्कोर से हार गए.
  • सन 2006 में :- सन 2006 में विजेंदर ने “कॉमनवेल्थ गेम्स” में भाग लिया और वे सेमीफाइनल जीत भी गए, किन्तु फाइनल में हारने के कारण उनको कांस्य पदक मिला. फिर उन्होंने निश्चित किया कि वे अपने वेट का स्थान बदलेंगे. सन 2006 में ही हुए “एशियाई गेम्स” में विजेंदर अपने मिडिलवेट के साथ सामने आये और उन्होंने यहाँ भी कांस्य पदक जीता. विजेंदर कुछ चोटों से भी ग्रस्त हुए किन्तु वे कुछ समय बाद ठीक होकर सन 2008 में होने वाले ओलंपिक के लिए क्वालीफाई हो गए.
  • सन 2008 में :- सन 2008 में होने वाले “बेइजिंग ओलंपिक” के लिए विजेंदर सीखने के लिए जर्मनी गए. इस बड़ी प्रतिस्पर्धा से पहले उन्होंने “प्रेसिडेंट कप टूर्नामेंट” में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया. इसके बाद “बेइजिंग ओलंपिक” में विजेंदर ने मिडिलवेट वर्ग में भाग लिया और वहाँ उन्होंने कांस्य पदक जीता. यहाँ वे भारत के पहले मुक्केबाज थे, जिन्होंने भारत के लिए पहला पदक जीता.
  • सन 2009 में :- अगले साल सन 2009 में “बेइजिंग ओलंपिक” के बाद विजेंदर ने “विश्व अमेचर (Amateur) मुक्केबाजी चैंपियनशिप” में एक और कांस्य पदक जीता. कुछ समय बाद इसी साल “अन्तराष्ट्रीय मुक्केबाजी संस्था मिडिलवेट रैंकिंग” में विजेंदर का नाम भी शामिल हो गया. इसी साल इन्हें ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने के लिए “राजीव गाँधी खेल रत्न अवार्ड“ भी दिया गया. और “पदम्श्री अवार्ड” के लिए भी इनका नाम दिया गया किन्तु इस साल उन्हें यह अवार्ड नही मिला.
  • सन 2010 में :- सन 2010 में दिल्ली में हुए “कॉमनवेल्थ मुक्केबाजी चैंपियनशिप” में विजेंदर ने स्वर्ण पदक जीता. उसी साल दिल्ली में हुए “कॉमनवेल्थ गेम्स” में कुछ विवादास्पद (Controversial) परिस्थिति के चलते उन्होंने अपना सेमीफाइनल खो दिया, जब उन्हें 4 अंको का जुर्माना लगाया गया. और यह सब विजेंदर के कांस्य पदक जीतने के साथ ख़त्म हो गया. हालांकि “एशियाई गेम्स” में विजेंदर ने किसी भी विवादास्पद परिस्थिति का सामना ना करते हुए, मिडिलवेट वर्ग में स्वर्ण पदक अपने नाम किया.
  • सन 2011 में :- सन 2011 में विजेंदर को एक फ़िल्म करने का अवसर मिला, जोकि दक्षिण के निर्माता आनंद द्वारा बनाई जा रही थी, फ़िल्म का नाम “पटिअला एक्सप्रेस” था. उसकी शूटिंग सन 2011 में लगभग शुरू होने वाली थी. इसी साल 17 मई को विजेंदर ने अर्चना सिंह के साथ शादी की, जोकि दिल्ली में MBA के साथ सॉफ्टवेयर इंजिनियर है. इनकी शादी बहुत ही साधारण तरीके से हुई और शादी का स्वागत (Reception) समारोह भिवानी में किया गया. इसी दौरान उनकी फ़िल्म का काम रुक गया और फ़िल्म बंद हो गई. इसके पश्चात वे बॉलीवुड में सन 2011 में ही गोविंदा की बेटी के साथ एक फ़िल्म में काम करने वाले थे, किन्तु फिर विजेंदर ने फैसला किया कि वे अपने मुक्केबाजी कैरियर में ही ध्यान देंगे. और कुछ समय बाद फ़िल्म करेंगे.
  • सन 2012 में :- इसके बाद सन 2012 में हुए “लन्दन ओलंपिक” में विजेंदर क्वालीफाई हुए. किन्तु वे क्वार्टर फाइनल में पहुँचने के बाद हार गए और कोई भी पदक उनके हाथ ना लग सका.

विजेंदर सिंह ड्रग विवादास्पद (Controversy)

6 मार्च सन 2012 में चंडीगढ़ के पास एक NRI रेसीडेंसी में एक छापे के दौरान पंजाब पुलिस ने 26 kg हेरोइन और कुछ अन्य दवायें जब्त की. उन पर यह आरोप लगाया कि एक ड्रग डीलर अनूप सिंह कोहली के घर के बाहर एक कार बरामद हुई जोकि विजेंदर की पत्नी अर्चना सिंह के नाम पर थी. कुछ समय के बाद पंजाब पुलिस ने कहा कि – उनकी पूरी जाँच पड़ताल के बाद पता चला है कि विजेंदर ने 12 बार ड्रग्स लिए है और उनके एक साथी राम सिंह ने 5 बार लिए है. इसी के चलते विजेंदर के बाल और खून को जाँच के लिए भेजा गया. इस रिपोर्ट के बाद 3 अप्रैल को भारत के खेल मंत्रालय ने NADA को निर्देश दिए कि मुक्केबाजों के परिक्षण का संचालन किया जाये और कहा कि “देश के अन्य खिलाड़िओं पर एक गंभीर प्रभाव पड़ सकता है. इन सब वारदातों के बाद सन 2013 के मई मध्य में कांस्य पदक जीतने वाले विजेंदर को “नेशनल एंटी – डोपिंग एजेंसी” द्वारा “ऑल क्लीन” का प्रमाण पत्र दिया गया. और वे इस सब से बाहर निकल गए. इसके चलते वे मीडिया में भी बहुत चर्चित हुए.

विजेंदर सिंह कॉमनवेल्थ गेम्स

सन 2014 में सन 2014 में विजेंदर ने स्कॉटलैंड, ग्लासगो में हुए “कॉमनवेल्थ गेम्स” में भाग लिया और इसमें उन्होंने रजत पदक जीता. और इसी साल इन्होंने बॉलीवुड में भी ट्राय किया, इन्होंने फ़िल्म “फगली” में अक्षय कुमार के साथ काम किया उन्होंने इसमें एक पुलिस ऑफिसर का रोले निभाया था, लेकिन यह फ़िल्म कुछ खास नहीं चली. अक्षय कुमार जीवन परिचय यहाँ पढ़ें.

विजेंदर एक मुक्केबाज होने के साथ – साथ हरियाणा पुलिस में DSP भी रह चुके है. विजेंदर सिंह ने बहुत से रियलिटी शोज़ में हिस्सा लिया है. विजेंदर सिंह बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान के शो ‘10 का दम’ में बतौर कंटेस्टेंट अभिनेत्री मल्लिका शेरावत के साथ आ चुके है. वे एक और रियलिटी शो ‘नच बलिये’ में अभिनेत्री बिपाशा बासु से साथ हिस्सा ले चुके है. इसके अलावा विजेंदर MTV के एक रियलिटी शो ‘रोडीस X2’ में बतौर जज भी आ चुके है. सलमान खान जीवनी यहाँ पढ़ें.

विजेंदर सिंह का प्रोफेशनल कैरियर

सन 2015 में विजेंदर सिंह ने IOS खेल और मनोरंजन के द्वारा एक “क्वीन्सबेरी प्रोमोशन्स (Queensberry promotions)” के साथ बहु – वर्षीय अग्रीमेंट पर हस्ताक्षर कर दिया, जिससे उनके कैरियर में एक नया मोड़ आ गया. इनके प्रोफेशनल कैरियर के बारे में निम्लिखित सारणी में बताया गया है. जिसमे उन्होंने सफलता हासिल की.

रिकॉर्ड     खिलाफप्रकारचरणतारीख      स्थान
1-0ब्रिटिश के सोन्नी व्हाइटिंग(Sonny whiting)TKO3(4)10 अक्टूबर 2015मेनचेस्टर (Manchester), UK
2-0ब्रिटिश के डीन गिल्लेन(Dean gille)KO1(4)7 नवम्बर 2015डबलिन(Dublin), आयरलैंड
3-0बल्गेरियाई(Bulgarian)  समेट ह्युसेइनोव(Samet hyuseinov)TKO2(4)19 दिसम्बर 2015मेनचेस्टर (Manchester), UK
4-0हंगरी(Hungary) के अलेक्सेंडर होर्वाथ(Alexendar horvath)KO3(6)12 मार्च 2016लिवरपूल (Liverpool), UK
5-0फ्रेंच(French) मतिऔज़े रोयेर(Matiouze royer)TKO5(6)30 अप्रैल 2016लन्दन, UK
6-0पॉलिश(Polish) एन्द्र्जेज सोल्द्र(Andrzej soldra)TKO3(8)13 मई 2016बोल्टन(Bolten), UK
7-0ऑस्ट्रेलियन केरी होप(Kerry hope)UD1016 जुलाई 2016दिल्ली, भारत

विजेंदर सिंह की उपलब्धियां (Vijender Singh Achievements)

विजेंदर सिंह ने अपने कैरियर में कुछ उपलब्धियां भी हासिल की है जिनके बारे में नीचे तालिका में दर्शाया गया है.

       खेल  साल  स्थान   वर्ग पदक
ओलंपिक2008बेइजिंगमिडिलवेटकांस्य
विश्व चैंपियनशिप2009मिलनमिडिलवेटकांस्य
 

 

कॉमनवेल्थ गेम्स

2006

 

2010

2014

मेलबोर्न

 

दिल्ली

ग्लासगो

वेल्टरवेट

 

मिडिलवेट

मिडिलवेट

कांस्य

 

कांस्य

रजत

एशियाई गेम्स2006

 

2010

दोहा

 

गुंद्ज्हो(Guangzhou)

मिडिलवेट

 

मिडिलवेट

कांस्य

 

स्वर्ण

एशियाई चैंपियनशिप2007

 

 

2009

        –

 

 

        –

मिडिलवेट

 

 

मिडिलवेट

रजत

 

 

कांस्य

इसके अलावा विजेंदर सिंह को कुछ और पुरस्कारों से भी सम्मानित किया गया. जोकि इस प्रकार है-

  • भारत सरकार द्वारा सन 2009 ने विजेंदर सिंह को “राजीव गाँधी खेल रत्न अवार्ड” दिया गया.
  • सन 2010 में विजेंदर सिंह को “पद्मश्री अवार्ड” दिया गया.
  • विजेंदर सिंह भारत के पहले मुक्केबाज बने, जिन्होंने ओलंपिक में पदक जीता. अंतराष्ट्रीय ओलंपिक दिवस का इतिहास जानने के लिए पढ़े.

विजेंदर पहले व्यक्ति है, जिन्होंने अपने कैरियर को प्रोफेशनल लेवल पर आगे बढ़ाया, जिसमे इन्होंने निजी तौर पर हुई एकल मुक्केबाजी प्रतियोगियाओं की  मेजबानी में भाग लिया.

FAQ

Q : विजेंदर सिंह कौन है ?

Ans : भारत के एक बॉक्सर

Q : विजेंदर सिंह की हाइट कितनी है ?

Ans : 6 फुट

Q : विजेंदर सिंह की पत्नी कौन है ?

Ans : अर्चना सिंह

Q : विजेंदर सिंह की नेटवर्थ कितनी है ?

Ans : 3.2 करोड़ रुपए

Q : विजेंदर सिंह क्या टोक्यो ओलिंपिक का हिस्सा हैं ?

Ans : नहीं है

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Ankita
अंकिता दीपावली की डिजाईन, डेवलपमेंट और आर्टिकल के सर्च इंजन की विशेषग्य है| ये इस साईट की एडमिन है| इनको वेबसाइट ऑप्टिमाइज़ और कभी कभी आर्टिकल लिखना पसंद है|

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