यारा वायरस क्या हैं इसकी उत्त्पत्ति, लक्षण एवं उपाय | Brazil Yara Virus In Hindi

यारा वायरस क्या हैं इसकी उत्त्पत्ति, लक्षण एवं उपाय [Brazil Yara Virus Symptoms, Treatment, Origin In Hindi]

आज के समय में सबसे ज्यादा खतरा कोरोना वायरस को लेकर बढ़ता जा रहा है। जिसकी शुरुआत किन से हुई और पूरे विश्व के कई सारे शहरों वह देशों में फैल चुकी है। अब एक और वायरस जो विश्व के सामने समस्या के रूप में आकर खड़ा हो गया है जिसे साइंटिस्ट ने नाम लिया है यारा वायरस। अब आप सोच रहे होंगे कि एक वायरस से तो पीछा छूटा नहीं और दूसरा वायरस फिर से आ गया है। तो आपको बता दे कि यह वायरस कोरोनावायरस की तरह मानवों के लिए समस्या नहीं है क्योंकि यह वायरस मानवों में नहीं बल्कि किसी और चीज में पाया जाता है और उन्हीं में फैलता है।

Yara Virus Symptoms, Treatment, Origin In Hindi]

कहां से आया है यारा वायरस

खबरों की मानें तो यारा वायरस का पता वैज्ञानिकों द्वारा ब्राजील देश में लगाया गया है। आप सोच रहे होंगे कि इस वायरस का नाम यारा वायरस क्यों रखा गया है तो आपको बता दें कि ब्राजील में पानी को यारा के नाम से पुकारा जाता है और यह वायरस पानी में पाए जाने वाले अमीबा में देखा गया है जिसकी वजह से इस वायरस को यारा वायरस के नाम से जाना गया है।

अमीबा क्या होता है इस बारे में आपने आरंभिक कक्षाओं में पड़ा होगा अमीबा एक ऐसा जीव होता है जिसमें मात्र एक सेल होता है जबकि यदि हमारे शरीर में देखा जाए तो कई करोड़ों सेल मौजूद होते हैं। यारा वायरस एक ऐसा वायरस है जो अमीबा में मौजूद एक्सएल को संक्रमित कर देता है जिसकी वजह से वह संक्रमित होकर दूसरे अमीबा के सेल को संक्रमित कर रहा है।

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यारा वायरस का नाम यारा वायरस क्यों रखा गया?

इस वायरस को यारा वायरस नाम इसलिए दिया गया है क्योंकि यह पानी में पाया जाता है और ब्राजील में पानी को यारा के नाम से कहकर पुकारा जाता है। इसके अलावा ब्राज़ील में यारा नाम की एक अलौकिक जलपरी पाई जाती है जिसका नाम यारा है इसलिए इसे जलपरी के नाम पर भी यारा वायरस का नाम दिया गया है।

कोरोना वायरस की उत्पत्ति कहां से और कैसे प्रकार हुई है इस बात की जानकारी तो विशेषज्ञों ने प्राप्त कर ली है लेकिन यारा वायरस की उत्पत्ति का वैज्ञानिक पता नहीं लगा पाए हैं। कि उसकी उत्पत्ति कहां से और कैसे हुई है? वैज्ञानिकों का कहना है कि जिस तरह के जीन इन वायरस इस में देखे गए हैं ऐसे जीन पहले देखने को नहीं मिले हैं।

ब्राजील के संगीत विश्वविद्यालय मींस ग्यारस के एक बड़े लेखक वायरोलॉजिस्ट जोनाटस अब्रह्यो द्वारा यह कहा गया है कि ऐसा पहली बार देखा गया है कि अमीबा ओं को संक्रमित करने वाला यह एक छोटा नहीं बल्कि बहुत बड़ा वायरस है। उन्होंने बताया कि हजारों पर्यावरण जिलों में डाटा में यारों वायरस जीन हस्ताक्षर की खोज की गई है और यह वायरस कितना दुर्लभ है इस बात का अंदाजा भी उसे देखकर लगाया जा सकता है।

ब्राजील की लेक पम्पयूलह में रहने वाले अमीबा में यह संक्रमण पाया गया है। यारा वायरस के बारे में ज्यादा कुछ ना पता लग पाने की वजह से इसे मस्केरियस वायरस का नाम भी दिया गया है। अमीबा पर आज तक जितने भी वायरस में अटैक किया है उन सब का डेटाबेस विशेषज्ञों की किताबों में मौजूद है परंतु यह एक पहला ऐसा वायरस है जिसके बारे में विशेषज्ञ भी पूरी तरह से नहीं जानते हैं इसलिए गहन जांच-पड़ताल कर रहे हैं।

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कोरोना वायरस और यारा वायरस के बारे में विशेषज्ञों द्वारा इतनी गहन जांच-पड़ताल इसलिए की जा रही है क्योंकि आने वाले भविष्य में यदि इनकी जानकारी पहले से मौजूद होगी तो भावी पीढ़ी इस समस्या से जूझने के लिए पहले से तैयार रहेगी। 

वायरस के बारे कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां

  • विशेषज्ञों द्वारा प्रत्येक वायरस फैलाने वाले जीनोम पर बहुत सारी गहन रिसर्च की जाती है जिसके बाद ही वे पता लगा पाते हैं कि कौन सा वायरस किन जीनोम की वजह से उत्पन्न होता है।
  • विशेषज्ञों के अनुसार सूक्ष्मजीवों में कुल 74 प्रकार के जीव पाए जाते हैं जिनमें से मात्र 6 जीनोम के बारे में पहले से विशेषज्ञों को ज्ञात है।
  • इसका अर्थ है कि विशेषज्ञों को 90% से भी अधिक जीनोम के बारे में गहन रिसर्च करके वायरस के बारे में पता लगाना जरूरी है। उन्हीं में से एक यारा वायरस को उत्पन्न करने वाला जीनोम भी है जिसका पता लगाना विशेषज्ञों के लिए बेहद आवश्यक है।

वायरस और बैक्टीरिया में अंतर

वायरस ऐसे होते हैं जो मानव या जीव की सेल को दूषित करके संक्रमण को सब जगह फैला देते हैं। जबकि बैक्टीरिया में एक सेल मौजूद होता है जो यदि किसी व्यक्ति या जीव को लग जाता है तो उसका उपचार एंटीबायोटिक देकर किया जा सकता है परंतु वायरस का उपचार एंटीबायोटिक से भी नहीं किया जा सकता है।

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Karnika

कर्णिका दीपावली की एडिटर हैं इनकी रूचि हिंदी भाषा में हैं| यह दीपावली के लिए बहुत से विषयों पर लिखती हैं |यह दीपावली की SEO एक्सपर्ट हैं,इनके प्रयासों के कारण दीपावली एक सफल हिंदी वेबसाइट बनी हैं
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