क्रिकेटर यशस्वी जायसवाल पानी पूरी बेचकर बने भारतीय टीम का हिस्सा | Yashasvi Jaiswal In Hindi

क्रिकेटर यशस्वी जायसवाल  का जीवन परिचय, कहानी, बायोग्राफी[Cricketer Yashasvi Jaiswal Jeevan Parichay Biography In Hindi, Age, Height, IPL, Stats, Family, Religion, Caste, Father, Story, Records]

भारतीय क्रिकेट खेल जगत में एक ऐसा खिलाड़ी जो अपने सपनों को साकार करने के लिए ना जाने कितनी कठिनाइयों से आगे बढ़ा है 2020 के आईपीएल में शिल्पा शेट्टी की फ्रेंचाइजी टीम राजस्थान रॉयल ने आज उस खिलाड़ी की कीमत 2,4000000 रुपए लगाई है। एक ऐसा खिलाड़ी जिसने भारतीय क्रिकेट के इतिहास में अपने नाम और अपने काबिलियत के दम पर अपना लोहा मनवाया है। हम बात कर रहे हैं एक ऐसे खिलाड़ी के बारे में जिसने सड़कों पर पानी पूरी बेचकर डेयरी में काम करके भारतीय क्रिकेट के इतिहास में अपना नाम रोशन किया है। आज के समय में उभरते खिलाड़ी यशस्वी जायसवाल  के बारे में हम आपको इस लेख के माध्यम से बताएंगे। खिलाड़ी न जाने कितनी कठिनाइयों का सामना करते हुए अपने सपनों को साकार करते हैं । यदि आप भी रोमांचक भरे भारतीय क्रिकेटर यशस्वी जायसवाल  के जीवन परिचय को जानना चाहते हैं , तो हमारे इस लेख को अंत तक अवश्य पढ़ें।

Cricketer Yashasvi Jaiswal Biography In Hindi

पूरा नाम (Full Name) यशस्वी भूपेंद्र कुमार जायसवाल
जन्म दिन(Birth Date)

 

28 दिसंबर , 2001
जन्म स्थान (Birth Place)

 

भाधोई, उत्तर प्रदेश
पेशा (Profession)

 

क्रिकेटर
राष्ट्रीयता (Nationality)

 

भारतीय
उम्र (Age)

 

19 वर्ष
गृहनगर (Hometown)

 

मुम्बई के दादर में
धर्म (Religion)

 

हिन्दू
जाति (Caste)

 

—–
वैवाहिक स्थिति (Marital Status)

 

अविवाहित
राशि (Zodiac Sign)

 

मकर
शैक्षिक योग्यता ( Education ) ज्ञात नहीं
लम्बाई ( Height ) (लगभग)  से० मी०- 168
मी०- 1।68
फीट इन्च- 5’ 6”
वजन/भार ( Weight ) ज्ञात नहीं
शारीरिक संरचना ( Body Shape ) ज्ञात नहीं
आँखों का रंग ( Eye Colour ) काला
बालों का रंग ( Hairs Colour ) काला
गर्लफ्रेंड ( Girlfriend ) ज्ञात नहीं
विवाद ( Controversy )  ज्ञात नहीं

यशस्वी जायसवाल  का प्रारंभिक एवं परिवारिक परिचय [Initially Life, Family]

भारतीय क्रिकेट जगत में संघर्ष के नाम से जाने वाले इस खिलाड़ी का जन्म 28 दिसंबर 2001 में उत्तर प्रदेश के भदोही में हुआ था। यशस्वी जायसवाल  जी का परिवार बहुत ही मध्यवर्गीय परिवार में से एक हैं। इनके पिता भूपेंद्र कुमार जायसवाल  एक छोटे से हार्डवेयर दुकान के मालिक थे परंतु वे कुछ खास इस दुकान के माध्यम से अपने परिवारों का गुजारा नहीं कर सकते थे। इनकी माता कंचन जायसवाल  एक साधारण गृहणी के रूप में अपने परिवार का पालन पोषण करती थी। यशस्वी जायसवाल  को 10 वर्ष की उम्र में ही क्रिकेट को लेकर काफी जुनून था । वह अपने करियर को क्रिकेट के क्षेत्र में काफी आगे तक ले जाना चाहते थे , मगर इनके पिता की आर्थिक स्थिति इतनी खराब थी , कि यह कुछ भी इनको क्रिकेट के क्षेत्र में सहायता प्रदान नहीं कर सकते थे। मगर फिर भी यशस्वी जायसवाल  अपने क्रिकेट को 10 वर्ष की आयु में ही सीखने लगे थे।

माता / पिता  (Mother & Father ) कंचन जायसवाल   एवं  भूपेंद्र कुमार जायसवाल
बहन / भाई (Sister / Brother) ज्ञात नहीं

यशस्वी जायसवाल  मुंबई कैसे पहुंचे और वहां वह अपने प्रारंभिक करियर [Career] 

यशस्वी जायसवाल के पिताजी बताते हैं कि वह 10 वर्ष की आयु में ही क्रिकेट को लेकर काफी ज्यादा उत्तेजित थे। मात्र 11 वर्ष की आयु में क्रिकेट सीखने के लिए यशस्वी जायसवाल  अपने पिता से मुंबई जाने की जिद करने लगे और उनके पिता उनके काबिलियत को देख उनको एक रिश्तेदार के यहां मुंबई में भेज दिया। शुरुआती समय में 5 से 6 महीने में इसी जगह पर रहे थे और वे वहां से आजाद मुंबई मैदान क्रिकेट सीखने के लिए जाया करते थे। जिस रिश्तेदार के यहां यशस्वी जायसवाल  ठहरे थे , उनका घर काफी छोटा था और लोगों को साथ में रहने में समस्याएं होती थी।

यशस्वी जायसवाल अपनी शुरुआती क्रिकेट को ग्राउंड के बाहर ही खेलते थे और वह नेट तक नहीं पहुंच पाते थे , क्योंकि उनको कोई जानता नहीं था और ना ही उनके पास किसी भी प्रकार का पैसा था , कि जो वहां पर वे अपने नाम को दाखिल कराकर ट्रेनिंग ले सकते थे। मुंबई के उनके रिश्तेदार ने उनको उस मैदान में रहने के लिए ग्राउंड मैन से बात करके जगह बनाई और यशस्वी जायसवाल  लगभग 3 सालों तक उसी मैदान में टेंट लगाकर रहते थे और क्रिकेट की बारीकियों को सीखा करते थे। आर्थिक स्थिति सही ना होने के कारण उनके पिता श्री महीने के 2 से 3,000 रुपये ही यशस्वी जायसवाल  को जेब खर्च के रूप में भेज पाते थे जो , कि यह पैसा उनके क्रिकेट सीखने के लिए काफी नहीं हुआ करता था। यही कारण है , कि यशस्वी जायसवाल  जी मैदान में अपने क्रिकेट का अभ्यास किया करते थे उसी मैदान के बाहर वह छोटी सी पानी पुरी की दुकान लगाकर पानी पूरी बेचा करते थे।

यहां तक कि यशस्वी जायसवाल  ने एक डेयरी के दुकान में लगभग एक छोटे पगार पर साफ सफाई का काम भी किया था। एक समय यशस्वी जायसवाल  मुंबई के आजाद मैदान में क्रिकेट लीग खेल रहे थे। उसी मैदान पर उपस्थित ज्वाला सर ने उनकी प्रतिभा को देख काफी ज्यादा प्रभावित हुए थे। ज्वाला सर ने यशस्वी जायसवाल  के पास जाकर पूछा कि तुम्हारा कोच कौन है? तुम्हें क्रिकेट खेलने का अभ्यास कौन करवाता है? यशस्वी ने जवाब देते हुए कहा , कि मैं बड़े सीनियर लोगों को देखकर सीखता हूं , मेरा कोई भी कोच नहीं है , जो मुझे क्रिकेट का अभ्यास करा सके। यशस्वी जायसवाल  के जीवन में यही एक ऐसा मोड़ आया जहां पर उनकी जीवन में बड़े बदलाव होने वाले थे। उसी समय पर ज्वाला सर ने उनको अपने साथ ले जाने का निर्णय लिया और यशस्वी जायसवाल को क्रिकेट सीखने के लिए क्रिकेट एकेडमी में एक स्थान दिलाया।

यशस्वी जायसवाल  का भारतीय क्रिकेट में करियर कैसा रहा है

भारतीय क्रिकेट के इतिहास में उभरते इस खिलाड़ी का नाम सबसे पहले चर्चा में तब आया जब 2015 में स्कूली क्रिकेट प्रतियोगिता में उन्होंने 319 रन बनाए थे और इनका नाम लिम्का ‘बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड’ में भी शामिल किया जा चुका है। जायसवाल जी के क्रिकेट खेल के प्रति उनकी प्रतिभा को देख उनका सिलेक्शन अंडर 16 और अंडर 19 में भी हो गया। वर्ष 2018 का वह समय था , जब अंडर 19 एशिया कप में उनको भारतीय टीम का हिस्सा बनाया गया और इसी मौके को देखते हुए जायसवाल  ने 85 रन बनाकर अपने भारतीय टीम को विजई बनाया था और इसी मैच के लिए इस प्रतिभाशाली खिलाड़ी को ‘मैन ऑफ द मैच’ भी घोषित किया गया था। 7 जनवरी 2019 को अपने घरेलू टीम मुंबई के लिए उन्होंने 154 बॉल पर लगभग 203 रन नाबाद बनाए थे , यह रंग उन्होंने झारखंड के खिलाफ बनाए थे और अपनी टीम को विजई भी उन्होंने बनाया था । इसी के बदौलत यह ऐसे खिलाड़ी बन गए जिन्होंने बहुत ही कम उम्र में दोहरे शतक का रिकॉर्ड बनाया था ।

भारतीय अंडर –19 करियर( Yashasvi Jaiswal Indian Under-19 Career) 2018, भारत बनाम श्रीलंका
घरेलु क्रिकेट करियर ( Yashasvi Jaiswal First Class Cricket Career) 7/1/2019 मुंबई बनाम छत्तीसगढ़
लिस्ट –A 28/9/2019 मुंबई बनाम छत्तीसगढ़
IPL करियर Yashasvi Jaiswal IPL ) 2020 राजस्थान रॉयल
अंतराष्ट्रीय करियर Yashasvi Jaiswal International Career ) अभी तक चुनाव नहीं

यशस्वी जायसवाल  द्वारा बैटिंग [Batting] 

यशस्वी जायसवाल  क्रिकेट के क्षेत्र में दाएं हाथ से बल्लेबाजी करते हैं और यह एक मध्यक्रम के बल्लेबाज भी हैं । यशस्वी जायसवाल  छक्के लगाने में माहिर हैं ।

2020 के अंडर-19 वर्ल्ड कप में यशस्वी जायसवाल का योगदान

साउथ अफ्रीका में हो रहे अंडर-19 वर्ल्ड कप में 4 फरवरी 2020 को इंडिया का मैच पाकिस्तान से था । टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी पाकिस्तान की टीम ने मात्र 43.1 ओवर में 172 रन बनाकर पूरी ऑल आउट हो गई । 88 गेंदें शेष रहते ही भारतीय बल्लेबाजों ने 172 रन का पीछा करते हुए। अपनी टीम को जीत प्रदान कर दी और इस मैच में यशस्वी जसवाल ने अपना अहम योगदान दिया था। इस मैच में अपना अहम योगदान देते हुए इसे शिव जायसवाल  ने नाबाद 113 गेंदों में 105 रन की शतकीय पारी खेली और यह एक यादगार पारी थी । अपने इस रिकॉर्ड के वजह से यह एक अंडर-19 वर्ल्ड कप में सेमीफाइनल में शतक मारने वाले चौथे बल्लेबाज बन गए ।

2020 के आईपीएल में दिखेंगे यशस्वी जायसवाल [IPL 2020]
2020 के लिए आईपीएल में सभी खिलाड़ियों की नीलामी हो चुकी है और आप सभी लोगों को आईपीएल का मजा 29 मार्च से मिलना शुरू हो जाएगा । शिल्पा शेट्टी की फ्रेंचाइजी टीम राजस्थान रॉयल्स की तरफ से यशस्वी जायसवाल  को 2,4000000 रुपए में खरीद लिया गया है । इसी के साथ यशस्वी जायसवाल  कम उम्र में सबसे महंगे बिकने वाले खिलाड़ियों में शुमार हो चुके है ।

2020 के आईपीएल की नीलामी में जायसवाल  का बेस प्राइस केवल 20,00000 रुपये रखा गया था , परंतु उनको कई गुना ज्यादा पैसों में राजस्थान रॉयल ने खरीद लिया है । इस नीलामी के बाद यशस्वी जायसवाल  के परिजन बहुत ही प्रसन्न है , क्योंकि उनके बेटे ने बहुत परिश्रम के बल पर अपने सपने को साकार किया है । इसी के साथ 2020 के आईपीएल में यशस्वी जायसवाल  को पहली बार किसी टीम की तरफ से खेलने का मौका मिला है ।

निष्कर्ष :-

यशस्वी जायसवाल  के पूरे जीवन परिचय से हमें यह सीख मिलती है , कि कभी भी यदि आपको अपने लक्ष्य को हासिल करना है , तो उसके लिए अथक परिश्रम करना आवश्यक होता है । आज के इस चमकते खिलाड़ी ने सफलता तो हासिल की है , परंतु इसके पीछे उन्होंने बहुत ही कठिन परिश्रम भी किया हुआ है ।

इससे यह सिद्ध होता है कि यदि आपको जीवन में किसी भी प्रकार के लक्ष्य को हासिल करना है तो उसके लिए आपको कुछ ना कुछ त्याग करना होगा और उसके साथ ही आपको जितना हो सके उतना कठिन परिश्रम भी करना होगा तभी आपको सफलता हासिल हो सकती है और जो सफलता आपको मिलेगी वह आपके संपूर्ण जीवन के लिए होगी ।

यदि आप इस श्री जायसवाल  के इस पूरे जीवन परिचय से मोटिवेट हुए हो या फिर आपको कुछ सीख मिली हो , तो आप हमें कमेंट बॉक्स में बता सकते हैं । हम यह अवश्य चाहेंगे , कि आप सभी लोग मोटिवेशन से भरे इस जीवन परिचय को अपने परिजनों एवं मित्र जनों के साथ अवश्य शेयर करें ताकि उनको यह पता चल सके , कि कठिनाइयों का सामना करते हुए सफलता को हासिल किया जा सकता है ।

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