बी एस येदियुरप्‍पा की जीवनी | B. S. Yeddyurappa Biography in Hindi

बी एस येदियुरप्‍पा [डॉ॰ बूकानाकेरे सिद्धलिंगप्पा येदियुरप्पा] की जीवनी (B. S. Yeddyurappa Biography,Real Name ,Caste Birth, Family, Political Career Net Worth in Hindi)

बीएस येदियुरप्‍पा एक भारतीय राजनेता हैं जिनका नाता बीजेपी पार्टी से हैं और ये कर्नाटक राज्य में अपनी पार्टी का कार्य देखते हैं. इस साल इस राज्य में होने वाले असेंबली इलेक्शन के लिए इन्हें बीजेपी पार्टी ने अपना मुख्यमंत्री का उम्मीदवार घोषित किया था और इन चुनाव को बीजेपी पार्टी ने अब जीत हासिल कर लिया है. जिसके बाद एक बार फिर से ये कर्नाटक राज्य के मुख्यमंत्री बन गए हैं.भारत के अन्य राज्यों के मुख्यमंत्री की सूची जाने. 

बी एस येदियुरप्‍पा

बीएस येदियुरप्‍पा के जीवन से जुड़ी जानकारी (B. S. Yeddyurappa Short Biography in Hindi)-

पूरा नाम बूकानाकेरे सिद्धलिंगप्पा येदियुरप्पा
जन्म स्थान मंड्या, कर्नाटक
जन्म तारीख 27 फरवरी 1 9 43
आयु 75 साल
पेशा भारतीय राजनेता, कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री
पिता का नाम सिद्दलिंगप्पा
माता का नाम पुट्टतायम्मा
कास्ट [जाति] लिंगायत्स
पत्नी का नाम मैत्रादेवी
कुल बच्चे दो लड़के, तीन लड़कियां
वजन 72 किलो
लंबाई 5’6

 

बीएस येदियुरप्‍पा का जन्म (Birth Details)

बीएस येदियुरप्‍पा का जन्मकर्नाटक राज्य के एक छोटे से गांव में सन् 1943 में हुआ था. इनका जन्म मंड्या जिले के जिस गांव में हुआ था उसका नाम बुकानाकेरे है और इसी गांव में इनका शुरूआती जीवन बीता हुआ है.

बीएस येदियुरप्‍पा का परिवार (Family Details)

लिंगायत समाज से नाता रखने वाले बीएस येदियुरप्‍पा के पिता का नाम सिद्दलिंगप्पा है जबकि इनकी माता का नाम मैत्रादेवी है. येदियुरप्‍पा जब महज 4 वर्ष की आयु के थे, तो उस समय इनकी माता का निधन हो गया था. जिसके बाद उनकी देखरेख इनके पिता द्वारा अकेले की गई थी.

बीएस येदियुरप्‍पा ने साल 1967 में मैत्रादेवी नामक महिला के साथ विवाह किया था और इस विवाह से इन्हें दो पुत्र और तीन बेटियां है. इनके बेटों का नाम राघवेंद्र और विजयेंद्र है, जबकि इन्होंने अपनी पहली पुत्री का नाम अरुणादेवी रखा है. दूसरी पुत्री का नाम  पद्मावती और  तीसरी पुत्री का नाम उमादेवी रखा है.

साल 2004 में हुई पत्नी की मौत

सन् 2004 में बीएस येदियुरप्‍पा की पत्नी मैत्रादेवी एक हादसे का शिकार हो गई थी जिसके कारण उनकी मृत्यु हो गई थी. कहा जाता है कि इनकी पत्नी घर में बने एक पानी के टैंक में फिसल गया थी और जिसके बाद उनकी मौत डूबने से हो गई थी.

बीएस येदियुरप्‍पा की शिक्षा और शुरूआती करियर (BS Yeddyurappa’s Education And Early Career Details)

बीएस येदियुरप्‍पा ने 12 वीं कक्षा की पढ़ाई पूरी करने के बाद कला विषय को अपनी आगे की पढ़ाई करने के लिए चुना और इस विषय में इन्होंने ग्रजुएटेड की डिग्री प्राप्त की. अपनी डिग्री हासिल करने के बाद येदियुरप्‍पा ने बतौर एक प्रथम-विभाजन क्लर्क के तौर पर कार्य भी किया. लेकिन सामाजिक कल्याण विभाग में कुछ समय तक बतौर एक क्लर्क अपनी सेवा देने के बाद इन्होंने अपनी ये नौकरी छोड़ दी. जिसके बाद ये कर्नाटक के शिकारीपुरा नगर चले गए और यहां पर जाकर इन्होंने एक चावल की फैक्ट्री में बतौर एक क्लर्क अपनी सेवाएं देना शुरू कर दिया और इसी फैक्ट्री के मालिक की बेटी मैत्रादेवी से विवाह भी कर लिया.

बीएस येदियुरप्‍पा का राजनीति करियर (Political Career)

  • बीएस येदियुरप्‍पा महज 15 वर्ष की आयु में ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के साथ जुड़े गए थे. लेकिन येदियुरप्पा को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को अपनी सेवा देने का मौका सन् 1965 में मिला और इन्हें इस संघ की शिकारीपुर इकाई के सचिव पद की जिम्मेदारी दी गई.
  • सन् 1972 में जनसंघ जो कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की एक इकाई है उसके अध्यक्ष के रूप में भी इन्हें नियुक्त किया गया. कुछ सालों तक यहां पर कार्य करने के बाद, सन् 1975 में येदियुरप्‍पा को शिकारीपुरा टाउन नगर पालिका के सदस्य के रूप में भी जिम्मेदारी दी गईं.
  • साल 1980 में इन्हें बीजेपी पार्टी ने शिकारीपुरा की तालुक इकाई (Taluk unit) का अध्यक्ष भी नियुक्त कर दिया और पांच साल बाद इन्हें शिमोगा जिले का अध्यक्ष बना दिया गया.
  • येदियुरप्पा साल 1983 में कर्नाटक विधानमंडल के लोअर हाउस के लिए चुने गए थे. वहीं इन्होंने शिकारीपुरा निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व छह बार किया हुआ है.
  • इनके कार्य को देखते हुए बीजेपी पार्टी ने इन्हें साल 1988 मेंकर्नाटक राज्य का अपना पार्टी अध्यक्ष बना दिया था.
  • साल 1994 के असेंबली इलेक्शंस में बीजेपी को हार मिली थी और इन्हें कर्नाटक विधानसभा का विपक्ष का नेता बनाया गया था.
  • सन् 1999 में येदियुरप्पा अपनी असेंबली सीट से हार गए थे जिसके चलते इन्हें बीजेपी ने विधायी परिषद का सदस्य बनाने के लिए नॉमिनेटेड किया था.
  • साल 2004 में फिर से हुए असेंबली चुनाव में इन्हें जीत मिली थी और इन्हें एक बार फिर से कर्नाटक विधानसभा का विपक्ष का नेता बना दिया गया था.
  • येदियुरप्पा ने जनता दल (धर्मनिरपेक्ष) के नेता एच डी कुमारस्वामी के साथ, कर्नाटक में अलायन्स गवर्नमेंट बनाई थी और इस दौरान येदियुरप्पा को उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री की जिम्मेदारी दी गई थी. लेकिन कुछ कारणों के चलते ये अलायन्स  ज्यादा समय तक चल नहीं सकी थी और ये गवर्नमेंट गिर गई.
  • लेकिन बाद में जनता दल (धर्मनिरपेक्ष) और बीजेपी पार्टी ने फिर से हाथ मिला लिया और इस बार येदियुरप्पा को कर्नाटक का मुख्यमंत्री बनाया गया और इस तरह से इन्होंने 12 नवंबर 2007 को पहली बार इस राज्य के मुख्यमंत्री का पद संभाला. लेकिन इनको अपने ये पद जनता दल पार्टी के विरोध के कारण महज सात दिनों में छोड़ना पड़ा.
  • कर्नाटक में साल 2008 में फिर से असेंबली इलेक्शंस हुए और इस बार बीजेपी पार्टी को प्रथम बार,  इनके नेतृत्व में जीत मिली थी. जिसके साथ ही इन्हें 30 मई 2008 को फिर से सीएम का पद दे दिया गया लेकिन कई घोटलों में इनका नाम आने के कारण इन्हें साल 2011 में अपना ये पद छोड़ना पड़ा.

साल 2012 में बनाई अपनी खुद की पार्टी

साल 2011 में पार्टी की और से मुख्यमंत्री पद से हटाए जाने के बाद येदियुरप्पा ने अपनी खुद की पार्टी बनाने का निर्णय लिया था और इन्होंने साल 2012 में ‘कर्नाटक जनता पक्ष’ नामक पार्टी की स्थापना की. इस पार्टी की और से इन्होंने साल 2013 में हुए चुनाव में शिकारीपुरा सीट से चुनाव लड़ा और इस सीट से इन्हें जीत भी मिली. लेकिन साल 2014 के लोकसभा इलेक्शन के लिए इन्होंने फिर से बीजेपी पार्टी से हाथ मिला लिया.

एक बार फिर बनाएंगे मुख्यमंत्री

हाल ही में कर्नाटक राज्य में हुए असेंबली एलेक्शंस में बीजेपी पार्टी को आसानी से जीत हासिल हुई है. जिसके साथ ही येदियुरप्पा का एक बार फिर से कर्नाटक का सीएम बनना लगभग  पक्का है और ये मई महीने की 17  दिनांक को इस पद के लिए शपथ ले सकते हैं.

येदियुरप्पा के साथ जुड़े विवाद (Controversy)

लंबे समय से पॉलिटिक्स से जुड़े येदियुरप्पा के साथ कई तरह के विवाद भी जुड़े हुए हैं और इन विवादों के चलते इनको कई परेशानियों का सामना भी करना पड़ा है.

भ्रष्टाचार के केस में हुई थी गिरफ्तारी

साल 2011 में जमीन से जुड़े भ्रष्टाचार के दो मामलों में येदियुरप्पा को दोषी पाया गया था और इनको गिरफ्तार कर लिया गया था. हालांकि येदियुरप्पा को बैल मिल गई थी लेकिन इन्हें 23 दिन जेल में बिताने पड़े थे.

दलित के घर के खाने को लेकर जुड़ा विवाद

साल 2017 में येदियुरप्पा पर एक दलित परिवार के दिए हुए भोजन को ग्रहण नहीं करने का आरोप लगा था. कहा जाता है कि छोटी कास्ट से नाता रखने वाली एक फैमिली ने इन्हें भोजन दिया था. लेकिन येदियुरप्पा ने उनके दिए हुए भोजन को नहीं खाया और अपने लिए बाहर से इडली लाने का ऑर्डर दिया था. इस मामले के सामने आने के बाद येदियुरप्पा पर एक अनटचेबिलिटी का केस भी दर्ज हुआ था.

येदियुरप्पा पर लगे इस आरोप से उनका बचाव बीजेपी पार्टी को करना पड़ा था और पार्टी ने एक बयान जारी करके कहा था कि दलित के घर में खाना खत्म हो गया था जिसके कारण येदियुरप्पा को बाहर से खाना मंगवाना पड़ा था.

येदियुरप्पा द्वारा किए गए नेक कार्य

बतौर किसानों के नेता के तौर पर हैं प्रसिद्ध (Farmers Leader)

  • साल 1987 में येदियुरप्पा ने किसानों के हितों के लिए कई सारे कार्य किए थे और उनके द्वारा किए गए इन्हीं कार्यों के कारण इन्हें किसानों का नेता कहा जाता है.
  • येदियुरप्पा ने अपने राज्य के उन किसानों की काफी मदद की थी जिनके पास खुद की भूमि नहीं थी. इसके साथ-साथ इन्होंने किसानों के लोन को माफ करने के लिए कार्य किया था और जब ये सीएम थे तो इन्होंने केवल 3% ब्याज दर पर किसानों को लोन भी मुहैया करवाया था.

बच्चियों के लिए चलाई महत्वपूर्ण योजनाएं (Bhagyalakshmi Yojana)

येदियुरप्पा ने अपने राज्य की लड़कियों के अच्छे भविष्य के लिए भाग्यलक्ष्मी योजना की शुरुआत की थी और इस योजना की मदद से इन्होंने अपने राज्य के गरीब परिवारों की बच्चियों की आर्थिक मदद की थी.

बच्चों को बांटी थी साइकिलें

छात्रों को स्कूल जाने में कोई परेशानी ना हो इसलिए येदियुरप्पा सरकार ने अपने राज्य के आठवीं कक्षा के बच्चों को साइकिलें बांटी थी. ये मुफ्त साइकिल गरीब परिवार के बच्चों को दी गई थी. इसके अलावा इन्होंने वरिष्ठ नागरिक के लिए संध्या सूर्यका पेंशन योजना की भी शुरुआत की थी.

येदियुरप्पा के पास कुल संपत्ति (Net Worth)

येदियुरप्पा के पास इस वक्त 6.45 करोड़ रुपए की कुल संपत्ति मौजूद है जो कि इन्होंने बतौर एक राजनेता होते हुए कमाई है. साल 2013 में इनकी कुल संपत्ति 5.83 करोड़ रुपए की थी.

येदियुरप्पा की मेहनत की वजह से ही बीजेपी कर्नाटक राज्य में पहली बार (साल 2008 में) अपनी गवर्नमेंट बना पाने में सफल हो पाई थी और इस समय भी (साल 2018 में) येदियुरप्पा के कारण ही इस राज्य में बीजेपी पार्टी फिर से अपनी सरकार बनाने वाली है. पार्टी के लिए दिए गए येदियुरप्पा के इसी योगदान के मद्देनजर इन्हें पार्टी की और से एक बार फिर से मुख्यमंत्री का पद दिया जा रहा है.

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Karnika

कर्णिका दीपावली की एडिटर हैं इनकी रूचि हिंदी भाषा में हैं| यह दीपावली के लिए बहुत से विषयों पर लिखती हैं |यह दीपावली की SEO एक्सपर्ट हैं,इनके प्रयासों के कारण दीपावली एक सफल हिंदी वेबसाइट बनी हैं
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