क्रिकेटर शेफाली वर्मा ने 16 साल की उम्र में रचा इतिहास | Shafali Verma Biography in Hindi

शेफाली वर्मा की जीवनी  (Cricketer Shafali Verma Biography in Hindi) (Records, Career, Style)

भारतीय क्रिकेट का दीवानापन तो आप सब ने भारत के नागरिकों के बीच देखा ही होगा. आज तक आपने लड़कों को ही क्रिकेट खेलते देखा होगा लेकिन शायद ही आप जानते होंगे कि भारत में अब लड़कियों की क्रिकेट टीम भी बन चुकी है. लड़कियों के बीच बढ़ते क्रिकेट के उत्साह को देखते हुए अब भारत में भी लड़कियों ने क्रिकेट के मैदान में अपना बल्ला जमाना आरंभ कर दिया है उन्हीं में से एक महिला क्रिकेट जिसका नाम शेफाली वर्मा है उसके बारे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं.

Cricketer Shafali Verma Biography jivani hindi

परिचय बिंदु परिचय
पूरा नाम (Full Name) शेफाली वर्मा
अन्य नाम (Other Name) शेफाली वर्मा
निक नाम (Nick Name) शेफाली वर्मा
पेशा (Profession) भारतीय क्रिकेटर
शैली (Genre) क्रिकेट खेलना
जन्म (Birth) 28 जनवरी 2004
आयु (Age) 15 वर्ष
जन्म स्थान (Birth Place) रोहतक, हरयाणा, पंजाब
राष्ट्रीयता (Nationality) भारतीय
गृहनगर (Hometown) रोहतक
जाति (Caste) हिन्दू
पसंद (Hobbies) क्रिकेट खेलना
वैवाहिक स्थिति (Marital Status) अनमैरिड
पिता का नाम (Father’s name) संजीव वर्मा
बालों का रंग (Hair Color) ब्लैक
आँखों का रंग (Eye Color) ब्लैक

कौन है शेफाली वर्मा?

अंतरराष्ट्रीय तौर पर एक महिला क्रिकेटर के रूप में पहचान बनाने वाली एक लड़की जो दाहिने हाथ के बल्लेबाज है. दाहिने हाथ से ही ऑफ स्पिन का भी कमाल दिखाती शेफाली वर्मा ने आज अपने हरियाणा का नाम पूरे देश में रोशन कर दिया है. उन्होंने दिखा दिया है कि महिलाएं भी क्रिकेट जैसा खेल, खेल सकते हैं फिलहाल वह घरेलू क्रिकेट टीम हरियाणा की तरफ से खुद को एक महिला क्रिकेटर के रूप में प्रस्तुत करती है.

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आरंभिक जीवन

एक धमाकेदार महिला बल्लेबाज का जन्म 28 जनवरी साल 2004 में हरियाणा के एक छोटे से रोहतक जिले में हुआ था. शेफाली वर्मा के पिता को आरंभ से ही क्रिकेट में दिलचस्पी रही है वह क्रिकेट खेला करते थे और इंटरनेशनल तौर पर खेलना भी चाहते थे, परंतु उनकी परिस्थितियों ने कभी उन्हें आगे बढ़ने नहीं दिया. जब उन्होंने अपनी बेटी के अंदर क्रिकेट के इस पागलपन को देखा तो उन्होंने भी अपनी बेटी को घर में ही ट्रेनिंग देनी आरंभ कर दी. बाद में उन्हें प्रोफेशनल ट्रेनिंग का एहसास भी हुआ तो उन्होंने शेफाली को प्रोफेशनल ट्रेनिंग के लिए कई सारी अकैडमी में एडमिशन दिलाने की कोशिश की.

परंतु शेफाली एक लड़की थी तो लड़कों के साथ कैसे खेल सकती थी. समाज की छोटी भावना ने उसे किसी भी अकैडमी में एडमिशन पाने से रोक दिया. परंतु समाज की छोटी सोच के बावजूद भी शेफाली और उनके पिता अपने सपने को पूरा करने से नहीं रुके. शेफाली के पिता ने 9 साल की उम्र में ही उसके बाल कटवा दिए और उसे एक लड़के का रूप दे दिया. उसके बाद तुरंत ही एक प्रोफेशनल एकेडमी में शेफाली का दाखिला हो गया और उसने प्रोफेशनल तरीके से क्रिकेट की ट्रेनिंग लेनी आरंभ कर दी.

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काफी सालो तक बनी रही टॉमबॉय

वह काफी सालों तक टॉमबॉय की शेप में ही रहे लेकिन बाद में जब भारत में महिला के इस भेदभाव को मिटाकर महिला क्रिकेट एकेडमी बनाई गई, तब शेफाली ने एक महिला एकेडमी में दाखिला ले लिया. इसके बावजूद भी शेफाली के पिता के रिश्तेदारों ने लड़की को क्रिकेट सिखाने पर बहुत सारी आलोचनात्मक टिप्पणियां की, जिसके बाद भी संजीव नहीं रुके और उन्होंने अपनी बेटी को संपूर्ण प्रयास करके एक शानदार महिला क्रिकेटर बना ही दिया.

अपने बेहतरीन प्रदर्शन की वजह से उन्हें हरियाणा की घरेलू महिला क्रिकेट टीम में दाखिला मिल गया. पहले उन्होंने अपने राज्य हरियाणा का नाम रोशन किया और बाद में उन्हें विमेन मिनी आईपीएल 2020 के अंतर्गत अपना प्रदर्शन दिखाने का मौका मिला, उस समय मिताली राज टीम की कप्तान थे उस वेलोसिटी टीम में शेफाली को भी शामिल किया गया. अपने बेहतरीन प्रदर्शन की वजह से वेलोसिटी की टीम इस टूर्नामेंट के फाइनल सेक्शन में पहुंच गई थी. लेकिन अपने भरसक प्रयास के बाद भी हरमनप्रीत कौर के नेतृत्व में खेलने वाली सुपरनोवा टीम के हाथों वेलोसिटी टीम को हरा दिया गया.

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अंतर्राष्ट्रीय खेलों में दिखाया प्रदर्शन

लगातार अच्छे प्रदर्शन की बदौलत शेफाली को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट तक पहुंचने में देर ना लगी. साल 2019 में T20 सीरीज के अंतर्गत शेफाली को दक्षिण अफ्रीका की महिला टीम के खिलाफ मैच खेलने का मौका मिला. जब भारतीय टीम के पूर्व कप्तान मिथाली राज  ने T20 क्रिकेट से खुद को बाहर कर लिया तब उसके बाद शैफाली को उस टीम में प्रवेश मिल गया. अंतरराष्ट्रीय तौर पर शेफाली ने अपना ताबड़तोड़ प्रदर्शन दिखाते हुए एक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर बन कर अपने पिता का सपना पूरा किया. मात्र 15 साल की उम्र में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय टीम में सबसे कम उम्र की महिला क्रिकेटर के तौर पर भी अपना नाम दर्ज किया.

भारत में वह दूसरी ऐसी महिला थी जो सबसे कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय तौर पर अपना क्रिकेट प्रदर्शन दिखा चुकी थी. इससे पहले सन 1978 में मात्र 14 साल की उम्र में गार्गी नाम की महिला ने यह रिकॉर्ड सबसे पहले अपने नाम पर बनाया था. वही यह रिकॉर्ड पुरुष क्रिकेट टीम मैसेज सचिन तेंदुलकर के नाम पर दर्ज है जिन्होंने मात्र 16 साल की उम्र में भारत के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपना बेहतरीन प्रदर्शन दिखाया था.

अंतरराष्ट्रीय तौर पर शेफाली ने अपने पहले मैच के दौरान कुछ खास प्रदर्शन नहीं दिया और वह शून्य पर ही आउट हो गई, उसके बाद उस सीरीज के आने वाले 2 मार्च बारिश की वजह से रद्द कर दिए गए लेकिन चौथे मैच के दौरान तो शैफाली ने बेहतरीन और धमाकेदार प्रदर्शन से सबके दिल पर छा गई. उन्होंने उस मैच के दौरान 1 अक्टूबर 2019 को सूरत के मैदान में ओपनिंग करते हुए मात्र 33 गेंदों की बेहतरीन बल्लेबाजी में पांच चौके और दो छक्कों की बेहतरीन पारी के साथ 46 रन बनाए.

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शेफाली के बारे में कुछ रोचक तथ्य

  • शेफाली आरंभ से ही अपने पिता और सचिन तेंदुलकर को अपना आदर्श मानती आई है.
  • वे बड़े सपने देखने वाली एक ऐसी भारतीय क्रिकेटर महिला है जिन्होंने अपने सपनों की उड़ान पूरी करते हुए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों में अपनी जगह बना ली.
  • वे बहुत ज्यादा मेहनती क्रिकेटर महिला है जिन्होंने दिन रात मेहनत करके अपने पिता का सपना पूरा कर दिखाया.
  • समाज और परिवार की आलोचनात्मक टिप्पणियों के बावजूद भी उन्होंने अपने जीवन में हार मानना नहीं सीखा.

भारत की महिलाओं ने हमेशा ही सबसे आगे निकल बेहतरीन प्रदर्शन दिखाया है कि भारत की महिलाएं किसी भी देश की महिलाओं से पीछे नहीं है। ऐसा ही कुछ बेहतरीन प्रदर्शन शेफाली ने भी क्रिकेट के मैदान पर अपनी बेहतरीन बल्लेबाजी से पूरे देश का नाम एक बार फिर से रौशन कर दिखाया है। भारत हर एक लड़की के लिए वह एक प्रेरणादायक नाम बन चुकी है। यदि आजकल की छोटी लड़कियां उनसे कुछ सीखना चाहे तो उनका जज्बा और साहस सीखने का प्रयास करें जो उन्होंने मात्र 15 वर्ष की आयु में कमाया है।

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Ankita

अंकिता दीपावली की डिजाईन, डेवलपमेंट और आर्टिकल के सर्च इंजन की विशेषग्य है| ये इस साईट की एडमिन है| इनको वेबसाइट ऑप्टिमाइज़ और कभी कभी आर्टिकल लिखना पसंद है|
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