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विश्व पर्यावरण दिवस, कविता, नारे | World Environment Day 2018 theme, slogan, Poem in hindi

विश्व पर्यावरण दिवस 2018 विषय, संरक्षण, मेजबान देश, कविता, नारे  ( World Environment Day 2018 theme, slogan, Poem, Host Country in hindi) 

मानव और पर्यावरण एक दूसरे पर पूरी तरह से निर्भर करते है. जैसे अगर हमारी जलवायु मे थोड़ा सा भी बदलाव आता है, तो इसका असर तुरंत हमारे शरीर मे देखने को मिलता है. अगर ठंड ज्यादा पड़ती है, तो हमे सर्दी हो जाती है, अगर गर्मी ज्यादा होती है तो वह भी हम सहन नहीं कर पाते. यह तो हुई सिर्फ एक इंसान की बात.

यदि हम यही चीज पूरी मानव जाती से जोडकर देखे तो नुकसान भी बड़ा होगा. हाल ही मे हुई त्रासदी जैसे केदार नाथ मे हुई अथाह वर्षा, आसाम की बाड़, आदि इसके उदाहरण है.

 

Environment day | पर्यावरण दिवस

विश्व पर्यावरण दिवस कब मनाया जाता है ? (World Environment Day 2018 Date )

हर साल 5 जून से 16 जून (5th June TO 16th June) के बीच यह मनाया जाता है. इन दिनों हर जगह पेड़ पोधे लगाये जाते हैं, और पर्यावरण से सम्बंधित बहुत से कार्य किये जाते हैं. जिसमे 5 जून का विशेष महत्त्व होता है.

सबसे जरूरी बात यह है कि आज हर मनुष्य को अपने स्तर पर पर्यावरण को संतुलित रखने के प्रयास करना चाहिए. क्योकि पर्यावरण प्रदूषण जैसी गंभीर समस्या से मुक्त होना, किसी एक समूह के बस की बात नहीं है. इस समस्या पर काबू किसी नियम या कनून को लागू करके नहीं पाया जा सकता. अगर हर कोई इसके दुषपरिणाम के बारे मे सोचे और अपनी आगे वाली पीढ़ी के बारे मे सोचे तो ही इससे निजात संभव है.

विश्व पर्यावरण दिवस 2018 का विषय (World Environment Day 2018 Theme in Hindi)

विश्व पर्यावरण दिवस हर साल एक विषय के अनुसार आयोजित किया जाता है, जो विशेष रूप से पर्यावरणीय चिंता पर ध्यान केन्द्रित करता है. इस साल का विश्व पर्यावरण दिवस का विषय “प्लास्टिक प्रदूषण को ख़त्म करना” है. इस साल का यह विषय सरकारों, उद्योगों, समुदायों और व्यक्तियों को एक साथ आने और प्लास्टिक के खतरे से लड़ने के लिए अच्छे विकल्पों का पता लगाने का आग्रह करता है. प्लास्टिक का उपयोग स्वास्थ्य के लिए खतरों से खाली नहीं है, एवं मुख्य रूप से यह समुद्र को दूषित करता है जोकि जल में रहने वाले जीवों के लिए हानिकारक है. इस साल के विषय को लाने का मुख्य उद्देश्य इससे फैलने वाले प्रदूषण को कम करना है.

प्लास्टिक प्रदूषण क्या है ? (What is Plastic Pollution, World Environment Day Theme)

दरअसल मुख्य रूप से, कूड़ेदान और असुरक्षित डिस्पोजल के कारण प्लास्टिक प्रदूषण, आजकल की प्रमुख पर्यावरणीय चिंता है. हमें इस चिंता का एहसास होना चाहिए और प्लास्टिक का उपयोग कम करने, पुनः उपयोग करने एवं प्लास्टिक के रीसायकल की प्रक्रिया को अपना कर, प्लास्टिक फेंकने के अपने व्यवहार को बदलने के तरीके के माध्यम से प्लास्टिक का उपयोग कम करने के सामूहिक प्रयास हमें करने चाहिए.

प्लास्टिक के कई मूल्यवान उपयोग हैं, जिसके चलते हम इसका उपयोग करने के लिए निर्भर हो गए हैं. इसके कुछ तथ्य इस प्रकार हैं-

  • दुनिया भर में, हर मिनिट 1 मिलियन प्लास्टिक की बोतलें खरीदी जाती है. यहाँ तक कि हर साल 500 बिलियन से भी अधिक प्लास्टिक बैग का उपयोग जनता द्वारा किया जाता है.
  • यदि तुलना की जाए तो पिछले कुछ दशकों में, पहले के मुताबिक अत्यधिक प्लास्टिक थैलियों का उत्पादन किया जाने लगा है. कुल मिलाकर, हमारे द्वारा उपयोग किये जाने वाले प्लास्टिक का 50 प्रतिशत एकल उपयोग है. प्लास्टिक हमारे द्वारा उत्पन्न सभी अपशिष्ट का 10% बनाता है.
  • प्रतिवर्ष 13 मिलियन टन तक प्लास्टिक डिस्पोजल एवं थैलियों का महासागरों में रिसाव किया जाता है, जिससे समुद्री जीवों को परेशनी होती है. महासागरों में इतनी प्लास्टिक जमा होती है, कि वह एक वर्ष में पृथ्वी को चार बार घेर सकती है.
  • प्लास्टिक में कई ऐसे रसायन होते हैं, जिनमें से कई विषाक्त या बाधित हार्मोन होते हैं. प्लास्टिक डायओक्सिन, धातुओं और कीटनाशकों सहित अन्य प्रदूषकों के लिए चुंबक के रूप में भी काम कर सकता है.

यदि आप इसका दोबारा उपयोग नहीं कर सकते हैं तो आप इसका उपयोग ही न करें. यहाँ पर कुछ चीजों को बारे में बताया जा रहा है जिससे आप इसका उपयोग करने से बच सकते हैं –

  • आप अक्सर होटल में प्लास्टिक स्ट्रॉ का उपयोग करते हैं, जोकि इस्तेमाल न करना बेहतर साबित हो सकता है. अपने स्थानीय अधिकारियों को यह नियंत्रित करने के लिए दबाव डालते हुए उन्हें अपने शहर के कचरे का प्रबन्धन कैसे करें ये समझाये.
  • बाजार जाते वक्त अपने खुद के शॉपिंग बैग लेकर जावें, और खाद्य आपूर्तिकर्ताओं को यह दबाव डालें कि वे नॉन – प्लास्टिक पैकेजिंग का इस्तेमाल करें.
  • प्लास्टिक कटलरी का उपयोग ना करें, एवं अगली बार जब आप समुद्र तट पर चलने या टहलने के लिए जाते हैं तो वहाँ प्लास्टिक का उपयोग न करें.

इन्हीं सब विषयों को ध्यान में रखते हुए इस साल का विषय “प्लास्टिक प्रदूषण” रखा गया है.

विश्व पर्यावरण दिवस 2018 मेजबान देश (World Environment Day 2018 Host Country)

प्रतिवर्ष विश्व पर्यावरण दिवस मनाने के लिए कई देशों में से एक का चुनाव किया जाता है, जहाँ इस कर्यक्रम की व्यवस्था की जाती है. मेजबान देशों पर ध्यान केंद्रित करने से पर्यावरणीय चुनौतियों का सामना करने और उन्हें संबोधित करने के प्रयासों का समर्थन करने में मदद मिलती है. विश्व पर्यावरण दिवस 2018 का आयोजन भारत देश में किया जाना है, जोकि 5 जून को आयोजित किया जायेगा. 19 फरवरी को संयुक्त राष्ट्र और केन्द्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्रालय द्वारा यह घोषणा की गई, कि इस वर्ष 44 वें विश्व पर्यावरण दिवस कार्यक्रम के लिए भारत द्वारा मेजबानी की जाएगी. केन्द्रीय पर्यावरण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन और संयुक्त राष्ट्र के पर्यावरण प्रमुख एरिक सोहलम की उपस्थिति में इस पर हस्ताक्षर किये गये. इस मेजबानी के लिए भारत को चुनने के बारे में ट्वीट करते हुए, एरिक सोहलम ने कहा कि – ‘प्लास्टिक प्रदूषण कम करने पर भारत का नेतृत्व बहुत महत्वपूर्ण है”.

केन्द्रीय पर्यावरण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि भारत इस समारोह की मेजबानी करने के लिए उत्साहित होगा, क्योकि यह प्रकृति के साथ सह – अस्तित्व के लिए भारत की परम्परा रही है. उन्होंने यह भी कहा की भारत दुनिया को हरा भरा स्थान बनाने की दिशा में प्रतिबद्ध है. जब यह घोषणा की गई, तब से अब तक प्लास्टिक के कचरे से निपटने के लिए भारत के प्रयास प्रेरणादायक रहे हैं. साथ ही सरकार ने अधिक प्लास्टिक रीसाइक्लिंग संयंत्रों का निर्माण करने की योजना बनाई है. अफरोज शाह जैसे लोग मुंबई में समुद्री तटों की सफाई में महत्वपूर्ण भूमिया निभा चुके हैं, जहाँ प्लास्टिक कचरे की बड़ी मात्रा में गिरावट आई है. इससे यह उम्मीद की जा सकती है कि विश्व पर्यावरण दिवस 2018 समारोह की मेजबानी होने से भारत में प्लास्टिक अपशिष्ट का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित होगा.      

विश्व पर्यावरण दिवस के कुछ सुविचार (World Environment Day 2018 Quotes)

  1. पानी H2O है, जिसमें हाइड्रोजन 2 भाग़ और ऑक्सीजन 1 भाग है, लेकिन इसमें एक तीसरी चीज भी है जो इसे पानी बनाती है और कोई भी नहीं जानता कि वह क्या है.
  2. पृथ्वी हमारी माँ हैं, हमारे द्वारा हमारी माँ को नुकसान पहुँचाने के बावजूद भी वह हमें हमेशा के लिए प्यार करेगी.
  3. पर्यावरणीय रूप से अनुकूल कार, जल्द ही एक विकल्प बन जाएगी और साथ ही वह एक आवश्यकता भी बन जाएगी.
  4. स्पेसशिप अर्थ पर कोई यात्री नहीं है, हम सभी चालक दल हैं.
  5. प्रकृति हमारे लिए चित्रकारी कर रही है, जोकि हर दिन बाद अनंत सौन्दर्य की तस्वीरें दिखाती है.
  6. यह प्रदूषण नहीं जो पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहा है, यह हमारी हवा और पानी में अशुद्धता है जो इसे कर रही है.
  7. यह हमारा कर्तव्य है कि पर्यावरण की सुंदरता को सुक्षित रखें.
  8. पृथ्वी की एक त्वचा है जिसमे कई बीमारियाँ हैं, इन बिमारियों में से एक को मनुष्य कहा जाता है.
  9. यदि पाषाण युग से सभ्यता बढ़ी है, तो रद्दी कागज के युग से फिर से उभर सकती है.
  10. यह सूर्य नहीं है जो पौधों को मौत के लिए सुखाता है लेकिन वह आदमी है जो धीरे – धीरे पेड़ों को मार देता है.  

विश्व पर्यावरण दिवस पर नारे (World Environment Day 2018 Slogan)

  1. ग्लोबल वार्मिंग : हमारे पास एक समाधान है, प्रदूषण रोको.
  2. पर्यावरण बचाओ, जिससे आप अपने जीवन और भविष्य को बचा पाएंगे.
  3. मनुष्य की जरुरत के लिए दुनिया में क्षमता है, लेकिन मनुष्य के लालच के लिए नहीं.
  4. आज शुरू करो… कल सुरक्षित होगा. हमारी जलवायु को साफ करो.
  5. प्रदूषण रोकना सबसे अच्छा समाधान है.
  6. पर्यावरण हमारे लिए एक इनाम है, इसे साफ़ और सुरक्षित रखो.
  7. पर्यावरण सब कुछ है, इसे ख़राब मत करो.
  8. हरियाली को अपनाये, लेकिन बुरी आदतों को छोड़ दें.
  9. खुशनुमा मौसम लाने के लिए मिलकर काम करें.
  10. पौधों का नहीं खाने का उपभोग करो : पेड़ और जंगलों को मत काटो.
  11. पर्यावरण को अपना दुश्मन नहीं दोस्त बनाओं.
  12. पृथ्वी हमारा घर है, और पर्यावरण इसकी छत, दोनों को सुरक्षित रखो.
  13. हरियाली के साथ समझौता मत करो, यह पर्यावरण की आत्मा है.
  14. हरियाली एक प्राकृतिक दृश्य है, इसे हमेशा के लिए बनाये रखें.
  15. पर्यावरणीय स्वास्थ्य के खतरों को रोकने के लिए प्रतिदिन विश्व पर्यावरण दिवस मनाएं, और एक पेड़ लगायें. 

पर्यावरण की परिभाषा / पर्यावरण क्या है ? ( Environment Definition)

साधारण तौर पर सोचे तो पर्यावरण से तात्पर्य हमारे चारो ओर के वातावरण और उसमे निहित तत्वो और उसमे रहने वाले प्राणियों से है. हम अपने चारो ओर उपस्थित वायु, भूमि, जल, पशु पक्षी, पेड़ पौधे आदि को अपने पर्यावरण मे शामिल करते है.

ध्यान रखने योग्य बात यह है कि पर्यावरण (Environment) से तात्पर्य केवल हमारे आस पास के भौतिक पर्यावरण से नहीं है, बल्कि हमारा सामाजिक (social) और व्यवहारिक (cultural) वातावरण भी इसमे शामिल है. मानव के आस पास उपस्थित सोश्ल, कल्चरल, एकोनोमिकल, बायोलॉजिकल, और फ़िज़िकल आदि सभी तत्व जो मानव को प्रभावित करते है, उसके पर्यावरण मे शामिल होते है.

पर्यावरण प्रदुषण के प्रकार
  • जल प्रदुषण
  • थल प्रदुषण
  • वायु प्रदुषण
  • ध्वनी प्रदुषण
पर्यावरण प्रदुषण के कारण
  • कारखानों से निकलने वाला धुँआ
  • नदी-तालाब में गन्दा पानी डालना
  • घर-उद्योग की गन्दगी को खुले में फेंकना
  • तेज आवाज में लाउडस्पीकर बजाना
पर्यावरण रोकने के उपाय
  • जनसँख्या नियंत्रण
  • कारखानों का शहर से दूर होना व चिमनी की ऊंचाई बढ़ाना
  • दो पहिया वाहनों में अच्छा आयल डालें, जिससे वे काला धुँआ न छोड़े
  • वृक्षारोपण अधिक करें
  • कचरा को उसके डब्बे में ही डालें

पर्यावरण प्रदूषण के कारण ( Environment Pollution Cause)

देखा जाए तो पर्यावरण प्रदूषण के कई कारण है. हमारे द्वारा की गयी छोटी छोटी बिना सोचे समझे की जाने वाली हरकते पर्यावरण प्रदूषण का कारण हो सकती है. हम यहाँ कुछ मुख्य गतिविधियो पर प्रकाश डाल रहे है.

  • इंडस्ट्रियल एक्टिविटी : इंडस्ट्रियल एक्टिविटी मतलब मानव द्वारा निर्मित इंडस्ट्रीज़ (फैक्ट्री) से निकलने वाले अवशेष हमारे पर्यावरण को प्रदूषित करते है. परंतु यह भी संभव नहीं है कि इस विकास की दौड़ मे हम अपने पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए अपने विकास को नजर अंदाज कर दे. पर हम कुछ बातो का ध्यान रखकर अपने पर्यावरण को ज्यादा हानी से बचा सकते है. कारखानो की चिमनिया ऊची लगवाकर हम वायु प्रदूषण से भी बच कर सकते है और भी कई मानक है जो की कारखानो के लिए तय किए गए है, उन्हे फॉलो करके पर्यावरण प्रदूषण को काफी हद तक काबू किया जा सकता है. परंतु अगर कोई भी लापरवाही यदि किसी कारखाने द्वारा की जाती है तो इसके भयावह परिणाम सामने आते है, भोपाल गैस त्रासदी इसका ही उदाहरण है.
  • वाहनो के धुए से होने वाला प्रदूषण : आज कल घर मे जितने सदस्य होते है, उससे ज्यादा वाहन घर मे उपस्थित रहते है. घर का छोटा बच्चा भी साइकल के अलावा गाड़ी चलाना पसंद करता है. आज कल के जमाने मे अगर कोई पैदल चलता हुआ सड़क पर दिख जाए तो लोग आश्चर्य की दृष्टि से उसे देखते है. सेहत को सही रखने के डर से मॉर्निंग वॉक पर तो लोग जाते है परंतु अगर उन्ही लोगो को यदि पैदल ऑफिस जाने को कहे, तो वे कभी तैयार नहीं होंगे. ऐसे लोगो को मैं कहना चहुंगी कि अपनी सेहत के साथ साथ पर्यावरण की सेहत का ध्यान रखना भी आपका ही कर्तव्य है. अगर आप पैदल नहीं चल सकते तो कम से कम इस बात का तो ध्यान रखे, कि अपने वाहनो मे क्लीन ईंधन का इस्तेमाल करे ताकि कम धुआ निकले और पर्यावरण कम प्रदूषित हो.
  • शहरी कारण और आधुनिकरण : शहरीकरण और आधुनिकरण पर्यावरण प्रदूषण के मुख्य कारण है. मनुष्य का अपनी सुख सुविधाओ की होड मे पर्यावरण को नजर अंदाज करना आम हो गया है. मनुष्य बिना सोचे समझे ही पेड़ो की कटाई कर रहा है. इसका एक उदाहरण मेरे ही शहर मे देखने को मिला, जब यहा उपस्थित अधिकारियों ने शहर को सुंदर बनाने के लिए हरे भरे बगीचे उजाड़ दिये थे और शहर की पहचान बन चुके पेड़ो को बिना सोचे समझे काट दिया. परंतु वे शायद ये भूल जाते है कि हमारा जीवन जीने के लिए आवश्यक वायु इन्ही पेड़ो से मिलती है. छोटे छोटे पेड़ो के साथ साथ बड़े बड़े जंगलो का कटना भी आज कल आम बात है, परंतु जंगलो को काटने वाले भूल जाते ही की जंगलो की कटाई के साथ साथ वे कई जीवो का आवास झीन लेते है.
  • जनसंख्या घनत्व : बढती हुई आबादी भी पर्यावरण प्रदूषण का मुख्य कारण है. जिस देश मे जनसंख्या लगातार बढ रही है, वह रहने खाने की की समस्या भी लगातार बढ़ रही है. और अपनी सुख सुविधाओ के लिए मानव पर्यावरण को कोई महत्त्व नहीं देता, परंतु वह यह भूल जाता है कि बिना पर्यावरण के उसकी सुख सुविधाए कुछ समय के लिए ही है.

पर्यावरण  संरक्षण उपाय (Paryavaran sanrakshan Upay) 

वैसे तो ऐसी कोई तेज़ तकनीक नहीं है, जिससे कि पर्यावरण प्रदूषण पर तुरंत काबू पाया जा सके. परंतु मनुष्य अपने छोटे छोटे प्रयासो से इस समस्या को कम जरूर कर सकता है. यहा हम कुछ बाते बताना चाहेंगे जिनका खयाल रखकर शायद पर्यावरण प्रदूषण पर काबू पाया जा सकता है.

  • आज तक जो कारखाने स्थापित हो चुके है, उन्हे उठाकर कही और शिफ्ट करना तो संभव नहीं है, परंतु अब सरकार को यह ध्यान रखना जरूरी है कि जो नये कारखाने खुले वो शहर से दूर हो. उनके द्वारा किया गया प्रदूषण शहर की जनता को प्रभावित न करे.
  • मनुष्य को जितना हो सके अपने द्वारा किए गए प्रदूषण पर काबू पाना चाहिए, जैसे जहा संभव हो वाहनो का उपयोग कम करे पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करके भी इस समस्या को कम करने मे कुछ योगदान किया जा सकता है. हमारे वैज्ञानिको को भी इस हानिकारक धुए पर कैसे काबू पाया जाए, इस दिशा मे विचार करना चाहिए.
  • जंगलो की कटाई पर कड़ी सजा दी जानी चाहिए तथा नये पेड़ो को लगाए जाने वाले व्यक्ति को रिवार्ड देना चाहिए.
  • कारखानो के हानिकारक पदार्थ को रिफ्रेश करके उसे किया जा सकता है, तो ईएसए करना चाहिए.

पर्यावरण पर कविता  (Environment Poem)

पेड़ काटने वाले काट गए
क्या सोचा था एक पल को
वो किसी ,परिंदे का घर उजाड़ गये
क्या सोचा था एक पल को
वो धरती की मजबूत पकड़ उखाड़ गये
कितने ही एकड़ को, वो बंजर बना गए
मौसम का मंजर, एक पल में हिला गये
न करो पर्यावरण का निरादर,
ये धरती का अपमान हैं
हर एक पेड़ पौधा और जिव जंतु,
इस धरती का सम्मान हैं
अगर करोगे खिलवाड़ संतुलन से,
तो भविष्य में सिर्फ गहरा अंधकार हैं

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Sneha

Sneha

स्नेहा दीपावली वेबसाइट की लेखिका है| जिनकी रूचि हिंदी भाषा मे है| यह दीपावली के लिए कई विषयों मे लिखती है|
Sneha

5 comments

  1. Nice assay
    Covered all the point…

  2. पर्यावरण संबंधी विस्तारीत जानकारी के लिए आपका बहोत बहोत धन्यवाद!!.

  3. भ्रष्टाचार में डूब रहा माना घर हमार
    घाटों पर डूबा नहीं कोई भी लाचार |
    त्रिवेणी में ही दिखा भक्ति -भाव अपार
    हर-हर गंगे का उद्घोष जाये न बेकार|

  4. “पर्यावरण प्रदूषण से मुक्ति मिले”
    सभी दिवस पृथ्वी दिवस मनाएंगे
    वायुमंडल पौद्योगिकी के बारे में बताएँगे |
    समुद्र विज्ञान का इतिहास सिखाएंगे
    संगोष्ठी-काव्यगोष्ठी की कार्यशाला चलाएंगे |
    पौद्योगिकी परिषद में प्रशिक्षण हो
    भारत के इतिहास औ उपलब्धियों को दर्शाएंगे |
    जागरूकता गांव तालुका मुख्यालय पर
    भू- विज्ञान के बारे में ज्ञान और सूचना दिखलायेंगे |
    वायुमंडल शुद्ध हो अनुसंधान और विकास
    पर्यावरण प्रदूषण से मुक्ति मिले ‘मंगल ‘कह जाएंगे ||

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