Guru Purnima 2020 Date /Timing: इस दिन मनाई जाएगी गुरु पूर्णिमा, जानें शुभ मुहूर्त और कथा, महत्व

देव शयनी ग्यारस के साथ ही हिंदू धर्म में त्योहारों का ताता शुरू हो जाता है इसी दिशा में अगला त्योहार गुरु पूर्णिमा के रूप में मनाया जाने वाला है।भारत देश के त्योहारों में गुरु पूर्णिमा का एक विशेष महत्व है। हिंदू धर्म सिख धर्म इन दोनों ही धर्मों में गुरु का एक अलग ही स्थान है, गुरु को सबसे ऊपर माना जाता है जोकि अंधकार को प्रकाश में बदलने की शक्ति रखता है।

इस वर्ष महामारी के कारण सभी त्योहारों को घर में बैठकर परिवारजनों के साथ ही मिलकर मनाया गया उसी तरह अब गुरु पूर्णिमा को भी घर में रहकर ही मनाना सही रहेगा क्योंकि अभी भी महामारी का प्रकोप अपनी जगह है पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी गुरु पूर्णिमा के दिन चंद्र ग्रहण होना है इस तरह से इस दिन का महत्व और अधिक बढ़ता चला जा रहा है आइए जानते हैं गुरु पूर्णिमा से जुड़ी कई कहानियों के बारे में।

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गुरु पूर्णिमा का आध्यात्मिक महत्व

गुरु पूर्णिमा के दिन महर्षि वेदव्यास का जन्म हुआ था महर्षि वेदव्यास नहीं महाभारत जैसे महाकाव्य की रचना की थी इसके साथ ही सभी अठारह पुराणों की रचना भी गुरु वेद व्यास द्वारा ही की गई इसलिए इस दिन को व्यास पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है।

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क्यों मनाई जाती है गुरु पूर्णिमा

मनुष्य और गुरु का एक अटूट संबंध है। मनुष्य जीवन में गुरू को देव स्थान प्राप्त है गुरु के सम्मान और सत्कार के लिए ही इस दिन गुरु पूर्णिमा मनाई जाती है।

हिंदू धर्म के अनुसार भगवान वेद व्यास जी का जन्म आषाढ़ माह की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को हुआ था जिसे आज के समय में गुरु पूर्णिमा के त्यौहार के रूप में मनाया जाता है।

हिंदू देश में भगवान के ऊपर गुरु का महत्व बताया गया है क्योंकि भगवान का हमारे जीवन में महत्व ही हमें गुरु के द्वारा प्राप्त हुआ है। यह माना जाता है कि अच्छे बुरे संस्कारों धर्म अधर्म आदि का ज्ञान पूरे विश्व में गुरु के द्वारा ही अपने शिष्यों को दिया जाता है।

इसी उद्देश्य को पूरा करते हुए गुरु पूर्णिमा का त्यौहार मनाया जाता हैऔर इस दिन पूरी श्रद्धा के साथ गुरु की उपासना की जाती है।

हिंदू धर्म में यह मान्यता है कि मनुष्य को अपने जीवन में एक गुरु बनाना चाहिए।जिसके अंतर्गत गुरु की दीक्षा ली जाती है और गुरु द्वारा कहे गए आचरण का पालन किया जाता है माना जाता है कि इससे उस मनुष्य को जीवन में मार्गदर्शन प्राप्त होता है और उसके जीवन के कष्ट काम होते हैं और उसे जीवन की एक उचित राह मिलती है इस तरह उसका जीवन खुशहाल हो जाता है।

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गुरु पूर्णिमा कब मनाई जाती है

प्रतिवर्ष गुरु पूर्णिमा आषाढ़ मास शुक्ल पक्ष पूर्णिमा के दिन मनाई जाती है। ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार यहां प्रतिवर्ष जुलाई अथवा अगस्त माह में मनाई जाती है। वर्ष 2020 में यह 5 जुलाई को मनाई जाएगी।

गुरु पूर्णिमा वर्ष 2020 तिथि एवं शुभ मुहूर्त क्या है

  1. वर्ष 2000 में गुरु पूर्णिमा 5 जुलाई को मनाई जानी है परंतु इसकी शुरुआत 4 जुलाई को सुबह 11:33 से हो जाएगी जो कि 5 जुलाई 2020 को सुबह 10:13 तक रहेगी।
  2. इस तरह से कई स्थानों पर गुरु पूर्णिमा 4 जुलाई एवं कई स्थानों पर गुरु पूर्णिमा 5 जुलाई को मनाई जाएगी।
  3. हिंदू रीति रिवाज के हिसाब से उदया तिथि को महत्व दिया जाता है इसीलिए 5 जुलाई को गुरु पूर्णिमा ज्यादा से ज्यादा क्षेत्रों में मनाई जाएगी।

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गुरु पूर्णिमा कैसे मनाई जाती है

  1. गुरु पूर्णिमा के दिन जल्दी उठकर स्नान कर स्वच्छ कपड़ों का धारण किया जाता है।
  2. मंदिर अथवा घरों में बैठकर गुरु की उपासना की जाती है।
  3. गुरु के पूजन हेतु कई लोग उनकी फोटो के सामने पाठ पूजा करते हैं कई लोग ध्यान मुद्रा में रहकर गुरु मंत्र का जाप करते हैं।
  4. सिख समाज के लोग इस दिन गुरुद्वारे जाकर कीर्तन एवं पाठ पूजा करते हैं।
  5. गुरु पूर्णिमा के दिन कई लोग उपवास भी रखते हैं जिसमें एक वक्त भोजन एवं एक वक्त फलाहार आदि का नियम का पालन किया जाता है।
  6. गुरु पूर्णिमा के दिन दान दक्षिणा का आयोजन भी किया जाता है।
  7. खास तौर पर गुरु का सम्मान कर उनका पूजन करने की प्रथा है।

वर्ष 2020 की गुरु पूर्णिमा में क्या विशेष है

वर्ष 2020 को गुरु पूर्णिमा के दिन ही चंद्रग्रहण है। जिसकी शुरुआत मंगलवार की रात 1:33 पर होनी है। चंद्रग्रहण के घट यानी कि सूतक की शुरुआत 4 जुलाई शाम को 4:00 बजे से हो जाएगी जिस कारण गुरु पूर्णिमा की सारी पूजा शाम को 4:00 बजे से पहले करनी होगी क्योंकि चंद्र ग्रहण के समय किसी भी तरह का पूजन पाठ का कार्य नहीं किया जाता।

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भारत देश त्योहारों का देश है इस देश में विभिन्न प्रकार के त्योहार मनाए जाते हैं एवं सभी लोगों के लिए त्योहारों का एक विशेष दिन रखा गया है जैसे भाई बहनों के त्योहारों के लिए रक्षाबंधन, माता पुत्र के प्रेम है हर छठ पूजा,पति पत्नी के लिए करवा चौथ आदि का व्रत रखा गया है उसी तरह इस देश में शिष्य एवं गुरु के लिए गुरु पूर्णिमा का विशेष स्थान है।

Guru Purnima 2020 FAQ In Hindi

गुरु पूर्णिमा के दिन किस महर्षि का जन्म हुआ था?

गुरु वेद व्यास जिन्होंने महाभारत की रचना की थी

गुरु पूर्णिमा को और किस नाम से जाना जाता है?

व्यास पूर्णिमा

हिंदू मान्यता के अनुसार गुरु पूर्णिमा किस दिन मनाई जाती है

आषाढ़ मास शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा के दिन

वर्ष 2020 में गुरु पूर्णिमा कब आ रही है

5 जुलाई

गुरु पूर्णिमा कब मनाई जाती है

अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार यह जुलाई अथवा अगस्त माह में मनाई जाती है

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Karnika

कर्णिका दीपावली की एडिटर हैं इनकी रूचि हिंदी भाषा में हैं| यह दीपावली के लिए बहुत से विषयों पर लिखती हैं |यह दीपावली की SEO एक्सपर्ट हैं,इनके प्रयासों के कारण दीपावली एक सफल हिंदी वेबसाइट बनी हैं
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