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नरेन्द्र मोदी का जीवन परिचय | Narendra Modi Biography in hindi

नरेन्द्र मोदी का जीवन परिचय | Narendra modi Biography in hindi

देश के वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कारण देश में जो परिवर्तन आये हैं वो ना केवल अभी बल्कि आने वाले कई वर्षों तक राजनीति में चर्चा का विषय रहने वाले हैं. मोदी वो पहले प्रधानमन्त्री हैं जो स्वतन्त्रता के बाद पैदा हुए है. भारत के लोकतंत्र में एक इतिहास रचते हुए मोदी ने लोकसभा चुनावों 2014 मे जीत हासिल कर सत्ता परिवर्तित की, वो भी लंबे समय तक कूटनीतिक और राजनीतिक विश्लेषकों के लिए एक बहुत अच्छा विषय रहेगा. नरेंद्र मोदी ने प्रधानमन्त्री बनने से पहले एक सफल मुख्यमंत्री के रूप में जो गुजरात मॉडल पेश किया, उससे पूरे देश की जनता की उनसे उम्मीदें बढ़ गई. और अब नरेंद्र मोदी अपने गुजरात मॉडल को ही पूरे देश में भी साकार करना चाहते हैं. नरेंद्र मोदी एक विनम्र परिवेश में बड़े हुए हैं, इसलिए वो बहुत मेहनती और कर्तव्यनिष्ठ हैं. और पहले गुजरात के मुख्यमंत्री के बाद तो पिछले कुछ वर्षों में मोदी ने अपनी कट्टर हिंदुत्व-वादी छवि से उभरकर एक कुशल प्रशासक के रूप में सामने आये हैं.

नरेन्द्र मोदी

नरेन्द्र मोदी का जीवन परिचय | Narendra Modi Biography in hindi

नाम (Name) नरेन्द्र मोदी
पूरा नाम (Complete name) नरेंद्र दामोदरदास मोदी
जन्म (Birth date ) 17 सितम्बर 1950
जन्म स्थल (Birth place) वडनगर,बोम्बे स्टेट,जोधपुर
धर्म (Religion) हिन्दू
पिताजी (Father) दामोदर दस मूलचंद मोदी
माताजी (Mother) हीराबेन
भाई (Brother) सोमा:सेवानिवृत स्वास्थ अधिकारी, अभी वृद्धाआश्रम चलाते हैं

प्रह्लाद: अहमदाबाद में एक बड़ी दुकान चलते है.

पंकज मोदी :सूचना विभाग में कम करते हैं

निवास स्थान (Residence) गांधीनगर,गुजरात
विवाह(Marriage) जसोदा बेन पत्नी का नाम है लेकिन साथ नहीं रहते हैं.
टीनऐज (Tean age) नरेन्द्र मोदी और उनके भाई चाय की दूकान चलाते हैं.
स्कूल(School) वाडनगर से स्कूली शिक्षा
कॉलेज (College) गुजरात यूनिवर्सिटी
कार्य (Profession) मई 2014 से भारत के प्रधानमंत्री और गुजरात के पूर्व-मुख्यमंत्री
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (Rashtriya Svyam sevak sangh) मोदी की छवि में राष्ट्रिय स्वयं सेवक का प्रभाव देखा जाता है,जिस कारण वो देस-विदेश में कई बार विवाद वश रह चूका है
राजनीतिक जीवन की शुरुआत (Initiation of the Political carrier) नागपुर में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की ट्रेनिंग पूरी करने के बाद मोदी को गुजरात क्षेत्र में बीजेपी के छात्र संघठन एबीवीपी की जिम्मेदारी सौंपी गई.
राजनीतिक पार्टी (Political party) भारतीय जनता पार्टी
निर्वाचन क्षेत्र (Constituency) मणिनगर
इनसे पूर्व मुख्यमंत्री थे (Preceded by) केशु भाई पटेल
बीजेपी में राष्ट्रीय स्तर पर मिला पहला पद (General Secretary of the BJP) महामंत्री
बीजेपी में राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद (General Secretary of the BJP) 1998 में
पहली बार गुजरात के मुख्यंत्री (First Term as Chief Minister of Gujarat (2001-02) 2001 में केशुभाई पटेल को हटाकर मोदी को पहली बार मुख्यमंत्री पद दिया गया.
पहले कार्यकाल में विवाद(controversy during first term) 2002 में गोधरा काण्ड और गुजरात हिंसा के कारण मोदी बहुत बड़े विवाद में उलझ गए थे.
2002 में चुनाव में जीत (Modi win in Elections of 2002) कुल 182 सीट्स में से 127 सीट पर बीजेपी की जीत हुई
दुसरे कार्यकाल में मोदी (Second Term as Chief Minister of Gujarat (2002-07) 2002- से 2007 के अपने दुसरे कार्यकाल में मोदी ने अपना पूरा ध्यान हिंदुत्व से हटाकर आर्थिक विकास पर लगा दिया. और उनके आलोचकों की संख्या भी बढ़ गयी.
2007-2008 के चुनाव (Elections in 200

7-2008)

जल की कमी की समस्या चलते भी मोदी ने 2007 के चुनावों में मोदी ने 182 में से 122 सीट्स पर जीत दर्ज की
तीसरा कार्यकाल में मोदी (Third Term as Chief Minister of Gujarat (2002-07) मोदी ने गुजरात में तीसरी बार मुख्यमंत्री के रूप में कृषि के क्षेत्र में विकास कार्य किए और भूमिगत जल सम्बन्धित एक प्रोजेक्ट को भी सफल बनाया 
सदभावना मिशन Sadbhavana Mission इस मिशन से मोदी ने मुस्लिम वर्ग में अपनी जगह बनाई
चौथी बार गुजरात में मुख्यमंत्री मोदी (Fourth Term as Chief Minister of Gujarat (2012-present) मोदी ने इस बार गुजरात में 182 में  से 115 जीत दिलाकर पूरे देश को आश्चर्यचकित कर दिया था
राष्ट्रीय राजनीति में मोदी Role in National Politics मोदी को बीजेपी के केन्द्रीय चुनाव अभियान आयोग का अध्यक्ष बनाया गया. और उन्हें आगामी प्रधानमंत्री के रूप में प्रोजेक्ट किया
प्रधानमन्त्री पद के उम्मीदवार (Prime Ministerial Candidate) बीजेपी ने मोदी की लोकप्रियता को भुनाने के लिए उन्हें प्रधानमन्त्री पद के रूप में पेश किया और 2014 के पोल्स में मोदी को ही चुना गया.
भारत के प्रधानमन्त्री मोदी As the Prime Minister of India 26 मई 2014 को  भारत के प्रधानमंत्री के पद के लिए नरेंद्र मोदी ने  शपथ ली
अवार्ड् (Awards) “कंप्यूटर सोसाइटी” ने नरेंद्र मोदी को ई-रतन अवार्ड दिया.

श्री पूना गुजराती बंधु समाज के शब्ताब्दी समारोह में नरेंद्र मोदी को गुजरात रत्न से सम्मानित किया गया.

एफडीआई मैगज़ीन ने नरेंद्र मोदी को “एफडीआई पर्सनालिटी ऑफ़ दी ईयर” का एशियन विनर घोषित किया गया.

नरेंद्र मोदी :जन्म और परिवार (Narendra modi Birth and family)

1950 में गुजरात के मेहसाना जिले के एक कस्बे वडनगर में नरेंद्र मोदी का जन्म हुआ था. मोदी का जन्मदिन 17 सितम्बर हैं. दामोदर दास मूलचंद मोदी  और हीराबेन मोदी के तीसरे पुत्र नरेंद्र मोदी हैं

मोदी के एक भाई का नाम सोमा हैं जो कि सेवानिवृत स्वास्थ अधिकारी हैं और अभी वृद्धाश्रम का संचालन करते हैं, दूसरे भाई प्रह्लाद हैं, जिनकी अहमदाबाद में एक बड़ी दुकान है, और एक अन्य भाई पंकज मोदी अभी सूचना विभाग में काम करते हैं. मोदी की बहन का नाम वसन्तिबेन हंसमुखलाल मोदी हैं.

मोदी का विवाह 18 वर्ष की आयु में जसोदा बेन के साथ हो गया था, लेकिन दोनों ज्यादा समय तक साथ नहीं रहे,और अलग हो गए. और चुनावों के दौरान इस मुद्दे को विपक्षी पार्टीयां जनता के सामने लेकर आई थी.   

नरेंद मोदी की शिक्षा (Education of Narendra modi)

मोदी का बचपन बहुत ही संघर्ष और कठिनाइयों में गुजारा था. उनकी प्रारम्भिक शिक्षा वडनगर में हुई थी, जहाँ के शिक्षकों का कहना हैं कि मोदी पढने में सामान्य थे, लेकिन वाद-विवाद में उनकी रूचि थी. मोदी उस समय अपने भाई सोमा के साथ मिलकर चाय बेचते थे. मोदी के बचपन में चाय बेचने की बात चुनावों में कई बार हुई थी, मोदी ने खुद अपने चुनावी रैलियों में ये बात जनता के समक्ष राखी थी.

1967 में वडनगर में अपनी स्कूल की शिक्षा पूरी करके मोदी ने घर छोड़ दिया और ऋषिकेश, हिमालय,रामकृष्ण मिशन और उत्तर-पूर्व भारत के विभिन्न राज्यों की संस्कृति, को देखा और समझने की कोशिश की.  4 साल बाद 1971 में मोदी जब भारत भ्रमण कर गुजरात लौटे, तो वो अहमदाबाद में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ में प्रचारक बन गए. 1978 में पत्राचार से मोदी ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से राजनीति विज्ञान में ग्रेजुएशन की और 1983 में गुजरात यूनिवर्सिटी से राजनीति विज्ञान में ही मास्टर्स की डिग्री हासिल की.

मोदी का शुरूआती राजनैतिक जीवन (Initial political life)

नरेंद्र मोदी के प्रारम्भिक जीवन में ही राजनीतिक दिशा तय हो गयी थी, जब उन्होंने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ जॉइन किया था. 1960 में भारत-पाकिस्तान के युद्ध के समय वो अकेले ऐसे बच्चे थे, जो कि रेलवे स्टेशन पर जवानों को अपनी सेवाए देते थे.

फिर युवावस्था में उन्होंने अखिल भारतीय विधार्थी परिषद को जॉइन कर लिया. अपना पूरा समय उन्हें देने के बाद उन्हें बीजेपी के प्रतिनिधि के तौर पर चुन लिया गया. शंकर लाल वाघेला के साथ मिलकर मोदी ने गुजरात में  बीजेपी के लिए एक आधार तैयार किया था.

अप्रैल 1990 में पार्टी को देश में राजनीतिक पहचान मिलनी शुरू हुयी थी, जिसके बाद 1995 में गुजरात में बीजेपी सत्ता में आई. इस दौरान मोदी को सोमनाथ से लेकर अयोध्या तक की रथ यात्रा की जिम्मेदारी सौंपी गई और इसी तरह कन्याकुमारी से लेकर कश्मीर तक की यात्रा में भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.

राष्ट्रीय स्तर पर इमरजेंसी के दौरान भी मोदी ने मुरली मनोहर जोशी की एकात्म यात्रा में भी अपना योगदान दिया था,और अपनी राज्य में होने वाले 1995 में चुनावी रणनीति से सभी को प्रभावित भी किया.

बीजेपी ने जैसे ही जीत हासिल की मोदी को पार्टी का महामंत्री भी बना दिया. और इस तरह कर्तव्यनिष्ठ और ईमानदार सेवक नयी दिल्ली पहुँच गए, जहाँ उन्हें हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में पार्टी की गतिविधियों की जिम्मेदारी भी मिल गयी.

जुलाई 2007 में वो गुजरात के इतिहास में लगातार सबसे ज्यादा  समय तक मुख्यमंत्री पद पर रहने वाले मुख्यमंत्री बन गए. 2012 में गुजरात के विधान साभा चुनावों में मोदी अपने मणिनगर चुनाव-क्षेत्र में कोंग्रेस के सामने 86,373 के वोटों के साथ जीते. बीजेपी ने 182 में से 115 सीट हासिल की और गुजरात में अपनी सरकार बनाई. यह नरेंद्र मोदी का मुख्य मंत्री बनना 4th बार था. इसके बाद के आगामी वर्ष में वो बीजेपी पार्लियामेंट्री बोर्ड  के सदस्य बना दिए गए जो पार्टी की सबसे बड़े निर्णय लेने वाला भाग था. वो पार्टी के सेंट्रल इलेक्शन कमिटी में सदस्य के रूप में भी नामांकित किये गए

पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री बनना (First Stint as Chief Minister of Gujarat- 2001 to 2002)

7 अक्टूबर 2001 को मोदी को गुजरात का पहला मुख्यमंत्री बनाया गया. उन्हें 2002 के चुनावों की तैयारी की जिम्मेदारी दी गई मोदी ने उस समय छोटे सरकारी संस्थाओं के विकास पर काम किया

शंकर सिंह वाघेला के बीजेपी छोड़ने के बाद पार्टी ने केशु भाई पटेल को मुख्यमंत्री बनाया और तब मोदी को दिल्ली भेज दिया गया. लेकिन 2001 में भुज में आए भूकम्प के प्रभाव को संभालने के लिए बीजेपी को गुजरात में मुख्यमंत्री  पद के लिए नए उम्मीदवार की जरूरत महसूस हुयी.

केशु भाई पटेल को हतकार 2001 में मोदी को गुजरात का मुख्यमंत्री बनाया गया,तब मोदी के पास कोई तरह का प्राशासनिक अनुभव नहीं था. हालांकि शुरू में पार्टी उन्हें मुख्यमंत्री नहीं बनाना चाहती थी बल्कि उन्हें उप-मुख्यमंत्री का पद देना चाहती थी,जिसके लिए मोदी ने मना कर दिया. मोदी ने तब आडवानी और तत्कालीन प्रधान मंत्री अटल-बिहारी वाजपेयी को पत्र लिखकर ये कहा कि वो या तो गुजरात की पूरी जिम्मेदारी संभालेंगे या फिर बिलकुल नहीं.

2002 गुजरात दंगे (2002 Gujarat violence)

27 फरवरी 2002 से गुजरात में साम्प्रदायिक हिंसा भडक गयी, जिसमे गोधरा के पास ट्रेन में तीर्थ-यात्रा को  जा रहे, ज्यादातर हिन्दू यात्री जिनकी संख्या लगभग 58 थी, वो मारे गए. जिसके कारण राज्य में एंटी-मुस्लिम हिंसा शुरू हो गई और ये हिंसा गोधरा से शुरू होकर पूरे राज्य में फ़ैल गई. इसके कारण लगभग 900 से 2000 तक लोग मारे गए. नरेंद्र मोदी की गुजरात सरकार ने हिंसा पर काबू पाने के लिए कई शहरों में कर्फ्यू लगा दिया.

मानव अधिकार आयोग,मीडिया और विपक्षी पार्टियों ने मोदी सरकार के खिलाफ घेराबंदी शुरू कर दी. इसके लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा 2009 में एक विशेष इन्वेस्टीगेशन टीम (SIT) भी बनाई गई .

SIT ने 2010 में ये रिपोर्ट पेश की कि मोदी के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिले हैं. हालांकि जुलाई 2013 में SIT पर सबूत छुपाने के आरोप भी लगे.

उन दिनों बीजेपी पर लगातार मोदी को हटाने या उनके इस्तीफे की मांग का दबाव बनता रहा, लेकिन अगले चुनावों में बीजेपी को 182 में से मिली 127 सीट्स की जीत से मोदी के सभी आलोचकों का मुंह बंद हो गया, और ये भी तय हो गया कि मोदी जनता में अब भी उतने ही प्रिय हैं,और गुजरात की जनता विकास को ही चुनती हैं. 

मोदी का मुख्यमंत्री के रूप में दूसरा चरण (2002 से 2007 तक) (Second Phase of CM Modi)

मुख्यमंत्री के रूप में अपने दुसरे कार्यकाल में मोदी ने गुजरात के आर्थिक विकास पर ध्यान दिया जिसके कारण गुजरात राज्य देश में बड़े उद्यमियों के लिए इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन बन गया.

मोदी ने राज्य के तकनीक और वित्तीय पार्क स्थापित किए. 2007 में हुए वाइब्रेंट गुजरातसमिट में 6600 बिलियन की रियल एस्टेट इन्वेटमेंट डील साइन की गयी.

जुलाई 2007 में मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में लगातार 2063 दिन पूरे कर लिए, जो कि गुजरात के मुख्य मंत्री पद पर बने रहने का किसी भी मुख्यमंत्री के लिए सबसे लम्बा रिकॉर्ड था.

मुश्किल समय (taking tough calls)

मोदी का मुश्किल समय तब शुरू हो गया जब उन्हें गांधीनगर के 200 अवैध मंदिरों को ध्वस्त करने का निर्णय लिया, इससे विश्व हिन्दू परिषद से उनके विवाद हुआ. मोदी, मनमोहन सिंह के एंटी-टेरर कानून पर असहमत होने पर भी बोले थे. उन्होंने 2006 में मुंबई में हुए ब्लास्ट पर कठोर कानून बनाने को कहा, लेकिन केंद्र पर प्रभाव ना देखते हुए कुछ समय बाद उन्होंने फिर से केंद्र की सरकार के कानून और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल लगाये.

मुख्यमंत्री के रूप में तीसरा चरण (2007 से 2012) (Third Phase of CM Modi)

इन वर्षों में मोदी के नेतृत्व में राज्य ने कृषि आधारित विकास के नए आयाम स्थापित किए. कच्छ,सौराष्ट्र और अन्य उत्तरी क्षेत्रों में भूमिगत जल के सप्लाई सम्बन्धित प्रोजेक्ट्स के कारण ही यह संभव हो सका. पर्याप्त ऊर्जा की सप्लाई बढ़ाने के साथ कृषकों को फार्म उपलब्ध करवाने के प्रयास भी काफी सराहनीय थे.

2008 में इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में लगभग 5,00,000 स्ट्रक्चर के निर्माण कार्य हुए, जिनमे 1,13,738 रोधक बाँध थे. 2010 में 112 में से 60 तहसीलों में भूमिगत जल पहुंचाया गया. 2001 से लेकर 2007 तक गुजरात में एग्रीकल्चर ग्रोथ रेट लगभग 9.6 प्रतिशत तक बढ़ गयी थी ,जो कि भारत के सभी राज्यों में सबसे ज्यादा थी.

ग्रामीण क्षेत्रों में पॉवर सप्लाई में होने वाले मौलिक परिवर्तन ने कृषि के स्तर को सुधारने में बहुत मदद की. .

2011 के अंत और 2012 के शुरू में मोदी द्वारा आयोजित सद्भावना मिशन ने राज्य के मुस्लिम समुदाय पर सकारातमक प्रभाव डाला. वास्तव में मोदी ने समय की आवश्यकता को देखकर ये समझ लिया था कि ये मिशन गुजरात में शान्ति,एकता और सामंजस्य की स्थापना के लिए बहुत लाभकारी होगा.

मोदी तब भी केंद्र की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थे,और देश के मुद्दों पर अपनी राय बेबाकी से रखते थे. देश भर में उन दिनों होने वाले बम ब्लास्ट ने मोदी को भी विचलित कर दिया, लेकिन तब भी गुजरात की सुरक्षा,विकास और समृद्धि से मोदी का ध्यान एक पल के लिए भी नहीं हटा. नवम्बर 2008 में मुंबई अटैक के बाद मोदी ने गुजरात के समुद्री किनारों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया. यूपीए सरकार ने भी इस पर तत्काल एक्शन लिया और तटीय सुरक्षा के लिए निगरानी करने वाली 30 तेज़ स्पीड की नावों के निर्माण के बजट की अनुमति दे दी.  

चतुर्थ बार मुख्यमंत्री बनना (2012 से 2014) (4th time Modi as a chief minister)

मोदी मणिनगर के चुनाव क्षेत्र से 4th बार बहुत बड़े अंतर से जीते, हालांकि उनका  ये कार्यकाल सिर्फ 2 साल चला क्यूंकि, उसके बाद मोदी प्रधानमंत्री बन गए.  लेकिन इस कम समय में भी मोदी ने गुजरात में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए और समृद्ध राज्य के भविष्य की रूपरेखा निर्धारित की.

प्रधानमंत्री के चुनाव में उनकी मेहनत एवं उनकी जीत का लोगो पर प्रभाव

2014 में हुए लोक सभा के चुनावों में मोदी देश भर में  437 रैलियां आयोजित की,और देश के लगभग 3 लाख किलोमीटर हिस्से और 25 राज्यों को कवर किया. वो चुनाव पूरी तरह से मोदी पर आधारित था,और बीजेपी भी पूर्णत: मोदी पर निर्भर थी. मोदी ने इस दौरान कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए, जनता जिनसे सकारात्मक तरीके से प्रभावित हुई और बीजेपी को उम्मीद के विपरीत उन राज्यों में भी वोट पड़े जहाँ बीजेपी का कभी कोई आधार ही नहीं था. 15 सितम्बर 2013 से मोदी ने रैलियां शुरू की थी.

उनकी पहली रैली रेवारी में एक्स-सर्विसमैन की रैली थी. इनके आलावा मोदी ने देश के विभिन्न शहरों को जोड़ते हुए 1350 रैलियां थ्री डी टेक्नोलॉजी की भी की. केवल 1 मई से 10 मई के भीतर ही 600 थ्री डी रैलियां होनी थी.  मोदी ने “चाय पर चर्चा” कार्यक्रम से भी आम लोगों  से सीधे सवाल पूछे और उनके जवाब दिए.

196 भारत विजय रैलीएवं  वडोदरा और वाराणसी  में रोड शोभी किये. बीजेपी ने इस पूरे कैंपेन को ऐतिहासिक कहा. उत्तर-प्रदेश की महत्ता को समझते हुए मोदी ने इस राज्य में 8 रैलियां जबकि कर्नाटक में 4,बिहार में 3,महाराष्ट्र और तमिल नाडू में 2 और ओडिशा और आसाम में 1 रैली आयोजित की. और मोदी की  इस मेहनत का ही प्रभाव था जो बीजेपी ने इस चुनाव में एक ऐतिहासिक जीत दर्ज की.

प्रधानमंत्री के रूपमे मोदी का कार्यकाल

जब 26 मई 2014 को मोदी प्रधानमंत्री बने, तब देश और दुनिया की उनसे उम्मीदें बढ़ गयी थी. उनके घोषणा पत्र में मुद्रास्फीति की दर को कम करना, जीडीपी का नवीनीकरण, विदेशों से काल धन वापिस लाना जैसे कई अन्य महत्वपूर्ण एजेंडे थे. जैसे ही सरकार ने 100 दिन पूरे किए,मोदी ने जनता से बात की, और अपनी उपलब्धियों और आगामी योजना के बारे में आम-जन को बताया. हालांकि उनके सभी कार्यों की प्रशंसा नहीं की गई,क्योंकि मोदी हमेशा आलोचकों के निशाने पर रहते आए हैं.

प्रधानमंत्री बनने के बाद भी मोदी की आलोचना में कोई कमी नहीं आई हैं लेकिन कुछ मुद्दे ऐसे भी हैं जिनमे आलोचक भी उनकी तारीफ़ करते हैं जैसे सार्क के द्वारा द्विपक्षीय वार्ता, WTO स्टैंड, बजट एक बड़ी उपलब्धि थी,स्वच्छ भारत अभियान,डिजिटल इंडिया जैसे कुछ मुद्दे हैं जिन पर मोदी का वर्तमान में भी अच्छा काम चल रहा हैं,और जिनसे देश में सकारातमक परिवर्तन आ रहा हैं.

मोदी सरकार की वर्तमान योजनाए और उद्देश्य (Vrious Schemes of Modi Government)

मोदी ने प्रधानमंत्री बनने के बाद से विदेशी व्यापारियों को भारत में इन्वेस्ट करने के लिए प्रेरित किया है. मोदी ने कई नियमों में बदलाव किये, मोदी ने सोशल वेलफेयर कार्यक्रम पर खर्चे कम करके स्वास्थ में निजीकरण पर खर्च को बढाया हालांकि उन्होंने गंभीर रूप से बीमार नागरिकों के लिए यूनिवर्सल हेल्थ केयर पालिसी भी बनाई. 2014 में मोदी ने “क्लीन इंडिया” कैम्पेन भी चलाया, जिसका उद्देश्य ग्रामिण क्षेत्रों में मिलियन शौचालय बनाना था

प्रधानमंत्री जन-धन योजना जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास हैं,साफ़-सुथरे देश के लिए स्वच्छ भारत अभियान, बीपीएल परिवारों को एलपीजि उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री उज्ज्वल योजना जैसी कई योजनाये अभी देश में  क्रियान्वित हो रही हैं.

इसके अलावा प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना,फसल बीमा योजना,मुद्रा बैंक योजना,प्र्दाहन्म्नात्री कौशल विकास योजना,मेकइन इंडिया,गरीब कल्याण योजना, ई-बस्ता,सुकन्या समृद्धि योजना,पधे भारत-बढे भारत,

ग्रामीण कौशल योजना,नयी मंजिल योजना,स्टैंडअप योजना,अटल पेंशन योजना,प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना,जीवन ज्योति बीमा योजना,सागर माला प्रोजेक्ट,प्रधानमंत्री आवास योजना,जन-औषधि स्कीम,डिजिटल इंडिया,डीजीलॉक,स्कूल नर्सरी योजना जैसी कई योजनाओ को मोदी जी द्वारा शुरू कर आम-जन को लाभान्वित करने की कोशिश की जा रही हैं.

नरेंद्र मोदी एवं हिन्दुत्व

नरेंद्र मोदी पर जो सबसे बड़ा आरोप हैं वो हैं उनका हिंदुत्व वादी होना ही हैं. मोदी के शासन काल में गोधरा में हुए दंगे अभी तक मीडिया में चर्चा का विषय रहते हैं. इसके अलावा मोदी ही एक मात्र ऐसे नेता हैं जिन्होंने मात्र वोट बैंक के लिए अपनी सर्व-धर्म समभाव वाली छवि को बनाए के लिए ज्यादा प्रयत्न नहीं किया हैं. ऐसा नहीं हैं कि बीजेपी ने हिंदुत्व मुद्दे को भुनाया ना हो, लेकिन मोदी के अलग तरीके से हिंदुत्व को पेश करने से बीजेपी को ज्यादा फायदा मिला हैं. जैसे मोदी ने गंगा के सफाई अभियान को स्वच्छ भारत अभियान के साथ जोडकर ना केवल विकास की संभानाए बनाई, बल्कि हिन्दुओं की आस्था का प्रतीक गंगा के लिए समपर्ण को दिखाकर हिंदुत्ववादी विचारधारा की झलक भी दिखाई. इसी तरह कई छोटे-बड़े मुद्दे ऐसे हैं जिनसे मोदी के हिंदुत्व वादी छवि सामने आती है लेकिन ये पार्टी को और वोट बैंक को प्रभावित नहीं कर पाती. क्यूंकि मोदी कुछ मुद्दों पर निष्पक्ष हो न्याय का साथ देते हैं,गौ-हत्या सम्बन्धित मामले इसी का उदाहरण हैं.जब मोदी ने गौ-हत्या के विरोध में घुमने वाले लोगों और हिंसा करने वालों को चेतावनी दी थी.आलोचकों के अनुसार उत्तर-प्रदेश में हिन्दू संत को मुख्यमंत्री पद के लिए आगे लाना भी मोदी का हिंदुत्व के प्रति समर्पण को दिखाता हैं,वहीँ तीन तलाक जैसे मुद्दे पर कानून बनाने और मुस्लिम महिलाओं के हितों में खुलकर विचार व्यक्त करने के कारण भी मोदी के वोटर मात्र हिन्दू धर्म या हिंदुत्व में सिमटकर नहीं रह जाते. मोदी के विश्व हिन्दू परिषद से होने वाले मत-भेद भी समय-समय पर मीडिया में आते रहते हैं.

अवार्ड्स (AWARDS)

1.  गणेश कला क्रीडा मंच पर श्री पूना गुजराती बंधु समाज के शब्ताब्दी समारोह में नरेंद्र मोदी को गुजरात रत्न से सम्मानित किया गया.

  1. नरेंद्र मोदी को ई-रतन अवार्ड भी मिल चूका हैं,ये अवार्ड भारत की “कंप्यूटर सोसायटी” ने दिया हैं.
  2. 2009 में एफडीआई मैगज़ीन ने नरेंद्र मोदी को “एफडीआई पर्सनालिटी ऑफ़ दी ईयर” का एशियन विनर घोषित किया गया.

पहचान (Recognization) :

2006 में इंडिया टुडे द्वारा देश भर में एक सर्वे आयोजित किया गया जिसके परिणामों से  नरेंद्र मोदी को भारत में बेस्ट मुख्यमंत्री घोषित किया गया.टाइम मैगजीन के एशियन एडिशन के कवर पेज पर नरेंद्र मोदी की फोटो लगाई गयी. 2014 में टाइम 100 लिस्ट के सबसे प्रभावशाली व्यक्तियों में भी मोदी को शामिल किया गया. 2014 में मोदी ट्विटर पर सबसे ज्यादा फॉलो किये जाने वाले एशियन लीडर बन गए. 2014 में ही फ़ोर्ब्स ने भी मोदी को दुनिया के सबसे शक्तिशाली व्यक्तियों में शामिल किया.

नरेंद्र मोदी पर लिखी किताबें (Books written on Narendra modi)

  1. नरेंद्र मोदी अ पोलिटिकल बायोग्राफी – एंडी मरीनो द्वारा लिखी यह किताब नरेंद्र मोदी के बारे में सभी जानकारी देती है और उनके एक सामान्य व्यक्ति होने के साथ राजनीतिक जीवन की भी जानकारी देती हैं. यह मोदी के शासन को समझने में भी मदद करती हैं. यह किताब मोदी के बचपन से लेकर प्रधानमन्त्री बनने तक के जीवन की व्यख्या करती है.
  2. उदय माहुरकर की “सेंटर स्टेज: इनसाइड दी नरेंद्र मोदी मॉडल ऑफ़ गवर्नेंस” मोदी के संतुलित शासन को समझाती है. किताब में बताया गया है कि कैसे मोदी ने गुजरात में परिवर्तन की लहर चलाई.
  3. विवियन फ़र्नांनडीज की लिखी किताब- “मोदी: मेकिंग ऑफ़ अ प्राइम मिनिस्टर :लीडरशिप,गवर्नेंस एंड परफॉरमेंस” में एक लिब्रल इंडियन के दृष्टिकोण से मोदी के गवर्नेंस के बारे में लिखा गया है. यह किताब मोदी पर कोई पक्ष या न्याय नहीं देती. विवियन ने किताब में बताया हैं कि मोदी ने गुजरात की आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए किस तरह से अवसरों का सदुपयोग किया.
  4. “दी मैन ऑफ़ दी मोमेंट –नरेंद्र मोदी” इस किताब को एम वी कामथ और कालिंदी रंदेरी ने लिखा है जो कि मोदी के सफल राजनीतिक जीवन के अनछुए पहलुओं को उजागर करती है साथ ही यह बताती है कि भारत की राजनीति में किस तरह से एक राजनेता अपनी सीमाओं से परे जाकर सफलता हासिल करता है.
  5. दी नमो स्टोरी :अ पोलिटिकल लाइफ- “किन्ग्शुक नाग” की लिखी इस किताब में मोदी के एक चाय वाले से प्रधानमन्त्री बनने तक के सफर का वर्णन हैं.
  6. नरेंद्र मोदी :दी गेम चेंजर : सुदेस वर्मा की लिखी इस किताब में बताया गया है कि नरेंद्र मोदी एक गेम चेंजर हैं जो कि विपक्षी दलों और आलोचकों को कैसे अपने काम से जवाब देते है. यह किताब मोदी और उनके नजदीकी एसोसिएट्स के इंटरव्यू पर आधारित है.

नरेंद्र मोदी द्वारा लिखी गयी किताबें (Books written by Narendra Modi)

  1. ज्योतिपुंज- ज्योतिपुंज में उन सभी लोगो के बारे में लिखा गया हैं जो नरेंद्र मोदी को प्रभावित करते हैं और जिनका मोदी की कार्य-शैली पर बहुत प्रभाव हैं, इसमें मोदी ने अपने प्रचारक जीवन में जिन लोगों से प्रेरणा ली उनके बारे में लिखा है.
  2. एडोब ऑफ़ लव-यह किताब नरेंद्र मोदी की लिखी हुयी 8 छोटी कहानियों का संग्रह हैं. यह मोदी ने बहुत कम उम्र में लिख ली थी. यह उनके संवेदात्मक और स्नेह युक्त व्यक्तित्व को दिखाती है.
  3. प्रेमतीर्थ’- यह भी कहानियों का संग्रह ही हैं जिसमे मोदी ने माँ के प्यार को बहुत ही आम और प्रभावी भाषा में समझाया हैं.
  4. केल्वे ते केलवानी यह किताब गुजरती भाषा में लिखी गईं हैं जिसका मतलब होता हैं “शिक्षा वो होती हैं जो पोषण देती हैं” वास्तव में यह मोदी के बुद्धिमत्ता पूर्ण वक्तव्यों का संग्रह हैं.
  5. साक्षीभाव – यह जगत जननी माँ को लिखे पत्रों की सीरीज है. यह मोदी के अंतर्मन और उनके भावों को बताती हैं
  6. सामाजिक समरसता- यह नरेंद्र मोदी के लेक्चर और आर्टिकल का संग्रह हैं,किताब “अपनी राय को सिर्फ शब्दों में हीं नहीं कामों से भी व्यक्त करो” इस किताब के लिए उपयुक्त मुहावरा हैं. किताब मोदी के सामाजिक सामंजस्य की समझ को बताती हैं जिसमे जाति आधारित कोई वर्गीकरण ना हो.
  7. कन्वीनिएँनट एक्शन: गुजरात रेस्पोंस टू चैलेंजस ऑफ़ क्लाइमेट चेंज : (Convenient Action: Gujarat’s Response to Challenges of Climate Change)  अंग्रेजी में प्रकाशित यह किताब पहली किताब हैं . इसमें गुजरात राज्य में जलवायु परिवर्तन और राज्य के आम-जन के इस परिवर्तन से सामना करने के तरीके के बारे में बताया गया हैं..

विवाद और आलोचना ( controversy and criticism)

 मोदी के नाम से विवाद हमेशा से जुड़े रहे हैं. विपक्षी पार्टी के साथ और कई संघठनो, मीडिया, के भी निशाने पर मोदी और अब मोदी सरकार रहती है. जिनमें गुजरात दंगे मुख्य हैं वास्तव में 2002 में गुजरात में होने वाले दंगों के कारण मोदी को काफी निंदा का सामना करना पड़ा था. उन पर आपराधिक मुकदमे भी दर्ज हुए. मोदी को मुख्य मंत्री होते हुए भी दंगे भड़काने और जिम्मेदारी से नहीं निपटने के आरोप लगे. कुछ ने दंगो में द्वेष फ़ैलाने और साम्प्रदयिकता को बढ़ावा देने  के कारण पद से हटाने को भी कहा. उनके आलोचकों ने उन्हें आत्म-केन्द्रित राजनेता कहा जो की बीजेपी की छवि के लिए बिलकुल अच्छा नहीं था.

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Karnika

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कर्णिका दीपावली की एडिटर हैं इनकी रूचि हिंदी भाषा में हैं| यह दीपावली के लिए बहुत से विषयों पर लिखती हैं |यह दीपावली की SEO एक्सपर्ट हैं,इनके प्रयासों के कारण दीपावली एक सफल हिंदी वेबसाइट बनी हैं
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8 comments

  1. Mr. Narendra modi is a good person in indian he seems like apj abdul kalaam sir i m fan of him

  2. pushpendra sharma

    one of the most honesty and hardworking men in india

  3. Shefali Srivastava

    Respected Narendra modi ji is my favourite person in whole universe. ..m so proud to be Indian. ..I salute u modi ji

  4. Sanjeev Kumar Singh

    Modi jee have achieve praiminister post on his your dedication/ devosion & hard work and he is having always positive thoughts and same is reflected in his outobiograph & past history. We make appeal/request to all people’s of India learn Modi and start their works with full devosion. God bless you always to Modi Jee.

  5. Mr Chandra Shekhar Kumar

    Your are a good person

  6. I think hamare desh ko aise hi p.m ki aawsakta hai…I fill proud… to be Indian and I salute modi ji…and all my Indian force….

  7. Thanks a lot for giving a lot of information about my prime minister. So a lot of thanks. Log purush. Desh kep liye kuch Ker gujrne ka jajaba hai. I sulute it

  8. P K SINGH RATHOR

    Very exhaustive information about mODI jee.He is the most powerful leader of the world as of today.

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