Home जीवन परिचय नुपुर शर्मा का जीवन परिचय| Nupur Sharma Biography

[Politician]नुपुर शर्मा का जीवन परिचय| Nupur Sharma Biography [age, caste, controversy, husband]

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नुपुर शर्मा का जीवन परिचय [जीवनी, जन्म तारीख, जन्म स्थान, आयु, पिता, माता, पद, धर्म, हाइट, जाति, पति, बॉयफ्रेंड, राष्ट्रियता, करियर, राजनीतिक करियर, शिक्षा, पॉलिटिक्स पार्टी, विधानसभा चुनाव, पसंद, अवार्ड्स, फेक्ट, अभियान, विवाद ] Nupur Sharma Biography [ date of birth, birth place, age, cast, family, boyfriend, husband, politics position, height, religion, profession, career, politics career, education, politician party, elections, awards, controversy ]

हाल ही में एक टीवी बहस  में पैगंबर मोहम्मद साहब पर दिए गए विवादित बयान के कारण नूपुर शर्मा की चर्चा चारों तरफ हो रही है। अपने द्वारा दिए गए बयान की वजह से उन्हें भाजपा ने पार्टी से बाहर निकाल दिया और उन्हें पुलिस सुरक्षा दी गई है, क्योंकि कई इस्लामिक ग्रुप इन्हें जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। वहीं कतर, ओमान, अफगानिस्तान, इराक, ईरान और सऊदी अरब जैसे देशों के द्वारा भी नूपुर शर्मा के बयान पर विरोध दर्ज करवा गया है, साथ ही कुछ अरब कंट्री में भारतीय प्रोडक्ट को बैन करने की मांग भी उठी है।

Nupur Sharma Biography

नुपुर शर्मा का जीवन परिचय [Nupur Sharma Biography]

 नाम:   नुपुर शर्मा  
जन्म:23 अप्रैल 1985  
जन्म स्थान:   नई दिल्ली  
आयु: 36  
पिता:   विनय शर्मा  
व्यवसाय    :राजनेता, वकील  
पद:   भाजपा प्रवक्ता  
राजनीतिक पार्टी    :भारतीय जनता पार्टी  
लंबाई: 5 फुट 3 इंच  
वजन:50 किलो  
धर्म:  हिंदू
जाति:  ब्राह्मण
राशि:  टॉरस
राष्ट्रीयता:  भारतीय
वैवाहिक स्थिति:  अविवाहित
शिक्षा:एलएलएम (पोस्ट ग्रेजुएशन)  
पता:5-B, गिरधर अपार्टमेंट, फिरोजेशाह रोड, नई दिल्ली-110001  
  

नूपुर शर्मा का प्रारंभिक जीवन

एक टीवी डिबेट में मोहम्मद साहब के ऊपर दिए गए विवादित बयान से सुर्खियों में आई ब्राह्मण परिवार की बेटी नूपुर शर्मा का जन्म 1985 में 23 अप्रैल के दिन भारत देश की राजधानी दिल्ली में हुआ था। यह जिस घराने में पैदा हुई थी, वह काफी लंबे समय से बिजनेस से जुड़ा हुआ है। इनके पिताजी का नाम विनय शर्मा है।

नूपुर शर्मा की शिक्षा

जब नूपुर शर्मा थोड़ी समझने लायक हुई, तब इनके माता-पिता के द्वारा पढ़ाई करवाने के उद्देश्य से इनका एडमिशन राजधानी दिल्ली में ही मौजूद दिल्ली पब्लिक स्कूल में करवाया गया। इन्होंने अपनी प्रारंभिक एजुकेशन दिल्ली पब्लिक स्कूल से हासिल की और उसके पश्चात उन्होंने अर्थशास्त्र में ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल करने के लिए दिल्ली यूनिवर्सिटी में एडमिशन प्राप्त किया और यहां से डिग्री हासिल करने के पश्चात अपनी आगे की पढ़ाई करने के लिए यह ब्रिटेन चली गई।

ब्रिटेन में इन्होंने एलएलएम का कोर्स करने के लिए लंदन स्कूल ऑफ़ इकोनॉमिक्स में एडमिशन प्राप्त किया और यहां से इन्होंने सफलतापूर्वक एलएलएम की डिग्री हासिल की।

नूपुर शर्मा की राजनीति में रुचि

नूपुर शर्मा बचपन से ही काफी तेजतर्रार थी, क्योंकि यह बचपन से ही पढ़ाई करने में काफी आगे थी और पढ़ाई करने के दरमियान ही यह राजनीति में भी इंटरेस्ट लेने लग गई थी, जिसके फलस्वरूप यह कॉलेज के टाइम से ही राजनीतिक बातें करने लगी थी। जब नूपुर शर्मा दिल्ली यूनिवर्सिटी में अपनी पढ़ाई कर रही थी, तब यह अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद मे एक एक्टिव मेंबर के तौर भी शामिल हुई थी।

विद्यार्थी परिषद की मेंबर होने के साथ ही साथ इन्हें एबीपी के द्वारा दिल्ली यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष का टिकट भी दिया गया था और आपको आश्चर्य होगा कि इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष पद को भी प्राप्त करने में सफलता हासिल की थी।

नूपुर शर्मा बीजेपी

ABPV, भाजपा पार्टी को ही सपोर्ट करने वाला एक छात्र संगठन है। इस प्रकार नूपुर शर्मा भी कॉलेज के दरमियान हीं अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के साथ जुड़ गई थी। जिस प्रकार से स्वाभाविक तौर पर इनका रुझान शुरुआत में ही भारतीय जनता पार्टी की तरफ हो गया था और इस प्रकार से नूपुर शर्मा ने भारतीय जनता पार्टी को ज्वाइन कर लिया, जिसके पश्चात इन्हें भारतीय जनता पार्टी में कई महत्वपूर्ण पद प्राप्त हुए थे।

राजनीति में अपने कैरियर की स्टार्टिंग करने वाली नूपुर शर्मा टीच फॉर इंडिया की यूथ एंबेसडर भी रह चुकी हैं। इसके अलावा नूपुर शर्मा भारतीय जनता युवा मोर्चा की यूथ विंग की राष्ट्रीय कार्यकारी कमेटी की मेंबर भी रह चुकी हैं।

नूपुर शर्मा को भारतीय जनता पार्टी के द्वारा वर्किंग कमेटी में मीडिया इंचार्ज का युवा मेंबर भी बनाया गया था। इसके अलावा भाजपा की तरफ से उन्हें राज्य कार्यकारी कमेटी भाजपा का मेंबर भी बनाया गया था।

नुपुर शर्मा दिल्ली विधानसभा चुनाव 2015

राजनीति में लंबे समय से एक्टिव नूपुर शर्मा ने साल 2015 में राजनीति में अपने कदम और आगे बढ़ाने का फैसला लिया दरअसल साल 2015 में दिल्ली राज्य में विधान सभा इलेक्शन हुए थे और इस इलेक्शन में नूपुर शर्मा ने भी भारतीय जनता पार्टी की तरफ से अपना पर्चा दाखिल किया था और उन्होंने नई दिल्ली को अपना विधानसभा इलाका चुना था

हालांकि आपको बता दे कि नई दिल्ली की विधानसभा सीट पर जीत हासिल करना इतना आसान भी नहीं था, क्योंकि यह एक हाई प्रोफाइल सीट थी। इस सीट पर तब आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल भी चुनाव लड़ रहे थे, वहीं दूसरी तरफ से कांग्रेस पार्टी ने अपने उम्मीदवार के तौर पर कद्दावर कांग्रेसी नेता किरण वालिया को भी इसी मैदान से चुनाव में उतारा था।

जब यह चुनाव हो रहे थे, तब पूरे भारत देश में प्रचंड भाजपा की लहर चल रही थी। ऐसे में राजनीति का आंकलन करने वाले लोगों के द्वारा यह कहा जा रहा था कि नूपुर शर्मा चुनाव में विजय हासिल करेंगी। हालांकि जैसे-जैसे चुनाव के नतीजों का रुझान आना चालू हुआ, वैसे वैसे ही यह दिखाई देने लगा कि यहां पर अब भगवा लहर नहीं बल्कि आम आदमी पार्टी का जलवा कायम हो रहा है।

दरअसल साल 2015 के विधानसभा के इलेक्शन में कांग्रेस और भाजपा जैसी दिग्गज पार्टी को पीछे छोड़ते हुए आम आदमी पार्टी ने दिल्ली में भारी संख्या में जीत दर्ज की, साथ ही अरविंद केजरीवाल ने भी जीत दर्ज की। अरविंद केजरीवाल को साल 2015 के इलेक्शन में टोटल 57213 वोट प्राप्त हुए थे, वहीं भाजपा प्रत्याशी नूपुर शर्मा को 25630 वोट प्राप्त हुए थे।

नुपुर शर्मा भाजपा प्रवक्ता

भले ही साल 2015 के इलेक्शन में नूपुर शर्मा हार गई थी परंतु लोगों के बीच इनकी लोकप्रियता फिर भी कम नहीं हुई, बल्कि पहले से भी इनकी लोकप्रियता दिन-ब-दिन बढ़ती ही जा रही थी और इसी के फलस्वरूप पार्टी में इनका कद भी बढ़ता जा रहा था।

नूपुर शर्मा के अंदर एक विशेष कला यह थी कि, वह भाषण काफी अच्छा देती थी साथ ही टीवी डिबेट में भी अपने मजबूत तथ्यों को रखकर विरोधी पार्टियों के प्रवक्ताओं की बोलती बंद कर देती थी और नूपुर शर्मा की इसी खासियत को देखते हुए भाजपा हाईकमान के द्वारा इन्हें भाजपा का राष्ट्रीय प्रवक्ता बना दिया गया, जिसके बाद यह अलग-अलग टीवी डिबेट में शामिल होना चालू हुई और भाजपा पार्टी की तरफ से अपनी बात को लोगों के सामने रखा।

नुपुर शर्मा की पसंद

नूपुर शर्मा हमेशा से ही खुले विचारों की रही हैं। इन्हें शुरुआत में ही राजनीति में इंटरेस्ट हो गया था। हालांकि राजनीति के अलावा यह अन्य कई चीजों में भी रुचि रखती हैं और इनकी कई पसंदीदा चीजें भी हैं। नूपुर शर्मा को देश के साथ-साथ विदेशों में भी घूमने का काफी ज्यादा शौक है, साथ ही यह एक अच्छी लेखक भी हैं।

इन्हें किताबें पढ़ना भी अच्छा लगता है, साथ ही अपने विचार लोगों के सामने प्रस्तुत करना भी अच्छा लगता है। साल 2009 में गणतंत्र दिवस के मौके पर फेमस मीडिया ग्रुप “द टाइम्स ऑफ इंडिया” की यह गेस्ट संपादिका भी रह चुकी हैं।

नूपुर शर्मा और पैगंबर मोहम्मद पर टिप्पणी

वैसे तो नूपुर शर्मा काफी लंबे समय से राजनीति में सक्रिय हैं और इतने समय में इन्होंने अपनी काफी पहचान भी बना ली है परंतु जितनी प्रसिद्धि इन्हें पिछले 10 दिनों से मिल रही है, उतनी प्रसिद्धि इन्हें कभी भी नहीं मिली है। नूपुर शर्मा के चर्चे अब भारत के हर राज्य में हो रहे हैं। इसके अलावा 56 इस्लामिक कंट्री में भी नूपुर शर्मा का नाम लिया जा रहा है। यहां तक कि नीदरलैंड के सांसद भी नूपुर शर्मा के बारे में जानने लगे हैं।

दरअसल बात यह है कि एक टीवी डिबेट में एक मुस्लिम स्कॉलर के बार-बार काशी विश्वनाथ मंदिर में मौजूद शिवलिंग को फव्वारा बताए जाने से नूपुर शर्मा की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची, जिसके फलस्वरूप नूपुर शर्मा ने पैगंबर मोहम्मद पर कुछ ऐसा बयान दिया जो विवादों में आ गया और इसके बाद से ही सोशल मीडिया के साथ-साथ धरातल पर मुस्लिम समुदाय के द्वारा उस बयान का काफी विरोध किया गया और विरोध होते होते नूपुर शर्मा के द्वारा दिया गया बयान अरब कंट्री में भी जा पहुंचा है, जिसके पश्चात अरब कंट्री के कुछ देश जैसे कि कतर, ओमान और सऊदी अरब के द्वारा इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दर्ज करवाई गई।

जिसके फलस्वरूप प्रेशर में आकर के भारतीय जनता पार्टी के द्वारा नूपुर शर्मा को राष्ट्रीय प्रवक्ता से हटा दिया गया। नूपुर शर्मा के साथ ही साथ नवीन जिंदल को भी पार्टी ने बाहर कर दिया। हालांकि नूपुर शर्मा को पार्टी से निकालने के बाद इन्हें पुलिस सुरक्षा दी गई, क्योंकि कई इस्लामिक ग्रुप नूपुर शर्मा को जान से मारने की धमकी दे रहे थे।

पार्टी से निकाले जाने के बाद नूपुर शर्मा के तेवर ठंडे नहीं हुए। उन्होंने अपने एक बयान में कहा कि मैंने टीवी डिबेट में वही कहा जो इस्लामिक किताब कुरान में लिखा हुआ है। अगर मेरे साथ अन्याय हुआ तो मैं कोर्ट में सारी बातें सबूत सहित रख दूंगी। उन्होंने कहा कि इस्लामिक लोगों की आस्था आस्था होती है परंतु हिंदुओं की आस्था आस्था नहीं होती है, यह कैसा दोगला व्यवहार है। नूपुर शर्मा को पार्टी से निकाले जाने के बाद विभिन्न हिंदू समुदाय के लोगों ने भाजपा पार्टी से कड़ी प्रतिक्रिया दर्ज करवाई। उन्होंने कहा कि भाजपा ने नूपुर शर्मा के साथ गलत किया।

नुपुर शर्मा अभियान

शानदार प्रवक्ता होने की वजह से भाजपा के द्वारा नूपुर शर्मा को भारत-पाकिस्तान समिट में सदस्य के तौर पर साल 2012 में अमेरिका में शामिल किया गया था। जब नूपुर शर्मा दिल्ली यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रही थी, तब इन्होंने DU@Doorstep अभियान की भी मेजबानी की थी।

इसके साथ ही नूपुर शर्मा दिल्ली यूनिवर्सिटी के कई प्रोजेक्ट जैसे कि सोलर लाइट, पानी और यूनिवर्सिटी की सिक्योरिटी के लिए सीसीटीवी की व्यवस्था जैसे अभियान में भी पार्टिसिपेट कर चुकी हैं, साथ ही इन्होंने आतंकवाद को खत्म करने के लिए चलाए जा रहे अभियान की भी स्टार्टिंग की थी।

नूपुर शर्मा के रोचक तथ्य

  • मोहम्मद पैगंबर साहब पर की गई टिप्पणी की वजह से नूपुर शर्मा का विरोध ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कंट्री के ग्रुप ने किया है। वही डच सांसद गीर्ट वाइल्डर्स ने नूपुर शर्मा का समर्थन भी किया है। हालांकि इनका समर्थन करने वाले लोगों की संख्या और भी अधिक है
  • पैगंबर साहब पर की गई टिप्पणी की वजह से कई इस्लामिक ग्रुप के द्वारा नूपुर शर्मा को जान से मारने की धमकी दी गई है। गवर्नमेंट ने इन्हें पुलिस सुरक्षा दी है।
  • साल 2009 में 26 जनवरी के दिन विशेष टेलीकास्ट में भाजपा नेत्री नूपुर शर्मा को गेस्ट एंकर के तौर पर टाइम्स ऑफ इंडिया ने बुलाया था।
  • साल 2009 में हिंदुस्तान टाइम्स के द्वारा इंडिया की टॉप 10 वूमेन इंस्पिरेशन पर्सनैलिटी की लिस्ट दी गई थी, जिसमें इनका नाम भी था।
  • नूपुर शर्मा दिल्ली यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष के पद को भी प्राप्त कर चुकी हैं।

भाजपा प्रवक्ता नूपुर शर्मा से जुड़े विवाद

एक न्यूज़ चैनल पर भाजपा प्रवक्ता नूपुर शर्मा भाजपा की तरफ से ज्ञानवापी मामले का पक्ष रख रही थी और सामने मुस्लिम स्कॉलर भी अपना पक्ष रख रहे थे। इसी टीवी डिबेट के दरमियान मुस्लिम स्कॉलर के द्वारा बार-बार शिवलिंग को फव्वारा बताया जा रहा था, साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वाराणसी की कई सड़कों पर बहुत सारे फव्वारे मौजूद हैं, उनकी भी पूजा हिंदूओ को करनी चाहिए।

इस प्रकार मुस्लिम स्कॉलर की इस बात को सुनकर भाजपा प्रवक्ता नूपुर शर्मा के द्वारा उनका कड़ा विरोध दर्ज किया गया और आवेश में आकर के उन्होंने यह कहा कि पैगंबर मोहम्मद साहब ने 6 साल की बेटी से विवाह किया था। बस यही बयान विवाद का कारण बन गया और उसके बाद अरब, बहरीन, कतर, तुर्की जैसे देशों में नूपुर शर्मा के इस बयान का काफी विरोध हुआ, जिसके फलस्वरूप भाजपा ने नूपुर शर्मा को पार्टी से 6 साल के लिए बाहर निकाल दिया।

वही उनके साथ ही एक अन्य प्रवक्ता नवीन जिंदल को भी पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया गया। कतर और ओमान जैसे देशों ने भारतीय प्रोडक्ट के बहिष्कार की भी मांग की और ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इस्लामिक ग्रुप ने भी भारत सरकार से इस मुद्दे पर अपनी राय स्पष्ट करने को कहा। इस बयान के बाद कई जगह पर विरोध भी हुए।

कानपुर में भी मुस्लिम समुदाय के द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया जिसमें हिंसा हो गई और कई लोग पत्थरबाजी में घायल हुए। अब योगी गवर्नमेंट के द्वारा कानपुर के दंगाइयों पर एक्शन लिया जा रहा है। हालांकि नूपुर शर्मा ने भी कहा है कि उन्होंने वही कहा जो कुरान में लिखा हुआ है। नूपुर ने अपने बयान के लिए माफी मांग ली है परंतु फिर भी उन्हें लगातार कट्टरपंथी जान से मारने की धमकी दे रहे हैं।

FAQ:

Q: नूपुर शर्मा कौन है?

ANS: यह भाजपा की राष्ट्रीय प्रवक्ता है

Q: नूपुर शर्मा विवादों में क्यों है?

ANS: पैगंबर साहब पर दी गई टिप्पणी की वजह से

Q: नूपुर शर्मा की जाति क्या है?

ANS: ब्राह्मण

Q: नूपुर शर्मा ने पैगंबर साहब पर टिप्पणी क्यों की

ANS: काशी विश्वनाथ में मिले हुए शिवलिंग को फव्वारा बताए जाने पर आवेश में आकर के नूपुर शर्मा ने टिप्पणी जी?

Q: नूपुर शर्मा का अब क्या कहना है?

ANS: वह अपने बयान पर कायम है। उनका कहना है कि अगर उन्हें परेशान किया गया तो वह कोर्ट में साबित कर देंगी कि जो उन्होंने कहा है वह कुरान में लिखा है।

Q: नूपुर शर्मा के बयान पर क्या रिएक्शन आया?

ANS: कई अरब देशों ने अपना कड़ा विरोध भारत सरकार से दर्ज करवाया है।

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