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जैविक खेती की जानकारी| Organic farming information in hindi

Organic farming information in hindi विश्व की बढ़ती हुई जनसंख्या आज की सबसे बड़ी समस्या है| बढ़ती हुई जनसंख्या के साथ एक समस्या और उत्पन्न हो रही है, जो है इस जनसंख्या को भोजन आपूर्ति की समस्या जो दिनो-दिन बढ़ती जा रही है.आज कल मौसम की परिस्थितिया भी खेती और फसलों के लिए अनुकूल नहीं है, जिससे पहले की तरह किसान फसल उत्पादन मे भी सक्षम नहीं है.

जैविक खेती की जानकारी

Organic farming information in hindi

अपनी फसलों के उत्पादन के लिए किसान रसायनिक खाद, जहरीले कीटनाश पदार्थो का उपयोग करने लगे है, जो कि इंसानों के स्वास्थ और मिट्टी दोनों के लिए हानीकारक है .इसी के साथ साथ वातावरण भी प्रदूषित होता जा रहा है.इन सभी चीजों को रोकने के लिए यदि किसान रसायनिक तरीको की जगह कृषि के जैविक तरीको का उपयोग करे, तो इन समस्याओ पर काफी हद तक काबू पाया जा सकता है।

जैविक खेती क्या है  (Organic farming meaning):

खेती की वह विधी जिसमे रसायनिक उर्वरको एवं कीटनाशको के बिना या कम प्रयोग से फसलों का उत्पादन किया जाता है, जैविक खेती कहलाती है.इसका अहम उद्देश्य मिट्टी की उर्वरक शक्ति बनाए रखने के साथ साथ फसलों का उत्पादन बढ़ाना है।

organic farming

जैविक खेती के उद्देश्य (Organic farming information):

  • जैविक खेती का मुख्य उद्देश्य यही है कि मिट्टी की उर्वरक शक्ति को नष्ट होने से बचाया जाए और खाने की चीजों जिनका उपयोग हम रोज करते है, उनमे रसायनिक चीजों के इस्तेमाल को रोका जाए।
  • फसलों को ऐसे पोषक तत्व उपलब्ध कराना, जो कि मृदा और फसलों मे अघुलनशील हो और सूक्ष्म जीवो पर असरदायक हो ।
  • जैविक नाइट्रोजन का उपयोग करके और जैविक खाद और कार्बनिक पदार्थो द्वारा रिसक्लिंग करना।
  • खरपतवार, फसलों मे होने वाले रोगो और किट के नाश के लिए होने वाली दवाइयो के छिड़काओ को रोकना, ताकि ये स्वास्थ को नुकसान ना पहुचा सके।
  • जैविक खेती मे फसलों के साथ साथ पशुओ की देखभाल, जिसमे उनका आवास, उनका रखखाव, उनका खानपान आदि शामिल है, इसका भी ध्यान रखा जाता है।
  • जैविक खेती का सबसे मुख्य उद्देश्य इसके वातावरण पर प्रभाव को सुरक्षित करना साथ ही साथ जंगली जानवरो की सुरक्षा और प्रकृतिक जीवन को सुरक्षित करना है।

जैविक खेती से होने वाले लाभ  (Organic farming Benefits):

खेती मे सबसे महत्वपूर्ण 2 चीजे है, पहला किसान दूसरा किसान की जमीन और जैविक खेती अपनाने से इन दोनों को ही काफी लाभ है.जैविक खेती से किसान और उसकी जमीन को होने वाले लाभ :

  • जैविक खेती अपनाने से भूमि की उपजाऊ क्षमता बढ़ती है, साथ ही साथ फसलों के लिए की जाने वाली सिचाई के अंतराल मे भी वृध्दी होती है ।
  • अगर किसान खेती मे रसायनिक खाद का प्रयोग नहीं करता और जैविक खाद का उपयोग करता है, तो उसकी फसल के लिए लगाने वाली लागत भी कम होती है।
  • किसान की फसलो का उत्पादन बढ़ता है, जिससे उसे लाभ भी ज्यादा होता है ।
  • जैविक खाद के उपयोग से भूमि की गुणवत्ता मे भी सुधार आता है ।
  • इस विधी के प्रयोग से भूमि के जलधारण की क्षमता बढ़ती है और पानी के वाष्पीकरण मे भी कमि आति है।

आजकल हमारा पर्यावरण भी काफी दूषित होता जा रहा है और खेती के लिए जैविक तरीको के प्रयोग से हमारे पर्यावरण को भी काफी लाभ होते है।

जैविक खेती से पर्यावरण को होने वाले लाभ (Organic farming benefit for environment ) :

  • भूमि का जलस्तर तो बढ़ता ही है, साथ ही साथ रसायनिक चीजों के प्रयोग को रोकने से मिट्टी, खाद्य पदार्थ और जमीन मे पानी से होने वाले प्रदूषण मे भी कमि आति है।
  • पशुओ का गोबर और कचरे का प्रयोग खाद बनाने मे करने से प्रदूषण मे कमि आति है और इसके कारण होने वाले मच्छर और अन्य गंदगी कम होती है, जिससे बीमारियो की रोकथाम होती है।
  • अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार को देखा जाए, तो वहा भी जैविक खेती के द्वारा उतापादित हुये पदार्थो की ज्यादा माँग है।

जैविक खेती करने से फसल उत्पादन बढ़ता है, जिससे किसानो की आय भी बढ़ती है.भारत जैसे कृषि प्रधान देश मे यह बहुत ही आवश्यक है, कि किसान खेती के जैविक तरीको का इस्तेमाल करे, जिससे फसलों का उत्पादन बड़े.इससे विश्व मे खाद्य आपूर्ति की समस्या तो हल होगी ही साथ ही साथ किसानो का भौतिक स्तर भी  सुधरेगा.भारत मे अधिकतर जगह खेती वर्षा पर आधारित है और आजकल वर्षा समय के अनुरूप नहीं हो रही, जिससे खेती को भी नुकसान होता है| अगर किसानो द्वारा जैविक खेती को अपनाया जाए, तो इस समस्या से भी निजात पाया जा सकता है।

जैविक खेती करने के तरीके (Organic farming methods):

जैविक खेती मुख्यतः खेती मे, खेती के पारंपरिक तरीको के इस्तेमाल के साथ साथ खेती के पारिस्थितिक और आधुनिक प्रोधोगिकी ज्ञान का गठबंधन है.जैविक खेती के तरीको को हम agro ecology फील्ड मे पढ़ सकते है.खेती के परंपरागत तरीके मे किसान सिंथेटिक कीटनाशको औए पानी मे घुलनशील कृत्रिम शुध्द उर्वरको का उपयोग करता है, जबकि जैविक खेती मे किसान द्वारा प्रकृतिक कीटनाशको और उर्वरक के प्रयोग का विरोध किया जाता है .जैविक खेती के तरीको मे किसान मुख्यतः फसल चक्रण, जैविक खाद, जैविक किट नियंत्रण और यांत्रिक खेती आदि का उपयोग करते है.इन तरीको  द्वारा फसलों के उत्पादन को बढ़ाने के लिए  प्राकृतिक वातावरण का उपयोग भी आवश्यक है जैसे मिट्टी मे नाइट्रोजन के लेवल को सही करने के लिए फलियो को लगाया जाना, प्राकृतिक कीट शिकारियो का प्रोत्साहन किया जाना, फसलों को घूमना आदि इसमे शामिल है।

जैविक खेती के तरीके (Organic farming methods technique):

फसल विविधता (Crop diversity)   जैविक खेती मे फसल विविधता को प्रोत्साहित किया जाता है, जिसके अनुसार एक ही जगह पर कई फसलों का उत्पादन किया जाता है।
मृदा प्रबंधन (soil management)   मृदा प्रबंधन भूमि प्रबंधन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, इसके प्रयोग से हम भूमि की गुणवत्ता बढ़ा सकते है .इसे करने के लिए हमे मिट्टी के प्रकार और मिट्टी की विशेषताओ पर ध्यान देना आवश्यक है।
खरपतवार प्रबंधन (Weed management)   खरपतवार मतलब अनावश्यक वनस्पति जो कि फसलों या पोधों के मध्य मे अपने आप उग आति है और फसलों को मिलने वाले पोषण को स्वयं उपयोग करती है, जिसका निपटारा भी जैविक खेती मे किया जाता है।

इस प्रकार जैविक खेती के प्रयोग से उत्पादन तो कई गुना बढ़ता ही है, साथ ही साथ वातावरण को भी हानी नहीं पहुचती और खाने के लिए केमिकल मुक्त भोजन भी प्राप्त होता है, जिससे स्वास्थ को भी हानी नहीं होती.आज के समय मे हमारे पास कई ऐसे उदाहरण मौजूद है, जिसने फसलों के उत्पादन को पहले से कई गुना बढ़ा दिया.यही कारण है कि पढे लिखे युवक भी नौकरी छोड़कर खेती की और रुख कर रहे है और कई गुना लाभ कमा रहे है ।

अगर आपको जैविक खेती से संबन्धित कोई जानकारी चाहिए, तो हमे कमेंट बॉक्स मे अवश्य लिखे साथ मे यह भी बताए कि आपको यह आर्टिक्ल कैसा लगा.    

16 comments

  1. Hello,
    I am interested and looking forward in this field, but i have few questions or confusion if you can answer please-
    1. how much land and amount required for organic farming?
    2. what are the crops i can sow to gain maximum profit?
    3. where to sell these organic outcomes?
    4. I am from Dist. Bijnor (west UP) , where i can get full information/ training regarding organic farming ?

    Please do reply as i am much interested in it.

    Thank you

  2. Kanhaiya Prajapati

    organic farming is best direction of living our family for long time, we can free from to chemical if we shall use organic farming

  3. hi…
    sir i want to be that where is the tranning center in up disst saharanpur for organinc farming …..
    and how to set up polly house in my land ….

  4. i m also want to start orgenic farming.i want to do soemting diffrent & special in farming……..looking for right way.

  5. jaivik kheti me yuriya ki purti kese karen

  6. Organic farming me or jaankari chahiye..

  7. जेविक खेती शुरू करने के क्या उपाय हैं

  8. organic farming ke lie kitni land kum se kum jaruri hai

  9. Main jankari lena chahata hu javik khetti ki .is ki shuruat kase kre

  10. Jevik abhyan he hamara. Svachh samradh desh sara.

  11. How can I sell the organic product under social marketing programme. Where I have to registerd and get licence. Where I will buy the organic products for sell. How many area required

    • Kanhaiya Prajapati

      hello manish ji agar aapke paas licence nhi hai aur aap organic product sell karna chahte ho to aap hamare number par call karke jankari le sakte ho

      Mera name Kanhaiya Prajapati hai aur mai Hardoi (UP) ka rahne wala hun

  12. Me jankari lena chahata hu jevik kheti ki

  13. यह एक बढीया शुरूआत है

  14. jevik khad banane ka tarika kya he

  15. baht aachha laga gay palan ke lone ke bare me bataye

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